राजस्थान के मेवाड़ में राजसमंद जिले की गढ़बोर तहसील में विराजमान मेवाड़ के महाराजा श्री चारभुजा नाथ के प्रसिद्ध मंदिर में छप्पन भोग मनोरथ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस मंदिर में वैसे तो प्रतिदिन ही भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन प्रत्येक माह की अमावस्या को यहाँ विशेष मनोरथ आयोजित किया जाता है। परंपरा के अनुसार, चतुर्दशी को भगवान श्री चारभुजा नाथ एक विशेष डोल में विराजमान होकर प्रभु मीरा बाई से मिलने जाते हैं और इसके बाद प्रत्येक अमावस्या को भक्तों द्वारा यहाँ छप्पन भोग और भंडारे का आयोजन होता है। इस बार इस मनोरथ का लाभ नियमित अमावस्या यात्रा संघ के माध्यम से मालवा प्रांत के भक्तों को प्राप्त हुआ। इस धार्मिक यात्रा में मालवा प्रांत के ताल, आलोट, रतलाम, महिदपुर, खाचरोद, नागदा, उन्हेल, इंदौर, नीमच और मंदसौर से आए श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अंत में छप्पन भोग प्रसादी ग्रहण कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।
राजस्थान के मेवाड़ में राजसमंद जिले की गढ़बोर तहसील में विराजमान मेवाड़ के महाराजा श्री चारभुजा नाथ के प्रसिद्ध मंदिर में छप्पन भोग मनोरथ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस मंदिर में वैसे तो प्रतिदिन ही भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन प्रत्येक माह की अमावस्या को यहाँ विशेष मनोरथ आयोजित किया जाता है। परंपरा के अनुसार, चतुर्दशी को भगवान श्री चारभुजा नाथ एक विशेष डोल में विराजमान होकर प्रभु मीरा बाई
से मिलने जाते हैं और इसके बाद प्रत्येक अमावस्या को भक्तों द्वारा यहाँ छप्पन भोग और भंडारे का आयोजन होता है। इस बार इस मनोरथ का लाभ नियमित अमावस्या यात्रा संघ के माध्यम से मालवा प्रांत के भक्तों को प्राप्त हुआ। इस धार्मिक यात्रा में मालवा प्रांत के ताल, आलोट, रतलाम, महिदपुर, खाचरोद, नागदा, उन्हेल, इंदौर, नीमच और मंदसौर से आए श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अंत में छप्पन भोग प्रसादी ग्रहण कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।
- बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शालिग्राम गर्ग के साथ-साथ एक दूसरे आरोपी को भी धर दबोचा है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से इस समय पूछताछ की जा रही है। वहीं, मामले में शामिल बाकी अन्य आरोपियों की तलाश अब भी जारी है। फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- राजस्थान के मेवाड़ में राजसमंद जिले की गढ़बोर तहसील में विराजमान मेवाड़ के महाराजा श्री चारभुजा नाथ के प्रसिद्ध मंदिर में छप्पन भोग मनोरथ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस मंदिर में वैसे तो प्रतिदिन ही भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन प्रत्येक माह की अमावस्या को यहाँ विशेष मनोरथ आयोजित किया जाता है। परंपरा के अनुसार, चतुर्दशी को भगवान श्री चारभुजा नाथ एक विशेष डोल में विराजमान होकर प्रभु मीरा बाई से मिलने जाते हैं और इसके बाद प्रत्येक अमावस्या को भक्तों द्वारा यहाँ छप्पन भोग और भंडारे का आयोजन होता है। इस बार इस मनोरथ का लाभ नियमित अमावस्या यात्रा संघ के माध्यम से मालवा प्रांत के भक्तों को प्राप्त हुआ। इस धार्मिक यात्रा में मालवा प्रांत के ताल, आलोट, रतलाम, महिदपुर, खाचरोद, नागदा, उन्हेल, इंदौर, नीमच और मंदसौर से आए श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अंत में छप्पन भोग प्रसादी ग्रहण कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।2
- मध्य प्रदेश की आलोट मंडी में 15 जुलाई 2026 को सोयाबीन और गेहूं दोनों के बाजारों में तेजी का माहौल देखने को मिला है। अर्जुन राठौर 294 द्वारा रोजाना दी जाने वाली इस मंडी अपडेट में किसानों को फसलों के दाम, आने वाले अवकाश की जानकारी और मंडी में आवक की ताजा स्थिति से अवगत कराया जाता है। किसानों से अपील की गई है कि वे सबसे पहले मंडी अपडेट पाने के लिए चैनल को लाइक और फॉलो करने के साथ-साथ कमेंट भी जरूर करें, ताकि 'अपनी मंडी अपना भाव अपना शहर अपना बाजार' की भावना के साथ स्थानीय बाजार आगे बढ़ सके।1
- मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के बड़ौद पुलिस थाने में मादक पदार्थों के सेवन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से "नशे से दूरी है जरूरी" जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार शुरू किया गया यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। पुलिस विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष इस अभियान को मिले व्यापक जनसहयोग और इसके उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष भी इसे राज्यव्यापी स्तर पर संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, शपथ ग्रहण, नुक्कड़ नाटक, संगोष्ठियां और जनसंवाद जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई भी जारी रहेगी। पुलिस का मानना है कि मादक पदार्थों का बढ़ता दुरुपयोग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि आर्थिक व्यवस्था को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है और अपराधों को बढ़ावा देता है। थाना प्रभारी रूप सिंह बैस ने आम जनता से स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को सचेत करने और नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है। इस अभियान के शुभारंभ अवसर पर विजय शुक्ला, राम सेवक मीणा और आकाश भी उपस्थित रहे।3
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से पत्रकार रामप्रसाद धनगर गुर्जर की यह खबर है।1
- मंदसौर जिले के भानपुरा में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत नगर में एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया है। इस जागरूकता अभियान के बीच यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि स्कूलों के आसपास की दुकानों पर मिल रहे नशीले पदार्थों के खिलाफ आखिर कब कार्यवाही की जाएगी।1
- झालावाड़ जिले के गंगधार क्षेत्र के बोरखेड़ी करमचंद गांव में सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता के कारण शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर राज्य सरकार के आदेश पर तोड़ तो दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी नए भवन के निर्माण की स्वीकृति फाइलों में ही अटकी पड़ी है। इस लापरवाही की कीमत गांव के मासूम बच्चे चुका रहे हैं, जो बिना छत, कमरे और बेंच के खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। तपती धूप, मूसलाधार बारिश और कड़कड़ाती सर्दी के बीच भी इन बच्चों को खुले में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस बदतर स्थिति को लेकर आखिरकार आज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने गंगधार उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चल रहे इस पूरे सिस्टम को आईना दिखाया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग करते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर नए स्कूल भवन के निर्माण की स्वीकृति जारी नहीं की गई और धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ, तो वे धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।3
- कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद महिलाओं की किडनी फेल हो गई हैं। इस दुखद स्थिति के बाद 5 पीड़ित महिलाओं ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है। इन पीड़ित महिलाओं ने सीधे तौर पर गुहार लगाते हुए कहा है कि या तो उनका किडनी ट्रांसप्लांट कराया जाए, नहीं तो उन्हें इच्छा मृत्यु दे दी जाए।1