शासन के निर्देश पर पथरिया के शासकीय शादी हाल में शनिवार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर मौजूद रहे, जहाँ उन्होंने लोगों की समस्याएँ सुनकर कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। शिविर में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलगारे, एसडीएम निकिता चौरसिया और तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री लखन पटेल के सुपुत्र लकी पटेल ने बताया कि शासन का मुख्य उद्देश्य लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है, जिसके चलते प्रत्येक ब्लॉक में ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में सीमांकन, पीएम आवास, बिजली बिल और पेयजल संकट जैसी विविध समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। सौ से अधिक लोग अपनी शिकायतें और माँगें लेकर पहुँचे, जिनमें से अधिकारियों ने तत्काल समाधान योग्य मामलों का मौके पर निपटारा किया, जबकि अन्य प्रकरणों को संबंधित विभागों के माध्यम से आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। मंत्री पुत्र लकी पटेल ने यह भी जानकारी दी कि आगामी 15 और 18 जून को भी ऐसे ही शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर पथरिया के शासकीय शादी हाल में शनिवार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर मौजूद रहे, जहाँ उन्होंने लोगों की समस्याएँ सुनकर कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। शिविर में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलगारे, एसडीएम निकिता चौरसिया और तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री लखन पटेल के सुपुत्र लकी पटेल ने बताया कि शासन का मुख्य उद्देश्य लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है, जिसके चलते प्रत्येक ब्लॉक में ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में सीमांकन, पीएम आवास, बिजली बिल और पेयजल संकट जैसी विविध समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। सौ से अधिक लोग अपनी शिकायतें और माँगें लेकर पहुँचे, जिनमें से अधिकारियों ने तत्काल समाधान योग्य मामलों का मौके पर निपटारा किया, जबकि अन्य प्रकरणों को संबंधित विभागों के माध्यम से आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। मंत्री पुत्र लकी पटेल ने यह भी जानकारी दी कि आगामी 15 और 18 जून को भी ऐसे ही शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
- दमोह नगर में माँ भारती के वीर सपूत, मेवाड़ के गौरव और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती के अवसर पर टीम जीवन सिंह शेरपुर करणी सेना परिवार द्वारा एक भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने महाराणा प्रताप के आदर्शों को नमन किया। देशभक्ति और वीरता के नारों के बीच आयोजित इस रैली के माध्यम से, समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति को विशेष रूप से स्मरण किया।1
- दमोह जिले से एक नागरिक ने विधायक माननीय श्री लखन पटेल जी से अपने घर के रास्ते की खराब स्थिति को लेकर निवेदन किया है। नागरिक ने विधायक से आग्रह किया है कि कृपया उनके घर का रास्ता बनवा दें, क्योंकि इसकी हालत बहुत खराब है। इसके साथ ही, उन्होंने विधायक से कुछ आर्थिक सहायता भी प्रदान करने की विनती की है, ताकि वे अपना रास्ता खुद बनवा सकें। नागरिक ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें इस खराब रास्ते के कारण बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।1
- जून माह में अश्वगंधा की फसल लगाने की तैयारी की जा रही है। इस फसल से प्रति एकड़ लाखों रुपए की आय प्राप्त होने की उम्मीद है।1
- कल रात एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा की गाड़ी का कांच फोड़ दिया गया। इस घटना के बाद, शासन-प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी गई है।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों और एक आम नागरिक के बीच हाथापाई और मारपीट होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह घटना घरेलू विवाद की सूचना पर मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस के साथ हुई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और संबंधित व्यक्ति के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि अभद्रता के बाद पुलिस द्वारा व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, जिससे गुस्साए व्यक्ति ने भी अपना आपा खो दिया और विवाद हाथापाई में बदल गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के व्यवहार और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कुछ ही दिनों बाद राष्ट्रपति के बैतूल आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिससे पुलिस और जनता के बीच यह टकराव प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। वीडियो की सत्यता एवं घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच और प्रशासनिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1