गांवों में खत्म होता भाईचारा: जमीन, जाति और राजनीति ने रिश्तों में घोला जहर प्रतापगढ ग्रामीण भारत की पहचान रहे आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कभी “एक परिवार” की तरह रहने वाले गांवों में आज आपसी विवाद, मनमुटाव और दुश्मनी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब भाई ही भाई का सबसे बड़ा विरोधी बनता जा रहा है। जानकारों की मानें तो जमीन-जायदाद के झगड़े, जातीय खींचतान, और स्थानीय राजनीति की बढ़ती दखलंदाजी ने गांवों के पारंपरिक सामाजिक ढांचे को कमजोर कर दिया है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़कर पुलिस और अदालत तक पहुंच रहे हैं, जिससे रिश्तों में दरार और गहरी होती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले जहां किसी भी संकट के समय पूरा गांव एकजुट होकर खड़ा होता था, वहीं अब कई मामलों में लोग तमाशबीन बने रहते हैं। आपसी सहयोग और संवेदनशीलता में कमी साफ तौर पर महसूस की जा रही है। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि पहले गांव में “हम” की भावना थी, जो अब “मैं” में बदल गई है। नई पीढ़ी में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत स्वार्थ ने सामाजिक समरसता को प्रभावित किया है। हालांकि, कुछ सकारात्मक उदाहरण भी सामने आते हैं, जहां विपरीत परिस्थितियों में लोग फिर से एक-दूसरे की मदद करते दिखाई देते हैं। ऐसे उदाहरण यह साबित करते हैं कि भाईचारा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि उसे फिर से जागृत करने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक संवाद, आपसी समझ और सामूहिक प्रयासों से ही गांवों की पुरानी एकता और भाईचारे को पुनः स्थापित किया जा सकता है।
गांवों में खत्म होता भाईचारा: जमीन, जाति और राजनीति ने रिश्तों में घोला जहर प्रतापगढ ग्रामीण भारत की पहचान रहे आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कभी “एक परिवार” की तरह रहने वाले गांवों में आज आपसी विवाद, मनमुटाव और दुश्मनी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब भाई ही भाई का सबसे बड़ा विरोधी बनता जा रहा है। जानकारों की मानें तो जमीन-जायदाद के झगड़े, जातीय खींचतान, और स्थानीय राजनीति की बढ़ती दखलंदाजी ने गांवों के पारंपरिक सामाजिक ढांचे को कमजोर कर दिया है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़कर पुलिस और अदालत तक पहुंच रहे हैं, जिससे रिश्तों में दरार और गहरी होती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले जहां किसी भी संकट के समय पूरा गांव एकजुट होकर खड़ा होता था, वहीं अब कई मामलों में लोग तमाशबीन बने रहते हैं। आपसी सहयोग और संवेदनशीलता में कमी साफ तौर पर महसूस की जा रही है। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि पहले गांव में “हम” की भावना थी, जो अब “मैं” में बदल गई है। नई पीढ़ी में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत स्वार्थ ने सामाजिक समरसता को प्रभावित किया है। हालांकि, कुछ सकारात्मक उदाहरण भी सामने आते हैं, जहां विपरीत परिस्थितियों में लोग फिर से एक-दूसरे की मदद करते दिखाई देते हैं। ऐसे उदाहरण यह साबित करते हैं कि भाईचारा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि उसे फिर से जागृत करने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक संवाद, आपसी समझ और सामूहिक प्रयासों से ही गांवों की पुरानी एकता और भाईचारे को पुनः स्थापित किया जा सकता है।
- प्रतापगढ़। दर्शन करने जा रहे युवक की गोली मारकर हत्या, रास्ते में घात लगाए बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम, घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुरानी रंजिश में गोली मारने की जताई आशंका, सूचना पर एसपी दीपक भूकर घटनास्थल पहुंचे, फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।पुलिस अंतू थाना के रेबी रजानीपुर गांव का मामला1
- *प्रतापगढ़* अंतू थाना क्षेत्र में युवक को गोली लगने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार डूहिया गांव निवासी पंकज शुक्ला को अज्ञात बदमाशों ने मारी गोली , जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ भेजा गया। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद पंकज शुक्ला को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना स्थल पर अंतू थाना प्रभारी समेत भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल घटना के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं।1
- Post by REPORTER ANKIT4
- प्रतापगढ: भारतीय जनता पार्टी द्वारा संचालित पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के तहत गौरा मंडल का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्रीय रामापुर बाजार स्थित मैरिज हाल में विधिवत प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, पं. दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण और माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सामूहिक गान कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। सत्र के मुख्य वक्ता पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. शिवाकांत ओझा रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के इतिहास, उसके राष्ट्रवादी विचारों और संगठनात्मक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि त्याग, समर्पण और अनुशासन के बल पर भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित है और निरंतर राष्ट्र सेवा में सक्रिय है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में इ. पूर्णांशु ओझा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्यामू भइया, जिला उपाध्यक्ष श्री अशोक सरोज, मंडल प्रभारी श्री अशोक सिंह, मंडल अध्यक्ष श्री बृजेश पटेल, मंडल महामंत्री श्री ओमप्रकाश एवं श्री लालचंद, मंडल उपाध्यक्ष श्री ज्ञान प्रकाश सिंह, श्री प्रदीप सिंह, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती कुसुमदेवी कश्यप, मंडल उपाध्यक्ष श्रीमती उर्मिला बिंद सहित मंडल के शक्ति केंद्र संयोजक, कार्यसमिति सदस्य, मातृशक्ति एवं सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक प्रशिक्षण प्रदान करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण के मार्ग में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना बताया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन कार्यशाला और समूह सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित की जाएंगी1
