पुलिस अधीक्षक बाराबंकी द्वारा शुक्रवार की साप्ताहिक परेड की सलामी लेने के पश्चात परेड का निरीक्षण कर सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए आज दिनांक- 06.02.2026 को पुलिस अधीक्षक, बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित परेड ग्राउण्ड में शुक्रवार की परेड की सलामी ली गई, तत्पश्चात परेड में उपस्थित समस्त पुलिसकर्मियों को शारीरिक व मानसिक रुप से फिट रहने हेतु दौड़ कराई गयी व पुलिसकर्मियों का टर्न आउट चेक करते हुए अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने हेतु ड्रिल की कार्यवाही कराई गयी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने रिक्रूट आरक्षियों की परेड, अनुशासन एवं शारीरिक क्षमता की भी समीक्षा की गई तथा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक द्वारा यूपी 112 पीआरवी वाहनों का निरीक्षण कर संबंधित पीआरवी के मानक के अनुसार समस्त आवश्यक उपकरणों को अपने पास रखने व उनके सुव्यवस्थित रखरखाव व साफ सफाई हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर श्री संगम कुमार, प्रतिसार निरीक्षक श्री राजेश कुमार आदि अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक बाराबंकी द्वारा शुक्रवार की साप्ताहिक परेड की सलामी लेने के पश्चात परेड का निरीक्षण कर सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए आज दिनांक- 06.02.2026 को पुलिस अधीक्षक, बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित परेड ग्राउण्ड में शुक्रवार की परेड की सलामी ली गई, तत्पश्चात परेड में उपस्थित समस्त पुलिसकर्मियों को शारीरिक व मानसिक रुप से फिट रहने हेतु दौड़ कराई गयी व पुलिसकर्मियों का टर्न आउट चेक करते हुए अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने हेतु ड्रिल की
कार्यवाही कराई गयी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने रिक्रूट आरक्षियों की परेड, अनुशासन एवं शारीरिक क्षमता की भी समीक्षा की गई तथा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक द्वारा यूपी 112 पीआरवी वाहनों का निरीक्षण कर संबंधित पीआरवी के मानक के अनुसार समस्त आवश्यक उपकरणों को अपने पास रखने व उनके सुव्यवस्थित रखरखाव व साफ सफाई हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर श्री संगम कुमार, प्रतिसार निरीक्षक श्री राजेश कुमार आदि अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- बाराबंकी - ट्रिपल ड्रग थेरेपी अपनाकर ही मिलेगा हाथीपांव जैसी बीमारी से स्थायी छुटकारा बाराबंकी। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 10 से 28 फ़रवरी तक चलने वाले आईडीए (ट्रिपल ड्रग थैरेपी) अभियान 2026 को सफल बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को लखनऊ–अयोध्या रोड स्थित रॉयल ऑर्किड में मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया के पत्रकारों के साथ स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डब्ल्यूएचओ व पीसीआई के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके श्रीवास्तव रहे। वहीं वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के स्टेट प्रतिनिधि डॉ. नित्यानंद ठाकुर तथा पीसीआई के प्रतिनिधि खालिद ने भी अभियान की महत्व पर प्रकाश डाला। यहां अधिकारियों ने स्वीकार किया कि शासन के तमाम प्रयासों के बावजूद जनपद में फाइलेरिया के नए केस पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाए हैं। इसी कारण जिले में विशेष निगरानी रखते हुए सघन अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि बाराबंकी को फाइलेरिया मुक्त घोषित करना है तो हर पात्र व्यक्ति को ट्रिपल ड्रग थेरेपी अपनानी होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस थेरेपी से शरीर पर कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होता और न ही अन्य दवाओं के साथ इसे लेने से कोई नुकसान है। लोगों से अपील की गई कि वे बिना डर के दवा का