बरहापुर चौक के पास बड़ा सड़क हादसा, लक्ष्मी बस की चपेट में आने से दो युवक की मौत - धमधा की सड़क एक बार फिर खून से लाल हो गई। शादी समारोह में शामिल होने जा रहे दो लोगों की दर्दनाक सड़क हादसे में मौके पर ही मौत हो गई। खुशियों से भरा माहौल देखते ही देखते मातम में बदल गया। ग्राम गीरोधा थाना नंदिनी निवासी हरिश्चंद्र यादव (48 वर्ष) पिता माखन यादव और ग्राम खमतराई, बेरला निवासी पीतांबर उर्फ भोले (35 वर्ष) पिता झाड़ी राम, बरहापुर से धमधा की ओर एक शादी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार लक्ष्मी ट्रेवल्स की बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही धमधा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी रामनारायण ध्रुव ने बताया कि बस चालक के खिलाफ विधिवत कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। इस हृदयविदारक घटना से दोनों गांवों में शोक की लहर है। जहां एक ओर शादी के घर में बैंड-बाजे की तैयारियां चल रही थीं, वहीं अब रोने-बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बरहापुर चौक के पास बड़ा सड़क हादसा, लक्ष्मी बस की चपेट में आने से दो युवक की मौत - धमधा की सड़क एक बार फिर खून से लाल हो गई। शादी समारोह में शामिल होने जा रहे दो लोगों की दर्दनाक सड़क हादसे में मौके पर ही मौत हो गई। खुशियों से भरा माहौल देखते ही देखते मातम में बदल गया। ग्राम गीरोधा थाना नंदिनी निवासी हरिश्चंद्र यादव (48 वर्ष) पिता माखन यादव और ग्राम खमतराई, बेरला निवासी पीतांबर उर्फ भोले (35 वर्ष) पिता झाड़ी राम, बरहापुर से धमधा की ओर एक शादी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार लक्ष्मी ट्रेवल्स की बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही धमधा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी रामनारायण ध्रुव ने बताया कि बस चालक के खिलाफ विधिवत कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। इस हृदयविदारक घटना से दोनों गांवों में शोक की लहर है। जहां एक ओर शादी के घर में बैंड-बाजे की तैयारियां चल रही थीं, वहीं अब रोने-बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- खेत-खलिहानों से जुड़े श्रमिकों के जीवन में संबल, सुरक्षा और आत्मसम्मान की मजबूत नींव रख रही ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ जहाँ श्रम का सम्मान होता है, वहीं समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। सुशासन सरकार द्वारा संचालित "दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना" केवल एक योजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश खेतिहर श्रमिकों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का सशक्त संकल्प है। योजना अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि हर उस कृषी श्रमिक के परिश्रम को नमन है, जिसके पसीने की बूंदों से छत्तीसगढ़ के खेतों में फसलें लहलहाती हैं।1
- डोंगरगढ़ की माँ बम्लेश्वरी: 2200 साल पुरानी आस्था की अमर गाथा, जहां प्रेम, भक्ति और चमत्कार एक साथ बुनते हैं देवी का दरबार! छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पहाड़ी पर विराजमान यह शक्तिपीठ लाखों भक्तों की मनोकामना पूरी करता है – जानिए पूरी कथा, राजाओं की भक्ति से लेकर प्रेमियों के पुनर्जीवन तक नमस्कार दोस्तों, आप देख रहे हैं द छत्तीसगढ़ चैनल। मैं हूं आपके साथ योगेश कुमार साहू। आज हम लेकर आए हैं छत्तीसगढ़ की सबसे प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ बम्लेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ की पूरी कहानी। यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि 2200 वर्ष पुरानी भक्ति, राजसी इतिहास और एक अनोखी प्रेम कथा का जीवंत साक्षी है। चैत्र नवरात्र 2026 में यहां लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं – 1000 सीढ़ियां चढ़कर, रोपवे से या पैदल – सब माँ के दर्शन के लिए। 