बाबा खाटू श्याम के प्रति अटूट आस्था का एक अद्भुत नजारा नरसिंहपुर में देखने को मिला, जहाँ महाराष्ट्र के गोंदिया से प्रारंभ हुई बाबा खाटू श्याम की पदयात्रा पहुँची। स्थानीय नागरिकों ने इस पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। पदयात्रियों ने बताया कि यह यात्रा बाबा के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा का परिणाम है और उनका लक्ष्य बाबा खाटू श्याम की नगरी पहुँचना है। श्रद्धालुओं के अनुसार, वे प्रतिदिन लगभग 35 से 40 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, और इस पूरी यात्रा को पूर्ण करने में लगभग 35 से 40 दिन का समय लगेगा। यात्रा में शामिल कुणाल पांडे ने जानकारी दी कि यह उनकी दूसरी पदयात्रा है और वे बाबा की कृपा से ही इस कठिन मार्ग को तय कर पा रहे हैं। इस पैदल यात्रा में कुल चार लोग शामिल हैं, जिनमें एक मुख्य पदयात्री है और अन्य सेवा कार्य में सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि चाहे धूप हो, बारिश हो या तूफान, बाबा की शक्ति ही उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रही है।
बाबा खाटू श्याम के प्रति अटूट आस्था का एक अद्भुत नजारा नरसिंहपुर में देखने को मिला, जहाँ महाराष्ट्र के गोंदिया से प्रारंभ हुई बाबा खाटू श्याम की पदयात्रा पहुँची। स्थानीय नागरिकों ने इस पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। पदयात्रियों ने बताया कि यह यात्रा बाबा के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा का परिणाम है और उनका लक्ष्य बाबा खाटू श्याम की नगरी पहुँचना है। श्रद्धालुओं के अनुसार, वे प्रतिदिन लगभग 35 से 40 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, और इस पूरी यात्रा को पूर्ण करने में लगभग 35 से 40 दिन का समय लगेगा। यात्रा में शामिल कुणाल पांडे ने जानकारी दी कि यह उनकी दूसरी पदयात्रा है और वे बाबा की कृपा से ही इस कठिन मार्ग को तय कर पा रहे हैं। इस पैदल यात्रा में कुल चार लोग शामिल हैं, जिनमें एक मुख्य पदयात्री है और अन्य सेवा कार्य में सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि चाहे धूप हो, बारिश हो या तूफान, बाबा की शक्ति ही उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रही है।
- बाबा खाटू श्याम के प्रति अटूट आस्था का एक अद्भुत नजारा नरसिंहपुर में देखने को मिला, जहाँ महाराष्ट्र के गोंदिया से प्रारंभ हुई बाबा खाटू श्याम की पदयात्रा पहुँची। स्थानीय नागरिकों ने इस पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। पदयात्रियों ने बताया कि यह यात्रा बाबा के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा का परिणाम है और उनका लक्ष्य बाबा खाटू श्याम की नगरी पहुँचना है। श्रद्धालुओं के अनुसार, वे प्रतिदिन लगभग 35 से 40 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, और इस पूरी यात्रा को पूर्ण करने में लगभग 35 से 40 दिन का समय लगेगा। यात्रा में शामिल कुणाल पांडे ने जानकारी दी कि यह उनकी दूसरी पदयात्रा है और वे बाबा की कृपा से ही इस कठिन मार्ग को तय कर पा रहे हैं। इस पैदल यात्रा में कुल चार लोग शामिल हैं, जिनमें एक मुख्य पदयात्री है और अन्य सेवा कार्य में सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि चाहे धूप हो, बारिश हो या तूफान, बाबा की शक्ति ही उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रही है।1
- करेली के पीएम श्री कन्या विद्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ विधायक निधि से निर्मित एक भव्य टीन शेड का लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर विद्यालय की छात्राओं को साइकिल वितरण भी किया गया।1
- यह जानकारी एक्सप्रेस एमपी सीजी न्यूज़ द्वारा साझा की गई है।1
