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कचोलिया खुर्द मांडलगढ़ तहसील भीलवाड़ा राजस्थान
Mahendra meena
कचोलिया खुर्द मांडलगढ़ तहसील भीलवाड़ा राजस्थान
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- कचोलिया खुर्द मांडलगढ़ तहसील भीलवाड़ा राजस्थान1
- माताएं और बहिनें सफ़ेद पानी की बीमारी को हल्के में न ले इसका सफ़ल ईलाज आयुर्वेद में संभव है। विशेष जानकारी हेतु आप आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़ में संपर्क करें 83020838351
- श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन गांव पुठोंली चंदेरिया चित्तौरगढ़ राजस्थान1
- बिजनौर उत्तर प्रदेश में 48 घंटों से हनुमान जी की प्रतिमा के परिक्रमा लगा रहा कुत्ता।1
- 351 कलशों के साथ निकलेगी ऐतिहासिक शोभायात्रा | चित्तौड़गढ़ में 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा। चित्तौड़गढ़ में धर्म और संस्कृति का भव्य उत्सव। 17 जनवरी से सेतु मार्ग स्थित रतनबाग में सनातन गौरव समिति के तत्वावधान में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा का शुभारंभ 351 कलशों के साथ निकलने वाली विराट एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा से होगा। इस आयोजन में 151 से अधिक गांवों की प्रभात फेरियां, भव्य झांकियां, ढोल-नगाड़े, शंखनाद और हजारों श्रद्धालु सहभागिता करेंगे। देखिए पूरी रिपोर्ट।1
- खुले आकाश में उड़ाए शांति के प्रतीक सफेद कबूतर -हस्ताक्षर युक्त रंग-बिरंगी पतंगों से सतरंगी हुआ आसमान -मकर संक्रांति पर 'विकल्प' ने दिया सद्भावना का संदेश कोटा कोटा में मकर संक्रांति पर जन सांस्कृतिक मंच "विकल्प" की तरफ से शायर शकूर अनवर के शिवपुरा स्थित घर में एक भव्य सद्भावना समारोह का आयोजन किया। खुले आकाश में शांति के प्रतीक सफेद कबूतरों को उड़ाकर और हस्ताक्षर युक्त रंग-बिरंगी पतंगों को आसमान में लहराकर साहित्यकारों ने प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव का मार्मिक संदेश दिया। पूरा समारोह उत्साह, उमंग और साहित्यिक जोश से भरपूर रहा। समारोह के प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर अनीता वर्मा ने कहा कि आज के दौर में मानवीय मूल्यों की लगातार गिरावट साहित्यकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने आह्वान किया कि साहित्यकारों को प्रेमचंद की परंपरा में समाज की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करते हुए उच्च आदर्शों की स्थापना करनी होगी। साहित्य में वंचित वर्ग के प्रति निश्छल प्रेम और संवेदना की भाषा गूंजनी चाहिए। मुख्य अतिथि विजय सिंह पालीवाल ने अपने उद्बोधन में वर्तमान साहित्य पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज का अधिकांश साहित्य आत्ममुग्धता के संकीर्ण दायरे में सिमट गया है, जिसमें आम जन की जिंदगी की धड़कनें सुनाई नहीं देतीं। साहित्य को बाजारवाद की गिरफ्त से मुक्त होकर इंसानी संवेदनाओं को सर्वोच्च स्थान देना होगा।संस्कृतिकर्मी शरद तैलंग ने सद्भावना संदेश देते हुए कहा कि देश-समाज में बढ़ती नफरत और अंधविश्वास ने युवा शक्ति के वास्तविक विकास को रोक दिया है। साहित्य ही इस अंधेरे से युवा पीढ़ी को मुक्ति दिला सकता है।विशिष्ट अतिथि कमर आबदी ने "विकल्प" की इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया। वहीं बिगुल जैन ने साहित्यकारों से प्रकृति से गहरा जुड़ाव बनाने का आग्रह किया। शकूर अनवर की ग़ज़लों के फोल्डर का लोकार्पण प्रथम सत्र के समापन पर शकूर अनवर की नवीनतम ग़ज़लों के फोल्डर "यह तो एक शहर रोशनी का था" का लोकार्पण किया गया। विशिष्ट अतिथि फानी जोधपुरी ने इन ग़ज़लों को इंसानियत के दर्द, करुणा और जीवन-संघर्ष से लबरेज़ बताया। काव्य गोष्ठी में बिखरे भावों के रंग दूसरे सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी ने समारोह को यादगार बना दिया। नगर के प्रतिनिधि कवियों-शायरों ने अपनी रचनाओं से माहौल को भावुक और विद्रोही स्वरों से भर दिया। मयंक सोलंकी (ग़ज़लकार) ने "कौन सुने दिल की आवाज़, बस्ती बस्ती जंगल राज़" बद्री लाल दिव्य (हाड़ौती व्यंग्य) ने "बदल्यो बदल्यो सौ दीखे छै म्हाने अब इंसान" डॉ. ज़ेबा फिज़ा ने "ये साजिश हवा की थी या कोई और बात थी, क्यों उसके घर की सिम्त ही मेरा उड़ा पतंग" वेद प्रकाश 'परकास' ने ग़म मिला है ज़िंदगी को" सुनाकर समां बांध दिया। वहीं शकूर अनवर ने स्वयं अपने फोल्डर से "मुहब्बत में झमेले पड़ गए हैं, दिलों के बीच झगड़े पड़ गए हैं" जैसे शेर सुनाए। इनके अलावा ओम कटारा ने विद्रोही तेवर का गीत सुनाया।गोष्ठी में कमर आब्दी, सीमा तबस्सुम, महेंद्र नेह, सिराज अहमद फारूकी, राजेंद्र पंवार, डॉ. कृष्णा कुमारी, हलीम आईना, फानी जोधपुरी सहित दर्जनों कवियों ने अपनी रचनाओं से मंच को ऊँचाई प्रदान की। गोष्ठी की अध्यक्षता रघुराज सिंह कर्मयोगी ने की तथा संचालन का दायित्व चांद शेरी ने कुशलता पूर्वक निभाया। यह समारोह न केवल साहित्यिक था, बल्कि वर्तमान सामाजिक चुनौतियों के बीच सद्भावना और मानवता की पुकार भी बन गया।1
- युवक को सीजिंग की गाड़ी छुड़ाना पड़ा महंगा, लट्ठ , सबबल से पीटा, गंभीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना प्रभात अपडेट मंदसौर स्टेशन पर चाकूबाजी की घटना के बाद स्टेशन पर एक ओर मारपीट का मामला सामने आया है। गुरुवार रात स्टेशन पर गाड़ी सिंजीग करने वाले युवकों ने प्रीतम उर्फ गंजू चनाल को लठ-संभल से पीट दिया। घायल प्रीतम के अनुसार उसके मित्र रिंडा निवासी जुझार सिंह परिहार अपनी गर्भवती पत्नी को पल्सर से लेकर अनुयोग हॉस्पिटल आया था, तभी मोंटी दायमा पल्सर सीजिंग करने आया, इस पर प्रीतम ने उसे बाइक ले जाने से इनकार किया, इसी बात पर मोंटी, अन्ना, हनी, संजू, सुमित, टोनी आदि लोग बिना नंबर की कार में सवार होकर आए। इस दौरान प्रीतम मिलीन सेठिया की चाय दुकान पर था, तभी युवकों ने प्रीतम उर्फ गंजू को बाहर बुलाया और बुरी तरह पीट दिया। घटना में गंजू के सिर ओर हाथ में गंभीर चोट आई। बाद में प्रीतम को घायलावस्था में उपचार हेतु जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे वार्ड में भर्ती किया।2
- चित्तौड़गढ़ में वोटर लिस्ट को लेकर बवाल | कांग्रेस का आरोप- हजारों मतदाताओं के नाम काटने की साजिश | चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से सही मतदाताओं के नाम हटाए जाने के कथित षड्यंत्र को लेकर सियासत गरमा गई है। बुधवार को कांग्रेस ने उपखण्ड अधिकारी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी जयपुर के नाम ज्ञापन सौंपा, वहीं गुरुवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का आरोप है कि विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की मिलीभगत से बीएलओ के जरिए लगभग 10 हजार एससी, एसटी, अल्पसंख्यक, ओबीसी और गरीब मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। देखिए पूरी रिपोर्ट…1