7 दिनों में 10 लाख से ज्यादा भक्त आ चुके हैं, और मंदिर 8 हजार से ज्यादा ज्योति कलशों से जगमगा रहा है। प्रसाद योजना के तहत नए पर्यटक सुविधा केंद्र भी बन चुके हैं। लेकिन असली महिमा तो माँ की चमत्कारी कहानी में है। चलिए, विस्तार से जानते हैं। 1600 फीट ऊंची पहाड़ी पर बड़ी बम्लेश्वरी, नीचे छोटी बम्लेश्वरी और मंझली रणचंडी – तीनों स्वरूपों में माँ बगलामुखी (दुर्गा का रूप) जागृत हैं। प्राचीन नाम था कामाख्या नगरी या कामावती नगर। यहां की यात्रा हर भक्त को माँ के चरणों में ले जाती है। 2200 वर्ष पुरानी शुरुआत: राजा वीरसेन की संतानहीन पीड़ा और मंदिर की नींव करीब 2200 साल पहले, कामाख्या नगरी में राजा वीरसेन का शासन था। वे प्रजापालक थे, लेकिन संतान नहीं थी। पंडितों की सलाह पर उन्होंने शिवजी और माँ दुर्गा की एक साल तक कठोर तपस्या की। देवी-देवता प्रसन्न हुए, रानी को पुत्र रत्न प्राप्त हुआ – नाम रखा मदनसेन। आभार में राजा ने पहाड़ी पर माँ बम्लेश्वरी (दुर्गा का शक्तिरूप) का मंदिर बनवाया। यहीं से शुरू हुई इस धाम की यात्रा। मदनसेन के बाद उनके पुत्र राजा कामसेन गद्दी पर आए। वे भी माँ बगलामुखी के परम भक्त थे। राजा कामसेन की तपस्या और माँ का पहाड़ी पर अवतरण कामसेन ने तपोबल से माँ बगलामुखी को इतना प्रसन्न किया कि विनती की – “माँ, पहाड़ी की चोटी पर विराजमान हो जाओ, ताकि प्रजा आसानी से दर्शन कर सके।” माँ प्रसन्न हुईं और बड़ी बम्लेश्वरी स्वरूप में प्रकट हो गईं। लेकिन जंगल और दुर्गम रास्ते से भक्तों को कष्ट होता देख राजा ने फिर प्रार्थना की – “माँ, नीचे भी विराजमान हो जाओ।” माँ ने उनकी भक्ति और प्रजा-कल्याण की भावना देखी, और पहाड़ से उतरकर छोटी बम्लेश्वरी व मंझली रणचंडी के रूप में जागृत हो गईं। आज भी तीनों माताएं भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। अब आती है वो सबसे भावुक प्रेम कथा – माधवानल और कामकंदला की जुदाई और माँ का चमत्कार यह कथा मंदिर की सबसे प्रसिद्ध है। कामाख्या नगरी संगीत-नृत्य की नगरी थी। राजा कामसेन के दरबार में गायक माधवानल और नृतकी कामकंदला आए। दोनों पहली नजर में प्रेम में पड़ गए। एक बार नृत्य में ताल बिगड़ने पर माधवानल ने कारण बताया। राजा प्रसन्न होकर मोतियों की माला दी, लेकिन माधवानल ने उसे कामकंदला को सौंप दिया। राजा क्रोधित हुए और माधवानल को निकाल दिया। राजकुमार मदनादित्य भी कामकंदला पर मोहित था। उसने राजद्रोह का आरोप लगाकर कामकंदला को बंदी बना लिया। माधवानल मदद के लिए उज्जैन पहुंचे – राजा विक्रमादित्य के पास। विक्रमादित्य ने युद्ध किया, शिव-दुर्गा के हस्तक्षेप से संधि हुई। लेकिन विक्रमादित्य ने परीक्षा ली – झूठ बोला कि माधवानल मर गया। दुख से कामकंदला ने तालाब में कूदकर प्राण त्याग दिए। माधवानल को पता चला तो उसने भी जीवन समाप्त कर दिया। यहां हुआ चमत्कार! विक्रमादित्य ने माँ बगलामुखी को आह्वान किया। माँ प्रकट हुईं, दोनों प्रेमियों को जीवित किया और कहा – “सच्चा प्रेम कभी नहीं मरता। मैं यहां जागृत रूप में रहूंगी, सच्चे प्रेमियों और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करूंगी।” यही कारण है कि माँ बम्लेश्वरी को “प्रेमियों की देवी” भी कहा जाता है। यह कथा ‘माधवानल कामकंदला’ ग्रंथ में विस्तार से है। मंदिर का वर्णन और वर्तमान महिमा बड़ी बम्लेश्वरी 1600 फीट ऊंची पहाड़ी पर है – 1000+ सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। मंदिर भव्य, माँ की मूर्ति चमकदार। नीचे छोटी बम्लेश्वरी अक्षरधाम शैली में – 8 द्वार, 44 स्तंभ, 95 फीट ऊंचा। गर्भगृह सोने-चांदी से सजा। चारों ओर हरा-भरा जंगल, तालाब – प्रकृति का अद्भुत संगम। ट्रस्ट (1976 से) संचालित। रोपवे, धर्मशालाएं, भोजनालय सब उपलब्ध। नवरात्र में नारियल चढ़ाव, ज्योति कलश – मंदिर जगमगाता है। भक्त कहते हैं – “सच्चे दिल से मांगी मनोकामना पूरी होती है।” संतान, विवाह, नौकरी, स्वास्थ्य – सब मिलता है। कैसे पहुंचें? • रेल: डोंगरगढ़ जंक्शन (मुंबई-हावड़ा रूट) • सड़क: राजनांदगांव से 35 किमी, रायपुर से 106 किमी (NH-6) • हवाई: रायपुर एयरपोर्ट (72 किमी) दोस्तों, डोंगरगढ़ की माँ बम्लेश्वरी सिर्फ धाम नहीं, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर हैं। यहां राजा वीरसेन की भक्ति, कामसेन की तपस्या और माधवानल-कामकंदला का प्रेम एक साथ सांस लेता है। जो एक बार आता है, बार-बार लौटना चाहता है। अगर आप भी माँ के दरबार में जाना चाहते हैं, तो बस मन में संकल्प लीजिए – माँ जरूर बुलाएंगी। जय माँ बम्लेश्वरी! जय छत्तीसगढ़! धन्यवाद देखने के लिए। अगर आपको यह वीडियो पसंद आया तो लाइक, शेयर और सब्सक्राइब जरूर करें। बेल आइकन दबाकर नोटिफिकेशन ऑन रखें, ताकि छत्तीसगढ़ की हर खबर और कहानी सबसे पहले आप तक पहुंचे। नमस्कार, जय जोहार!1
- अंबुजा अडानी सीमेंट प्लांट में एक नाबालिग बच्चे के साथ कथित बर्बरता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घायल बच्चे का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। इस बीच परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कुछ जनप्रतिनिधि और कंपनी से जुड़े लोग उन्हें प्रलोभन देकर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बना रहे हैं। परिजनों के मुताबिक घटना शनिवार की है, लेकिन इसके बाद गांव के कुछ लोगों द्वारा लगातार धमकाया गया और थाना न जाने के लिए दबाव बनाया जाता रहा। मामला सामने आने के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही संदीप साहू, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे और भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद यादव जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। वहीं पुलिस ने मामले में एक आरोपी सुरक्षा कर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि परिजनों का कहना है कि इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे, लेकिन अब तक केवल एक ही गिरफ्तारी हुई है। साहू समाज और विधायक संदीप साहू ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।1
- "जस गीत केवल सुर और ताल नहीं, बल्कि भक्ति और श्रद्धा की सजीव अभिव्यक्ति है।" "जहाँ जस गीत गूंजता है, वहाँ माँ की कृपा स्वयं विराजती है।" "जस गीत की हर पंक्ति में आस्था का सागर और भक्ति का गहरापन छिपा होता है।" "जस गीत आत्मा को माँ के चरणों से जोड़ने का पवित्र माध्यम है।" "संगीत जब भक्ति से मिल जाए, तो जस गीत बनकर हृदय को दिव्यता से भर देता है।" "जस गीत केवल प्रस्तुति नहीं, यह माँ के प्रति समर्पण की अनुभूति है।" "भक्ति की सच्ची पहचान है—दिल से गाया गया जस गीत।" "जस गीत में शब्द नहीं, भाव बोलते हैं और माँ तक पहुँचते हैं।"1
- पालडोंगरी में आंवला पहाड़ी के पास बाईक और कार की जबरदस्त भिड़ंत: 2 घायलों को अस्पताल में किया गया भर्ती लांजी। पुलिस थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम पालडोंगरी स्थित आंवला पहाड़ी के समीप लांजी-आमगांव मुख्य मार्ग पर अर्टिगा कार और बाईक की जबरदस्त भिड़ंत में बिसोनी निवासी मां-बेटे गंभीर रूप से घायल हो गये, जिन्हे उपचार के लिये लांजी निवासी रिषी सिल्लारे द्वारा अपनी निजी कार से सिविल अस्पताल लांजी लाकर भर्ती कराया गया, जहां मौजूद चिकित्सकीय टीम के द्वारा तत्काल ही उपचार प्रारंभ कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार 25 मार्च को यह हादसा उस वक्त हुआ जब अर्टिगा कार वाहन क्रमांक एमपी 50/जेडडी 4645 जो कि आमगांव की तरफ जा रही थी के साथ बाईक की भिडंत हो गई, इस सड़क दुर्घटना में बाईक सवार बिसोनी निवासी मां-बेटा रामकली कुचलाहे और प्रमोद कुचलाहे गंभीर रूप से घायल होकर लहुलुहान हो गये, गनीमत रही कि समय रहते लांजी निवासी युवक रिषि सिल्लारे के द्वारा अपनी निजी कार से दोनो ही घायलों को सिविल अस्पताल लांजी लाकर भर्ती कराया गया। वहीं अस्पताल में तत्काल ही घायलों का उपचार प्रारंभ कर दिया गया।1
- छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से सबसे बड़े शिवलिंग प्राण-प्रतिष्ठा।। Mahadev Temple Biggest #shortvideo #mahadev #viralvideos #trending #shortvideo #shuruapp #youtubevideo #shivling1
- छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बड़ा फैसला लेते हुए कक्षा 12वीं की हिंदी परीक्षा को रद्द कर दिया है। 14 मार्च को हुई यह परीक्षा अब अमान्य घोषित कर दी गई है और अब यह परीक्षा दोबारा 10 अप्रैल 2026 को आयोजित होगी। दरअसल, सोशल मीडिया पर हिंदी पेपर के लीक होने के दावे सामने आए थे… जांच में मामला सही पाया गया, जिसके बाद बोर्ड ने यह कड़ा कदम उठाया। बताया जा रहा है कि परीक्षा शुरू होने से करीब 10 घंटे पहले ही पेपर टेलीग्राम ग्रुप्स में वायरल हो चुका था। अब साइबर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नई तारीख के अनुसार अपनी तैयारी जारी रखें। ऐसी ही बड़ी और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें The Chhattisgarh के साथ… और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।1
- बलौदाबाजार में स्थित अंबुजा अडानी सीमेंट प्लांट में एक नाबालिग बच्चे के साथ सिक्योरिटी गार्ड द्वारा कथित बर्बरता का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घायल बच्चे का जिला अस्पताल में इलाज जारी है, जहां परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कुछ जनप्रतिनिधि और कंपनी से जुड़े लोग उन्हें प्रलोभन देकर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बना रहे हैं। परिजनों के मुताबिक घटना शनिवार की है, लेकिन इसके बाद गांव के कुछ लोगों द्वारा उन्हें लगातार धमकाया गया और थाना न जाने के लिए दबाव बनाया जाता रहा। मामला सामने आने के बाद अब सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस विधायक संदीप साहू, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे और भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद यादव सहित साहू समाज के लोग जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। वहीं पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी सुरक्षा कर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि परिजनों का आरोप है कि इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे, लेकिन अब तक केवल एक ही गिरफ्तारी हुई है। साहू समाज और विधायक संदीप साहू ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।6
- बिना वैध डिग्री एलोपैथी उपचार करने वाले व्यक्ति पर FIR दर्ज करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने लांजी के खण्ड चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया है कि बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के एलोपैथी पद्धति से चिकित्सा करने वाले सालस परवेंदर सिंह के विरूद्ध थाने में एफआईआर दर्ज कराये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि श्री सालस परवेन्दर सिंह आर, पिता श्री रनवीर सिंह सरदार, निवासी शिवाजी वार्ड क्रमांक 04, लखनादोन, जिला सिवनी द्वारा दिनांक 01 मार्च 2026 को ग्राम बोलेगांव, तहसील लांजी में बिना राज्य शासन से मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय अर्हता के मरीजों का एलोपैथिक पद्धति से उपचार किया जा रहा था। यह कृत्य मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 के प्रावधानों का उल्लंघन है। उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि आरोपी के विरुद्ध अधिनियम की धारा 24 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही एफआईआर दर्ज होने के पश्चात उसकी प्रति जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित एवं पंजीकृत चिकित्सकों से ही उपचार कराएं तथा किसी भी अवैध चिकित्सा गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।1