जनपद चित्रकूट में मोहना नदी के वर्षों से उपेक्षित स्वरूप को नया जीवन देने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। ग्राम पंचायत कोटवा के चचोखर मजरा में लगभग 15 किलोमीटर लंबी इस नदी के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ माननीय मऊ/मानिकपुर विधायक और जिलाधिकारी की उपस्थिति में किया गया है। जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) के तहत लगभग ₹74 लाख की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य नदी के प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्जीवित कर जल संरक्षण को मजबूत करना है। इस महत्वपूर्ण शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर वृक्षारोपण और श्रमदान किया, जिसके माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनभागीदारी का सशक्त संदेश दिया गया। प्रशासन के अनुसार, नदी पुनर्जीवन कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होने, वर्षाजल संचयन में वृद्धि होने और किसानों को सिंचाई के लिए जल की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इस परियोजना का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि नदी की खुदाई से निकल रही मिट्टी किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है, जिसका उपयोग वे अपने खेतों के समतलीकरण और उर्वरता बढ़ाने में कर रहे हैं। अब तक 100 से अधिक किसान लगभग 80 हजार घन मीटर मिट्टी का उपयोग कर लाभान्वित हो चुके हैं, जिससे खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ कृषि उत्पादकता बढ़ने की भी संभावना है। जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, जल संकट से निपटने और जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से ऐसे अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। मोहना नदी का यह पुनर्जीवन क्षेत्र के पर्यावरण, कृषि और जल सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
जनपद चित्रकूट में मोहना नदी के वर्षों से उपेक्षित स्वरूप को नया जीवन देने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। ग्राम पंचायत कोटवा के चचोखर मजरा में लगभग 15 किलोमीटर लंबी इस नदी के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ माननीय मऊ/मानिकपुर विधायक और जिलाधिकारी की उपस्थिति में किया गया है। जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) के तहत लगभग ₹74 लाख की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य नदी के प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्जीवित कर जल संरक्षण को मजबूत करना है। इस महत्वपूर्ण शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर वृक्षारोपण और श्रमदान किया, जिसके माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनभागीदारी का सशक्त संदेश दिया गया। प्रशासन के अनुसार, नदी पुनर्जीवन कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होने, वर्षाजल संचयन में वृद्धि होने और किसानों को सिंचाई के लिए जल की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इस परियोजना का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि नदी की खुदाई से निकल रही मिट्टी किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है, जिसका उपयोग वे अपने खेतों के समतलीकरण और उर्वरता बढ़ाने में कर रहे हैं। अब तक 100 से अधिक किसान लगभग 80 हजार घन मीटर मिट्टी का उपयोग कर लाभान्वित हो चुके हैं, जिससे खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ कृषि उत्पादकता बढ़ने की भी संभावना है। जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, जल संकट से निपटने और जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से ऐसे अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। मोहना नदी का यह पुनर्जीवन क्षेत्र के पर्यावरण, कृषि और जल सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
- जनपद चित्रकूट में मोहना नदी के वर्षों से उपेक्षित स्वरूप को नया जीवन देने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। ग्राम पंचायत कोटवा के चचोखर मजरा में लगभग 15 किलोमीटर लंबी इस नदी के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ माननीय मऊ/मानिकपुर विधायक और जिलाधिकारी की उपस्थिति में किया गया है। जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) के तहत लगभग ₹74 लाख की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य नदी के प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्जीवित कर जल संरक्षण को मजबूत करना है। इस महत्वपूर्ण शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर वृक्षारोपण और श्रमदान किया, जिसके माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनभागीदारी का सशक्त संदेश दिया गया। प्रशासन के अनुसार, नदी पुनर्जीवन कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होने, वर्षाजल संचयन में वृद्धि होने और किसानों को सिंचाई के लिए जल की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इस परियोजना