- बाबा खाटू श्याम के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक अद्भुत नजारा नरसिंहपुर में देखने को मिला, जहाँ महाराष्ट्र के गोंदिया से शुरू हुई बाबा खाटू श्याम की पदयात्रा आ पहुँची है। नरसिंहपुर पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों ने पदयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस पदयात्रा में शामिल भक्तों ने बताया कि यह उनकी गहरी श्रद्धा का परिणाम है और उनका लक्ष्य बाबा खाटू श्याम की नगरी राजस्थान तक पहुँचना है। उन्होंने जानकारी दी कि वे प्रतिदिन लगभग 35 से 40 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, और इस पूरी यात्रा को पूरा करने में लगभग 35 से 40 दिन का समय लगेगा। यात्रा में शामिल कुणाल पांडे ने साझा किया कि यह उनकी दूसरी पदयात्रा है और वे बाबा की कृपा से ही इस कठिन मार्ग को तय कर पा रहे हैं। इस पैदल यात्रा में कुल चार लोग शामिल हैं, जिनमें से एक मुख्य पदयात्री हैं और अन्य सेवा कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि धूप, बारिश या तूफान जैसी कोई भी बाधा उन्हें रोक नहीं सकती, क्योंकि बाबा की शक्ति ही उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रही है। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य बाबा खाटू श्याम के दर्शन करना और अपनी श्रद्धा अर्पित करना है। श्रद्धालुओं का यह जत्था बाबा का आशीर्वाद और अटूट विश्वास लेकर अपनी मंजिल की ओर अग्रसर है।4
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में मटर उत्पादक किसानों के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि गोटेगांव कृषि उपज मंडी क्षेत्र के लगभग 150 किसानों ने अपनी मटर की फसल गोपाल एंड कंपनी को बेची थी, जिसके बाद किसानों की करोड़ों रुपए की मेहनत की कमाई का गबन कर लिया गया है। इस धोखाधड़ी के खिलाफ पीड़ित किसानों ने पिछले 5 महीनों पहले FIR दर्ज करवाई थी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। पिछले हफ्ते SDM ने FIR दर्ज करने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रशासन अपने इस वादे से मुकर गया है। इसी के विरोध में, किसान भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर के नाम SDM को एक ज्ञापन सौंपा है और गोपाल एंड कंपनी पर तुरंत FIR दर्ज करने, साथ ही इसमें संलिप्त अधिकारियों के ऊपर जांच की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई तो उनका यह धरना जारी रहेगा।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा में स्थित गाडरवारा नगर पालिका के विवेकानंद वार्ड के नागरिक भीषण समस्याओं से जूझ रहे हैं। विशेषकर बारिश के महीनों में उन्हें आने-जाने, विद्युत व्यवस्था और पानी की निकासी को लेकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन गंभीर मुद्दों को लेकर विवेकानंद वार्ड के नागरिकों ने गाडरवारा एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने प्रशासन से उनकी समस्याओं को तत्काल दूर करने की पुरजोर मांग की है।1
- तेन्दूखेडा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इस गंभीर स्थिति के कारण स्थानीय मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करेली में पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल द्वारा टीन सेट का लोकार्पण और साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके उपरांत, सी एम राईज स्कूल में भी साइकिल वितरण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर जालम सिंह पटेल के साथ, नपा अध्यक्ष सुशीला ममार, उपाध्यक्ष अनीता नेमा, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र स्वामी, शंकर चौधरी, अभिषेक रघुवंशी, प्रखर दुबे, बीना ओसवाल, वरिष्ठ नागरिक जगदीश मिश्रा, भोले चौरसिया, सत्यप्रकाश साहनी, लख्मीचंद छेड़ा, हरिदास नेमा, सी आर कौरव, संतोष तिहैया और सुरेश नेमा उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, पार्षदगण, महिला मोर्चा के सदस्य, एल्डरमैन, तथा दोनों स्कूलों के छात्र-छात्राएं, प्राचार्य और शिक्षक भी कार्यक्रम में मौजूद थे।1