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संजय निषाद ने देखिये क्या कहा, इनको ऐसी भाषा का इस्तेमाल नही करना चाहिए संजय निषाद ने देखिये क्या कहा, इनको ऐसी भाषा का इस्तेमाल नही करना चाहिए
Sandeep rajbhar
संजय निषाद ने देखिये क्या कहा, इनको ऐसी भाषा का इस्तेमाल नही करना चाहिए संजय निषाद ने देखिये क्या कहा, इनको ऐसी भाषा का इस्तेमाल नही करना चाहिए
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- फरेंदा के बनकटी अस्पताल के ठीक सामने कट बंद, लोगों ने किया विरोध, दूसरे छोर पर स्थित कट चालू, ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद, प्रदर्शन के दौरान फरेंदा एसडीएम मौके पर पहुंचे, पीएनसी के कर्मचारियों ने एसडीएम से कहा यह भी कट 2 दिन में बंद करेंगे, एसडीम तुरंत जवाब दिए उन्होंने कहा कि तुम हमें टाइम दोंगे, बरहाल पीएनसी कंपनी की मनमानी ग्रामीणों में आक्रोश, दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग कट बंद होने पर आपातकालीन जैसी स्थितियों में मरीज को 4 किलोमीटर विपरीत दिशा में जाना पड़ेगा, क्या पीएसी के कर्मचारी, केंद्र सरकार के मंत्री नितिन गडकरी सही कर रहे हैं, अब यहां के स्थानीय जनता को ठीक से जोरदार प्रदर्शन करना होगा, #Maharajganj #bankati #communityhealth #pnc #Gorakhpur #sonauli #National #Highway #authority #employe #Parinda #farenda #sdm #citizen1
- सरकारी अस्पताल की OPD में रील बनाने का वीडियो वायरल, महराजगंज स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कराई जांच महराजगंज | नौतनवा सरकारी अस्पताल की ओपीडी में कथित तौर पर रील बनाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। दावा किया जा रहा है कि नौतनवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा पर तैनात एक महिला डॉक्टर का यह वीडियो अस्पताल की ओपीडी के भीतर रिकॉर्ड किया गया है। मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। अस्पताल अधीक्षक के अनुसार, मुख्य चिकित्साधिकारी को अवगत करा दिया गया है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- सोनौली में सपा का शक्ति प्रदर्शन, पंडित जनेश्वर मिश्र की जयंती पर जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता सोनौली/महराजगंज। समाजवादी आंदोलन के प्रखर नायक एवं 'छोटे लोहिया' के नाम से विख्यात पंडित जनेश्वर मिश्र की जयंती पर बुधवार को नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोनौली के जानकी नगर वार्ड स्थित सपा कैंप कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा एवं जयंती समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन नौतनवा विधानसभा के सपा जिलाध्यक्ष विक्रम यादव के नेतृत्व में सोनौली नगर पंचायत स्थित सपा कैंप कार्यालय (बैजू यादव के आवास) पर किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंडित जनेश्वर मिश्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। सपा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव बैजू यादव ने कहा कि पंडित जनेश्वर मिश्र ने अपना संपूर्ण जीवन समाजवाद, सामाजिक न्याय और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित किया। उनके विचार आज भी समाजवादी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की एकजुटता के बल पर उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर करती रहेगी। कार्यक्रम में अमित यादव, विपिन गौतम, रामेश्वर भारती, रामायण, गंगा प्रजापति, कमरुद्दीन खान, प्यारेलाल, सुदामा, शैलेश, अमित कुमार, राम सिंह, नीरज गुप्ता, राजू मद्धेशिया, विष्णु गौड़, आकाश नायक, संजय सैनी, दिलीप यादव, मुस्तफा हसन, मुकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- गोरखपुर में डीडीयू विश्वविद्यालय के गेट पर ABVP और पुलिस में झड़प, इंस्पेक्टर कैंट सस्पेंड गोरखपुर में गुरुवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल का कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच एबीवीपी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हो गया। इस दौरान एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री और कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह के बीच झड़प भी हुई, पुलिस की सख्ती पर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि ABVP कार्यकर्ता शिकायत करने पुलिस ऑफिस पहुँच गए, वहां SSP डॉक्टर कौस्तुभ जन सुनवाई कर रहे थे। संगठन के छात्रों ने उनसे घटना के बारे में अवगत कराया। SSP ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कैंट इंस्पेक्टर संजय सिंह को निलंबित कर विभागीय जांच का आदेश दे दिए। जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए एबीवीपी के कार्यकर्ता पहुंचे थे। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश नियमों के कारण उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। इसे लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। एक ओर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम चल रहा था, वहीं दूसरी ओर परिसर के बाहर सड़क पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच विवाद होता रहा।1
- पोखरी में बना आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल बाद भी अधूरा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण और स्वीकृति पर सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण स्थल के चयन और धन के उपयोग की जांच की मांग पडरौना, कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत रहसू खुदरा के टोला खुदरा में प्राथमिक विद्यालय के पीछे पोखरी में निर्मित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित भी नहीं किया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण स्थल पोखरी के किनारे होने के कारण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी ने खंड विकास अधिकारी पडरौना से रिपोर्ट तलब कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। उस समय बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान को अनुपयुक्त माना गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायत के कार्यकाल में आखिर किन परिस्थितियों में इस निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान की गई, यह जांच का विषय है। उनका कहना है कि भवन की छत डाली जा चुकी है और फाटक भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। भवन के एक ओर प्राथमिक विद्यालय, दूसरी ओर सड़क तथा शेष दो ओर पोखरी होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे कराया गया है। यदि केंद्र का संचालन शुरू होता है तो बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चयन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, इंजीनियर की