आगामी तिगरी गंगा मेले की तैयारियों का जायजा लेने के बाद राष्ट्र सेवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर *तिगरी गंगा मेले की तैयारियों को लेकर राष्ट्र सेवी संगठन ने किया प्रदर्शन, *हसनपुर/अमरोहा।* आगामी तिगरी गंगा मेले की तैयारियों का जायजा लेने के बाद राष्ट्र सेवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर संगठन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान आम श्रद्धालुओं के लिए टेंट लगाने वाले स्थानों व अन्य सुविधाओं का जायजा लिया गया। गंगा नदी के पास काफी गंदगी पसरी मिलने पर कार्यकर्ता हसनपुर स्थित कार्यालय पहुंचे और बैठक कर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय संयोजक कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि तिगरी गंगा मेले को भव्य रूप देते हुए इसे अर्धकुंभ घोषित किया जाए। बड़े मेलों की तुलना में इस बार की तैयारियां आधी-अधूरी हैं, इसलिए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा के अनुरूप गंगा पार मेला क्षेत्र में आवागमन के लिए पोंटून पुल का जल्द निर्माण कराया जाए। *संगठन की प्रमुख मांगें:* 1. मेला स्थल व आसपास फैली पॉलीथीन व कचरे की सफाई कराई जाए। 2. गहरे घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोर व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। 3. पिछले वर्ष टेंट सिटी के नाम पर अधिक स्थान घेरने से श्रद्धालुओं को डेरा लगाने में हुई दिक्कत का समाधान किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुईं तो श्रद्धालुओं को भारी असुविधा होगी। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ प्रांत गन्ना प्रमुख महिपाल सिंह, सहकारी संघ कुंदरखी भूर करन सिंह, होशियार सिंह, वीर सिंह, सन्नी शर्मा, खिलेंद्र सिंह, सुमित कुमार, संदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
आगामी तिगरी गंगा मेले की तैयारियों का जायजा लेने के बाद राष्ट्र सेवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर *तिगरी गंगा मेले की तैयारियों को लेकर राष्ट्र सेवी संगठन ने किया प्रदर्शन, *हसनपुर/अमरोहा।* आगामी तिगरी गंगा मेले की तैयारियों का जायजा लेने के बाद राष्ट्र सेवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर संगठन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान आम श्रद्धालुओं के लिए टेंट लगाने वाले स्थानों व अन्य सुविधाओं का जायजा लिया गया। गंगा नदी के पास काफी गंदगी पसरी मिलने पर कार्यकर्ता हसनपुर स्थित कार्यालय पहुंचे और बैठक कर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय संयोजक कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि तिगरी गंगा मेले को भव्य रूप देते हुए इसे अर्धकुंभ घोषित किया जाए। बड़े मेलों की तुलना में इस बार की तैयारियां आधी-अधूरी हैं, इसलिए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा के अनुरूप गंगा पार मेला क्षेत्र में आवागमन के लिए पोंटून पुल का जल्द निर्माण कराया जाए। *संगठन की प्रमुख मांगें:* 1. मेला स्थल व आसपास फैली पॉलीथीन व कचरे की सफाई कराई जाए। 2. गहरे घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोर व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। 3. पिछले वर्ष टेंट सिटी के नाम पर अधिक स्थान घेरने से श्रद्धालुओं को डेरा लगाने में हुई दिक्कत का समाधान किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुईं तो श्रद्धालुओं को भारी असुविधा होगी। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ प्रांत गन्ना प्रमुख महिपाल सिंह, सहकारी संघ कुंदरखी भूर करन सिंह, होशियार सिंह, वीर सिंह, सन्नी शर्मा, खिलेंद्र सिंह, सुमित कुमार, संदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
