अयोध्या में समाजवादी पार्टी की महिला सभा की महानगर अध्यक्ष अपर्णा जायसवाल ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पुत्री को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इन टिप्पणियों को न केवल निंदनीय बताया, बल्कि इन्हें सामाजिक और राजनीतिक मर्यादाओं के विरुद्ध भी करार दिया। मीडिया से बात करते हुए अपर्णा जायसवाल ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी भी नेता के परिवार, खासकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जो सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं, चेतावनी दी कि जनता ऐसे लोगों को उचित जवाब देना जानती है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए व्यक्तिगत हमलों और अभद्र भाषा का सहारा ले रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सपा नेत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए, न कि परिवारों और महिलाओं को निशाना बनाकर राजनीतिक माहौल को दूषित करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि समाजवादी पार्टी हमेशा महिलाओं के सम्मान और गरिमा के मुद्दे पर मुखर रही है और ऐसे मामलों का भविष्य में भी पुरजोर विरोध जारी रखेगी। अंत में, उन्होंने मांग की कि सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी भविष्य में ऐसी हरकत करने का दुस्साहस न कर सके।
अयोध्या में समाजवादी पार्टी की महिला सभा की महानगर अध्यक्ष अपर्णा जायसवाल ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पुत्री को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इन टिप्पणियों को न केवल निंदनीय बताया, बल्कि इन्हें सामाजिक और राजनीतिक मर्यादाओं के विरुद्ध भी करार दिया। मीडिया से बात करते हुए अपर्णा जायसवाल ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी भी नेता के परिवार, खासकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जो सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं, चेतावनी दी कि जनता ऐसे लोगों को उचित जवाब देना जानती है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए व्यक्तिगत हमलों और अभद्र भाषा का सहारा ले रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सपा नेत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए, न कि परिवारों और महिलाओं को निशाना बनाकर राजनीतिक माहौल को दूषित करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि समाजवादी पार्टी हमेशा महिलाओं के सम्मान और गरिमा के मुद्दे पर मुखर रही है और ऐसे मामलों का भविष्य में भी पुरजोर विरोध जारी रखेगी। अंत में, उन्होंने मांग की कि सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी भविष्य में ऐसी हरकत करने का दुस्साहस न कर सके।
- हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर राम जन्मभूमि ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग करने की मांग की है। उनका कहना है कि ट्रस्ट में करोड़ों रुपये के दान की धनराशि की हेराफेरी, गबन और चोरी की घटनाएं हुई हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह है। पत्र में ट्रस्ट पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें अयोध्या में जमीनों की खरीद में घोटाला, फर्जी चेक के माध्यम से ट्रस्ट के बैंक खाते से पैसे निकाले जाने की घटना और मंदिर के दानपात्र से करोड़ों रुपये की चोरी शामिल है, जिसमें मंदिर के ही कार्यरत कर्मचारियों को पकड़ा गया है। इसके अलावा, राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान एकत्र किए गए लगभग 1400 करोड़ रुपये का हिसाब न दिए जाने और दान में मिले सोने-चांदी की ईंटों व अन्य आभूषणों का कोई लेखा-जोखा न होने पर भी सवाल उठाए गए हैं। श्री पांडेय ने जोर दिया है कि चूंकि राम जन्मभूमि का ऐतिहासिक निर्णय और ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार किया गया था, इसलिए इसे भंग करने और इसकी गहन जांच कराने का अधिकार भी केवल सुप्रीम कोर्ट को ही है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि राज्य सरकार और 'संघ' द्वारा गुप्त रूप से करवाई जा रही जांच निष्पक्ष नहीं होगी, क्योंकि अयोध्या के प्रमुख संत इस जांच से नाराज और असंतुष्ट हैं, और मीडिया के सम्मुख स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि 'जो चोर है वहीं जांच करवाएंगे तो भला जांच निष्पक्ष कैसे हो सकती है भला?' उनका मानना है कि यह जांच केवल लीपापोती और खानापूर्ति साबित होगी, और केवल सुप्रीम कोर्ट ही रिटायर्ड न्यायाधीशों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवा सकता है। इसी आधार पर, हिंदू महासभा ने ट्रस्ट को तुरंत भंग कर गहन व निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- अयोध्या में जिला अध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने एक बेबाक बयान देते हुए दावा किया है कि असली पिछड़े और दलित उनके साथ हैं।1
- अयोध्या में ‘कथा वाचक कांड’ को लेकर एक नया तूफान खड़ा हो गया है, जहाँ सनसनीखेज आरोपों के सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है। इस पूरे मामले में सिस्टम की कार्रवाई पर एक बार फिर से बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच, मामले की पीड़िता ने SSP से अपनी आखिरी पुकार लगाई है। पीड़िता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला, तो वह एक खौफनाक कदम उठाने को मजबूर होगी।1
