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शहडोल जिले के जैतपुर (कमता) में स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर खुलेआम तेल की कालाबाज़ारी की जा रही है। इस पंप पर ड्रमों में भरकर तेल को ब्लैक किया जा रहा है, जिससे 'अपनों पर रहम और गैरों पर सितम' वाली स्थिति बनी हुई है।
AZMAT KHAN
शहडोल जिले के जैतपुर (कमता) में स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर खुलेआम तेल की कालाबाज़ारी की जा रही है। इस पंप पर ड्रमों में भरकर तेल को ब्लैक किया जा रहा है, जिससे 'अपनों पर रहम और गैरों पर सितम' वाली स्थिति बनी हुई है।
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- मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे खेरवा टोला गांव में शनिवार देर रात बाघ के हमले से दहशत फैल गई। एक बाघ आबादी वाले इलाके में घुस आया और घर में सो रही फूलबाई नामक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। महिला को बचाने पहुंचे चार ग्रामीण भी बाघ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल बन गया और बाघ कई घंटों तक उसी घर में छिपा रहा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा भड़क चुका था। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधिकारियों का घेराव किया और आक्रोशित भीड़ ने रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव सहित वन विभाग के पांच कर्मचारियों पर हमला कर दिया, जिससे रेंजर के सिर में गंभीर चोट आई और अन्य कर्मचारी भी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संज्ञान लिया और मृत महिला के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ सभी घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से विस्तृत जानकारी भी ली। इस बीच, वन विभाग ने गांव में छिपे बाघ को पकड़ने के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। विशेषज्ञों और चिकित्सकीय टीम की मौजूदगी में बाघ को ट्रैंकुलाइज किया गया, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जा सके। शुरुआत में बाघ की हालत सामान्य थी, लेकिन थोड़ी देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद चिकित्सकीय टीम के प्रयासों के बावजूद बाघ की मौत हो गई, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, ट्रैंकुलाइज के दौरान दवा की अधिक मात्रा दिए जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शनिवार देर रात से शुरू हुआ यह घटनाक्रम रविवार सुबह तक पूरे इलाके में तनाव का कारण बना रहा। रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन खेरवा टोला में अब भी डर और गुस्से का माहौल बरकरार है।3
- अनूपपुर में भीषण गर्मी के दौर में, जब इंसान ही नहीं बल्कि वन्यजीव और पशु-पक्षी भी पानी व भोजन की कमी से जूझ रहे हैं, सर्प प्रहरी छोटे लाल यादव जीवों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। अनूपपुर क्षेत्र के जाने-माने सर्प प्रहरी, जिन्होंने हजारों बेहद जहरीले छोटे-बड़े साँपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ा है, अब उन्होंने बंदरों की भूख मिटाने के लिए केले खिलाने की मुहिम भी छेड़ी है। वे अपने दुपहिया वाहन से विभिन्न क्षेत्रों में पहुँचकर बंदरों को केले खिलाने का कार्य कर रहे हैं, ताकि गर्मी के मौसम में उन्हें भोजन उपलब्ध हो सके। छोटे लाल यादव का कहना है कि गर्मियों में जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले बंदरों को भोजन की तलाश में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने यह पहल इसलिए शुरू की है ताकि बेजुबान जीवों को कुछ राहत मिल सके। वे प्रतिदिन अपने वाहन में केले लेकर निकलते हैं और उन स्थानों तक पहुँचते हैं जहाँ बंदरों का जमावड़ा रहता है। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना की है, उनका कहना है कि आज के व्यस्त समय में जब लोग पशु-पक्षियों पर कम ध्यान दे पाते हैं, तब छोटे लाल यादव का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि इंसान होने के नाते केवल मनुष्यों की ही नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं की सेवा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। यह कार्य मानवता और जीवों के प्रति करुणा का संदेश दे रहा है, और क्षेत्र के लोग कहते हैं कि यदि अन्य लोग भी इसी प्रकार आगे आएं और पशु-पक्षियों के लिए पानी व भोजन की व्यवस्था करें, तो गर्मी में बेजुबान जीवों को काफी राहत मिल सकती है। छोटे लाल यादव की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 'ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026' के अंतर्गत आज रविवार को माँ नर्मदा नदी तट पर पुल के पास विशेष संडे डांस एरोबिक्स का आयोजन किया गया। यह शिविर 5 मई से 5 जून तक संचालित हो रहा है। इस अवसर पर एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारजनों एवं स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य, अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता की भावना विकसित करना रहा, जिससे सभी बच्चे, खिलाड़ी और आमजन मानसिक व शारीरिक सद्भावना से परिपूर्ण होकर स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकें। कार्यक्रम में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने उपस्थित होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया एवं फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस विशेष आयोजन में खेल और युवा कल्याण विभाग से खेल अधिकारी जिला खेल प्रशिक्षण, ब्लॉक समन्वयक, एसडीएम रामबाबू देवांगन, डॉ. संतोष परस्ते, श्री मिथिलेश झरिया, श्री मनोज चौक से, श्री जागेश्वर, पदवार सीआरपी कुशवाहा, श्री चेतराम अहिरवार, आरती सोंधिया, श्रीमती सुनीता, लक्ष्मी बनावल राजकुमार और श्रीमती अनीता का विशेष सहयोग रहा। एरोबिक प्रशिक्षक श्री आदर्श परस्ते और सुश्री सुनीता, अन्य प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों का भी विशेष सहयोग मिला। इस प्रशिक्षण में प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर कलेक्टर ने सराहना करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार को इस प्रकार की गतिविधियां की जाएं, ताकि नगर के लोगों को खेल गतिविधियों से स्वस्थ रहने की प्रेरणा मिलती रहे। नर्मदा तट के प्राकृतिक एवं सकारात्मक वातावरण में आयोजित इस गतिविधि ने सभी प्रतिभागियों को ऊर्जा एवं प्रेरणा से भर दिया। कलेक्टर ने जिले वासियों से अपील की है कि अगले रविवार, अर्थात 31 मई 2026 को प्रातः 7 बजे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इन गतिविधियों का लाभ उठाएं।1
