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सोनभद्र के बभनी थाना क्षेत्र में एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। यह हादसा चालक की लापरवाही के कारण हुआ, जिसके चलते बस अनियंत्रित हो गई और दुर्घटना का शिकार हो गई।

1 hr ago
user_Umang Gupta
Umang Gupta
दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

सोनभद्र के बभनी थाना क्षेत्र में एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। यह हादसा चालक की लापरवाही के कारण हुआ, जिसके चलते बस अनियंत्रित हो गई और दुर्घटना का शिकार हो गई।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
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    Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के पिपरी थाना क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना में तीन बाइक सवारों की मृत्यु हो गई। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी पिपरी, सोनभद्र श्री हर्ष पाण्डेय ने एक बाइट के माध्यम से जानकारी दी।
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    सोनभद्र जिले के पिपरी थाना क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना में तीन बाइक सवारों की मृत्यु हो गई। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी पिपरी, सोनभद्र श्री हर्ष पाण्डेय ने एक बाइट के माध्यम से जानकारी दी।
    user_Bharat kumar bharat
    Bharat kumar bharat
    पत्रकार Robertsganj, Sonbhadra•
    10 hrs ago
  • झारखंड और बिहार में दलित समुदाय अभी भी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है, जिससे उन्हें गंभीर संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बिहार में दलितों की स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। एक रिपोर्ट (NACDAOR) के अनुसार, राज्य में लगभग 84% दलित परिवार भूमिहीन हैं और उनकी औसत मासिक आय लगभग ₹6,480 है, जो राज्य के औसत से काफी कम है। साक्षरता दर भी चिंताजनक है, जहां लगभग 62% दलित आबादी अशिक्षित है और बेरोजगारी दर 63% के करीब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, दलितों के खिलाफ उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं; वर्ष 2010 से 2022 के बीच राज्य में 85,000 से अधिक अत्याचार के मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि चुनाव दर चुनाव दलितों को लुभाया तो गया, लेकिन योजनाएँ और वादे केवल राजनीति तक ही सीमित रह गए, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ। झारखंड में भी दलित आबादी आर्थिक रूप से पिछड़ी है। राज्य बनने के बाद भी, वे मुख्य रूप से भूमिहीन हैं और अनौपचारिक व मजदूरी कार्यों पर निर्भर हैं, जिससे वे मुख्यधारा के विकास से वंचित हैं। यहां भूमि विवाद और अत्याचार की घटनाएं एक प्रमुख समस्या हैं, जिसमें जमीन हथियाने और सीएनटी/CNT एक्ट का उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। राजनीतिक रूप से भी दलित हाशिए पर हैं; कई दलित बस्तियां मतदान तो करती हैं लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं और सरकारी लाभ का पूरा हिस्सा नहीं मिल पाता है।
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    झारखंड और बिहार में दलित समुदाय अभी भी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है, जिससे उन्हें गंभीर संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

बिहार में दलितों की स्थिति विशेष रूप से दयनीय है। एक रिपोर्ट (NACDAOR) के अनुसार, राज्य में लगभग 84% दलित परिवार भूमिहीन हैं और उनकी औसत मासिक आय लगभग ₹6,480 है, जो राज्य के औसत से काफी कम है। साक्षरता दर भी चिंताजनक है, जहां लगभग 62% दलित आबादी अशिक्षित है और बेरोजगारी दर 63% के करीब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, दलितों के खिलाफ उत्पीड़न के मामले लगातार सामने आ रहे हैं; वर्ष 2010 से 2022 के बीच राज्य में 85,000 से अधिक अत्याचार के मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि चुनाव दर चुनाव दलितों को लुभाया तो गया, लेकिन योजनाएँ और वादे केवल राजनीति तक ही सीमित रह गए, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ।

