Shuru
Apke Nagar Ki App…
चित्तौड़गढ़ जिले की कपासन पुलिस के खिलाफ पत्रकारों में भारी रोष देखा जा रहा है, जहाँ पत्रकारों का आरोप है कि पुलिस लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को गुमराह कर रही है। यह रोष विशेषकर पुलिसकर्मियों के मोबाइल स्टेटस को लेकर है, जहाँ जवान से लेकर थानाधिकारी तक अपराधियों की तस्वीरें अपने स्टेटस पर लगा रहे हैं, जबकि पत्रकारों को ऐसे कार्य करने से सख्त मनाही है। इस भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण, चित्तौड़गढ़ पुलिस मीडिया ग्रुप और PRO ग्रुप से एक पत्रकार को बाहर कर दिया गया है। बताया गया है कि पत्रकार द्वारा माफी मांगने के बाद भी ग्रुप के एडमिन द्वारा उन्हें वापस नहीं जोड़ा जा रहा है, जिससे पत्रकारों में असंतोष और गहरा गया है।
Hello Chittorgarh News
चित्तौड़गढ़ जिले की कपासन पुलिस के खिलाफ पत्रकारों में भारी रोष देखा जा रहा है, जहाँ पत्रकारों का आरोप है कि पुलिस लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को गुमराह कर रही है। यह रोष विशेषकर पुलिसकर्मियों के मोबाइल स्टेटस को लेकर है, जहाँ जवान से लेकर थानाधिकारी तक अपराधियों की तस्वीरें अपने स्टेटस पर लगा रहे हैं, जबकि पत्रकारों को ऐसे कार्य करने से सख्त मनाही है। इस भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण, चित्तौड़गढ़ पुलिस मीडिया ग्रुप और PRO ग्रुप से एक पत्रकार को बाहर कर दिया गया है। बताया गया है कि पत्रकार द्वारा माफी मांगने के बाद भी ग्रुप के एडमिन द्वारा उन्हें वापस नहीं जोड़ा जा रहा है, जिससे पत्रकारों में असंतोष और गहरा गया है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- चित्तौड़गढ़ सदर थाना पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर फर्जी फाइनेंस रिकवरी एजेंट बनकर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने वाले तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से वसूली के लिए इस्तेमाल की जा रही एक कार भी जब्त की। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि फर्जी फाइनेंस या रिकवरी एजेंट बनकर लोगों को धमकाने और वाहन जब्त करने की धमकी देकर अवैध वसूली करने वालों के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल कुमार शर्मा और पुलिस उपाधीक्षक बृजेश सिंह के निर्देशन में सदर थाना प्रभारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोजुन्दा पुलिया के पास कुछ लोग खुद को फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट बताकर वाहन चालकों से किस्तों के नाम पर अवैध रूप से धन वसूल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से मदनलाल, शैतान सिंह और राजू गुर्जर नामक तीन व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान, आरोपी किसी भी फाइनेंस कंपनी के अधिकृत एजेंट होने या वाहन रिकवरी संबंधी कोई वैध लाइसेंस अथवा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास मिली एक बलेनो कार को भी जब्त कर लिया, क्योंकि वाहन के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। प्रारंभिक जांच में इस कार का उपयोग अवैध वसूली की गतिविधियों में होने की पुष्टि होने पर इसे राजस्थान पुलिस अधिनियम की धारा 38 के तहत जब्त किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मदनलाल गुर्जर (30 वर्ष), पुत्र नन्दराम गुर्जर, निवासी शनि मंदिर के पास, सैती, थाना सदर चित्तौड़गढ़; शैतान सिंह राजपूत (31 वर्ष), पुत्र गणपत सिंह, निवासी लक्ष्मीपुरा, बराड़ा, थाना सदर चित्तौड़गढ़; और राजू गुर्जर (31 वर्ष), पुत्र जीतमल गुर्जर, निवासी बोजुन्दा, थाना सदर चित्तौड़गढ़ के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों द्वारा अब तक कितने वाहन चालकों से अवैध वसूली की गई है और क्या उनके साथ कोई अन्य लोग भी इस गिरोह में शामिल हैं।1