- डिंडोरी जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में नौतपा के पहले दिन ही तेज उमस और चिलचिलाती गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सुबह से ही गर्म हवाओं और तेज धूप का असर देखा जा रहा है, जिससे दिनभर लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के बदले तेवरों ने आमजन की दिनचर्या पर भी गहरा असर डाला है। तेज गर्मी के कारण सुबह से ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, लोग केवल अत्यधिक जरूरी काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाहर निकलने वाले अधिकांश लोग गर्मी और लू से बचाव के लिए गमछा, टोपी, चश्मा और चेहरे को कपड़े से ढंककर निकल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वर्ष नौतपा की शुरुआत ही बेहद तपिश भरी हो रही है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, जिले का तापमान आज 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों का सामना करना पड़ सकता है। गर्मी से थोड़ी राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय, लस्सी, शिकंजी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सहारा ले रहे हैं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। डॉक्टरों ने भी लोगों को दोपहर में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। नौतपा के पहले दिन महसूस की जा रही इस तरह की भीषण गर्मी और उमस से लोग आने वाले दिनों में और अधिक तपिश की संभावना को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।1
- डिंडोरी जिले के अमरपुर क्षेत्र में चांदपुर से अमगांव मार्ग पर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बन रही पुलिया के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नई पुलिया बनाने के बजाय पुरानी पुलिया के ऊपर ही निर्माण किया जा रहा है, जिससे इसकी मजबूती और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कार्य स्थल पर निर्माण मानकों का सही पालन नहीं हो रहा और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की निगरानी भी नदारद है। इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों को डर है कि बारिश के मौसम में यदि यह पुलिया कमजोर साबित हुई तो मार्ग बाधित हो सकता है और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहेगी। मामले को तब और गंभीर माना जा रहा है जब ग्रामीणों के बीच यह चर्चा सामने आई है कि पुलिया निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चियों से मजदूरी कराई जा रही है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह श्रम कानूनों का सीधा और खुला उल्लंघन होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, इसकी गुणवत्ता की गहन पड़ताल करने और दोषी ठेकेदार के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा प्रदान करना है, लेकिन इस तरह की लापरवाही से तो पूरी योजना की विश्वसनीयता पर ही प्रश्नचिह्न लग रहा है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग की आने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।2
- आदिवासी बहुल डिंडोरी जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुड़िया कला इन दिनों भीषण जल संकट का सामना कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पीएचई विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजना पिछले सात महीनों से बंद पड़ी है, जिसके चलते उन्हें पीने के पानी के लिए दो किलोमीटर दूर से साइकिल या सिर पर रखकर पानी ढोना पड़ रहा है।1
- अनूपपुर के सजहा किरर क्षेत्र में एक हुंडई कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पड़े पत्थरों से टकरा गई। तेज़ टक्कर से वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मदद की।1
- डिंडोरी जिले के शहपुरा तहसील के करौंदी स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन इसलिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से इस पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अवसर पर, वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के 200वें रविवार को, प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम मौजूद रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ ही इस पुनीत कार्य में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया और आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू शामिल हुए। योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेन्द्र कुड़ापे भी उपस्थित रहे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक मिसाल बताया, क्योंकि यह बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक जारी रहा। उनका कहना था कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेगी। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।2
- डिंडौरी जिले के करौंदी (तहसील शहपुरा) स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के 200वें रविवार को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया, आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू, योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेंद्र कुड़ापे सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। यह रिपोर्ट दिनांक 24/05/2026 को ईश्वर प्रसाद साहू द्वारा प्रस्तुत की गई।4