सेवन करें। *16 लाख से अधिक आबादी को दवा देने का लक्ष्य* जानकारी के अनुसार जिले के ब्लॉक दरियाबाद, देवा, जाटाबरौली, हरख, रामनगर, सिद्धौर, और बाराबंकी नगर क्षेत्र की कुल 16 लाख 95 हजार 911 आबादी को ट्रिपल ड्रग थेरेपी देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए 1357 टीमें गठित की गई हैं, जिन पर 226 सुपरवाइजर दिन-रात निगरानी रखेंगे ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा से वंचित न रहे। *हमारा संकल्प – फाइलेरिया से मुक्ति* कार्यशाला में अभियान का संदेश दोहराया गया- "हमारा संकल्प – फाइलेरिया से मुक्ति।” बताया गया कि फाइलेरिया मच्छरों से फैलने वाली गंभीर बीमारी है, जिसके लक्षण वर्षों बाद सामने आते हैं और समय पर इलाज न होने पर स्थायी विकलांगता का कारण बन सकते हैं। उन्मूलन के लिए जरूरी है कि कम से कम 90 प्रतिशत पात्र आबादी दवा का सेवन करे। *पाँच स्तम्भों पर आधारित रणनीति* अधिकारियों ने एलएफआईएमडीए कार्यक्रम की पाँच स्तम्भीय रणनीति की जानकारी दी— *सर्वजन दवा सेवन* 10 से 28 फरवरी के बीच घर-घर जाकर आशा कार्यकर्ता पात्र लोगों को अपने सामने दवा खिलाएंगी। दो वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति इससे बाहर रखे गए हैं। *अंतर-विभागीय समन्वय* स्वास्थ्य के साथ शिक्षा, पंचायती राज, शहरी व ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास विभाग भी अभियान में सहयोग कर रहे हैं। *जनजागरूकता* नुक्कड़ नाटक, पोस्टर-बैनर, दीवार लेखन और समुदाय आधारित कार्यक्रमों से भ्रांतियां दूर की जा रही हैं। *जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन* आयुष्मान आरोग्य मंदिर, ग्राम प्रधान, कोटेदार, शिक्षक, आशा, आंगनबाड़ी व स्वयंसेवक अभियान को मजबूती दे रहे हैं। *निगरानी व सुरक्षा :* दवा स्वास्थ्यकर्मी के सामने खिलाई जाएगी और किसी भी दुष्प्रभाव पर तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। *अधिकारियों की अपील* जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुजाता ने बताया कि जिन घरों में लोग दवा नहीं खाते, वहां टीमें दोबारा जाकर उन्हें जागरूक करती हैं और दवा सेवन कराती हैं। डॉ. डीके श्रीवास्तव ने कहा, “फाइलेरिया दिखाई नहीं देता, लेकिन इसका असर गंभीर होता है। बीते एक वर्ष से जिले में ट्रिपल ड्रग थेरेपी पर काम चल रहा है। समय रहते दवा लेना बेहद जरूरी है।” उन्होंने आमजन से अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की। *मीडिया से विशेष भूमिका निभाने का अनुरोध* कार्यशाला में मीडिया से अपेक्षा जताई गई कि वह सही और वैज्ञानिक जानकारी जन-जन तक पहुंचाकर अफवाहों को खत्म करे और लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करे, ताकि बाराबंकी को जल्द से जल्द फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।1
- घरेलू कलह की आग में बुझ गई डॉक्टर की ज़िंदगी! क्लीनिक चलाने वाले चिकित्सक ने कमरे में मफलर से फांसी लगाकर दी जान, बाराबंकी में हड़कंप मसौली/बाराबंकी। बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र अंतर्गत देवकालिया गांव में बृहस्पतिवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। मौलाबाद में निजी क्लीनिक चलाने वाले 43 वर्षीय डॉ. संदीप कुमार का शव उनके ही घर के कमरे में मफलर से बने फंदे पर झूलता मिला। घटना सामने आते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। जिस व्यक्ति के क्लीनिक पर रोज़ बीमार अपनी आखिरी उम्मीद लेकर पहुंचते थे, वही डॉक्टर अपनी ज़िंदगी से हार गया—यह मंजर लोगों को अंदर तक हिला गया। मृतक के पिता के अनुसार डॉ. संदीप कुमार और उनकी पत्नी आरती देवी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। आए दिन की कहासुनी और तनाव ने परिवार की दीवारों के भीतर एक ऐसी आग सुलगा रखी थी, जो अब खौफनाक अंजाम तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि घटना से पहले भी घर में विवाद हुआ था। इसके बाद डॉक्टर कमरे