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राजलदेशर समाचार में गुरूकुल उद्दघाटन के दिर्तिय दिवस पर वैदो और शास्त्रो और हमारो संस्कृत भाषा के विदवानो और संत समाज से आयी हुयी विभुतियो ने आये हुये श्रदालुओ और गुरूकुल में प्रवेश हुये विधार्थियो कलिकाल में किस तरह शिक्षा लेकर अपने उद्दार के साथ सभी का उद्दार हो और गुरूकुल के महत्व को समझाया और आज कि शिक्षा प्रणाली में हमारे शास्त्र शिक्षा का कैसे समावेश हो।
Bhajan lal sharma
राजलदेशर समाचार में गुरूकुल उद्दघाटन के दिर्तिय दिवस पर वैदो और शास्त्रो और हमारो संस्कृत भाषा के विदवानो और संत समाज से आयी हुयी विभुतियो ने आये हुये श्रदालुओ और गुरूकुल में प्रवेश हुये विधार्थियो कलिकाल में किस तरह शिक्षा लेकर अपने उद्दार के साथ सभी का उद्दार हो और गुरूकुल के महत्व को समझाया और आज कि शिक्षा प्रणाली में हमारे शास्त्र शिक्षा का कैसे समावेश हो।
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- Post by Bhajan lal sharma2
- एक तरफ सड़क सुरक्षा सप्ताह और यातायात नियमों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही है। दिनदहाड़े, प्रशासन की नाक के नीचे लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बसों की छतों पर यात्रा कर रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस जानलेवा लापरवाही पर रोक लगाने वाला कोई नहीं है और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से नदारद है। आखिर इन हादसों को न्योता देती बसों पर कार्रवाई कब होगी? क्या सिस्टम को किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार है?#RoadSafety #AdministrationFail #RajasthanNews #Churu #RiskyJourney #TrafficRules #GroundReport #BreakingNews #JhalkoMedia #सड़क_सुरक्षा #लापरवाही #राजस्थान_न्यूज़2
- झुंझुनूं। शहर के गुढ़ा फाटक के पास खड़े एक ई-रिक्शा में अचानक आग लग गई। मिली जानकारी के अनुसार ई-रिक्शा चालक वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर सामने दुकान पर गया हुआ था, इसी दौरान रिक्शा में आग लग गई। चालक तुरंत रिक्शा के पास मौके पर पहुंचा। और समय रहते स्थानीय लोगों कि मदद से आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। गनीमत रही कि आग फैलने से पहले ही बुझा दी गई, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है, हालांकि भीषण गर्मी या शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है।1
- Post by सम्राट vlog नवलगढ़1
- Post by Harish Rajasthani1
- रानोली। सीकर जिले के टोडी माधोपुरा गांव में बालाजी मंदिर के नवनिर्मित भव्य गेट का विधिवत शुभ उद्घाटन धार्मिक विधि-विधान के साथ किया गया। इस अवसर पर गांव में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सज-धज कर सिर पर कलश धारण करते हुए भव्य कलश यात्रा निकाली। यह यात्रा मंदिर से शुरू होकर नए गेट तक पहुंची, जहां पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। मंदिर के इस सुंदर एवं आकर्षक प्रवेश द्वार का निर्माण सावरमल कुमावत टेलर के सुपुत्र सुरेश कुमावत एवं राजू कुमावत द्वारा करवाया गया है। आकर्षक नक्काशी और डिजाइन से सुसज्जित यह गेट मंदिर की शोभा को और अधिक बढ़ा रहा है। ग्रामीणों की आस्था, सहयोग और समर्पण से तैयार यह गेट सामूहिक भागीदारी का प्रतीक भी बनकर उभरा है। उद्घाटन के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्थाएं सराहनीय रहीं। इस अवसर पर पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी (सीकर), पूर्व प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र खीचड़, पिपराली मंडल अध्यक्ष श्रवण मुंड, लालचंद कुमावत (पिपराली) एवं श्रवण कुमावत सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- न्यूज | मालाखेड़ा (अलवर) वाल्मीकि समाज पर अत्याचार के विरोध में फूंका विधायक टीकाराम जूली का पुतला, आंदोलन तेज करने की चेतावनी मालाखेड़ा क्षेत्र के गांव नंगली झामावत में वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ गत 15 तारीख को हुए कथित अत्याचार के विरोध में 1 मई 2026 को वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मुख्य बाजार चौक में उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान वाल्मीकि सेना प्रमुख अनिल वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि घटना के बाद विधायक द्वारा पीड़ित परिवार की कोई सुध नहीं ली गई और न ही किसी प्रकार की सहायता प्रदान की गई। इसी के विरोध में यह कदम उठाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक विधायक टीकाराम जूली वाल्मीकि समाज के बीच आकर माफी नहीं मांगते, तब तक राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर उनके पुतले जलाए जाएंगे और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से अनिल वाल्मीकि, लल्लू राम वाल्मीकि, प्रदीप सिंगेलिया, सुरेंद्र बिवाल, चौखाराम, मनोज वाल्मीकि, बनवारी वाल्मीकि, गोविंद वाल्मीकि, संजय वाल्मीकि, साहिल निंदनिया, सुधीर सारसर, राजेश, विजेंद्र, नीरज, नीलू, राजेश पिवाल, टीकम वाल्मीकि, गौतम वाल्मीकि और लोकेश सहित अन्य लोगों की उपस्थिति रही। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें भी प्रशासन के सामने रखीं और जल्द कार्रवाई की मांग की।1
- ब्रेकर गलत है या फिर वाहन चालक आप सभी इस एक्सीडेंट दुर्घटना का विडिओ देखकर जरूर दे आजकल जिसके भी मन मे आये गांवो में बिना सरकारी इज्जाजत और बिना किसी आदेश के ब्रेकर बना देते है।1