- हाल ही में सामने आई कई हृदय विदारक घटनाओं ने जहां एक ओर नवजात शिशुओं को निर्ममता से त्यागने के मामलों से समाज को शर्मसार किया है, वहीं दूसरी ओर बेजुबान जानवरों ने अदम्य साहस और मानवीयता का परिचय देते हुए इन बच्चों की जान बचाई है। ऐसी ही एक घटना कैथल के डोगरान गेट क्षेत्र में हुई, जहां एक नवजात बच्ची को पॉलीथीन में लपेटकर नाले में फेंक दिया गया था। आवारा कुत्तों ने उस बच्ची को नाले से बाहर खींचा और लगातार भौंककर स्थानीय लोगों को सचेत किया, जिसके बाद पुलिस और आम लोगों की मदद से उसे तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी प्रकार की एक अन्य घटना में, कड़ाके की ठंड में एक नवजात खेत में लावारिस हालत में मिली। तब एक आवारा कुत्ते और उसके पिल्लों ने पूरी रात उस बच्चे को अपने बीच लिटाकर सुरक्षित रखा और उसे अपने शरीर की गर्मी प्रदान की। जींद के सफीदों में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक नवजात ठंड में सड़क पर पड़ी मिली। बच्ची के रोने की आवाज़ सुनकर एक स्थानीय महिला बाहर आई, जिसने उसे दूध पिलाया और पुलिस को सौंपकर एक फरिश्ते की भूमिका निभाई। पश्चिम बंगाल में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी, जहां टाइलेट के बाहर नवजात को फेंका गया था और कुत्तों के झुंड ने मानवता की मिसाल पेश की थी, जैसा कि बीबीसी न्यूज़ ने बताया। ये सभी घटनाएं इस बात को साबित करती हैं कि बेजुबान जानवर भी कई बार इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बन जाते हैं।1
- चित्तौड़गढ़ की सदर थाना पुलिस ने फर्जी फाइनेंस रिकवरी एजेंट बनकर हाईवे पर वाहनों से अवैध वसूली कर रहे तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध वसूली में प्रयुक्त एक बोलेनो कार को भी जब्त कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव के निर्देश पर, एएसपी मुकुल कुमार शर्मा और डीएसपी बृजेश सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी प्रेम सिंह मय जाप्ता (एएसआई ददु सिंह, कानि नरेन्द्र सिंह, डुंगर सिंह, शैतान सिंह) ने कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर मंगलवार को पुलिस दल चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा हाईवे पर बोजुंदा पुलिया पहुंचा, जहाँ ये तीनों व्यक्ति बोलेनो कार से गुजरने वाले वाहनों को रोककर खुद को फाइनेंस के रिकवरी एजेंट बताकर किश्तों के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। पूछताछ करने पर मदनलाल, शैतान सिंह और राजू गुर्जर नामक इन तीनों व्यक्तियों के पास किसी भी फाइनेंस कंपनी का एजेंट होने या वाहनों की रिकवरी करने का कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं मिला, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास मिली बोलेनो कार के भी कोई वैध दस्तावेज न होने के कारण उसे पुलिस एक्ट की धारा 38 के तहत जब्त किया गया। पुलिस ने इस मामले में शनि मंदिर के पास, सैती थाना सदर चित्तौड़गढ़ निवासी मदनलाल पिता नन्दराम गुर्जर (उम्र 30 साल), लक्ष्मीपुरा, बराड़ा थाना सदर चित्तौड़गढ़ निवासी शैतान सिंह पिता गणपत सिंह राजपूत (उम्र 31 साल) और बोजुंदा थाना सदर चित्तौड़गढ़ निवासी राजू पिता जीतमल गुर्जर (उम्र 31 साल) को गिरफ्तार किया है।1
- भीलवाड़ा जिले के गुरला टोल के पास स्थित नरसिंहपुरा गांव में बुधवार को एक खेत की पत्थर की दीवार में अजगर दिखाई देने से ग्रामीणों में हलचल मच गई। खेत मालिक रमेश कुमावत ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और वन्यजीव रक्षक मौके पर पहुंचे, जिन्होंने रेस्क्यू के दौरान अजगर के साथ उसके अंडे भी सुरक्षित बाहर निकाले। वन्यजीव रक्षक नारायण लाल बैरवा ने बुधवार शाम लगभग 6 बजे जानकारी दी कि रमेश कुमावत के खेत में अजगर होने की सूचना वनपाल चंद्रपाल को दी गई। इसके बाद वन रक्षक दिनेश कुमार रेगर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने देखा कि अजगर दीवार के बीच सुरक्षित बैठा था, और उसे सावधानीपूर्वक बाहर निकालने के प्रयास में उसके अंडे भी दिखाई दिए। वन विभाग की टीम ने पूरी सतर्कता बरतते हुए अजगर और उसके अंडों को बिना किसी क्षति के सुरक्षित रेस्क्यू किया। वन विभाग के रेंजर प्रशांत भट्ट के निर्देशानुसार, अजगर और उसके अंडों को सुरक्षित रूप से वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इस अभियान के दौरान दिनेश कुमार, वनरक्षक सोहनलाल, वनरक्षक योगेंद्र सिंह, वन्यजीव रक्षक नारायण लाल बैरवा और उनकी टीम मौजूद रही। वन विभाग के दिनेश कुमार ने बताया कि यह भारतीय रॉक पाइथन एक विशाल और विषहीन अजगर प्रजाति है, जिसकी लंबाई 20 फीट तक हो सकती है। यह प्रजाति भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित है, और गर्मी के मौसम में मादा अजगर अंडे देती है तथा उनकी सुरक्षा करती है। वन विभाग ने इस दौरान ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया और लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव को नुकसान न पहुंचाएं, बल्कि किसी क्षेत्र में अजगर या अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने यह भी बताया कि वन्यजीव पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।1
- नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने खाती खेड़ा गांव पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। कलेक्टर ने इसके लिए दो घंटे तक बस से सफर किया, जिसके बाद वे खाती खेड़ा पहुंचे और वहां के हर ग्रामीण की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना।1
- मंदसौर जिला जेल के जेलर पी.के. सिंह की सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में संयुक्त बेरोजगार सेना के प्रदेश अध्यक्ष वकील बंजारा ने उनका स्वागत और सम्मान किया। इस अवसर पर, पी.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जेल केवल सजा देने का स्थान नहीं है, बल्कि यह व्यक्तियों के सुधार और पुनर्वास का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। वकील बंजारा ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए बताया कि पी.के. सिंह ने जेल को एक आदर्श सुधार गृह के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समारोह में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और नागरिकों ने पी.के. सिंह को उनके स्वस्थ और सफल सेवानिवृत्त जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में शिक्षा से जुड़े दो प्रमुख मुद्दे इन दिनों गरमा गए हैं। एक तरफ जहां नियमितीकरण की मांग में तेजी आई है, वहीं दूसरी ओर मेवाड़ विश्वविद्यालय भी इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी में जुट गया है।1
- पुरुषों की पीड़ा और उनके लिए न्याय की मांग की आवाज़ राष्ट्रपति महोदया तक पहुँचा दी गई है, और अब इस आवाज़ को देश के प्रधानमंत्री तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि यह अभियान किसी महिला के खिलाफ लड़ाई नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य हर पीड़ित को समान न्याय दिलाना है। इस मांग के पीछे यह सवाल उठाया गया है कि बेटों के दर्द को कब तक अनदेखा किया जाएगा और उनकी चुप्पी को कब तक मजबूरी समझा जाएगा। अब समय आ गया है कि हर पीड़ित की आवाज़ सुनी जाए, चाहे वह पुरुष हो या महिला। लोगों से अपील की गई है कि यदि वे मानते हैं कि कानून और समाज को पुरुषों की पीड़ा भी सुननी चाहिए, तो वे इस मांग को अपना समर्थन दें, ताकि सभी के लिए समान न्याय सुनिश्चित हो सके।1
- बुधवार दोपहर चित्तौड़गढ़ शहर में एक निजी बस की टक्कर से बाइक सवार दो कॉलेज छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह हादसा कलेक्टर बंगले के सामने प्रताप सर्किल के पास हुआ। दुर्घटना के बाद बस चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज गति से आ रही बस ने छात्राओं की बाइक को टक्कर मारी, जिससे वे सड़क पर गिरकर घायल हो गईं। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए घायल छात्राओं कृष्णा जाट और भव्या चुण्ड़ावत को तत्काल श्री सांवलियाजी जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहाँ उनका उपचार जारी है और चिकित्सकों द्वारा उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद शहर में निजी बसों की लापरवाह और तेज रफ्तार आवाजाही को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाने और दोषी बस चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि लगभग एक वर्ष पहले भी जिला कलेक्टर चौराहे के पास राजनंदिनी बस की चपेट में आने से खानाबदोश समुदाय के रणजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। उस घटना में आरोप था कि बस चालक ने घायल को अस्पताल पहुंचाने के बजाय उसे सड़क पर घसीटकर एक ओर पटक दिया था। पुलिस मौजूदा मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार बस चालक की तलाश कर रही है।1