खुले आकाश में उड़ाए शांति के प्रतीक सफेद कबूतर -हस्ताक्षर युक्त रंग-बिरंगी पतंगों से सतरंगी हुआ आसमान -मकर संक्रांति पर 'विकल्प' ने दिया सद्भावना का संदेश कोटा कोटा में मकर संक्रांति पर जन सांस्कृतिक मंच "विकल्प" की तरफ से शायर शकूर अनवर के शिवपुरा स्थित घर में एक भव्य सद्भावना समारोह का आयोजन किया। खुले आकाश में शांति के प्रतीक सफेद कबूतरों को उड़ाकर और हस्ताक्षर युक्त रंग-बिरंगी पतंगों को आसमान में लहराकर साहित्यकारों ने प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव का मार्मिक संदेश दिया। पूरा समारोह उत्साह, उमंग और साहित्यिक जोश से भरपूर रहा। समारोह के प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर अनीता वर्मा ने कहा कि आज के दौर में मानवीय मूल्यों की लगातार गिरावट साहित्यकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने आह्वान किया कि साहित्यकारों को प्रेमचंद की परंपरा में समाज की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करते हुए उच्च आदर्शों की स्थापना करनी होगी। साहित्य में वंचित वर्ग के प्रति निश्छल प्रेम और संवेदना की भाषा गूंजनी चाहिए। मुख्य अतिथि विजय सिंह पालीवाल ने अपने उद्बोधन में वर्तमान साहित्य पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज का अधिकांश साहित्य आत्ममुग्धता के संकीर्ण दायरे में सिमट गया है, जिसमें आम जन की जिंदगी की धड़कनें सुनाई नहीं देतीं। साहित्य को बाजारवाद की गिरफ्त से मुक्त होकर इंसानी संवेदनाओं को सर्वोच्च स्थान देना होगा।संस्कृतिकर्मी शरद तैलंग ने सद्भावना संदेश देते हुए कहा कि देश-समाज में बढ़ती नफरत और अंधविश्वास ने युवा शक्ति के वास्तविक विकास को रोक दिया है। साहित्य ही इस अंधेरे से युवा पीढ़ी को मुक्ति दिला सकता है।विशिष्ट अतिथि कमर आबदी ने "विकल्प" की इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया। वहीं बिगुल जैन ने साहित्यकारों से प्रकृति से गहरा जुड़ाव बनाने का आग्रह किया। शकूर अनवर की ग़ज़लों के फोल्डर का लोकार्पण प्रथम सत्र के समापन पर शकूर अनवर की नवीनतम ग़ज़लों के फोल्डर "यह तो एक शहर रोशनी का था" का लोकार्पण किया गया। विशिष्ट अतिथि फानी जोधपुरी ने इन ग़ज़लों को इंसानियत के दर्द, करुणा और जीवन-संघर्ष से लबरेज़ बताया। काव्य गोष्ठी में बिखरे भावों के रंग दूसरे सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी ने समारोह को यादगार बना दिया। नगर के प्रतिनिधि कवियों-शायरों ने अपनी रचनाओं से माहौल को भावुक और विद्रोही स्वरों से भर दिया। मयंक सोलंकी (ग़ज़लकार) ने "कौन सुने दिल की आवाज़, बस्ती बस्ती जंगल राज़" बद्री लाल दिव्य (हाड़ौती व्यंग्य) ने "बदल्यो बदल्यो सौ दीखे छै म्हाने अब इंसान" डॉ. ज़ेबा फिज़ा ने "ये साजिश हवा की थी या कोई और बात थी, क्यों उसके घर की सिम्त ही मेरा उड़ा पतंग" वेद प्रकाश 'परकास' ने ग़म मिला है ज़िंदगी को" सुनाकर समां बांध दिया। वहीं शकूर अनवर ने स्वयं अपने फोल्डर से "मुहब्बत में झमेले पड़ गए हैं, दिलों के बीच झगड़े पड़ गए हैं" जैसे शेर सुनाए। इनके अलावा ओम कटारा ने विद्रोही तेवर का गीत सुनाया।गोष्ठी में कमर आब्दी, सीमा तबस्सुम, महेंद्र नेह, सिराज अहमद फारूकी, राजेंद्र पंवार, डॉ. कृष्णा कुमारी, हलीम आईना, फानी जोधपुरी सहित दर्जनों कवियों ने अपनी रचनाओं से मंच को ऊँचाई प्रदान की। गोष्ठी की अध्यक्षता रघुराज सिंह कर्मयोगी ने की तथा संचालन का दायित्व चांद शेरी ने कुशलता पूर्वक निभाया। यह समारोह न केवल साहित्यिक था, बल्कि वर्तमान सामाजिक चुनौतियों के बीच सद्भावना और मानवता की पुकार भी बन गया।
