उदयपुर जिले के वल्लभनगर कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व आपसी प्रेमभाव और भाईचारे के साथ धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन उस्मानिया जामा मस्जिद के सदर इरशाद खान की सदारत में संपन्न हुआ, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मीडिया प्रभारी वाजिद अली शाह के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के सदस्य सर्वप्रथम मस्जिद के बाहर एकत्रित हुए। इसके बाद, मस्जिद से एक जुलूस के रूप में सदर बाजार, डांगियो का चौराहा और पंचायत से होते हुए बड़ी संख्या में लोग ईदगाह मस्जिद पहुँचे। ईदगाह में इमाम अलाउद्दीन खान ने नमाज़ अदा कराई, जिसके उपरांत देश में अमन-चैन, खुशहाली एवं तरक्की के लिए विशेष दुआएँ मांगी गईं। इस पर्व को वल्लभनगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, और समाजजनों ने एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी, जो आपसी सौहार्द और एकता का प्रतीक रहा।
उदयपुर जिले के वल्लभनगर कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व आपसी प्रेमभाव और भाईचारे के साथ धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन उस्मानिया जामा मस्जिद के सदर इरशाद खान की सदारत में संपन्न हुआ, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मीडिया प्रभारी वाजिद अली शाह के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के सदस्य सर्वप्रथम मस्जिद के बाहर एकत्रित हुए। इसके बाद, मस्जिद से एक जुलूस के रूप में सदर बाजार, डांगियो का चौराहा और पंचायत से होते हुए बड़ी संख्या में लोग ईदगाह मस्जिद पहुँचे। ईदगाह में इमाम अलाउद्दीन खान ने नमाज़ अदा कराई, जिसके उपरांत देश में अमन-चैन, खुशहाली एवं तरक्की के लिए विशेष दुआएँ मांगी गईं। इस पर्व को वल्लभनगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, और समाजजनों ने एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी, जो आपसी सौहार्द और एकता का प्रतीक रहा।
- उदयपुर जिले की टूस डांगियान पंचायत में नहर पर पुलिया का निर्माण न होने के कारण आमजन को लगभग 5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। गुरुवार को पूर्व सरपंच प्रतिनिधि प्रकाश डांगी ने इस गंभीर समस्या को उजागर करते हुए बताया कि उदयसागर बांध की नहर गायरी बस्ती, कान्याखेड़ा और तालाब मार्ग के बीच से गुजरती है। प्रकाश डांगी के अनुसार, इस मार्ग पर उदयसागर से आने वाली नहर पर पुलिया न होने से स्थानीय ग्रामीणों को अपने गांव में आने-जाने के लिए करीब 5 किलोमीटर का लंबा अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। पुलिया के अभाव के कारण उत्पन्न हुई इन भारी परेशानियों से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।1
- राजस्थान की राजनीति में उस समय एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब मंत्री गौतम दक का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वायरल ऑडियो में मंत्री पुलिस अधिकारियों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं, जिसमें एक SHO को लेकर भी उन्होंने तीखी नाराजगी जताई और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए। ऑडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि जब मंत्री ही पुलिसकर्मियों से इस तरह बात करेंगे तो कानून व्यवस्था का क्या हाल होगा। सोशल मीडिया पर इस वायरल ऑडियो को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहाँ कई यूजर्स मंत्री के व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। घटना के बाद पुलिस विभाग के अंदर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस ऑडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही इसकी सत्यता की जांच पूरी हुई है। सूत्रों के अनुसार, यह ऑडियो किसी प्रशासनिक मामले को लेकर हुई बातचीत का बताया जा रहा है, जिसमें मंत्री का गुस्सा साफ सुनाई देता है, जिससे विवाद और भी गहरा गया है। अब सभी की निगाहें सरकार और मंत्री की ओर से आने वाले आधिकारिक बयान पर टिकी हुई हैं।1
- एक व्यक्ति ने अधिकारियों से अपील की है कि उनके पैतृक जमीन पर लगे बिजली के खंभे और तार हटाए जाएं, क्योंकि वे उनके घर के निर्माण में रुकावट बन रहे हैं। यह जमीन उनके पिताजी की है, और इन बाधाओं के कारण उन्हें काफी समय से मकान बनाने में परेशानी आ रही है। उन्होंने इन खंभों और तारों को हटाने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है।1
- चित्तौड़गढ़ के मंगलवाड़ स्थित श्री अंबेश गुरु गौशाला में बुधवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक जिला स्तरीय गौशाला स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य गौशाला की साफ-सफाई, गौपूजन, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना था। इस दौरान जलकुंभी पूजन और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री कार्यालय तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से आईं टीम की सदस्य निकिता जांगिड़ और कुनिका सैनी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहीं, जहाँ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गौमाता की पूजा कर गौसेवा एवं जल संरक्षण का संकल्प लिया। डूंगला उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक ने अपने संबोधन में जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए इसे जनभागीदारी का अभियान बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की भूमिका वाला अभियान है, और भावी पीढ़ियों के लिए जल बचाना महत्वपूर्ण है। खटीक ने गौशालाओं में स्वच्छता बनाए रखने, पशुओं की उचित देखभाल करने, अधिक पौधारोपण करने तथा ग्रामीणों से जल स्रोतों के संरक्षण और वर्षा जल संचयन को अपनाने की अपील की। पूर्व विधायक ललित ओस्तवाल ने गौसेवा को भारतीय संस्कृति की पहचान बताया और गौशालाओं को सामाजिक सेवा व संवेदनाओं का प्रतीक करार दिया। उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को भविष्य के लिए अनिवार्य बताते हुए सभी