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बाबा जी से उत्पीड़न भक्तों में आक्रोश मामला जिला बाराबंकी के तहसील फतेहपुर ग्राम इसरौली का है
शाहनवाज असलम जर्नलिस्ट
बाबा जी से उत्पीड़न भक्तों में आक्रोश मामला जिला बाराबंकी के तहसील फतेहपुर ग्राम इसरौली का है
- Takht Singh ShankhlaChittaurgarh, Chittorgarh🙏3 hrs ago
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- रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन बाराबंकी *बाराबंकी में युवक से मारपीट, माथे से जबरन मिटाया तिलक दरगाह पर चादर चढ़ाने आया था आरोपी गिरफ्तार* बाराबंकी में देवा शरीफ दरगाह के पास एक युवक के साथ मारपीट और उसके माथे से जबरन तिलक मिटाने का मामला सामने आया है। यह घटना गुरुवार की बताई जा रही है, जिसका वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। यह घटना देवा शरीफ दरगाह से करीब 70 मीटर दूर हुई। दशहराबाद निवासी हरीश शर्मा अपनी पड़ोसी मुस्लिम महिला के साथ दरगाह पर चादर चढ़ाने पहुंचे थे। पीड़ित के अनुसार, जब महिला दरगाह के अंदर गई, तब वह बाहर चने खाते हुए दरगाह की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ दुकानदारों में से एक ने उन्हें “ओए पंडित" कहकर रोका और उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने उन्हें थप्पड़ मारे, फिर जबरन पकड़कर सड़क किनारे स्थित एक दुकान पर ले गया। वहां उनके माथे पर लगे तिलक को पानी डालकर धुलवा दिया गया और हाथापाई की गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टोपी पहने एक व्यक्ति युवक को पकड़कर झुकाते और उसके माथे से तिलक मिटाते हुए दिखाई दे रहा है। घटना के बाद पीड़ित हरीश शर्मा ने देवा कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी के साथ इस तरह की घटना न हो। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और स्थिति सामान्य बनी हुई है। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं पुलिस प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने पर लगातार नजर रखे हुए है। फतेहपुर से रवि रावत की रिपोर्ट1
- Post by शाहनवाज असलम जर्नलिस्ट1
- Post by Usama ansari1
- हमारे घर कर रास्ता है ये देख लो आप सभी लोग पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है आप लोग अगर आप खड़ंजा लगवा do तो आप लोगो की महान कृपा होंगी आपका आगया करी सिस्य सत्यम पाण्डेय मोबाइल नंबर 80815723781
- बाराबंकी *कांवड़ियों की सुरक्षा हेतु सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़, सतत निगरानी के निर्देश : डीएम* *प्रशासन की व्यापक तैयारी, सुरक्षा व सुविधा के पुख्ता इंतजाम* *ठहराव के लिए रैन बसेरों व आश्रय स्थलों की व्यापक व्यवस्था* बाराबंकी 06 फरवरी-:शिवरात्रि (फाल्गुनी मेला–2026) के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी एवं पुलिस अधीक्षक श्री अर्पित विजयवर्गीय द्वारा लोधेस्वर महादेवा मेला क्षेत्र तहसील रामनगर का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने मंदिर परिसर, स्नान घाटों, दर्शन पथ, मेला क्षेत्र एवं प्रमुख आवागमन मार्गों पर की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को 05 जोन एवं 09 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में जोनल मजिस्ट्रेट तथा प्रत्येक सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इनके साथ उनके काउंटरपार्ट पुलिस अधिकारियों की भी तैनाती की गई है, जिससे प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक एवं प्रभावी इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, नियंत्रित प्रवेश-निकास व्यवस्था तथा निरंतर निगरानी की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम दर्शन की सुविधा प्राप्त हो सके। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु मेला क्षेत्र एवं उसके आसपास व्यापक स्तर पर रैन बसेरों एवं अस्थायी आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है। इन स्थलों पर पेयजल, स्वच्छता एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं/कांवड़ियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता इसके लिए सतत निगरानी के निर्देश दिए गए है। उन्होंने निर्देश दिए कि मेला अवधि के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय एवं सतत निगरानी के साथ कार्य करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र के सभी संवेदनशील स्थलों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। समस्त सीसीटीवी फीड की सतत मॉनिटरिंग हेतु कंट्रोल रूम को 24×7 क्रियाशील रखा जाएगा। उन्होंने प्रभावी बैरिकेडिंग, निरंतर पुलिस गश्त एवं संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा श्रद्धालुओं एवं उपस्थित पत्रकार बंधुओं से मेला व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक भी लिया गया, जिसमें सभी ने एक स्वर में प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। इस दौरान सीडीओ श्री अन्ना सुदन, एडीएम श्री निरंकार सिंह, एएसपी श्री विकास चंद्र त्रिपाठी, जॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम रामनगर सुश्री गुंजिता अग्रवाल सहित सभी सम्बन्धित जनपदस्तरीय अधिकारी व अन्य सम्बन्धित उपस्थित रहे।1
- Post by राम जी दीक्षित पत्रकार2
- सरकारी तालाब पर खुला कब्जा, प्रशासन बेखबर मसौली बाजार मार्ग पर जलाशय का अस्तित्व मिटाने की साजिश मसौली/बाराबंकी। बाराबंकी जनपद के मसौली विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत मसौली बाजार जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित सरकारी तालाब की जमीन पर खुलेआम अवैध कब्जा किया जा रहा है। दबंगों द्वारा तालाब की मेड़ को पाटकर मिट्टी भराई की जा रही है, जिससे वर्षों पुराना जलाशय धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब पर हो रहे कब्जे की कई बार राजस्व विभाग व ग्राम प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरणी नींद में सोए रहे। कार्रवाई न होने से कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं और रोज़ रात तालाब की जमीन पर अवैध भराव किया जा रहा है। ग्रामीणों के नाम के साथ बयान रामलाल वर्मा (स्थानीय निवासी) ने कहा— “यह तालाब पूरे गांव का बरसाती पानी रोकता है। इसे पाट दिया गया तो आने वाले समय में गांव में पानी भर जाएगा, खेत डूबेंगे और रास्ते बंद हो जाएंगे।” शिवम तिवारी (किसान) ने बताया— “हम लोगों ने लेखपाल और तहसील में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कब्जा करने वालों को जैसे खुली छूट दे दी गई है।” गुड़िया देवी (गृहणी) का दर्द छलका— “बरसात में यही तालाब गांव को बचाता है। अगर इसे खत्म कर दिया गया तो हमारे घरों में पानी घुस जाएगा। प्रशासन समय रहते नहीं चेता तो हम सड़क पर उतरेंगे।” पर्यावरण और जल-संकट दोनों पर खतरा तालाब जैसे पारंपरिक जलाशय क्षेत्र के लिए जीवनरेखा होते हैं। इनके खत्म होने से भू-जल स्तर गिरता है, गर्मी में पानी की किल्लत बढ़ती है और बरसात में जलभराव की समस्या विकराल हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब पाटे जाने से पूरे मसौली क्षेत्र में आने वाले समय में जल संकट गहराएगा। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद राजस्व विभाग की चुप्पी संदेह के घेरे में है। यदि जल्द ही तालाब को कब्जामुक्त नहीं कराया गया तो ग्रामीण तहसील पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि— तालाब की तत्काल पैमाइश कर सीमांकन कराया जाए, अवैध कब्जे फौरन हटवाए जाएं, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, और तालाब का संरक्षण व पुनर्जीवन कराया जाए2
- Post by Usama ansari1