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विराटनगर कस्बे के लाखावाला (छितौली) में बाबा की कृपा से सभी बीमारियों का झाड़ा दिया जाता,हजारों दुखी भगत आते है लेकिन जहा झाड़ा दिया जाता,झाड़ा लगवाने के लिए लगी हुई है यहां पर कैंसर पथरी और किसी भी प्रकार के जोड़ों का दर्द का झाड़ा दिया जाता है#कोटपुतली-बहरोड़#राजस्थान#
Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
विराटनगर कस्बे के लाखावाला (छितौली) में बाबा की कृपा से सभी बीमारियों का झाड़ा दिया जाता,हजारों दुखी भगत आते है लेकिन जहा झाड़ा दिया जाता,झाड़ा लगवाने के लिए लगी हुई है यहां पर कैंसर पथरी और किसी भी प्रकार के जोड़ों का दर्द का झाड़ा दिया जाता है#कोटपुतली-बहरोड़#राजस्थान#
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- हमने हीरालाल सर से बात की की मोटापा क्यों हो रहा है और लोगों में हार्ट वाली समस्या क्यों हो रही है इतनी ज्यादा और इनसे बचने का उपाय क्या है । #heart #attack #motapa #fat #koitputli #local #hindinews #jks #xyz #harsors #vestige #training #NewDelhi1
- राजगढ़ ऐतिहासिक एवं प्राचीन कुण्ड पर दो दिवसीय गणगौर का मेला शनिवार से शुरू हुआ। इस अवसर पर घर-घर में महिलाओं ने ईशर-गणगौर की पूजा-अर्चना परम्परागत रूप से की। नगरपालिका की ओर से कस्बे के गोविन्द देवजी मन्दिर से शनिवार की सायं बैण्ड-बाजों, ढोल-नगाड़ों ऊंट व घोड़ों के साथ ईशर-गणगौर की सवारी एवं ईशर - गणगौर एवं राम दरबार तथा सीता माता तथा घोड़ों पर राम, लक्ष्मण, हनुमान जी की आकर्षक झांकियां मन्दिर के महन्त गोस्वामी दिलीप मुखर्जी के सानिध्य में शुरू हुई। यह सवारी कस्बे के मुख्य मार्गो से होती हुई ऐतिहासिक 'कुण्ड' पर देर शाम पहुंची। गोविन्द देवजी मन्दिर के महन्त दिलीप मुखर्जी, किशोर मुखर्जी, बृजेन्द्र अवस्थी, जगमोहन शर्मा, अशोक पालीवाल, नवल किशोर शर्मा, पूर्व पार्षद अनिल गुप्ता, पवन सिंह नरूका सहित कई लोगों की मौजूदगी में पण्डित ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ईशर-गणगौर की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना की। ईशर गणगौर का मेला देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।4
- Post by Janta Seva841
- जयपुर में यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध की गतिविधियाँ तेज होती नजर आ रही हैं। हाल ही में शहर में कुछ संगठनों और सामाजिक समूहों द्वारा सांसदों के खिलाफ नाराज़गी व्यक्त की गई और उनके घेराव की तैयारियों की चर्चा सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि University Grants Commission (यूजीसी) से जुड़े फैसलों पर कई जनप्रतिनिधि खुलकर अपनी राय नहीं रख रहे हैं। इसको लेकर विभिन्न समाजों में असंतोष बढ़ता दिख रहा है। कुछ समूहों ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील भी की है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है, यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा स्पष्ट रुख सामने नहीं आता। प्रशासन की ओर से फिलहाल शांति बनाए रखने की अपील की गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, अब तक इस मुद्दे पर संबंधित सांसदों या अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस विषय पर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।1
- Post by महेंद्र सिंह2
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