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मुरैना में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए थाना टेंटरा पुलिस और वन विभाग की टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई। दिनांक 22.07.26 को की गई इस कार्रवाई के तहत अवैध रेत परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों की पहचान की गई और आसपास के क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर गड्ढे खुदवाकर रास्तों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अवैध रेत परिवहन में संलिप्त तत्वों पर नियंत्रण स्थापित करना है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान थाना टेंटरा और वन विभाग के लगभग 12 अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।
धर्मेद्र गौड़
मुरैना में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए थाना टेंटरा पुलिस और वन विभाग की टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई। दिनांक 22.07.26 को की गई इस कार्रवाई के तहत अवैध रेत परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों की पहचान की गई और आसपास के क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर गड्ढे खुदवाकर रास्तों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अवैध रेत परिवहन में संलिप्त तत्वों पर नियंत्रण स्थापित करना है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान थाना टेंटरा और वन विभाग के लगभग 12 अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।
- इंसाफKailaras, Morena😤10 hrs ago
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- मुरैना में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए थाना टेंटरा पुलिस और वन विभाग की टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई। दिनांक 22.07.26 को की गई इस कार्रवाई के तहत अवैध रेत परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों की पहचान की गई और आसपास के क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर गड्ढे खुदवाकर रास्तों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अवैध रेत परिवहन में संलिप्त तत्वों पर नियंत्रण स्थापित करना है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान थाना टेंटरा और वन विभाग के लगभग 12 अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल से एक अनोखा नजारा सामने आया है, जहाँ ट्रैक्टर के टायर से पानी निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। श्योपुर का यह बल्लू टी स्टॉल अपने इलाके में काफी फेमस है और टायर से पानी निकलने की यह घटना सोशल मीडिया पर भी छाई हुई है।1
- विजयपुर क्षेत्र के ग्राम ऊपचा निवासी अमन कुशवाह (पिता श्री ज्ञान सिंह कुशवाह) द्वारा भारतीय सेना की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद नगर आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान परिजनों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने फूल-मालाएँ पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस विशेष अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने अमन कुशवाह को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सेना की ट्रेनिंग पूरी कर लौटे अमन की इस उपलब्धि से पूरा विजयपुर क्षेत्र बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहा है।1
- धौलपुर के सरमथुरा में नीट परीक्षा में चयन होने पर सम्मान किया गया। इस अवसर पर नीट परीक्षा में मिली सफलता पर अभिनंदन व्यक्त किया गया।1
- धौलपुर के सरमथुरा में आंगई थाना प्रभारी कृपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर चिलाचौंद के पास कार्रवाई की है। पुलिस ने दो पिकअप गाड़ियों में भरकर कट्टीघर ले जाए जा रहे कुल 16 पशुओं को मुक्त करवाया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से तीन पशु तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में पशु क्रूरता करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है।1
- मुरैना जिले की जौरा तहसील के ग्राम घुरा निवासी सकील उद्दीन और उनकी माता तारा बेगम ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अपनी पैतृक कृषि भूमि पर अवैध कब्जे, मारपीट और पुलिस की निष्क्रियता की शिकायत की है। प्रार्थियों का आरोप है कि उनके चचेरे भाई शमसुद्दीन उर्फ छोटा ने उनकी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है और विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी देता है। पीड़ित का कहना है कि इस मामले में 15 अप्रैल 2026 और 3 जून 2026 को बागचीनी थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने जमीन का कब्जा नहीं दिलाया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई की। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि सोहिल खान, जलील उद्दीन और उनकी माता वफ़ातन ने जमीन के विवाद में फंसाने की नीयत से अपने ही बेटे का कान काटकर सकील उद्दीन के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की। पीड़ित के मुताबिक, जब भी वह अपनी कृषि भूमि की जुताई करने जाता है, आरोपी लाठी-डंडों और अन्य हथियारों के साथ आकर हमला करने का प्रयास करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं, जिससे परिवार भय के साए में जीने को मजबूर है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उक्त कृषि भूमि ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और शीघ्र न्याय न मिलने पर उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा। आवेदन में पुलिस अधीक्षक से जमीन से अवैध कब्जा हटवाकर विधिसम्मत कब्जा दिलाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।1
- मुरैना जिले के कैलारस जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत चमरगवां में महिला सरपंच के पति लक्ष्मण धाकड़ की दबंगई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पंचायत में हुए निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और अवैध निर्माण की शिकायत की जांच करने पहुंचे प्रशासनिक दल के सामने ही सरपंच पति और उनके परिजनों ने शिकायतकर्ता को डराया, धमकाया और जमकर गाली-गलौज व अभद्र भाषा का प्रयोग किया। घटना उस समय की है जब जनपद पंचायत कैलारस के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री रामपाल करजरे एवं अन्य कर्मचारी शिकायत की जांच के लिए गांव पहुंचे थे। अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद सरपंच पति लक्ष्मण धाकड़ बेखौफ होकर अपनी दबंगई दिखाते नजर आए। जांच अधिकारी के सामने हुई इस गुंडागर्दी के बाद अब जनपद सीईओ की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। वर्तमान में चमरगवां ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती विद्या धाकड़ हैं। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद अब जनता की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या शिकायतकर्ता को सुरक्षा देकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते और आपसी समझौते में दबा दिया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना में कथित फर्जी डी.एड. प्रमाणपत्र के आधार पर हुई नियुक्ति और मामले में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ 22 जुलाई 2026 से जिला पंचायत परिसर के समक्ष अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू हो गया है। सत्याग्रह पर बैठे व्यक्ति का कहना है कि उनका यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में न्याय, पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून के समान अनुपालन की स्थापना के लिए है। यह प्रकरण कथित फर्जी डी.एड. प्रमाणपत्र से जुड़ी नियुक्ति, उसके संबंध में हुई जांच, कारण बताओ नोटिस, 'मानवीय आधार' पर वेतन भुगतान की अनुमति और पुनः डी.एड. अध्ययन से जुड़े फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सत्याग्रही ने शासन एवं प्रशासन से इस पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच कराने की मांग की है ताकि सत्य सामने आ सके और नियम उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई हो सके। उन्होंने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से भी इस निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन करने की अपील की है।1