logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

भगवान बिरसा मुंडा मुख्य रूप से वर्तमान झारखंड राज्य के छोटानागपुर पठारी क्षेत्र के निवासी थे।  उनके कार्यक्षेत्र और जन्मस्थान से संबंधित मुख्य विवरण इस प्रकार हैं: जन्म स्थान: बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को रांची जिले (अब खूंटी जिला) के उलिहातु (Ulihatu) गाँव में हुआ था। कार्यक्षेत्र: उनका मुख्य संघर्ष क्षेत्र खूंटी, रांची और चाईबासा के आसपास का छोटानागपुर क्षेत्र था। आंदोलन का केंद्र: उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत और स्थानीय जमींदारों के खिलाफ अपना विद्रोह (उलगुलान) खूंटी जिले से ही संचालित किया था।  वे मुंडा जनजाति से संबंधित थे और उन्हें 'धरती आबा' (जगत पिता) के नाम से भी जाना जाता है।  यदि आप उनके जीवन के बारे में और जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं: क्या आप उनके द्वारा चलाए गए उलगुलान आंदोलन के बारे में जानना चाहते हैं? क्या आप बिरसाइत संप्रदाय के बारे में जानना चाहते हैं? क्या आप उनसे संबंधित ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं?

3 hrs ago
user_Ramashankar sharma
Ramashankar sharma
Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
3 hrs ago

भगवान बिरसा मुंडा मुख्य रूप से वर्तमान झारखंड राज्य के छोटानागपुर पठारी क्षेत्र के निवासी थे।  उनके कार्यक्षेत्र और जन्मस्थान से संबंधित मुख्य विवरण इस प्रकार हैं: जन्म स्थान: बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को रांची जिले (अब खूंटी जिला) के उलिहातु (Ulihatu) गाँव में हुआ था। कार्यक्षेत्र: उनका मुख्य संघर्ष क्षेत्र खूंटी, रांची और चाईबासा के आसपास का छोटानागपुर क्षेत्र था। आंदोलन का केंद्र: उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत और स्थानीय जमींदारों के खिलाफ अपना विद्रोह (उलगुलान) खूंटी जिले से ही संचालित किया था।  वे मुंडा जनजाति से संबंधित थे और उन्हें 'धरती आबा' (जगत पिता) के नाम से भी जाना जाता है।  यदि आप उनके जीवन के बारे में और जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं: क्या आप उनके द्वारा चलाए गए उलगुलान आंदोलन के बारे में जानना चाहते हैं? क्या आप बिरसाइत संप्रदाय के बारे में जानना चाहते हैं? क्या आप उनसे संबंधित ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं?