- आगामी तिगरी गंगा मेले की तैयारियों का जायजा लेने के बाद राष्ट्र सेवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर *तिगरी गंगा मेले की तैयारियों को लेकर राष्ट्र सेवी संगठन ने किया प्रदर्शन, *हसनपुर/अमरोहा।* आगामी तिगरी गंगा मेले की तैयारियों का जायजा लेने के बाद राष्ट्र सेवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर संगठन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान आम श्रद्धालुओं के लिए टेंट लगाने वाले स्थानों व अन्य सुविधाओं का जायजा लिया गया। गंगा नदी के पास काफी गंदगी पसरी मिलने पर कार्यकर्ता हसनपुर स्थित कार्यालय पहुंचे और बैठक कर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय संयोजक कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि तिगरी गंगा मेले को भव्य रूप देते हुए इसे अर्धकुंभ घोषित किया जाए। बड़े मेलों की तुलना में इस बार की तैयारियां आधी-अधूरी हैं, इसलिए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा के अनुरूप गंगा पार मेला क्षेत्र में आवागमन के लिए पोंटून पुल का जल्द निर्माण कराया जाए। *संगठन की प्रमुख मांगें:* 1. मेला स्थल व आसपास फैली पॉलीथीन व कचरे की सफाई कराई जाए। 2. गहरे घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोर व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। 3. पिछले वर्ष टेंट सिटी के नाम पर अधिक स्थान घेरने से श्रद्धालुओं को डेरा लगाने में हुई दिक्कत का समाधान किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुईं तो श्रद्धालुओं को भारी असुविधा होगी। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ प्रांत गन्ना प्रमुख महिपाल सिंह, सहकारी संघ कुंदरखी भूर करन सिंह, होशियार सिंह, वीर सिंह, सन्नी शर्मा, खिलेंद्र सिंह, सुमित कुमार, संदीप सिंह आदि मौजूद रहे।1
- अमरोहा यूपी नौगावां सादात में रातोंरात काट दिए 13 हरे-भरे आम के पेड़, वन विभाग पर उठे सवाल! अकबरपुर पट्टी गांव के जंगल में पेड़ों पर चला आरा। स्थानीय लोगों ने वन अधिकारियों से की शिकायत। विभागीय अधिकारी पर आरोपियों से सांठगांठ कर मामला दबाने का आरोप। शिकायतकर्ताओं ने की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग। खुलेआम पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को पहुंच रहा नुकसान। आखिर किसके संरक्षण में हो रहा हरे-भरे पेड़ों का कत्लेआम? क्या वन विभाग करेगा निष्पक्ष जांच!1
- गजरौला में 3 दिन बंद रहेगा फाजलपुर रेलवे फाटक, 4 से 6 नवंबर तक आवागमन रहेगा प्रभावित अमरोहा। गजरौला क्षेत्र के फाजलपुर रेलवे फाटक से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जरूरी खबर है। रेलवे द्वारा मरम्मत कार्य कराए जाने के चलते फाजलपुर रेलवे फाटक को 4 नवंबर की सुबह 7 बजे से 6 नवंबर की शाम 8 बजे तक बंद रखा जाएगा। करीब तीन दिनों तक रेलवे फाटक बंद रहने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी।रेलवे फाटक बंद रहने के दौरान लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। ऐसे में घर से निकलने से पहले अपने रास्ते की योजना बना लें, ताकि जाम और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।1
- दिल्ली में वकील और पुलिस के बीच चल रहे इस टकराव की मुख्य वजह 23 अक्टूबर 2026 को शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकील ललित बंसल के साथ हुई कथित मारपीट और सिर में चोट लगने की घटना है। पूरा मामला और स्थिति: विवाद की शुरुआत: शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकील ललित बंसल को गंभीर चोट लगने के बाद वकील भड़क उठे थे। वकीलों ने आरोप लगाया कि एसीपी मानस्वी वशिष्ठ (Manasvi Vashistha) और एसएचओ अरुण कुमार ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और डराया-धमकाया। वकीलों की हड़ताल और ट्रांसफर: इसके विरोध में दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी। दबाव बढ़ने के बाद प्रशासन ने एसीपी मानस्वी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार का तबादला (transfer) कर दिया, जिसके बाद वकीलों ने हड़ताल वापस ले ली थी। पुलिसकर्मियों का विरोध: अधिकारियों के तबादले से दिल्ली पुलिस के जवानों में नाराजगी फैल गई। इसके विरोध में 2 नवंबर को करीब 100 पुलिसकर्मियों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और दोनों अधिकारियों को वापस लाने की मांग की।1