खुले आकाश में उड़ाए शांति के प्रतीक सफेद कबूतर -हस्ताक्षर युक्त रंग-बिरंगी पतंगों से सतरंगी हुआ आसमान -मकर संक्रांति पर 'विकल्प' ने दिया सद्भावना का संदेश कोटा कोटा में मकर संक्रांति पर जन सांस्कृतिक मंच "विकल्प" की तरफ से शायर शकूर अनवर के शिवपुरा स्थित घर में एक भव्य सद्भावना समारोह का आयोजन किया। खुले आकाश में शांति के प्रतीक सफेद कबूतरों को उड़ाकर और हस्ताक्षर युक्त रंग-बिरंगी पतंगों को आसमान में लहराकर साहित्यकारों ने प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव का मार्मिक संदेश दिया। पूरा समारोह उत्साह, उमंग और साहित्यिक जोश से भरपूर रहा। समारोह के प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर अनीता वर्मा ने कहा कि आज के दौर में मानवीय मूल्यों की लगातार गिरावट साहित्यकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने आह्वान किया कि साहित्यकारों को प्रेमचंद की परंपरा में समाज की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करते हुए उच्च आदर्शों की स्थापना करनी होगी। साहित्य में वंचित वर्ग के प्रति निश्छल प्रेम और संवेदना की भाषा गूंजनी चाहिए। मुख्य अतिथि विजय सिंह पालीवाल ने अपने उद्बोधन में वर्तमान साहित्य पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज का अधिकांश साहित्य आत्ममुग्धता के संकीर्ण दायरे में सिमट गया है, जिसमें आम जन की जिंदगी की धड़कनें सुनाई नहीं देतीं। साहित्य को बाजारवाद की गिरफ्त से मुक्त होकर इंसानी संवेदनाओं को सर्वोच्च स्थान देना होगा।संस्कृतिकर्मी शरद तैलंग ने सद्भावना संदेश देते हुए कहा कि देश-समाज में बढ़ती नफरत और अंधविश्वास ने युवा शक्ति के वास्तविक विकास को रोक दिया है। साहित्य ही इस अंधेरे से युवा पीढ़ी को मुक्ति दिला सकता है।विशिष्ट अतिथि कमर आबदी ने "विकल्प" की इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया। वहीं बिगुल जैन ने साहित्यकारों से प्रकृति से गहरा जुड़ाव बनाने का आग्रह किया। शकूर अनवर की ग़ज़लों के फोल्डर का लोकार्पण प्रथम सत्र के समापन पर शकूर अनवर की नवीनतम ग़ज़लों के फोल्डर "यह तो एक शहर रोशनी का था" का लोकार्पण किया गया। विशिष्ट अतिथि फानी जोधपुरी ने इन ग़ज़लों को इंसानियत के दर्द, करुणा और जीवन-संघर्ष से लबरेज़ बताया। काव्य गोष्ठी में बिखरे भावों के रंग दूसरे सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी ने समारोह को यादगार बना दिया। नगर के प्रतिनिधि कवियों-शायरों ने अपनी रचनाओं से माहौल को भावुक और विद्रोही स्वरों से भर दिया। मयंक सोलंकी (ग़ज़लकार) ने "कौन सुने दिल की आवाज़, बस्ती बस्ती जंगल राज़" बद्री लाल दिव्य (हाड़ौती व्यंग्य) ने "बदल्यो बदल्यो सौ दीखे छै म्हाने अब इंसान" डॉ. ज़ेबा फिज़ा ने "ये साजिश हवा की थी या कोई और बात थी, क्यों उसके घर की सिम्त ही मेरा उड़ा पतंग" वेद प्रकाश 'परकास' ने ग़म मिला है ज़िंदगी को" सुनाकर समां बांध दिया। वहीं शकूर अनवर ने स्वयं अपने फोल्डर से "मुहब्बत में झमेले पड़ गए हैं, दिलों के बीच झगड़े पड़ गए हैं" जैसे शेर सुनाए। इनके अलावा ओम कटारा ने विद्रोही तेवर का गीत सुनाया।गोष्ठी में कमर आब्दी, सीमा तबस्सुम, महेंद्र नेह, सिराज अहमद फारूकी, राजेंद्र पंवार, डॉ. कृष्णा कुमारी, हलीम आईना, फानी जोधपुरी सहित दर्जनों कवियों ने अपनी रचनाओं से मंच को ऊँचाई प्रदान की। गोष्ठी की अध्यक्षता रघुराज सिंह कर्मयोगी ने की तथा संचालन का दायित्व चांद शेरी ने कुशलता पूर्वक निभाया। यह समारोह न केवल साहित्यिक था, बल्कि वर्तमान सामाजिक चुनौतियों के बीच सद्भावना और मानवता की पुकार भी बन गया।
