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भगवान को कौन-कौन मानते हैं
Singer Ravi Tiger
भगवान को कौन-कौन मानते हैं
- Ahjad Aliभरथना, इटावा, उत्तर प्रदेशye fake he9 hrs ago
- Shuru UserMeghalaya😡3 hrs ago
- User4802Barwala St, Panchkula💣3 hrs ago
- User7824Hilsa, Nalanda🙏7 hrs ago
- Rakesh Orson OraonBariyatu, Latehar🙏9 hrs ago
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- नवादा में ही रही वाहनों की सघन जांच #सतर्कता बरते नहीं तो कट जाएगा चालान #बाइक सवार हेलमेट और चारपहिया वाहन सवार सीट बेल्ट का इस्तेमाल अवश्य करें...!1
- Post by Shrikant Tiwari1
- हिसुआ पावर हाउस का ग्रामीणों ने किया घेराव, 10 दिनों से बिजली बाधित होने पर फूटा गुस्सा संजय वर्मा हिसुआ प्रखंड के हदसा पंचायत स्थित अमढी गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार को बिजली संकट से त्रस्त होकर हिसुआ पावर हाउस का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गांव में पिछले 10 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं रहने के कारण पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई है। लोग दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। वहीं, पशुओं—गाय, बैल आदि—को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे स्थिति और भी गंभीर बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभाग को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। समस्या से नाराज ग्रामीणों ने हिसुआ विधायक अनिल सिंह से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाई। इसके बाद विधायक स्वयं पावर हाउस पहुंचे और मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके पर अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संबंधित जेई (जूनियर इंजीनियर) के नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। विधायक अनिल सिंह ने कहा कि वे कई घंटों से पावर स्टेशन पर मौजूद हैं, लेकिन जेई का कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने विभागीय लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने वरीय अधिकारियों से भी बातचीत कर जल्द समाधान का आश्वासन दिलाने की बात कही। इधर, अमढी गांव के दर्जनों ग्रामीण सुबह से ही पावर हाउस पर डटे रहे और बिजली बहाल होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। घंटों इन्तेजार करने के बाद भी जेइ नहीं आया,बिजली विभाग के S D O के आने के बाद विधायक ने लोगों को दिए गए आवेदन की जांच के दौरान पूनह समस्या के समाधान के लेकर अमढी गांव पहुचें मौके पर जिला परिषद सदस्य उमेश यादव, विधायक प्रतिनिधि बिगन सिंह हदसा मुखिया राहुल सिंह ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मंजू देवी, रीता देवी, कैली देवी, सुनीता देवी, रिंकू देवी, रवि चौधरी, अशोक कुमार, बीपीन सिंह, संजय चौधरी, दिलीप चौधरी, महेश चौधरी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- Mathura में सनसनीखेज मामला | 17 वर्षीय नाबालिग ने पंडित पर लगाया दुष्कर्म का आरोप 🚨 Mathura से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने एक पंडित पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। 👉 पीड़िता ने रोते हुए अपनी आपबीती बताई 👉 पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है 👉 आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग ⚠️ ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना कानूनन जरूरी है ⚠️ दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है 💬 आपकी क्या राय है? Comment में जरूर बताएं1
- नालंदा जिला के गिरियक प्रखंड स्थित वी आर सक्सेस प्वाइंट कोचिंग सेंटर में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 10वीं, 12वीं बोर्ड, JEE Mains व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन राजगीर विधायक कौशल किशोर, मुख्य पार्षद मोना देवी व बिपिन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं और उन्हें मेहनत व अनुशासन बनाए रखना चाहिए। वहीं मुख्य पार्षद ने ऐसे आयोजनों को छात्रों के लिए प्रेरणादायक बताया।1
- अस्थावां में सेरत बंदोबस्ती पर बवाल! दो संवेदक आमने-सामने, एंकर, नालंदा जिले के अस्थावां नगर पंचायत में व्यावसायिक वाहनों की सेरत बंदोबस्ती को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दो संवेदक आमने-सामने हैं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बताया जा रहा है कि अस्थावां नगर पंचायत में व्यावसायिक वाहनों की सेरत बंदोबस्ती की प्रक्रिया 8 अप्रैल को आयोजित की गई थी, जिसमें दो संवेदकों ने हिस्सा लिया। प्रक्रिया के बाद एक पक्ष के संवेदक अजीत बिहार ने दावा किया कि बंदोबस्ती उनके पक्ष में कर दी गई है। वहीं, दूसरे पक्ष के संवेदक विनय कुमार ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे नियमों के खिलाफ बताया है। विनय कुमार का आरोप है कि बंदोबस्ती के दौरान जरूरी दस्तावेज, खासकर आयकर रिटर्न से जुड़े कागजात, पूरी तरह प्रस्तुत नहीं किए गए थे, इसके बावजूद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। मामले को बढ़ता देख कार्यपालक अभियंता ने हस्तक्षेप किया और सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 9 अप्रैल की तिथि तय की। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई है। फिलहाल दोनों पक्ष आमने-सामने हैं और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इस पूरे विवाद को लेकर नगर पंचायत में हलचल तेज है और स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का माहौल गर्म है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सेरत बंदोबस्ती किसे मिलती है। क्या प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी होगी या विवाद और गहराएगा—इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
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