- मुरादाबाद मेंभारतीय किसान यूनियन (शंकर) फत्तेपुर बिस्नोई द्वितीय गन्ना क्रय केंद्र की बहाली को लेकर गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू भारतीय किसान यूनियन (शंकर) फत्तेपुर बिस्नोई द्वितीय गन्ना क्रय केंद्र की बहाली को लेकर गन्ना उपायुक्त कार्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू मुरादाबाद। आज दिनांक 2 नवंबर 2026 को प्रातः 11 बजे गन्ना उपायुक्त कार्यालय, मुरादाबाद मंडल, मुरादाबाद पर भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के तत्वावधान में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन आंदोलन प्रारंभ हुआ। आंदोलन का संयुक्त नेतृत्व चौधरी किरनपाल सिंह एवं चौधरी अशोक चौधरी ने किया तथा कार्यक्रम का कुशल संचालन संजय चौधरी ने किया। आंदोलन को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि आज किसान अपनी ही उपज का उचित मूल्य पाने और अपनी फसल की बिक्री के लिए संघर्ष करने को मजबूर है। गन्ने की खेती में खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल, सिंचाई एवं मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। चीनी मिलों का समय से संचालन न होना और गन्ना मूल्य घोषित न किया जाना किसानों के साथ अन्याय है। संगठन की मांग है कि गन्ने का मूल्य ₹550 प्रति कुंतल घोषित किया जाए तथा सभी चीनी मिलों का समयबद्ध संचालन और किसानों के गन्ने का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। चौधरी दिवाकर सिंह ने विशेष रूप से अमरोहा गन्ना विकास सहकारी समिति लिमिटेड के फत्तेपुर बिस्नोई द्वितीय गन्ना क्रय केंद्र का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस केंद्र को अगवानपुर चीनी मिल प्रबंधन द्वारा बंद कर दिया गया है, जबकि जेवड़ा, जेवड़ी एवं सलेमपुर गांवों के 300 से अधिक किसान इस केंद्र पर निर्भर हैं। यहां पूर्व में लगभग 1 लाख 70 हजार कुंतल गन्ने की आपूर्ति होती रही है। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्र बंद होने से किसानों को लगभग 10 से 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करके गन्ना चीनी मिल तक ले जाना पड़ेगा। अगवानपुर बाईपास पर भारी यातायात, लंबे-लंबे ट्रालों एवं अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। किसानों को इस जोखिम में डालना उचित नहीं है। संगठन की स्पष्ट मांग है कि फत्तेपुर बिस्नोई द्वितीय क्रय केंद्र को इसी पेराई सत्र में तत्काल पुनः चालू कराया जाए। उन्होंने गन्ना सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को मिलने वाली खाद, बीज एवं कृषि दवाइयों की सब्सिडी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को सरकारी अनुदान का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। संगठन की मांग है कि प्रदेश की संबंधित गन्ना विकास सहकारी समितियों के नाबार्ड में पंजीकरण एवं आवश्यक पोर्टल पर प्रविष्टियां सुनिश्चित कराई जाएं, ताकि पात्र किसानों को सब्सिडी का लाभ समय से मिल सके। एक घंटे की वार्ता भी रही बेनतीजा, संगठन ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आंदोलन के दौरान जिला गन्ना अधिकारी अमरोहा, जिला गन्ना अधिकारी मुरादाबाद, सचिव गन्ना विकास सहकारी समिति लिमिटेड अमरोहा तथा अगवानपुर चीनी मिल के जीएम केन के साथ संगठन के प्रतिनिधिमंडल की लगभग एक घंटे तक वार्ता हुई। लेकिन वार्ता में किसानों की प्रमुख मांग, विशेषकर फत्तेपुर बिस्नोई द्वितीय गन्ना क्रय केंद्र को पुनः चालू कराने के संबंध में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। इसके बाद संगठन ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एवं क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। वर्तमान में संगठन के 10 कार्यकर्ता क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि जब तक फत्तेपुर बिस्नोई द्वितीय गन्ना क्रय केंद्र को पुनः चालू कराने का ठोस निर्णय लेकर उसे धरातल पर शुरू नहीं कराया जाता, तब तक संगठन का आंदोलन लगातार जारी रहेगा। किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी अगवानपुर चीनी मिल प्रबंधन एवं संबंधित गन्ना विभाग की होगी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: राहुल यादव जिला अध्यक्ष मुरादाबाद बंटीचौधरी उर्फ विजयपाल सिंह तहसील अध्यक्ष मुरादाबाद योगेंद्र सिंह ब्लॉक अध्यक्ष मुरादाबाद चौधरी धर्मवीर सिंह, चौधरी नेमपाल सिंह, चौधरी विक्रम पंवार, मौजीराम पाल, चौधरी विजयपाल सिंह उर्फ बंटी, चौधरी योगेंद्र सिंह, चौधरी कमल सिंह, चौधरी राजाराम सिंह, चौधरी धर्मराज सिंह, चौधरी प्रधान समरपाल सिंह सहित सैकड़ों किसान एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय किसान यूनियन (शंकर) ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान कराना ही संगठन की प्राथमिकता है और जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। किसान एकता जिंदाबाद! भारतीय किसान यूनियन (शंकर) जिंदाबाद! किसानों का शोषण बंद करो!1
