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FIR हो, मुकदमा दर्ज हो या Privilege प्रस्ताव लाएं - मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।
Awadh News
FIR हो, मुकदमा दर्ज हो या Privilege प्रस्ताव लाएं - मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।
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- FIR हो, मुकदमा दर्ज हो या Privilege प्रस्ताव लाएं - मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।1
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- दुधवा टाइगर रिजर्व की सीमा पर भीषण आग: मकनपुर फार्म तक पहुँची लपटें, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे मकनपुर फार्म की सीमा पर आज दोपहर भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे न केवल बेशकीमती वन संपदा को भारी नुकसान पहुँचा है, बल्कि सीमावर्ती कृषि फार्मों और वन्यजीवों के लिए भी गंभीर संकट पैदा हो गया है।1
- 12 फरवरीको मजदूरों किसान संगठनों के राष्ट्रीय हड़ताल के आह्वान पर कल जिला मुख्यालय व पलिया तहसील पर भा क पा माले व अखिल भारतीय किसान महासभा करेगा प्रदर्शन। राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन दिया जाएगा । ---------------------------------------- 11 फरवरी , लखीमपुर देश के मजदूर व किसान संगठनों द्वारा 12 फरवरी कॉर्क दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में भा क पा माले,व अखिल भारतीय किसान महासभा, एपवा लखीमपुर पार्टी कार्यालय से जलूस निकलकर अम्बेडकर पार्क में पहुंचेगी वहां सभा के बाद 2 बजे राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा । इसकी जानकारी देते हुए भा क पा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य व जिला सचिव कामरेड कृष्णा अधिकारी ने कहा कि यह हड़ताल सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए बने श्रम कानूनों को बदलकर मजदूर विरोधी बनाए गए श्रम कोड विल , मनरेगा कानून बदलने , बिजली के निजीकरण के खिलाफ , किसान विरोधी बीज विधेयक 2025 व अमेरिका के साथ किसान विरोधी किए गए समझौते के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार इन नए कानूनों व समझौते के जरिए मजदूरों को गुलाम बना रही हैं ,इनको वापस लेने के लिए , पुराने कानून की बहाली के लिए कल की राष्ट्रीय हड़ताल है। उन्होंने कार्यक्रम में किसानों, मजदूरों ,ठेका ,संविदा कर्मियों ,आशा कर्मियों ,मनरेगा मजदूरों से शामिल होने की अपील की है ।2
- Post by Amtali Amtali4
- भारत और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में भारतीय किसान संगठन का विरोध प्रदर्शन लखीमपुर जिले में आज दिनांक 12/02/26 को आपको अवगत कराना है कि हाल ही में भारत अमेरिका व्यापार समझौता हुआ है उस समझौते के अनुसार अमेरिका भारत के अनुसार अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बे रोक टोक आ सकते हैं। जिस पर कोई आयात शुल्क नहीं है। 15 अगस्त 2025 को भारत के प्रधानमंत्री महोदय ने लाल किले की प्राचीर से दिए गए बयान को भारतीय किसान संगठन याद दिलाता है, जिसमें प्रधानमंत्री महोदय द्वारा कहा गया था कि "किसान हितों की रक्षा के लिए वे व्यक्तिगत रूप से भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं पर अमेरिका के आगे झुकेंगे नहीं" अब ऐसी क्या मजबूरी आ गई है कि अमेरिका का शून्य आयात कर स्वीकार कर लिया। भारत में 65% आबादी कृषि एवं सहायक क्षेत्रों पर निर्भर है। किसान हमेशा देश के साथ खड़े रहते हैं। यह समझौता देश हित में नहीं है। एकतरफा अमेरिका अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा कर रहा है। वही भारत सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तोड़ने के लिए इस समझौते को करके अमेरिका के आगे आत्मसमर्पण करने का प्रयास किया है। उपरोक्त समझौते के अनुसार भारत को प्रत्येक वर्ष अमेरिका से भारी भरकम समान खरीदना पड़ेगा जिसकी 103 अरब डॉलर कीमत है। अतः महामहिम से अनुरोध है कि उपरोक्त समझौते पर रोक लगाते हुए देश के आम जन को राहत देने की कृपा करें आज भारतीय किसान संगठन लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव जिला मीडिया प्रभारी मोहम्मद इरफान गाज़ी आज लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति भारत गणराज्य का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को दिया आज लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा और जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव को उनके निजी आवास पर होम अरेस्ट पुलिस द्वारा रखा गया ज्ञापन होने के बाद उनको छोड़ा गया अब देखना यह है की सरकार का अगला कदम क्या होगा।1
- देश की संसद में गन्ना किसानों की आवाज बुलंद हुई। उत्कर्ष वर्मा ने लोकसभा में खड़े होकर गन्ना किसानों की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। लखीमपुर खीरी खीरी सांसद ने कहा कि खाद, डीज़ल, मजदूरी और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन गन्ने का मूल्य किसानों को राहत देने वाला नहीं है। ऐसे में किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए गन्ना मूल्य ₹600 प्रति कुंतल किए जाने की मांग रखी गई। 🔴 मुख्य मांगें: गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹600 प्रति कुंतल किया जाए भुगतान में हो रही देरी पर सख्त कार्रवाई लागत के अनुपात में मूल्य निर्धारण की स्थायी नीति उत्कर्ष वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में लाखों किसान गन्ने पर निर्भर हैं। यदि समय रहते मूल्य नहीं बढ़ाया गया तो किसान कर्ज और घाटे के दुष्चक्र में फंसते जाएंगे। संसद में उठी इस आवाज के बाद अब किसानों की निगाहें केंद्र और राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हैं। 👉 क्या सरकार बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करेगी? किसान इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।1
- निर्भीकता से कोई समझौता नहीं* यूजीसी एक्ट के समर्थन में सीएम हाउस घेराव हेतु आयोजित शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक आंदोलन के दौरान भाजपा शासित सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर पहले वाटर कैनन चलाया गया, उसके बाद लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान समस्त प्रदेश पदाधिकारियों सहित हजारों की तादात में भीम आर्मी के साथियों को गिरफ्तार किया गया। हमारा आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संविधानसम्मत था, जिसका उद्देश्य वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना था। दमन और गिरफ्तारी से हमारे हौसले कमजोर नहीं होंगे — सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा की लड़ाई जारी रहेगी1