झारखंड में भी दलित आबादी आर्थिक रूप से पिछड़ी है। राज्य बनने के बाद भी, वे मुख्य रूप से भूमिहीन हैं और अनौपचारिक व मजदूरी कार्यों पर निर्भर हैं, जिससे वे मुख्यधारा के विकास से वंचित हैं। यहां भूमि विवाद और अत्याचार की घटनाएं एक प्रमुख समस्या हैं, जिसमें जमीन हथियाने और सीएनटी/CNT एक्ट का उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। राजनीतिक रूप से भी दलित हाशिए पर हैं; कई दलित बस्तियां मतदान तो करती हैं लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं और सरकारी लाभ का पूरा हिस्सा नहीं मिल पाता है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    17 hrs ago
  • गरहवा जिले के रंका प्रखंड में स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के मैदान में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 65वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट का दूसरा दिन गुरुवार को उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। दोपहर करीब 3:00 बजे, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शुभम बेला टोपनो ने बालिका फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर विधिवत मैच का शुभारंभ किया। इस टूर्नामेंट में रंका प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों की बालिका टीमों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे मैदान में खिलाड़ियों के उत्साह और दर्शकों की मौजूदगी से खेल का माहौल काफी रोमांचक बना रहा। इस अवसर पर बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। बीडीओ ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
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    गरहवा जिले के रंका प्रखंड में स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के मैदान में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 65वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट का दूसरा दिन गुरुवार को उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। दोपहर करीब 3:00 बजे, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शुभम बेला टोपनो ने बालिका फुटबॉल टीम की खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर विधिवत मैच का शुभारंभ किया। इस टूर्नामेंट में रंका प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों की बालिका टीमों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे मैदान में खिलाड़ियों के उत्साह और दर्शकों की मौजूदगी से खेल का माहौल काफी रोमांचक बना रहा।

इस अवसर पर बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। बीडीओ ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    12 hrs ago
  • श्रीनगर नगर निवासी ओमप्रकाश चंद्रवंशी की हत्या कर दी गई है, जिनका शव पलामू जिले के मोहम्मद गंज जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। कांडी थाना को इसकी सूचना दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद ओमप्रकाश का शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना को लेकर जब ओमप्रकाश के माता-पिता और उनके बड़े जीजा से पूछताछ की गई, तो परिवार वालों ने सीधे तौर पर एक लड़की और उसके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए, लड़के के परिजन और गांव वाले कांडी थाना का घेराव करने पहुंचे, उनका कहना था कि पुलिस द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है और अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
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    श्रीनगर नगर निवासी ओमप्रकाश चंद्रवंशी की हत्या कर दी गई है, जिनका शव पलामू जिले के मोहम्मद गंज जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। कांडी थाना को इसकी सूचना दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद ओमप्रकाश का शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

इस घटना को लेकर जब ओमप्रकाश के माता-पिता और उनके बड़े जीजा से पूछताछ की गई, तो परिवार वालों ने सीधे तौर पर एक लड़की और उसके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए, लड़के के परिजन और गांव वाले कांडी थाना का घेराव करने पहुंचे, उनका कहना था कि पुलिस द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है और अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
    user_Excellent news 66
    Excellent news 66
    Kandi, Garhwa•
    15 hrs ago
  • बलरामपुर जिले में विरोध प्रदर्शन की एक अनोखी और हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 10 निवासी राहुल जीत सिंह ने जेल से छूटते ही सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर अपना बाल मुंडन कराया और कलेक्टर मैडम को एक ज्ञापन सौंपा। राहुल का कहना है कि उन्हें एक झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया था और अब वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। दरअसल, यह पूरा विवाद कुछ समय पहले रामानुजगंज की एक चाय की टपरी पर शुरू हुआ था, जहाँ राहुल जीत सिंह का एक महिला फूड इंस्पेक्टर से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि राहुल ने उस महिला फूड इंस्पेक्टर पर जंगली और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इस विवाद के बाद राहुल जीत सिंह के खिलाफ एट्रोसिटी (SC/ST Act) समेत कई अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था। हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आने के बाद राहुल जीत सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है, इसलिए वे उस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन उनके साथ अन्याय हुआ है। उनकी मुख्य मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जो भी दोषी हो, उस पर कड़ी कार्रवाई हो। राहुल ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और बलरामपुर जिले से पदयात्रा निकालकर सीधे अंबिकापुर कमिश्नर कार्यालय के सामने जाकर धरना प्रदर्शन पर बैठ जाएंगे। फिलहाल, कलेक्ट्रेट के सामने युवक द्वारा मुंडन कराकर ज्ञापन सौंपने का यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।
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    बलरामपुर जिले में विरोध प्रदर्शन की एक अनोखी और हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 10 निवासी राहुल जीत सिंह ने जेल से छूटते ही सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर अपना बाल मुंडन कराया और कलेक्टर मैडम को एक ज्ञापन सौंपा। राहुल का कहना है कि उन्हें एक झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया था और अब वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

दरअसल, यह पूरा विवाद कुछ समय पहले रामानुजगंज की एक चाय की टपरी पर शुरू हुआ था, जहाँ राहुल जीत सिंह का एक महिला फूड इंस्पेक्टर से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि राहुल ने उस महिला फूड इंस्पेक्टर पर जंगली और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इस विवाद के बाद राहुल जीत सिंह के खिलाफ एट्रोसिटी (SC/ST Act) समेत कई अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था।

हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आने के बाद राहुल जीत सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है, इसलिए वे उस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन उनके साथ अन्याय हुआ है। उनकी मुख्य मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जो भी दोषी हो, उस पर कड़ी कार्रवाई हो। राहुल ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और बलरामपुर जिले से पदयात्रा निकालकर सीधे अंबिकापुर कमिश्नर कार्यालय के सामने जाकर धरना प्रदर्शन पर बैठ जाएंगे।

फिलहाल, कलेक्ट्रेट के सामने युवक द्वारा मुंडन कराकर ज्ञापन सौंपने का यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में रामपुर हत्याकांड से जुड़े एक मामले में फरार चल रहे चार मुख्य अभियुक्तों के घर पर माननीय न्यायालय, मेदिनीनगर से प्राप्त इश्तिहार चिपकाए गए हैं। यह कार्रवाई चैनपुर थाना कांड संख्या 124/2026 से संबंधित है, जो दिनांक 23.05.2026 को दर्ज किया गया था। प्राथमिकी अभियुक्तों में राहुल कुमार सिंह उर्फ बादल सिंह (पिता स्व0 मृत्युंजय सिंह), जयराम सिंह (पिता स्व0 चंद्रिका सिंह), चंदन सिंह (पिता स्व0 लालो सिंह) और बगन सिंह (पिता स्व0 लालमुनी सिंह) शामिल हैं। ये सभी रामपुर, पोस्ट-कटुअल, थाना-चैनपुर, जिला-पलामू के निवासी हैं। चैनपुर थाना के पदाधिकारी, पु0अ0नि0 क्षितिज कुमार सोनी ने दिनांक 06.07.2026 को इन चारों अभियुक्तों के घरों पर बारी-बारी से इश्तिहार चिपकाकर विधिवत तामिला की। यह मामला धारा 190, 191(2), 191(3), 115(2), 117(2), 118(1), 118(2), 333, 103(1), 109, 303(2), 75, 351(2), 352 BNS एवं 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यदि उपरोक्त चारों प्राथमिकी अभियुक्त दिनांक 05.08.2026 तक माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो माननीय न्यायालय के अगले आदेशानुसार उनके खिलाफ कुर्की-जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और इस मामले के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि इन फरार अभियुक्तों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, विशेषकर रामपुर हत्याकांड में उनकी कथित संलिप्तता को देखते हुए।
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    पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में रामपुर हत्याकांड से जुड़े एक मामले में फरार चल रहे चार मुख्य अभियुक्तों के घर पर माननीय न्यायालय, मेदिनीनगर से प्राप्त इश्तिहार चिपकाए गए हैं। यह कार्रवाई चैनपुर थाना कांड संख्या 124/2026 से संबंधित है, जो दिनांक 23.05.2026 को दर्ज किया गया था।

प्राथमिकी अभियुक्तों में राहुल कुमार सिंह उर्फ बादल सिंह (पिता स्व0 मृत्युंजय सिंह), जयराम सिंह (पिता स्व0 चंद्रिका सिंह), चंदन सिंह (पिता स्व0 लालो सिंह) और बगन सिंह (पिता स्व0 लालमुनी सिंह) शामिल हैं। ये सभी रामपुर, पोस्ट-कटुअल, थाना-चैनपुर, जिला-पलामू के निवासी हैं। चैनपुर थाना के पदाधिकारी, पु0अ0नि0 क्षितिज कुमार सोनी ने दिनांक 06.07.2026 को इन चारों अभियुक्तों के घरों पर बारी-बारी से इश्तिहार चिपकाकर विधिवत तामिला की। यह मामला धारा 190, 191(2), 191(3), 115(2), 117(2), 118(1), 118(2), 333, 103(1), 109, 303(2), 75, 351(2), 352 BNS एवं 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यदि उपरोक्त चारों प्राथमिकी अभियुक्त दिनांक 05.08.2026 तक माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो माननीय न्यायालय के अगले आदेशानुसार उनके खिलाफ कुर्की-जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और इस मामले के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि इन फरार अभियुक्तों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, विशेषकर रामपुर हत्याकांड में उनकी कथित संलिप्तता को देखते हुए।
    user_पब्लिक न्यूज़ झारखंड पलामू
    पब्लिक न्यूज़ झारखंड पलामू
    Advertising Photographer मेदिनीनगर (डाल्टनगंज), पलामू, झारखंड•
    15 hrs ago
  • सूरजपुर जिले के चन्दोरा थाना क्षेत्र में एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना चन्दोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई।
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    सूरजपुर जिले के चन्दोरा थाना क्षेत्र में एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। यह घटना चन्दोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई।
    user_जनता की ख़बर
    जनता की ख़बर
    Social Media Manager वाड्रफनगर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
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