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हमारे गांव डेकवा मैं आम रास्तों की दुर्दशा बहुत खराब हो रही है जिससे आम आदमी बारिश के समय खेतों पर जाने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है
Hemachal meena Wad Panch Dekwa
हमारे गांव डेकवा मैं आम रास्तों की दुर्दशा बहुत खराब हो रही है जिससे आम आदमी बारिश के समय खेतों पर जाने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है
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- Ajeet meena baingna1
- ग्राम पंचायत सिमरिया पोस्ट दीगोद पास के गांव कराडिया गांव बैरवा बस्ती में कहीं सालों से रोड नहीं बनता ग्राम वासी पानीमें निकल के जाते हैं यहां के सरपंच प्रधान कोई भी नहीं सुन रहा है रोड पर निकलना मुश्किल हो रहा है पानी बहुत भरा रहता है ना लिया जा में निकलने की जगह नहीं है रात को चोरी छुपे वीडियो बनाया है1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- सिकराय: परिजनों की डांट से आहत छात्र लापता, घूमना गांव में मामा के खेत पहुंचा सुरक्षित मानपुर थाना क्षेत्र के नामनेर गांव से कक्षा 10 में पढ़ने वाला एक बालक कल लापता हो गया। बालक सुबह विद्यालय जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन न तो विद्यालय पहुंचा और न ही घर लौटा। परिजनों ने विद्यालय, आसपास के क्षेत्रों व रेलवे स्टेशनों पर तलाश की और पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी कैमरों की जांच के बावजूद बालक का कोई सुराग नहीं मिल सका। मानपुर थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि बालक अपने मामा के गांव घूमना में खेत की झोपड़ी पर पहुंचा। वहां अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। बालक को सिकराय उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उपचार के बाद बालक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अनुसार बोर्ड कक्षा की पढ़ाई को लेकर परिजनों की डांट से आहत होकर बालक घर से निकल गया था।1
- खुले आकाश में उड़ाए शांति के प्रतीक सफेद कबूतर -हस्ताक्षर युक्त रंग-बिरंगी पतंगों से सतरंगी हुआ आसमान -मकर संक्रांति पर 'विकल्प' ने दिया सद्भावना का संदेश कोटा कोटा में मकर संक्रांति पर जन सांस्कृतिक मंच "विकल्प" की तरफ से शायर शकूर अनवर के शिवपुरा स्थित घर में एक भव्य सद्भावना समारोह का आयोजन किया। खुले आकाश में शांति के प्रतीक सफेद कबूतरों को उड़ाकर और हस्ताक्षर युक्त रंग-बिरंगी पतंगों को आसमान में लहराकर साहित्यकारों ने प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव का मार्मिक संदेश दिया। पूरा समारोह उत्साह, उमंग और साहित्यिक जोश से भरपूर रहा। समारोह के प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर अनीता वर्मा ने कहा कि आज के दौर में मानवीय मूल्यों की लगातार गिरावट साहित्यकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने आह्वान किया कि साहित्यकारों को प्रेमचंद की परंपरा में समाज की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करते हुए उच्च आदर्शों की स्थापना करनी होगी। साहित्य में वंचित वर्ग के प्रति निश्छल प्रेम और संवेदना की भाषा गूंजनी चाहिए। मुख्य अतिथि विजय सिंह पालीवाल ने अपने उद्बोधन में वर्तमान साहित्य पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज का अधिकांश साहित्य आत्ममुग्धता के संकीर्ण दायरे में सिमट गया है, जिसमें आम जन की जिंदगी की धड़कनें सुनाई नहीं देतीं। साहित्य को बाजारवाद की गिरफ्त से मुक्त होकर इंसानी संवेदनाओं को सर्वोच्च स्थान देना होगा।