- पिछले 3 महीने से प्रोटेस्टर को रोक रही दिल्ली पुलिस ही आज धरने पर बैठ गई। दरअसल, वकीलों की मांग पर एक ACP और इंस्पेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मी इसका विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस जिन पत्रकारों को प्रोटेस्ट कवर करने से लगातार रोकती रही, उन्हीं ने आज ये प्रोटेस्ट कवर कर उनकी बात को प्रमुखता से उठाया।1
- यूपी डीजीपी का बड़ा बयान: 'पुलिस और पत्रकार एक-दूसरे के पूरक', सोशल मीडिया और नए दौर की पत्रकारिता पर संदेश लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने पुलिस और मीडिया के आपसी संबंधों को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस और पत्रकार एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि समाज के सजग प्रहरी और एक-दूसरे के पूरक हैं। पारदर्शी कानून व्यवस्था और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए दोनों के बीच आपसी तालमेल और संवाद बेहद जरूरी है। डिजिटल युग और सोशल मीडिया की ताकत मौजूदा दौर में सूचना के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए यह बात भी रेखांकित हो रही है कि अब पत्रकारिता केवल पारंपरिक टीवी कैमरों या अखबारों तक सीमित नहीं रह गई है। जमीनी स्तर पर सक्रिय यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर तेजी से सूचनाएं आम जनता तक पहुंचा रहे हैं। वरिष्ठ और समझदार पुलिस अधिकारी इस बात को भली-भांति समझते हैं कि डिजिटल मीडिया की पहुंच आज गांव-देहात के अंतिम व्यक्ति तक है। ऐसे में सोशल मीडिया क्रिएटर्स और स्वतंत्र पत्रकारों को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है। मुख्य बिंदु: आपसी समन्वय पर जोर: पुलिस विभाग और ग्राउंड मीडिया के बीच विश्वास और सम्मान का माहौल बनाना समय की मांग है। सोशल मीडिया की जमीनी ताकत: मुख्यधारा के मीडिया से पहले कई बार जमीनी हकीकत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सामने आती है, जिसे सुलझे हुए अधिकारी गंभीरता से लेते हैं। जिम्मेदारी का अहसास: जहां एक तरफ अधिकारियों को स्वतंत्र व डिजिटल मीडिया कर्मियों की भूमिका को स्वीकार करना होगा, वहीं कंटेंट क्रिएटर्स और पत्रकारों से भी निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की अपेक्षा की गई है ताकि भ्रामक जानकारियों पर लगाम लग सके। डीजीपी के इस रुख से साफ है कि प्रशासन अब नए दौर के सूचना तंत्र और डिजिटल मीडिया की मौजूदगी को नकारने के बजाय उसके साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।1
- बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता रज़ा मुराद (जिन्हें आपने गलती से 'राम मुराद' लिखा है) ने नागपुर की ऐतिहासिक और पवित्र धरती दीक्षाभूमि पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और भारतीय संविधान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. नागपुर के दीक्षाभूमि दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं: बाबासाहेब के प्रति अगाध श्रद्धा: रज़ा मुराद ने खुद को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का बहुत बड़ा भक्त बताया. उन्होंने कहा कि वे जब भी नागपुर आते हैं, दीक्षाभूमि पर बाबासाहेब को नमन करने ज़रूर पहुंचते हैं. संविधान की सराहना: उन्होंने बाबासाहेब द्वारा देश को दिए गए संविधान की जमकर प्रशंसा की और कहा कि इसी संविधान ने देश के हर नागरिक को उसके अधिकार और सुरक्षा दी है. 'जय भीम' का नारा: दीक्षाभूमि की इस पावन धरती से उन्होंने सभी को 'जय भीम' कहकर अपनी शुभकामनाएं दीं.1