हाल ही में सामने आई कई हृदय विदारक घटनाओं ने जहां एक ओर नवजात शिशुओं को निर्ममता से त्यागने के मामलों से समाज को शर्मसार किया है, वहीं दूसरी ओर बेजुबान जानवरों ने अदम्य साहस और मानवीयता का परिचय देते हुए इन बच्चों की जान बचाई है। ऐसी ही एक घटना कैथल के डोगरान गेट क्षेत्र में हुई, जहां एक नवजात बच्ची को पॉलीथीन में लपेटकर नाले में फेंक दिया गया था। आवारा कुत्तों ने उस बच्ची को नाले से बाहर खींचा और लगातार भौंककर स्थानीय लोगों को सचेत किया, जिसके बाद पुलिस और आम लोगों की मदद से उसे तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी प्रकार की एक अन्य घटना में, कड़ाके की ठंड में एक नवजात खेत में लावारिस हालत में मिली। तब एक आवारा कुत्ते और उसके पिल्लों ने पूरी रात उस बच्चे को अपने बीच लिटाकर सुरक्षित रखा और उसे अपने शरीर की गर्मी प्रदान की। जींद के सफीदों में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक नवजात ठंड में सड़क पर पड़ी मिली। बच्ची के रोने की आवाज़ सुनकर एक स्थानीय महिला बाहर आई, जिसने उसे दूध पिलाया और पुलिस को सौंपकर एक फरिश्ते की भूमिका निभाई। पश्चिम बंगाल में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी, जहां टाइलेट के बाहर नवजात को फेंका गया था और कुत्तों के झुंड ने मानवता की मिसाल पेश की थी, जैसा कि बीबीसी न्यूज़ ने बताया। ये सभी घटनाएं इस बात को साबित करती हैं कि बेजुबान जानवर भी कई बार इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बन जाते हैं।
हाल ही में सामने आई कई हृदय विदारक घटनाओं ने जहां एक ओर नवजात शिशुओं को निर्ममता से त्यागने के मामलों से समाज को शर्मसार किया है, वहीं दूसरी ओर बेजुबान जानवरों ने अदम्य साहस और मानवीयता का परिचय देते हुए इन बच्चों की जान बचाई है। ऐसी ही एक घटना कैथल के डोगरान गेट क्षेत्र में हुई, जहां एक नवजात बच्ची को पॉलीथीन में लपेटकर नाले में फेंक दिया गया था। आवारा कुत्तों ने उस बच्ची को नाले से बाहर खींचा और लगातार भौंककर स्थानीय लोगों को सचेत किया, जिसके बाद पुलिस और आम लोगों की मदद से उसे तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी प्रकार की एक अन्य घटना में, कड़ाके की ठंड में एक नवजात खेत में लावारिस हालत में मिली। तब एक आवारा कुत्ते और उसके पिल्लों ने पूरी रात उस बच्चे को अपने बीच लिटाकर सुरक्षित रखा और उसे अपने शरीर की गर्मी प्रदान की। जींद के सफीदों में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक नवजात ठंड में सड़क पर पड़ी मिली। बच्ची के रोने की आवाज़ सुनकर एक स्थानीय महिला बाहर आई, जिसने उसे दूध पिलाया और पुलिस को सौंपकर एक फरिश्ते की भूमिका निभाई। पश्चिम बंगाल में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी, जहां टाइलेट के बाहर नवजात को फेंका गया था और कुत्तों के झुंड ने मानवता की मिसाल पेश की थी, जैसा कि बीबीसी न्यूज़ ने बताया। ये सभी घटनाएं इस बात को साबित करती हैं कि बेजुबान जानवर भी कई बार इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बन जाते हैं।
- चित्तौड़गढ़ जिले की कपासन पुलिस के खिलाफ पत्रकारों में भारी रोष देखा जा रहा है, जहाँ पत्रकारों का आरोप है कि पुलिस लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को गुमराह कर रही है। यह रोष विशेषकर पुलिसकर्मियों के मोबाइल स्टेटस को लेकर है, जहाँ जवान से लेकर थानाधिकारी तक अपराधियों की तस्वीरें अपने स्टेटस पर लगा रहे हैं, जबकि पत्रकारों को ऐसे कार्य करने से सख्त मनाही है। इस भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण, चित्तौड़गढ़ पुलिस मीडिया ग्रुप और PRO ग्रुप से एक पत्रकार को बाहर कर दिया गया है। बताया गया है कि पत्रकार द्वारा माफी मांगने के बाद भी ग्रुप के एडमिन द्वारा उन्हें वापस नहीं जोड़ा जा रहा है, जिससे पत्रकारों में असंतोष और गहरा गया है।1
- राजस्थान सरकार ने चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में सभी नए प्रवेशों पर आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने यह सख्त प्रशासनिक निर्णय फर्जी डिग्री प्रकरण, जांच में सामने आई कथित गंभीर अनियमितताओं और विभिन्न स्तरों पर जारी जांचों को ध्यान में रखते हुए लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के हित, उच्च शिक्षा व्यवस्था की साख और जनहित को सुरक्षित रखना बताया गया है, जिसके तहत विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नए दाखिले प्रतिबंधित रहेंगे। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय के खिलाफ फर्जी डिग्रियां जारी करने और अन्य प्रशासनिक व शैक्षणिक अनियमितताओं की शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच पर आधारित है। राज्य सरकार ने उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया है। इसी रिपोर्ट के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग ने मेवाड़ विश्वविद्यालय चित्तौड़गढ़ अधिनियम-2009 की धारा 44(1) के तहत विश्वविद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय ने अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है, जिसकी विभागीय स्तर पर समीक्षा जारी है। इसके अतिरिक्त, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने भी फर्जी डिग्री प्रकरणों की जांच के दौरान विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ कर्मचारियों और पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की है, जिसमें कुछ गिरफ्तारियां भी शामिल हैं, जिन्हें सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकारी आदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच अभी जारी है और कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई भी विचाराधीन है। साथ ही, मेवाड़ विश्वविद्यालय अधिनियम-2009 की कुछ धाराओं के संभावित उल्लंघन से संबंधित परिस्थितियाँ भी सरकार के संज्ञान में आई हैं। सरकार का मानना है कि इन परिस्थितियों में नए प्रवेश जारी रखना विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उचित नहीं होगा। संयुक्त सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा की ओर से जारी इस आदेश के बाद मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है, जिससे आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा जगत की निगाहें अब सरकार की अगली कार्रवाई, विभागीय जांच के अंतिम निष्कर्ष और विश्वविद्यालय प्रशासन के जवाब पर टिकी हुई हैं, जिसके बाद ही प्रवेश प्रक्रिया और विश्वविद्यालय के भविष्य पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- कानून के रखवालों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जब एक एएसआई (ASI) को अवैध हुक्का बार चलाते हुए पकड़ा गया। हैरानी की बात यह है कि कोर्ट पहुंचने के बाद भी एएसआई साहब रौब झाड़ते रहे और खुद को 'गैंगस्टर जैसी' फोटो खिंचवाने लायक बताया। यह घटना वर्दी की गरिमा और जिम्मेदारी पर आघात करती है, क्योंकि वर्दी को सेवा और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है, न कि अहंकार या नियम तोड़ने का लाइसेंस। जनता का विश्वास व्यवस्था में बना रहे, इसके लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। जोर देकर कहा गया है कि कानून सबके लिए समान है, चाहे वह आम आदमी हो या वर्दीधारी कर्मचारी। पद का दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, तभी व्यवस्था मजबूत हो पाएगी और जनता का भरोसा कायम रहेगा।1
- आज के दिन एक मनमोहक दर्शन का अनुभव प्राप्त हुआ है। इन अत्यंत करीब से देखे गए दर्शनों के साथ ही जीवन की एक गहरी और मार्मिक सच्चाई को महसूस किया गया है। इस दौरान यह व्यक्त किया गया है कि, सांँवरिया, जिंदगी में लोग पल भर में ही पराये बन जाते हैं।1
- दैनिक वीरधरा राजस्थान के अनुसार, चित्तौड़गढ़ में 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत कनेरा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध अफीम डोडा चूरा से भरी एक बोलेरो पिकअप को जब्त किया है। इस कार्रवाई में कुल 12 क्विंटल 73 किलो 830 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया गया। यह जब्ती घाटारानी क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान हुई, जब पुलिस को देखकर वाहन चालक बोलेरो पिकअप को सड़क पर छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गया। तलाशी लेने पर वाहन में 59 कट्टों में भारी मात्रा में यह अवैध पदार्थ भरा हुआ पाया गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज, उदयपुर गौरव श्रीवास्तव के निर्देशानुसार और मादक पदार्थों के भंडारण एवं परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत की गई। एएसपी मुकुल शर्मा के मार्गदर्शन, डीएसपी निंबाहेड़ा बद्रीलाल के निकट पर्यवेक्षण और थानाधिकारी महेन्द्र सिंह के निर्देशन में एसआई अमृतलाल के नेतृत्व वाली टीम ने यह सफलता हासिल की। नाकाबंदी पॉइंट से लगभग 50 मीटर पहले ही चालक ने अपनी बोलेरो पिकअप छोड़ी और घाटारानी के घने जंगल में अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। पुलिस ने पीछा किया और तलाश भी की, लेकिन रात के अंधेरे और जंगल की सघनता के कारण चालक हाथ नहीं आया। मौके से जब्त की गई पिकअप बोलेरो की तलाशी में काले और पीले रंग के प्लास्टिक के कुल 59 कट्टों में यह अवैध डोडा चूरा मिला। पुलिस ने अवैध अफीम डोडा चूरा और बोलेरो पिकअप दोनों को जब्त कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा स्थित सांवलिया सेठ मंदिर में एक अनोखी भेंट श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गई है। एक भक्त ने अपनी विशेष मनोकामना पूरी होने पर भगवान सांवलिया सेठ को लगभग 50 ग्राम चांदी की हथकड़ी अर्पित की है। आमतौर पर मंदिर में सोना, चांदी, नकदी और आभूषण जैसी भेंटें चढ़ाई जाती हैं, लेकिन हथकड़ी के रूप में की गई यह अनूठी भेंट भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंदिर परिसर में दिनभर इस भेंट को लेकर चर्चाएँ होती रहीं, जिसे श्रद्धालु भगवान सांवलिया सेठ के प्रति अपनी अटूट आस्था और विश्वास का प्रतीक मान रहे हैं।1
- 31 मई, 2026 को फलासिया, भूपाल सागर में कुछ ऐसे अविस्मरणीय क्षण अनुभव किए गए, जो केवल कैमरों में ही नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में भी हमेशा के लिए संजो लिए गए हैं। ये पल अपनी भावनात्मक गहराई और मधुरता के कारण खास बन गए।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में दिनभर पुलिस की सक्रिय कार्रवाई और विभिन्न धार्मिक आयोजनों की व्यापक चर्चा रही। शहर में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मोबाइल चोरी के एक मामले का खुलासा किया। पुलिस की इस कार्रवाई में 12 क्विंटल डोडा चूरा भी जब्त किया गया, जो दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। दूसरी ओर, जिले में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा, जहाँ अशरफी साहब का उर्स विधिवत रूप से शुरू हो गया है।1