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गोटेगांव के संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति ने चैत्र नवरात्रि के अवसर पर बाइक रैली फुहारा से लेकर राम मंदिर तक निकाली जिसमें जन एकता समिति के सदस्यों बड़ी संख्या में शामिल हुए ।
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गोटेगांव के संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति ने चैत्र नवरात्रि के अवसर पर बाइक रैली फुहारा से लेकर राम मंदिर तक निकाली जिसमें जन एकता समिति के सदस्यों बड़ी संख्या में शामिल हुए ।
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- गोटेगांव के संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति ने चैत्र नवरात्रि के अवसर पर बाइक रैली फुहारा से लेकर राम मंदिर तक निकाली जिसमें जन एकता समिति के सदस्यों बड़ी संख्या में शामिल हुए ।1
- गोटेगांव। चैत्र नवरात्रि एवं हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर आज नगर में भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। रैली की शुरुआत संकट मोचन वीर बजरंगबली की पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद भक्तों का कारवां जय श्रीराम के जयघोष के साथ नगर भ्रमण पर निकला। इस अवसर पर गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश रैली में सम्मिलित हुए और उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ सहभागिता कर आयोजन की सराहना की। साथ ही नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि पंकज चौकसे, लंकेश जैन,राजेश राजपूत, आशीष पटेल,शुभम पटेल, दीपक सोनी सहित बड़ी संख्या में भक्तगण रैली में शामिल हुए। पूरे नगर में जगह-जगह लोगों ने रैली का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। डीजे और धार्मिक धुनों पर युवा वर्ग का उत्साह देखते ही बन रहा था, वहीं महिलाओं और बुजुर्गों की सहभागिता ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया। यह रैली न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परं2
- Post by Shrikant Dubay पत्रकार1
- नरसिंहपुर जिले के जनपद मैदान में पूर्व सांसद नकुलनाथ की जनसभा के समापन के बाद उस समय अफरातफरी मच गई, जब दो गुटों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और विवाद शुरू हो गया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सभा खत्म होते ही कांग्रेस नेता सुनील जायसवाल और लाखन सिंह के समर्थक किसी बात को लेकर आपस में उलझ गए। देखते ही देखते मंच के नीचे का हिस्सा एक अखाड़े में तब्दील हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और खींचतान होने लगी, जिससे वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और आम जनता में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। विवाद का कारण मंचा पर भाषण देने को लेकर हुए वही माना जा रहा हैं कि स्थानीय वर्चस्व और गुटीय राजनीति को बताया जा रहा है। हंगामा बढ़ता देख मौके पर तैनात पुलिस बल तुरंत सक्रिय हुआ। पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों के समर्थकों को एक-दूसरे से अलग किया मामले को शांत कराया गया ।1
- मूंग की बुवाई के लिए संपर्क करें 93406438211
- Post by News Chandra Shekher Sonu2
- उपेक्षित पड़ा 100 वर्ष से अधिक पुराना कुआं, संरक्षण की देख रहा राह, जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 एतिहासिक दादाजी धुनी वालों की धुनी के मार्ग पर स्थित लगभग 100 वर्ष से अधिक पुराना कुआं है जो वर्तमान में बहुत दयनीय स्थिति में है । प्रदेशभर में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से “जल गंगा संवर्धन अभियान 2026” चलाया जा रहा है, लेकिन नगर के संकट मोचन हनुमान मंदिर के पास स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना कुआं आज भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। कभी क्षेत्र की जल आवश्यकताओं को पूरा करने वाला यह प्राचीन कुआं वर्तमान में गंदगी, टूटी संरचना और सुरक्षा अभाव के कारण उपयोगहीन हो चुका है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पूर्व में भी जल संरक्षण के नाम पर कई अभियान चलाए गए, परंतु नगर परिषद द्वारा क्षेत्र के पुराने कुओं के जीर्णोद्धार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया ।परिणामस्वरूप ऐतिहासिक महत्व का यह जल स्रोत धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 19 मार्च 2026 (गुड़ी पड़वा) से प्रारंभ किया गया यह 100 दिवसीय अभियान 30 जून 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, संवर्धन और भूजल स्तर में वृद्धि करना है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस अभियान के अंतर्गत उक्त कुएं की तत्काल सफाई, मरम्मत, गहरीकरण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि इस ऐतिहासिक कुएं का समय रहते जीर्णोद्धार किया जाए तो यह न केवल जल संकट से राहत देगा, बल्कि जल संरक्षण अभियान की सार्थकता भी सिद्ध करेगा। नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।2
- गोटेगांव के परमहंसी गंगा आश्रम में चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस पर माता राजराजेश्वरी मां त्रिपुर सुंदरी का फूलों से हुआ श्रृंगार, शंकराचार्य की तप स्थली झोंतेश्वर में अपनी सेना चौसठ योगनियों के साथ विराजी हैं मां त्रिपुर सुंदरी, वर्ष के प्रथम दिवस पर आरती का भक्ति मय नजारा, कहा गया है कि मां त्रिपुर सुंदरी की आराधना भोग और मोक्ष दोनों का फल देती है...2