- ग्राम नरसिंगपुरा पंचायत केरवालिया तहसील अटरू डिस्टिक बारां यह हमारे गांव का व समसान घाट का रास्ता है जिस पर निकलने पर गांव के लोगो को बहुत परेशानी आती इसकी हमने गांव के सरपंच को भी बोल दिया है लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है इसलिए मंत्री जी से मेरी गुजारिश है कि इस रास्ते पर कोई कारेवाई कि जाये1
- Shihor khelo ka mahakum.1
- Post by Gyanender Sing1
- message for everyone. Physical and mental health.1
- गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर ब्लॉक स्तरीय बैठक संपन्न छीपाबड़ौद - छीपाबड़ौद में 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस समारोह को प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी गरिमामय रूप से मनाए जाने के संबंध में उपखण्ड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल की अध्यक्षता में गुरुवार को पंचायत समिति सभाकक्ष में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार भार्गव,ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी हरि सिंह मीणा, सहायक विकास अधिकारी हरिश यादव,विद्युत विभाग JEN जे ई एन अजय कुमार मीणा,पुलिस थाने से एसआई मोहम्मद इस्लाम,कृषि विभाग से मोरध्वज मेघवाल,सहित अन्य विभिन्न विभागों के ब्लॉक लेवल अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान उपखण्ड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल द्वारा ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से पिछले वर्ष मनाए गए गणतंत्र दिवस समारोह के संबंध में चर्चा करते हुए इस वर्ष आयोजित किए जाने वाले गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों के संबंध में जानकारी एकत्रित की गई। गणतंत्र दिवस समारोह की रूपरेखा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समय-सीमा, समय-सारिणी एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया । बैठक में ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम के आयोजन के लिए बस स्टैंड स्थित खेल मैदान को चयनित किया गया। साथ ही व्यवस्था के अंतर्गत उपहार, स्वल्पाहार,पंडाल,जल व्यवस्था,पत्रकारों, छात्र-छात्राओं, महिलाओं,अतिथियों,अधिकारियों एवं नगर के गणमान्य नागरिकों की बैठक व्यवस्था पर चर्चा की गई। इसके अलावा कार्यक्रम में ब्लॉक स्तरीय प्रतिभाओं को आमंत्रित कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। अंत में उपखण्ड अधिकारी द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित करने के निर्देश दिए गए।5
- हमारे गांव डेकवा मैं आम रास्तों की दुर्दशा बहुत खराब हो रही है जिससे आम आदमी बारिश के समय खेतों पर जाने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है1
- श्री भागवत कथा कमल किशोर भागवत कथा बकानी में किया जा रहा है 15 जनवरी से 21 जनवरी 7 दिन की कथा श्री1
- Bhastrika pranayam at mobile point subhas park chhipabarod1
- देवरी रोड पर शामगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कार से 300 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जब्त, तस्कर गिरफ्तार।1