संस्कृतिकर्मी शरद तैलंग ने सद्भावना संदेश देते हुए कहा कि देश-समाज में बढ़ती नफरत और अंधविश्वास ने युवा शक्ति के वास्तविक विकास को रोक दिया है। साहित्य ही इस अंधेरे से युवा पीढ़ी को मुक्ति दिला सकता है।विशिष्ट अतिथि कमर आबदी ने "विकल्प" की इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया। वहीं बिगुल जैन ने साहित्यकारों से प्रकृति से गहरा जुड़ाव बनाने का आग्रह किया। शकूर अनवर की ग़ज़लों के फोल्डर का लोकार्पण प्रथम सत्र के समापन पर शकूर अनवर की नवीनतम ग़ज़लों के फोल्डर "यह तो एक शहर रोशनी का था" का लोकार्पण किया गया। विशिष्ट अतिथि फानी जोधपुरी ने इन ग़ज़लों को इंसानियत के दर्द, करुणा और जीवन-संघर्ष से लबरेज़ बताया। काव्य गोष्ठी में बिखरे भावों के रंग दूसरे सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी ने समारोह को यादगार बना दिया। नगर के प्रतिनिधि कवियों-शायरों ने अपनी रचनाओं से माहौल को भावुक और विद्रोही स्वरों से भर दिया। मयंक सोलंकी (ग़ज़लकार) ने "कौन सुने दिल की आवाज़, बस्ती बस्ती जंगल राज़" बद्री लाल दिव्य (हाड़ौती व्यंग्य) ने "बदल्यो बदल्यो सौ दीखे छै म्हाने अब इंसान" डॉ. ज़ेबा फिज़ा ने "ये साजिश हवा की थी या कोई और बात थी, क्यों उसके घर की सिम्त ही मेरा उड़ा पतंग" वेद प्रकाश 'परकास' ने ग़म मिला है ज़िंदगी को" सुनाकर समां बांध दिया। वहीं शकूर अनवर ने स्वयं अपने फोल्डर से "मुहब्बत में झमेले पड़ गए हैं, दिलों के बीच झगड़े पड़ गए हैं" जैसे शेर सुनाए। इनके अलावा ओम कटारा ने विद्रोही तेवर का गीत सुनाया।गोष्ठी में कमर आब्दी, सीमा तबस्सुम, महेंद्र नेह, सिराज अहमद फारूकी, राजेंद्र पंवार, डॉ. कृष्णा कुमारी, हलीम आईना, फानी जोधपुरी सहित दर्जनों कवियों ने अपनी रचनाओं से मंच को ऊँचाई प्रदान की। गोष्ठी की अध्यक्षता रघुराज सिंह कर्मयोगी ने की तथा संचालन का दायित्व चांद शेरी ने कुशलता पूर्वक निभाया। यह समारोह न केवल साहित्यिक था, बल्कि वर्तमान सामाजिक चुनौतियों के बीच सद्भावना और मानवता की पुकार भी बन गया।1
- आर्मी परेड में लगे पाकिस्तान बड़वा हे के नारे1
- Post by मनोज तिवाड़ी3
- सिकराय: लांका हुकाली घाटी में बीती रात पैंथर ने एक गाय का शिकार कर लिया। घटना के बाद लालसार–दौसा मार्ग पर पैंथर की लगातार मूवमेंट से क्षेत्र में दहशत फैल गई गाय के शिकार के दौरान सड़क मार्ग पर काफी देर तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। प्रत्यक्षदर्शी इलियास खान के अनुसार एक नहीं बल्कि दो पैंथरों की गतिविधि देखी गई, जिनमें से एक पैंथर गाय का शिकार करने के बाद करीब एक घंटे तक सड़क पर ही बैठा रहा। वाहन में बैठे इलियास खान ने कार से पैंथर का वीडियो भी बनाया। पैंथर के सड़क से हटने के बाद ही यातायात सुचारु हो सका। लांका सहित आसपास के गांवों में पैंथर की मूवमेंट से पशुपालकों में भय का माहौल बना हुआ है, इलियास आ रहा था अपने दोस्तों के साथ रिश्तेदारी में से अपने गांव लाका में, तभी सिकंदरा थाना अंतर्गत लाका के हुकाली की घाटी में देखा पैंथर1
- कोटा ट्रैवल मार्ट मारो प्यारो राजस्थान2