का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि नदी की खुदाई से निकल रही मिट्टी किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है, जिसका उपयोग वे अपने खेतों के समतलीकरण और उर्वरता बढ़ाने में कर रहे हैं। अब तक 100 से अधिक किसान लगभग 80 हजार घन मीटर मिट्टी का उपयोग कर लाभान्वित हो चुके हैं, जिससे खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ कृषि उत्पादकता बढ़ने की भी संभावना है। जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, जल संकट से निपटने और जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से ऐसे अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। मोहना नदी का यह पुनर्जीवन क्षेत्र के पर्यावरण, कृषि और जल सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- एक पति-पत्नी के बीच हुए आपसी झगड़े ने दुखद मोड़ ले लिया, जिसके चलते पति की जान चली गई। विवाद के बाद पत्नी अपने मायके चली गई थी। जब पत्नी ने मायके से वापस आने से इनकार कर दिया, तो इस फैसले का पति पर इतना गहरा असर पड़ा कि उसकी सांसें थम गईं।2
- चित्रकूट जनपद से सटे बांदा जनपद के फतेहगंज थाना क्षेत्र के फतेहगंज कस्बे में गुरुवार सुबह लगभग 10:30 बजे करंट की चपेट में आने से 62 वर्षीय वृद्ध विजय कुमार विश्वकर्मा की मौत हो गई। मृतक विजय कुमार विश्वकर्मा, जो रामकिसुन के पुत्र और फतेहगंज कस्बे के निवासी थे, के परिजनों ने बताया कि उनके घर के सामने लगे विद्युत पोल की सपोर्ट तार में करंट उतर रहा था। विजय वहीं से गुजर रहे थे, तभी अचानक उनका हाथ सपोर्ट तार से छू गया, जिससे वह तार से चिपक गए। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने डंडे की मदद से उन्हें तार से छुड़ाया। गंभीर अवस्था में विजय को परिजनों द्वारा निजी साधन से सोनपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर चित्रकूट पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। चित्रकूट पुलिस ने मृतक के शव का जिला मुख्यालय में पोस्टमार्टम कराया है।1
- चित्रकूट जिले के चौरा गांव स्थित एक सरकारी विद्यालय में पहली कक्षा में दाखिला लेने के बाद शिवांश की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि क्या विद्यालय के अध्यापक इस बच्चे की खुशी को आगे भी इसी तरह बरकरार रख पाएंगे।1
- Post by Pintu Dubey4
- नई दिल्ली में मंगलवार को थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी को सेवानिवृत्ति पर साउथ ब्लॉक लॉन में औपचारिक 'गार्ड ऑफ़ ऑनर' के साथ विदाई दी गई। चार दशकों से अधिक समय तक देश की सेवा करने के बाद उन्होंने अपना पदभार सौंपा। सेवानिवृत्ति से पहले, जनरल द्विवेदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। विदाई के अवसर पर उन्होंने भावुक संदेश में कहा कि सैनिक स्कूल से शुरू हुआ उनका चार दशकों से अधिक का सफर गर्व और संतुष्टि से भरा रहा, और भारतीय सेना में सेवा देना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि सेना की वास्तविक ताकत किसी एक व्यक्ति में नहीं, बल्कि सैनिकों, कमांडरों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और देश के नागरिकों के अटूट भरोसे में निहित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यही विश्वास भारतीय सेना को विश्व की सबसे मजबूत सेनाओं में से एक बनाता है।1
- सतना में जिला अधिवक्ता संघ के द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें रिकॉर्ड 87.43% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुल 1775 पंजीकृत अधिवक्ताओं में से 1552 अधिवक्ताओं ने मतदान में हिस्सा लिया, जो एक उल्लेखनीय भागीदारी दर्शाता है। मुख्य चुनाव अधिकारी रमेश मिश्रा, जो शासकीय अभिभाषक और लोक अभियोजक भी हैं, ने बताया कि मतदान के लिए बनाए गए तीनों बूथों पर अधिवक्ताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। बूथ क्रमांक 1 पर सर्वाधिक 91.16% मतदान (600 में से 547 वोट), बूथ क्रमांक 2 पर 89% (600 में से 534 वोट) और बूथ क्रमांक 3 पर 81.91% (575 में से 471 वोट) दर्ज किया गया। न्यायालय परिसर में मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, और वरिष्ठ तथा कनिष्ठ दोनों तरह के अधिवक्ताओं ने अनुशासित तरीके से वोट डाले। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, सभी मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जो 4 जुलाई 2026 (शनिवार) को सुबह 10:00 बजे से शुरू होगी। मतगणना के बाद जिला अधिवक्ता संघ सतना के नए पदाधिकारियों के नाम घोषित किए जाएंगे, और इसको लेकर कचहरी परिसर में उत्सुकता व चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।3
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 26 जून को एक एलपीजी गैस टैंकर के टोल प्लाजा से टकराने के बाद भीषण अग्निकांड हो गया। इस खौफनाक हादसे का पूरा मंजर सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया है। टैंकर की टक्कर से हुए इस अग्निकांड में ड्राइवर सहित कुल 4 लोगों की मौत हो गई, वहीं इस दौरान 16 मोटरसाइकिलें और 2 कारें भी जलकर खाक हो गईं।1