से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान गौशाला परिसर में साफ-सफाई अभियान चलाकर पौधारोपण किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने की शपथ भी ली, जबकि गौमाता का विधिवत पूजन कर गौसेवा के महत्व को समझाया गया। इस कार्यक्रम में जिला परिषद के अतिरिक्त विकास अधिकारी दिनेश कुमार विजयवर्गीय, डूंगला एसडीएम ईश्वरलाल खटीक, विकास अधिकारी दुर्गाप्रसाद कुमावत, सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया, तहसीलदार गुणवंत माली और पशुपालन विभाग के चिकित्सक डॉ. सोमनाथ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनके अलावा पूर्व विधायक ललित ओस्तवाल, गौशाला अध्यक्ष रमणलाल सिसोदिया, पूर्व जिला उपाध्यक्ष गणपतलाल छीपा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य अशोक सोनी, पूर्व मंडल महामंत्री विजय ओस्तवाल, गौशाला महामंत्री शांतिलाल कराड़, गौशाला उपाध्यक्ष विजय ओस्तवाल, तथा अरनेड, बिलोदा और मंगलवाड़ क्षेत्र के श्रीलाल अहीर व अशोक जारौली सहित सैकड़ों ग्रामीणजन और गौसेवक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी को जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और गौशाला स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई, और सभी ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' को जन-जन तक पहुँचाने तथा जल बचाने का संकल्प लिया।4
- राजसमंद के देवगढ़ में विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर कॅरियर संस्थान द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता को दूर करने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान समाज में मासिक धर्म को लेकर झिझक और चुप्पी तोड़ने के लिए 'रेड डॉट चैलेंज' अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में यूथ आइकॉन ऑफ राजस्थान भावना पालीवाल मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। इस कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और युवतियों ने अपने हाथों पर लाल रंग की बिंदी (रेड डॉट) बनाकर मासिक धर्म को एक सामान्य जैविक प्रक्रिया के रूप में स्वीकार करने और इस पर खुलकर बात करने का संकल्प लिया। भावना पालीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज के आधुनिक दौर में भी मासिक धर्म (पीरियड्स) को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां और रूढ़िवादिता व्याप्त है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक महिलाएं खुद अपनी सेहत और स्वच्छता को लेकर जागरूक नहीं होंगी और इस विषय पर खुलकर बात नहीं करेंगी, तब तक समाज की सोच को नहीं बदला जा सकता और अपनी झिझक की बेड़ियों को तोड़कर आगे आना होगा। उन्होंने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं से अपील की कि वे पीरियड्स के दौरान पारंपरिक व असुरक्षित तरीकों को छोड़कर आधुनिक और सुरक्षित सैनिटरी पैड्स या अन्य स्वच्छ माध्यमों का उपयोग करें, ताकि वे गंभीर बीमारियों से बच सकें। युवतियों ने बताया कि पहले उन्हें पीरियड्स पर बात करने में डर लगता था, लेकिन हाथ पर यह रेड डॉट बनाकर उन्हें लगा कि यह उनकी शक्ति है, कोई शर्म नहीं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को एक ऐसा सुरक्षित मंच प्रदान करना था, जहां वे बिना किसी संकोच के अपनी सेहत से जुड़े मुद्दों पर बात कर सकें। संस्थान द्वारा इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को नि:शुल्क सैनिटरी नैपकिन किट भी वितरित किए गए।4
- रेलमगरा उपखंड मुख्यालय के साथ-साथ गिलुंड, जगपुरा, गमेरपुरा, दरीबा, सिंदेसर कला, चाम्पाखेड़ी, कुरज और आसपास के गांवों में ईद-उल-जुहा का पर्व पूरी धार्मिक आस्था, भाईचारे और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोग नए परिधानों में सज-धजकर ईदगाहों और मस्जिदों में पहुंचे, जहाँ विशेष नमाज अदा कर देश और क्षेत्र में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए दुआ माँगी गई। इस दौरान ईदगाहों पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। पर्व को लेकर बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। घरों में पारंपरिक व्यंजन बनाए गए और लोगों ने रिश्तेदारों तथा परिचितों के यहां पहुंचकर मुबारकबाद दी। मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि ईद-उल-जुहा त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। इस अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता करने और आपसी सौहार्द बनाए रखने का भी संदेश दिया गया। त्योहार को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क दिखी। रेलमगरा थाना अधिकारी प्रवीण सिंह जुगतावत अपने जाप्ते के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहे। इसी तरह गिलुंड चौकी पर प्रभारी शांतिलाल, दरीबा में चौकी प्रभारी अशोक कुमार और कुरज क्षेत्र में पुलिस प्रभारी रामसिंह भी अपने जाप्ते सहित मुस्तैद रहे। विभिन्न ईदगाहों और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरे क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहा।4
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व आपसी प्रेमभाव और भाईचारे के साथ धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन उस्मानिया जामा मस्जिद के सदर इरशाद खान की सदारत में संपन्न हुआ, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मीडिया प्रभारी वाजिद अली शाह के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के सदस्य सर्वप्रथम मस्जिद के बाहर एकत्रित हुए। इसके बाद, मस्जिद से एक जुलूस के रूप में सदर बाजार, डांगियो का चौराहा और पंचायत से होते हुए बड़ी संख्या में लोग ईदगाह मस्जिद पहुँचे। ईदगाह में इमाम अलाउद्दीन खान ने नमाज़ अदा कराई, जिसके उपरांत देश में अमन-चैन, खुशहाली एवं तरक्की के लिए विशेष दुआएँ मांगी गईं। इस पर्व को वल्लभनगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, और समाजजनों ने एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी, जो आपसी सौहार्द और एकता का प्रतीक रहा।1