मैहर में साइबर अपराधों और सोशल फ्रॉड से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने के खतरों के साथ-साथ साइबर सुरक्षा के विभिन्न उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। अभियान के समापन समारोह पर, मैहर के एसपी अवधेश प्रताप सिंह और मैहर के विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से विशेष रूप से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि साइबर ठगी की किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
मैहर में साइबर अपराधों और सोशल फ्रॉड से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने के खतरों के साथ-साथ साइबर सुरक्षा के विभिन्न उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। अभियान के समापन समारोह पर, मैहर के एसपी अवधेश प्रताप सिंह और मैहर के विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से विशेष रूप से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि साइबर ठगी की किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
- मैहर में साइबर अपराधों और सोशल फ्रॉड से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने के खतरों के साथ-साथ साइबर सुरक्षा के विभिन्न उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। अभियान के समापन समारोह पर, मैहर के एसपी अवधेश प्रताप सिंह और मैहर के विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से विशेष रूप से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि साइबर ठगी की किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।1
- मैहर जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से "सेफ क्लिक 2.0" साइबर सुरक्षा अभियान के तहत एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी और मैहर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह उपस्थित थे। यह जागरूकता रथ जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देगा। अभियान के माध्यम से फर्जी कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी साझा करने, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, साइबर ब्लैकमेल, सोशल मीडिया ठगी एवं बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से सतर्क रहने का संदेश दिया जाएगा। साथ ही, किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा। इस अभियान के दौरान नागरिकों से विशेष अपील की गई कि वे हमेशा सतर्क रहें, किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें तथा साइबर अपराधों के प्रति स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। इस मौके पर मैहर सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान, टीआई अनिमेष द्विवेदी सहित भारतीय जनता पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने बताया कि "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत यह जागरूकता रथ जिले के प्रत्येक क्षेत्र में पहुंचकर आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिससे साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।4
- उचेहरा सिविल अस्पताल में बिजली गुल होने के कारण मरीजों को, खासकर लेबर रूम में भर्ती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली चले जाने से पंखे बंद हो गए, जिससे गर्मी और उमस के कारण मरीजों की बेचैनी काफी बढ़ गई। स्थिति इतनी खराब हो गई कि कुछ महिलाओं को अस्पताल से बाहर बैठकर राहत पानी पड़ी। मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, साथ ही यह भी कहा कि बैकअप व्यवस्था न होने से समस्या और बिगड़ गई। इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के शहरी परिवहन क्षेत्र में आगामी जुलाई महीने से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार की 'पीएम-ई बस सेवा' के तहत प्रदेश के प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होगा। सबसे पहले देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को इस सेवा की सौगात मिलेगी, जहाँ शुरुआती तौर पर 8 महत्वपूर्ण रूटों को चिन्हित किया गया है। इसके बाद, राजधानी भोपाल और संस्कारधानी जबलपुर में भी इस सेवा का विस्तार किया जाएगा, जहाँ प्रत्येक शहर को 100-100 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। इन बसों के चलने से आम जनता का सफर आरामदायक और किफायती होगा, साथ ही महानगरों में वायु और ध्वनि प्रदूषण से भी बड़ी राहत मिलेगी। यात्रियों को कई अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें पूर्णतः वातानुकूलित माहौल, शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ पर्यावरण अनुकूल यात्रा, और सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरे तथा जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम शामिल हैं। इन बसों का किराया आम जनता की जेब को ध्यान में रखते हुए बेहद वाजिब तय किया जा रहा है, ताकि हर वर्ग का नागरिक इस आधुनिक सेवा का लाभ उठा सके। यह 'पीएम-ई बस सेवा' मध्य प्रदेश के शहरी यातायात को हाईटेक बनाएगी और स्मार्ट सिटी की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में स्थित माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज, दिनांक 29 जून 2026, सोमवार के प्रातःकालीन श्रृंगार के अद्भुत दर्शन हुए। इन दर्शनों को 'अदभुत श्रृंगार' के रूप में वर्णित किया गया है, जिसके साथ 'जय हो माई की' का पवित्र उद्घोष भी किया गया।2
- पेरिस के मशहूर एफिल टावर पर शनिवार रात (27 जून 2026) को एक भीषण शक्तिशाली तूफान के दौरान आकाशीय बिजली गिरी। भयंकर गर्मी की चपेट में आए फ्रांस की राजधानी में इस आसमानी बिजली ने पल भर में रात के अंधेरे को चकाचौंध कर दिया, जिसे सोशल मीडिया पर लोग “कुदरत का लाइट शो” बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि घने काले बादलों के बीच जैसे ही विशाल आसमानी बिजली 330 मीटर ऊंचे इस ऐतिहासिक आयरन टावर के शीर्ष से टकराई, पूरा एफिल टावर और पेरिस का आसमान नीली-सफेद रोशनी से जगमगा उठा। हालांकि, इस घटना से किसी भी प्रकार का नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।1
- एक भक्त ने अपनी धर्मपत्नी के साथ भगवान महादेव के श्रीचरणों में शीश नवाकर उनका पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। उनका दृढ़ विश्वास है कि जहाँ महादेव की कृपा होती है, वहाँ जीवन की हर कठिन राह सरल हो जाती है। इस दौरान उन्होंने भोलेनाथ से प्रार्थना की कि वे सभी के जीवन में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशियों का वास करें। भक्तजनों ने कामना की कि महादेव का आशीर्वाद सदैव बना रहे, जिससे मन में श्रद्धा, रिश्तों में प्रेम और जीवन में सद्भाव बना रहे।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा क्षेत्र में संचालित एक शराब दुकान पर प्रिंट रेट (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में कथित तौर पर दुकानदार और एक ग्राहक के बीच हुई बातचीत के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि ₹230 एमआरपी वाली शराब की बोतल ₹270 में बेची जा रही है, यानी प्रति बोतल ₹40 अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। इस वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन आरोपों के सही पाए जाने पर इसे उपभोक्ता अधिकारों और आबकारी नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब की पैकारी (खुदरा बिक्री) की जा रही है, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है और नियमों की अनदेखी भी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने या अवैध पैकारी की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासन एवं आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित पक्षों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिए जाने की बात कही गई है।1