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चौथ पर गड़ीसर पर भरा मेला, गवर ‘भोळावण’ करने पहुंची बालिकाएं और महिलाएं
सी आर देवपाल म्याजलार
चौथ पर गड़ीसर पर भरा मेला, गवर ‘भोळावण’ करने पहुंची बालिकाएं और महिलाएं
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- राजस्थान में इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो वायरल हो रही हैं जिसमें एक मासूम शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी से फोन पर बात करते हुवे बोल रही है मेरे घर आ जाओ, मासूम प्रशंसक की गुहार पर पिघला विधायक का दिल।1
- महत्वपूर्ण खंड के चालू होने से 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर में से एक पर सुरक्षा और परिचालन दक्षता में वृद्धि हुई* *भारतीय रेलवे ने 22 मार्च 2026 को दिल्ली-हावड़ा उच्च घनत्व वाले कॉरिडोर के प्रयागराज (छोड़कर) - कानपुर (छोड़कर) खंड (190 किलोमीटर मार्ग) पर कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली का सफलतापूर्वक संचालन शुरू किया। कवच प्रणाली को ट्रेन संख्या 14163 के माध्यम से लागू किया गया। महाप्रबंधक ने कवच प्रणाली के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए सूबेदारगंज से मनौरी स्टेशन तक ट्रेन संख्या 14163 में फुटप्लेट निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर पीएचओडी, डीआरएम/प्रयागराज, मुख्यालय अधिकारी और मंडल अधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।* *पहले चरण में, कवच प्रणाली आठ जोड़ी ट्रेनों (14113/14114, 14163/14164, 12307/12308, 12417/12418, 22437/22438, 15003/15004, 20433/20434 और 12403/12404) पर शुरू की जाएगी। अतिरिक्त ट्रेनों और वंदे भारत प्रणाली को धीरे-धीरे शामिल किया जाएगा।* *इस प्रणाली के शुरू होने से भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण खंडों में से एक पर 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलाने, रेलवे सुरक्षा बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है*। *प्रक्रिया शुरू होने से पहले, व्यापक और कठोर परीक्षण सफलतापूर्वक किए गए। परीक्षण में 8, 16 और 22 एलएचबी कोच कॉन्फ़िगरेशन वाले डब्ल्यूएपी-7 लोकोमोटिव के साथ-साथ 20 कोच वाली वंदे भारत रेक का उपयोग किया गया, जिससे विभिन्न परिचालन स्थितियों में प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई। डब्ल्यूएपी-7 एक उच्च प्रदर्शन वाला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव है जिसका उपयोग भारतीय रेलवे द्वारा यात्री ट्रेनों को खींचने के लिए किया जाता है, जिसमें राजधानी, शताब्दी और दुरंतो एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम सेवाएं शामिल हैं।* *यात्री परीक्षण ट्रेन संख्या* *15003/15004 (चौरी चौरा एक्सप्रेस) का उपयोग करके भी किए गए, जिसने नियमित सेवा के दौरान लगातार और विश्वसनीय प्रदर्शन प्रदर्शित किया।* *20,000 किलोमीटर से अधिक के यात्री परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, और सभी सिस्टम सत्यापन संतोषजनक पाए गए हैं।* *कवच प्रणाली निम्नलिखित विशेषताओं के माध्यम से रेलवे सुरक्षा को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाती है:* *स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी)* *खतरे के सिग्नल को पार करने से रोकना (एसपीएडी)* *मानवीय त्रुटि की स्थिति में स्वचालित ब्रेक लगाना।