- वीएन आईटीआई कॉलेज पहाड़पुर लालगंज में आयोजित मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड गुजरात के ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव में छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया।1
- प्रतापगढ़ -पट्टी कोतवाली क्षेत्र के रायपुर गांव निवासी एक युवक के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। लापता युवक पेसे से जूता और चप्पल का कारोबार करता है। परिजनों ने मामले को लेकर पुलिस को तहरीर देकर खोजबीन की गुहार लगाई है। तहरीर के अनुसार, मोहम्मद यासीन उम्र लगभग 40 वर्ष, पुत्र खुदाबख्श, गुरुवार को पट्टी बाजार स्थित अपनी दुकान से दोपहर में प्रतापगढ़ जाने की बात कहकर निकला था। लेकिन देर रात करीब 9 बजे तक वह घर वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उसका फोन बंद मिला। परिजनों ने अपने स्तर से आसपास के क्षेत्रों और रिश्तेदारों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं लग सका। लापता युवक का हुलिया बताते हुए परिजनों ने बताया कि वह गेहुआं रंग का है, कद लगभग 5 फीट 3 इंच है और शरीर से थोड़ा मोटा है। घटना के समय उसने गुलाबी रंग का कुर्ता, नीले रंग की पैंट पहन रखी थी तथा आंखों पर चश्मा लगाया था। परिजनों ने शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे पुलिस से मामले में गायब युवक की जल्द से जल्द तलाश किए जाने की मांग की है।1
- गौरीगंज में सपा की मासिक बैठक सम्पन्न, संगठन की सहमति से तय होगा विधायक प्रत्याशी अमेठी। समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक 4 अप्रैल 2026 को जिला मुख्यालय गौरीगंज में उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन की मजबूती, आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति तथा पंचायत स्तर तक पार्टी की सक्रियता बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को प्रभावी बनाया। जिलाध्यक्ष राम उदित यादव ने कहा कि संगठन ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी का चयन भी संगठन की सहमति से किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीनी स्तर पर सक्रिय और जनता के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 में प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी। बैठक का संचालन जिला महामंत्री डॉ. अरशद अहमद ने किया। इस दौरान पूर्व मंत्री नदीम अशरफ जायसी, प्रवक्ता राजेश मिश्रा, हीरालाल यादव और प्रदेश सचिव संग्राम सिंह समेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे। प्रवक्ता राजेश मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अखिलेश यादव की नीतियों और योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाएं, ताकि आम जनता को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जा सके। हीरालाल यादव ने कहा कि मजबूत संगठन ही चुनावी जीत की नींव होता है। वहीं नदीम अशरफ जायसी ने कहा कि बिना संगठन के कोई भी नेता विधायक नहीं बन सकता, इसलिए सभी को एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करना होगा। बैठक में पंचायत चुनाव को लेकर रणनीति पर भी चर्चा हुई और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, जनसंपर्क बढ़ाने तथा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। DM Amethi Samajwadi Party3
- वाराणसी *अमूल डेयरी के बाहर मजदूरों का हंगामा, 3 साल से वेतन न बढ़ने पर फूटा गुस्सा | महिला कर्मी भी शामिल* फूलपुर, वाराणसी। जनपद के फूलपुर क्षेत्र स्थित बनास अमूल डेयरी के बाहर उस समय माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में मजदूर अपने वेतनमान में वृद्धि की मांग को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन करने लगे। यह डेयरी प्लांट, जिसका उद्घाटन कुछ वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था, आज मजदूर असंतोष का केंद्र बनता नजर आया। मजदूरों का आरोप है कि वे पिछले तीन वर्षों से लगातार कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनके वेतन में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है। बढ़ती महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वर्तमान वेतन में गुजर-बसर करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। इसी के चलते मजदूरों ने सामूहिक रूप से अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला मजदूर भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने अधिकारों और सम्मानजनक वेतन की मांग को लेकर जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। मजदूरों का कहना है कि कई बार प्रबंधन से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। वहीं, जब अमूल कंपनी के कुछ कर्मचारी बाहर आकर मजदूरों से बातचीत करने पहुंचे, तो कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आ पाया। इससे मजदूरों में नाराजगी और बढ़ गई है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। फिलहाल मौके पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।1