More news from झारखंड and nearby areas
  • भगवान बिरसा मुंडा मुख्य रूप से वर्तमान झारखंड राज्य के छोटानागपुर पठारी क्षेत्र के निवासी थे।  उनके कार्यक्षेत्र और जन्मस्थान से संबंधित मुख्य विवरण इस प्रकार हैं: जन्म स्थान: बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को रांची जिले (अब खूंटी जिला) के उलिहातु (Ulihatu) गाँव में हुआ था। कार्यक्षेत्र: उनका मुख्य संघर्ष क्षेत्र खूंटी, रांची और चाईबासा के आसपास का छोटानागपुर क्षेत्र था। आंदोलन का केंद्र: उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत और स्थानीय जमींदारों के खिलाफ अपना विद्रोह (उलगुलान) खूंटी जिले से ही संचालित किया था।  वे मुंडा जनजाति से संबंधित थे और उन्हें 'धरती आबा' (जगत पिता) के नाम से भी जाना जाता है।  यदि आप उनके जीवन के बारे में और जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं: क्या आप उनके द्वारा चलाए गए उलगुलान आंदोलन के बारे में जानना चाहते हैं? क्या आप बिरसाइत संप्रदाय के बारे में जानना चाहते हैं? क्या आप उनसे संबंधित ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं?
    1
    भगवान बिरसा मुंडा मुख्य रूप से वर्तमान झारखंड राज्य के छोटानागपुर पठारी क्षेत्र के निवासी थे। 
उनके कार्यक्षेत्र और जन्मस्थान से संबंधित मुख्य विवरण इस प्रकार हैं:
जन्म स्थान: बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को रांची जिले (अब खूंटी जिला) के उलिहातु (Ulihatu) गाँव में हुआ था।
कार्यक्षेत्र: उनका मुख्य संघर्ष क्षेत्र खूंटी, रांची और चाईबासा के आसपास का छोटानागपुर क्षेत्र था।
आंदोलन का केंद्र: उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत और स्थानीय जमींदारों के खिलाफ अपना विद्रोह (उलगुलान) खूंटी जिले से ही संचालित किया था। 
वे मुंडा जनजाति से संबंधित थे और उन्हें 'धरती आबा' (जगत पिता) के नाम से भी जाना जाता है। 
यदि आप उनके जीवन के बारे में और जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं:
क्या आप उनके द्वारा चलाए गए उलगुलान आंदोलन के बारे में जानना चाहते हैं?
क्या आप बिरसाइत संप्रदाय के बारे में जानना चाहते हैं?
क्या आप उनसे संबंधित ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं?
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • रंका रोड़ स्थित महुलिया मोड़ के पास शव को सड़क पर रख कर ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया और बड़े अधिकारी को बुलाने की मांग पर खड़े रहे परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है
    1
    रंका रोड़ स्थित महुलिया मोड़ के पास  शव को सड़क पर रख कर ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया और बड़े अधिकारी को बुलाने की मांग पर खड़े रहे परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • Post by Anit tiwary
    1
    Post by Anit tiwary
    user_Anit tiwary
    Anit tiwary
    Electrician गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • saf Kara jaye kalyanpur GARHWA me nadi ke pass bahut gandgi hai saf kiye jaye. . . .koi boltai re post on Facebook me Marne ke liye nahi hai rrdfgtdj hai bhai please find the same photo kab tak banega crorepati official Pandey official Pandey official Pandey official Pandey official website
    1
    saf Kara jaye kalyanpur GARHWA me nadi ke pass bahut gandgi hai saf kiye jaye.    .     .           .koi boltai re post on Facebook me Marne ke liye nahi hai rrdfgtdj hai bhai please find the same photo kab tak banega crorepati official Pandey official Pandey official Pandey official Pandey official website
    user_ANSHU GUPTA
    ANSHU GUPTA
    गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • Post by Sunil singh
    1
    Post by Sunil singh
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    7 hrs ago
  • विद्यालय में आज बच्चों के बीच चना-गुड़ का वितरण किया गया। सभी बच्चों ने खुशी-खुशी इसे प्राप्त किया। चना और गुड़ पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए बहुत लाभदायक हैं। इस अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों को स्वच्छता और स्वस्थ आहार के महत्व के बारे में भी बताया गया।
    1
    विद्यालय में आज बच्चों के बीच चना-गुड़ का वितरण किया गया। सभी बच्चों ने खुशी-खुशी इसे प्राप्त किया। चना और गुड़ पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए बहुत लाभदायक हैं। इस अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों को स्वच्छता और स्वस्थ आहार के महत्व के बारे में भी बताया गया।
    user_दैनिक भास्कर डंडई
    दैनिक भास्कर डंडई
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर दंदई, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शुक्रवार की सुबह प्रार्थना सभा एक खास संदेश के साथ आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने जल संरक्षण को लेकर सामूहिक शपथ ग्रहण किया और हर बूंद पानी बचाने का संकल्प लिया। प्रार्थना सभा में बालिकाओं ने “जल है तो कल है” के संदेश को आत्मसात करते हुए पानी के सही उपयोग और बर्बादी रोकने की प्रतिज्ञा ली। कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह जागरूकता और संकल्प के रंग में रंगा नजर आया। मौके पर विद्यालय की वार्डन जयंती पन्ना ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अभी से पानी बचाने की आदत नहीं डाली गई तो आने वाले समय में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। हर छात्रा अपने घर और समाज में जल बचाने की पहल करे, तभी इसका वास्तविक असर दिखेगा। इस दौरान विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों की संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम ने न सिर्फ छात्राओं को जागरूक किया, बल्कि उन्हें समाज में बदलाव की प्रेरणा भी दी।
    1
    हेमंत कुमार की रिपोर्ट
चिनियां प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शुक्रवार की सुबह प्रार्थना सभा एक खास संदेश के साथ आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने जल संरक्षण को लेकर सामूहिक शपथ ग्रहण किया और हर बूंद पानी बचाने का संकल्प लिया।
प्रार्थना सभा में बालिकाओं ने “जल है तो कल है” के संदेश को आत्मसात करते हुए पानी के सही उपयोग और बर्बादी रोकने की प्रतिज्ञा ली। कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह जागरूकता और संकल्प के रंग में रंगा नजर आया।
मौके पर विद्यालय की वार्डन जयंती पन्ना ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अभी से पानी बचाने की आदत नहीं डाली गई तो आने वाले समय में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। हर छात्रा अपने घर और समाज में जल बचाने की पहल करे, तभी इसका वास्तविक असर दिखेगा।
इस दौरान विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों की संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम ने न सिर्फ छात्राओं को जागरूक किया, बल्कि उन्हें समाज में बदलाव की प्रेरणा भी दी।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    14 hrs ago
  • और कहीं लोग बोधधर्म को अपना रहे हैं, और कहीं हिंदू धर्म को अपना रहे हैं l क्या चल रहा है भारत में, समझ नहीं आ रहा है l कहि लोग संविधान की महताव समझते हैं l कहि लोग धर्म की महताव को समझ रहे हैं l
    1
    और कहीं लोग बोधधर्म को अपना रहे हैं, और कहीं हिंदू धर्म को अपना रहे हैं l क्या चल रहा है भारत में, समझ नहीं आ रहा है l कहि लोग संविधान की महताव समझते हैं l कहि लोग धर्म की महताव को समझ रहे हैं l
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.