उपेक्षित पड़ा 100 वर्ष से अधिक पुराना कुआं, संरक्षण की देख रहा राह, जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 उपेक्षित पड़ा 100 वर्ष से अधिक पुराना कुआं, संरक्षण की देख रहा राह, जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 एतिहासिक दादाजी धुनी वालों की धुनी के मार्ग पर स्थित लगभग 100 वर्ष से अधिक पुराना कुआं है जो वर्तमान में बहुत दयनीय स्थिति में है । प्रदेशभर में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से “जल गंगा संवर्धन अभियान 2026” चलाया जा रहा है, लेकिन नगर के संकट मोचन हनुमान मंदिर के पास स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना कुआं आज भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। कभी क्षेत्र की जल आवश्यकताओं को पूरा करने वाला यह प्राचीन कुआं वर्तमान में गंदगी, टूटी संरचना और सुरक्षा अभाव के कारण उपयोगहीन हो चुका है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पूर्व में भी जल संरक्षण के नाम पर कई अभियान चलाए गए, परंतु नगर परिषद द्वारा क्षेत्र के पुराने कुओं के जीर्णोद्धार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया ।परिणामस्वरूप ऐतिहासिक महत्व का यह जल स्रोत धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 19 मार्च 2026 (गुड़ी पड़वा) से प्रारंभ किया गया यह 100 दिवसीय अभियान 30 जून 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, संवर्धन और भूजल स्तर में वृद्धि करना है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस अभियान के अंतर्गत उक्त कुएं की तत्काल सफाई, मरम्मत, गहरीकरण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि इस ऐतिहासिक कुएं का समय रहते जीर्णोद्धार किया जाए तो यह न केवल जल संकट से राहत देगा, बल्कि जल संरक्षण अभियान की सार्थकता भी सिद्ध करेगा। नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
उपेक्षित पड़ा 100 वर्ष से अधिक पुराना कुआं, संरक्षण की देख रहा राह, जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 उपेक्षित पड़ा 100 वर्ष से अधिक पुराना कुआं, संरक्षण की देख रहा राह, जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 एतिहासिक दादाजी धुनी वालों की धुनी के मार्ग पर स्थित लगभग 100 वर्ष से अधिक पुराना कुआं है जो वर्तमान में बहुत दयनीय स्थिति में है । प्रदेशभर में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से “जल गंगा संवर्धन अभियान 2026” चलाया जा रहा है, लेकिन नगर के संकट मोचन हनुमान मंदिर के पास स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना कुआं आज भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। कभी क्षेत्र की जल आवश्यकताओं को पूरा करने वाला यह प्राचीन कुआं वर्तमान में गंदगी, टूटी संरचना और सुरक्षा अभाव के कारण उपयोगहीन हो चुका है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पूर्व में भी जल संरक्षण के नाम पर
कई अभियान चलाए गए, परंतु नगर परिषद द्वारा क्षेत्र के पुराने कुओं के जीर्णोद्धार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया ।परिणामस्वरूप ऐतिहासिक महत्व का यह जल स्रोत धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 19 मार्च 2026 (गुड़ी पड़वा) से प्रारंभ किया गया यह 100 दिवसीय अभियान 30 जून 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, संवर्धन और भूजल स्तर में वृद्धि करना है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस अभियान के अंतर्गत उक्त कुएं की तत्काल सफाई, मरम्मत, गहरीकरण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि इस ऐतिहासिक कुएं का समय रहते जीर्णोद्धार किया जाए तो यह न केवल जल संकट से राहत देगा, बल्कि जल संरक्षण अभियान की सार्थकता भी सिद्ध करेगा। नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
- नरसिंहपुर जिले के जनपद मैदान में पूर्व सांसद नकुलनाथ की जनसभा के समापन के बाद उस समय अफरातफरी मच गई, जब दो गुटों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और विवाद शुरू हो गया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सभा खत्म होते ही कांग्रेस नेता सुनील जायसवाल और लाखन सिंह के समर्थक किसी बात को लेकर आपस में उलझ गए। देखते ही देखते मंच के नीचे का हिस्सा एक अखाड़े में तब्दील हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और खींचतान होने लगी, जिससे वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और आम जनता में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। विवाद का कारण मंचा पर भाषण देने को लेकर हुए वही माना जा रहा हैं कि स्थानीय वर्चस्व और गुटीय राजनीति को बताया जा रहा है। हंगामा बढ़ता देख मौके पर तैनात पुलिस बल तुरंत सक्रिय हुआ। पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों के समर्थकों को एक-दूसरे से अलग किया मामले को शांत कराया गया ।1
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- Post by News Chandra Shekher Sonu2
- उपेक्षित पड़ा 100 वर्ष से अधिक पुराना कुआं, संरक्षण की देख रहा राह, जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 एतिहासिक दादाजी धुनी वालों की धुनी के मार्ग पर स्थित लगभग 100 वर्ष से अधिक पुराना कुआं है जो वर्तमान में बहुत दयनीय स्थिति में है । प्रदेशभर में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से “जल गंगा संवर्धन अभियान 2026” चलाया जा रहा है, लेकिन नगर के संकट मोचन हनुमान मंदिर के पास स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना कुआं आज भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। कभी क्षेत्र की जल आवश्यकताओं को पूरा करने वाला यह प्राचीन कुआं वर्तमान में गंदगी, टूटी संरचना और सुरक्षा अभाव के कारण उपयोगहीन हो चुका है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पूर्व में भी जल संरक्षण के नाम पर कई अभियान चलाए गए, परंतु नगर परिषद द्वारा क्षेत्र के पुराने कुओं के जीर्णोद्धार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया ।परिणामस्वरूप ऐतिहासिक महत्व का यह जल स्रोत धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 19 मार्च 2026 (गुड़ी पड़वा) से प्रारंभ किया गया यह 100 दिवसीय अभियान 30 जून 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, संवर्धन और भूजल स्तर में वृद्धि करना है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस अभियान के अंतर्गत उक्त कुएं की तत्काल सफाई, मरम्मत, गहरीकरण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि इस ऐतिहासिक कुएं का समय रहते जीर्णोद्धार किया जाए तो यह न केवल जल संकट से राहत देगा, बल्कि जल संरक्षण अभियान की सार्थकता भी सिद्ध करेगा। नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।2
- 18 करोड़ की लागत से होगा सींगरी नदी गहराई, साफसफाई,सौंदर्यकर्ण1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- गोटेगांव के संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति ने चैत्र नवरात्रि के अवसर पर बाइक रैली फुहारा से लेकर राम मंदिर तक निकाली जिसमें जन एकता समिति के सदस्यों बड़ी संख्या में शामिल हुए ।1
- जल गंगा अभियान के तहित होगा सींगरी नदी का गहरीकरण, साफसफाई,एवं अब्रल निर्मल जल धारा निरंतर बहती रहे।1