में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर परिजनों को शक हुआ। जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य देख चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही मसौली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी कमरे का निरीक्षण किया। पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है, लेकिन घटना को संदिग्ध मानते हुए सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी गई है। पारिवारिक विवाद, मानसिक दबाव और अन्य कारणों की कड़ी जोड़कर पुलिस सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। थानाध्यक्ष मसौली अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। डॉ. संदीप कुमार अपने पीछे पत्नी और 10 वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। पिता की मौत के बाद मासूम बच्चे की हालत देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। यह घटना सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि उस चुप्पी की चीख है जो घरों के भीतर चल रहे तनाव को उजागर करती है। सवाल यह है कि आखिर सिस्टम और समाज कब ऐसे टूटते रिश्तों और मानसिक दबाव को समय रहते समझ पाएगा?3
- Post by शाहनवाज असलम जर्नलिस्ट1
- Post by Usama ansari1
- हमारे घर कर रास्ता है ये देख लो आप सभी लोग पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है आप लोग अगर आप खड़ंजा लगवा do तो आप लोगो की महान कृपा होंगी आपका आगया करी सिस्य सत्यम पाण्डेय मोबाइल नंबर 80815723781
- कैसरगंज तहसील क्षेत्र निवासी हत्या के मामले में निरुद्ध बंदी बिगड़ी तबीयत , इलाज के दौरान हुई मौत बहराइच ..जिला कारगार में हत्या के मामले में निरुद्ध एक बंदी की अचानक तबियत खराब हो गई । जेल में तैनात चिकित्सक की ओर से प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए जिला अस्पताल में भेजा गया , जहां पर उनकी मौत हो गई शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ।जरवल थाना क्षेत्र का रहने वाला अयूब उर्फ मैकु उम्र 70 वर्ष 1996 में इलाके में हुई हत्या के मामले आरोपी था । न्यायालय में दोष सिद्ध होने के बाद वो जिला कारगार में निरुद्ध था अचानक चक्कर आने के बाद वो बेहोश हो गया , कारागार के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भेजा गया इस दौरान उसकी मौत हो गई ।1
- आज वोट छीनेनवाले कल को जनता का बाक़ी सब भी छीन लेंगे। बाक़ी सब में भाजपाई भी शामिल होंगे, कोई बचेगा नहीं। भाजपाई भी याद रखें : ठगों का रिश्ता, सिर्फ़ ठगी से होता है और किसी से नहीं। इस कहते हैं: अंधेर नगरी, चौपट आयोग!1
- नौटंकी में नाच के दौरान दो गुटों में जमकर मारपीट, आधा दर्जन घायल बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र स्थित सायपुर गांव में नौटंकी के दौरान नृत्य को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए, जिनमें से एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह विवाद नौटंकी में नाचने वाली युवतियों को लेकर शुरू हुआ। पीड़ित नरेश की तहरीर के अनुसार, सायपुर निवासी राज पुत्र ब्रर्जेश नृतका को जबरन चंद्रभान के दरवाजे पर नचाने लगा चंद्रभान के यहां तिलक समारोह था समारोह था। जब इसका विरोध किया गया, तो राज ने बाहर से कुछ अज्ञात लोगों को बुलाकर हमला करवा दिया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर वार करने लगे। इस झड़प में परशुराम के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि रामनरेश के पैर में चोट लगी। रामसेवक, सनेही, चंदन, कविता और सुशील भी घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल रामसेवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। मसौली थाना प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित नरेश की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घायलों का उपचार जारी है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।2
- Post by Usama ansari1