दमोह में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी (आईपीएस) के मार्गदर्शन में संचालित 'ब्राइटर माइंड्स' समर कैंप का समापन समारोह बुधवार को पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में एसपी आनंद कलादगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका कॉलेज प्राचार्य और विभिन्न विभागों के प्रभारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। समारोह के दौरान, प्रशिक्षण प्राप्त बच्चों ने अपनी असाधारण क्षमताओं और विशेष कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया, जिससे वहां उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का जादू नहीं, बल्कि विज्ञान आधारित तकनीकों और गहन प्रशिक्षण का परिणाम है। बच्चों ने अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर विभिन्न गतिविधियों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए, और उन्होंने मंच पर आकर प्रशिक्षण से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने, एकाग्रता विकसित करने और उनके मानसिक विकास को गति देने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। समापन समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, विद्यार्थी, शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की जमकर सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दमोह में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी (आईपीएस) के मार्गदर्शन में संचालित 'ब्राइटर माइंड्स' समर कैंप का समापन समारोह बुधवार को पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में एसपी आनंद कलादगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका कॉलेज प्राचार्य और विभिन्न विभागों के प्रभारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। समारोह के दौरान, प्रशिक्षण प्राप्त बच्चों ने अपनी असाधारण क्षमताओं और विशेष कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया, जिससे वहां उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का जादू नहीं, बल्कि विज्ञान आधारित तकनीकों और गहन प्रशिक्षण का परिणाम है। बच्चों ने अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर विभिन्न गतिविधियों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए, और उन्होंने मंच पर आकर प्रशिक्षण से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने, एकाग्रता विकसित करने और उनके मानसिक विकास को गति देने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। समापन समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, विद्यार्थी, शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की जमकर सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- शासन के निर्देश पर पथरिया के शासकीय शादी हाल में शनिवार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर मौजूद रहे, जहाँ उन्होंने लोगों की समस्याएँ सुनकर कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। शिविर में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलगारे, एसडीएम निकिता चौरसिया और तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री लखन पटेल के सुपुत्र लकी पटेल ने बताया कि शासन का मुख्य उद्देश्य लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है, जिसके चलते प्रत्येक ब्लॉक में ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में सीमांकन, पीएम आवास, बिजली बिल और पेयजल संकट जैसी विविध समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। सौ से अधिक लोग अपनी शिकायतें और माँगें लेकर पहुँचे, जिनमें से अधिकारियों ने तत्काल समाधान योग्य मामलों का मौके पर निपटारा किया, जबकि अन्य प्रकरणों को संबंधित विभागों के माध्यम से आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। मंत्री पुत्र लकी पटेल ने यह भी जानकारी दी कि आगामी 15 और 18 जून को भी ऐसे ही शिविरों का आयोजन किया जाएगा।1
- साल 2020 में शिखा और सौरभ ने शादी की थी, जिसके कुछ समय बाद उनके रिश्तों में खटास आ गई। मामला इतना बढ़ गया कि दहेज उत्पीड़न का एक केस अदालत तक पहुँच गया, जिससे दोनों परिवार और शिखा के पिता तनाव में रहने लगे थे। लगभग 10 दिन पहले, शिखा के पिता को दिल का दौरा पड़ा और उन्हें गंभीर हालत में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह खबर मिलते ही सौरभ तुरंत अस्पताल पहुँचा और अपने ससुर को बेहतर इलाज के लिए गुड़गांव के एक अस्पताल में दाखिल कराया। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और वे स्वस्थ हो गए। इस घटना के बाद, जब दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान शिखा और सौरभ का आमना-सामना हुआ, तो भावनाएँ हावी हो गईं। बताया जा रहा है कि शिखा ने तलाक से जुड़े कागजात फाड़ दिए और सौरभ को गले लगा लिया। यह घटना याद दिलाती है कि रिश्तों में संवाद, समझदारी और संवेदनशीलता अहंकार से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण होती है, और कई बार रिश्ते को बचाने के लिए दो कदम पीछे हटना उसे तोड़ने से बेहतर होता है। हालांकि, इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और इसे सोशल मीडिया पर साझा की जा रही जानकारी के आधार पर देखा जाना चाहिए।1
- दमोह जिले के मुड़िया गांव में 10/6/26 को आए आंधी-तूफान के कारण बिजली का एक खंभा टूट गया है। इस घटना के चलते गांव के हरिजन मोहल्ले सहित अन्य ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विद्युत मंडल से अपील की है कि इस काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि बिजली आपूर्ति बहाल हो सके। यह जानकारी मुड़िया गांव के विनोद राज ने दी है, और सरपंच मनीराम अहिरवार का भी इसमें उल्लेख है।1
- दमोह देहात थानांतर्गत, भगवती मानव कल्याण संगठन ने अवैध शराब से भरा एक ट्रक पकड़ा है। इस कार्रवाई में ट्रक से लगभग 1200 पेटी अवैध शराब जब्त की गई है।1
- दमोह के एक निवासी ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक प्रतियोगिता में नेपाल से जीत हासिल की है, जिससे क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। इस उपलब्धि के बाद, उन्होंने शासन, प्रशासन और आम जनता से मदद के लिए अपील की है।1
- दमोह से थोड़ी दूरी पर स्थित असलाना स्टेशन पर आगामी 'जै जै सरकार कार्यक्रम' का आयोजन वर्ष 2026 में किया जाएगा। इस आयोजन की घोषणा 'जय श्री राम' और 'जय श्री राधे राधे' के भक्तिमय उद्घोष के साथ की गई है।1
- शुक्रवार को दमोह के आरईएस (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) विभाग कार्यालय में हंगामे की स्थिति बन गई। आरोप है कि ठेकेदार से जुड़े कुछ लोग कार्यालय में घुस आए और विभाग के एसएसई राजीव लोचन चौबे के साथ मारपीट कर दी। घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। इस घटना से नाराज़ विभागीय कर्मचारी एकजुट होकर कोतवाली पहुँच रहे हैं, जहाँ आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी। मामले को लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।1
- दमोह जिले में आरईएस विभाग के कार्यालय में एक कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। आरोप है कि ठेकेदार से जुड़े कुछ लोगों ने विभाग के एस.एस.ई. राजीव लोचन चौबे पर हमला कर उनके साथ मारपीट की। घटना के समय अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर श्री चौबे को बचाया। इस घटना के बाद, विभाग के सभी कर्मचारी लामबंद होकर कोतवाली पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।1