रिपोर्ट, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मनरेगा के संयुक्त बजट से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन सरकारी धन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है। पोखरी में बना आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल बाद भी अधूरा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण और स्वीकृति पर सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण स्थल के चयन और धन के उपयोग की जांच की मांग पडरौना, कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत रहसू खुदरा के टोला खुदरा में प्राथमिक विद्यालय के पीछे पोखरी में निर्मित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित भी नहीं किया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण स्थल पोखरी के किनारे होने के कारण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी ने खंड विकास अधिकारी पडरौना से रिपोर्ट तलब कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। उस समय बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान को अनुपयुक्त माना गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायत के कार्यकाल में आखिर किन परिस्थितियों में इस निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान की गई, यह जांच का विषय है। उनका कहना है कि भवन की छत डाली जा चुकी है और फाटक भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। भवन के एक ओर प्राथमिक विद्यालय, दूसरी ओर सड़क तथा शेष दो ओर पोखरी होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे कराया गया है। यदि केंद्र का संचालन शुरू होता है तो बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चयन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, इंजीनियर की रिपोर्ट, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मनरेगा के संयुक्त बजट से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन सरकारी धन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।1
- आधी रात प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी, परिजनों ने कमरे में जड़ा ताला, पुलिस बुलानी पड़ी! आधी रात प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी, परिजनों ने कमरे में जड़ा ताला, पुलिस बुलानी पड़ी!1
- महराजगंज: सिसवा बाजार में अकीदत के साथ निकला चहल्लुम जुलूस | अखाड़ों का शानदार प्रदर्शन | Chehlum 2026 महराजगंज के सिसवा बाजार में हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत के 40वें दिन चहल्लुम पूरे अकीदत, श्रद्धा और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। दादा जंगली शाह बाबा की मजार पर मजलिस, फातेहाखानी और पारंपरिक जुलूस के साथ अखाड़ों ने लाठी-डंडा एवं युद्ध कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ1
- महराजगंज के नौतनवा में समाजवादी पार्टी की विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता समीक्षा बैठक में संगठन की मजबूती के साथ-साथ 2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद हुआ। इस दौरान लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव बैजू यादव ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।1
- रंगदारी मामले में व्यापार मंडल अध्यक्ष समेत तीन गिरफ्तार, 8 लाख नकद और 25 ग्राम सोना बरामद गोरखपुर। करोड़ों रुपये की कथित ठगी से जुड़े चर्चित मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पीपीगंज नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सहित तीन लोगों को रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन वसूली करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 लाख रुपये नकद और करीब 25 ग्राम सोना बरामद करने का दावा किया है। तीनों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। यह मामला करीब दो माह पहले मुंबई के स्वर्ण कारोबारी दादा साहब हांके द्वारा पीपीगंज, कैंपियरगंज और पनियरा क्षेत्र के कई सर्राफा कारोबारियों से करोड़ों रुपये के आभूषण लेकर फरार होने की घटना से जुड़ा बताया जा रहा है। इस प्रकरण में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ व्यापारियों पर सोना और नकदी जबरन वसूलने के आरोप लगाए गए थे। पीपीगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या-18 निवासी एवं सोना गलाने का कार्य करने वाले महेश श्रीरंग जाधव ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह जितेंद्र वर्मा उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए अपनी दुकान पर ले गया, जहां व्यापार मंडल अध्यक्ष सचिन वर्मा और राज निषाद पहले से मौजूद थे। पीड़ित का आरोप है कि तीनों ने उन पर और एक अन्य व्यापारी संतोष जायसवाल पर दादा साहब हांके की मदद करने और सोना गलाने में संलिप्त होने का आरोप लगाया तथा डरा-धमकाकर उनसे 8 लाख रुपये नकद और लगभग 25 ग्राम सोना जबरन ले लिया। महेश जाधव ने दावा किया कि पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। इसके अलावा फोन कॉल रिकॉर्डिंग भी उन्होंने पुलिस को सौंपी है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह की निगरानी में पीपीगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। तहरीर के अनुसार, आरोपियों ने स्वयं को व्यापार मंडल का पदाधिकारी बताते हुए कहा कि यदि रुपये नहीं दिए गए तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवा देंगे और जान से मरवा देंगे। आरोप है कि पहले दुकान से 3.50 लाख रुपये नकद, सोने की चेन, अंगूठी और करीब 25 ग्राम सोने के आभूषण ले लिए गए। इसके बाद पीड़ित से उसके भाई, एक परिचित सर्राफा कारोबारी और घर से भी रुपये मंगवाकर कुल 8 लाख रुपये की वसूली की गई। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने बुधवार तड़के सचिन वर्मा, जितेंद्र वर्मा और राज निषाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 8 लाख रुपये नकद और 25 ग्राम सोना बरामद किया गया है। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद कुछ लोग थाने पहुंचकर दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास भी करते रहे, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज होने का हवाला देते हुए विधिक कार्रवाई जारी रखी। थानाध्यक्ष कमलेश प्रताप सिंह ने बताया कि व्यापारी की तहरीर के आधार पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से नकदी और सोना भी बरामद हुआ है। वहीं, व्यापार मंडल अध्यक्ष सचिन वर्मा सहित सभी आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए इसे साजिश करार दिया है। इस चर्चित मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से वायरल हो रहा है। उल्लेखनीय है कि सचिन वर्मा लगभग छह माह पूर्व हुए व्यापार मंडल चुनाव में अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।1