- अयोध्या में समाजवादी पार्टी की महिला सभा की महानगर अध्यक्ष अपर्णा जायसवाल ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पुत्री को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इन टिप्पणियों को न केवल निंदनीय बताया, बल्कि इन्हें सामाजिक और राजनीतिक मर्यादाओं के विरुद्ध भी करार दिया। मीडिया से बात करते हुए अपर्णा जायसवाल ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी भी नेता के परिवार, खासकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जो सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं, चेतावनी दी कि जनता ऐसे लोगों को उचित जवाब देना जानती है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए व्यक्तिगत हमलों और अभद्र भाषा का सहारा ले रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सपा नेत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए, न कि परिवारों और महिलाओं को निशाना बनाकर राजनीतिक माहौल को दूषित करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि समाजवादी पार्टी हमेशा महिलाओं के सम्मान और गरिमा के मुद्दे पर मुखर रही है और ऐसे मामलों का भविष्य में भी पुरजोर विरोध जारी रखेगी। अंत में, उन्होंने मांग की कि सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी भविष्य में ऐसी हरकत करने का दुस्साहस न कर सके।1
- अयोध्या धाम के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 15 जून को 'यात्री सुविधा दिवस' का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष दिन को यात्रियों की सुविधा, सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता को केंद्र में रखकर विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। कार्यक्रम की शुरुआत अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों के पारंपरिक स्वागत के साथ होगी, जिसमें उनका तिलक लगाकर अभिनंदन किया जाएगा। इसके बाद एयरपोर्ट के अधिकारी और कर्मचारी मिलकर 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गायन करेंगे। पर्यावरण संरक्षण के तहत यात्रियों को पौधे वितरित किए जाएंगे और यात्रियों व कर्मचारियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर को यादगार बनाने के लिए एयरपोर्ट परिसर में एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किया जा रहा है। अवध की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को स्थानीय संस्कृति की झलक मिल सकेगी। जनजागरूकता अभियानों के तहत प्लास्टिक मुक्त वातावरण और सुरक्षा संबंधी विषयों पर नुक्कड़ नाटक भी मंचित किए जाएंगे। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए एयरपोर्ट पर कार्यरत महिला कर्मचारियों का विशेष सम्मान समारोह आयोजित कर उनके योगदान को सराहा जाएगा। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, इस 'यात्री सेवा दिवस' का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सरोकारों के प्रति लोगों को प्रेरित करना है। यह आयोजन अयोध्या आने वाले सभी श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए एक विशेष और यादगार अनुभव साबित होगा।2
- अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के डायरेक्टर धीरेंद्र सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 15 जून को 'यात्री सुविधा दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। इस विशेष अवसर पर हवाई अड्डे पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एयरपोर्ट के प्रबंधक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि 15 जून को हवाई अड्डे पर आने वाले सभी यात्रियों का टीका लगाकर स्वागत किया जाएगा। इस दौरान यात्री, सीआईएसएफ, एएआई और एयरलाइन स्टाफ द्वारा वंदे मातरम का गायन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों के लिए एक निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी होगा। कार्यक्रमों की सूची में कॉलेजों में वृक्षारोपण, हाउसकीपिंग स्टाफ का सम्मान, सेल्फी पॉइंट, पेंटिंग, क्विज और ड्राइंग प्रतियोगिताएं, करियर काउंसलिंग, तथा प्लास्टिक मुक्त वातावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक शामिल हैं। सुरक्षा संबंधी विषयों पर भी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे और एयरपोर्ट पर कार्यरत महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। इन सबके अलावा भी कई अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।1
- अयोध्या में एक जन चौपाल का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ पूर्व सांसद लल्लू सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर जनसुनवाई करेंगे। यह कार्यक्रम 13 जून, शनिवार को शाम 6:00 बजे वार्ड नम्बर 6, नासिरपुर मूसी में राकेश पांडेय 'राना' चेयरमैन के आवास पर आयोजित होगा। इस जन चौपाल में तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी बीकापुर, अयोध्या ने इस कार्यक्रम का निवेदन किया है।1
- अलंकार अग्निहोत्री ने एक बेबाक इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर कहा है कि अब रैलियों में कोई नहीं आता। यह इंटरव्यू चुनावी अपडेट्स और राजनीतिक चर्चा के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।1