* *कवच 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है और भारतीय रेलवे में सुरक्षा को मजबूत करने और ट्रेन संचालन को आधुनिक बनाने के लिए इसे धीरे-धीरे तैनात किया जा रहा है।* *इससे पहले, व्यापक और विस्तृत परीक्षणों के बाद, कवच संस्करण 4.0 को 1,452 किलोमीटर मार्गों पर सफलतापूर्वक चालू किया गया है, जिसमें उच्च घनत्व वाले दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग शामिल हैं।* *भारतीय रेलवे आधुनिक सुरक्षा प्रौद्योगिकियों को अपनाने और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि यात्रियों के लिए सुरक्षित, अधिक विश्वसनीय और कुशल ट्रेन संचालन सुनिश्चित किया जा सके।* *अगले चरण में, मिशन रफ्तार के उद्देश्यों में से एक के रूप में, गाजियाबाद-टुंडला खंड में 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलाने के लिए कवच प्रणाली शुरू की जाएगी।*1
- Post by सी आर देवपाल म्याजलार1
- Jaisalmer mein pahunch jabardast barish video ke anusar dekh sakte hain1
- बावड़ी कला ग्राम पंचायत में निवास करने वाले एससीएसटी परिवारों के लोगों ने आज फलौदी जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर बताया की उनके घरों के आगे बड़ी लंबी खाई खोद रास्ता रोका गया है। कई परिवारों का अब घरों से बाहर निकलना तक हुआ मुश्किल हो गया है ज्ञापन में बताया कि गांव में एक लड़की द्वारा पिछले दिनों आत्महत्या करने के मामले में हमारे समाज के इन परिवारों को दोषी मानकर रास्ता रोका गया है जो न्यायोचित नहीं। मामले की सच्चाई जानने के लिये हमने बावड़ी कलां ग्राम पंचायत के सरपंच भैरोसिंह राजपुरोहित से बात की उन्होंने जो बताया वह इस वीडियो में सुनें -1
- Jio यूजर्स के लिए काम की खबर: सिर्फ ₹44 में सालभर चालू रहेगा नंबर, जानिए आसान ट्रिक अगर आप Reliance Jio का सिम सिर्फ OTP, बैंकिंग या इनकमिंग कॉल के लिए इस्तेमाल करते हैं और बार-बार महंगे रिचार्ज से बचना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। दरअसल, कई यूजर्स अपने सेकेंडरी नंबर को एक्टिव रखना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए हर बार लंबा और महंगा प्लान लेना जरूरी नहीं है। एक छोटी सी ट्रिक अपनाकर आप बहुत कम खर्च में पूरे साल अपना नंबर चालू रख सकते हैं। क्या है पूरा मामला? जियो के नियमों के मुताबिक अगर किसी नंबर पर करीब 90 दिनों तक कोई भी एक्टिविटी (कॉल, SMS या डेटा इस्तेमाल) नहीं होती है, तो नंबर डिएक्टिवेट किया जा सकता है। लेकिन अगर इस अवधि के भीतर कोई भी छोटी गतिविधि हो जाए, तो यह 90 दिन की अवधि फिर से शुरू हो जाती है। कैसे करें ₹44 में सालभर नंबर एक्टिव? जियो का ₹11 वाला डेटा वाउचर लें हर 80-85 दिनों में एक बार इस प्लान से थोड़ा इंटरनेट इस्तेमाल करें इससे आपकी सिम पर एक्टिविटी बनी रहेगी साल में लगभग 4 बार ऐसा करने पर कुल खर्च सिर्फ ₹44 होगा क्यों है ये ट्रिक फायदेमंद? बार-बार महंगे रिचार्ज से छुटकारा OTP और बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी सेकेंडरी नंबर भी एक्टिव रहेगा ध्यान रखने वाली बात यह तरीका तभी काम करेगा जब आपका नंबर पूरी तरह से बंद (deactivated) न हुआ हो। साथ ही, समय-समय पर हल्की एक्टिविटी करना जरूरी है। कुल मिलाकर, अगर आप सिर्फ नंबर चालू रखना चाहते हैं, तो यह छोटा सा खर्च आपके बड़े काम आ सकता है।1
- बालोतरा। यह हादसा भीमरलाई तथा बायतु के बीच हुआ हुआ है। बुजुर्ग के शव को बायतु के रेलवे पुलिस चौकी में रखवाया गया है।1
- जैसलमेर के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के लिए यह गर्व का क्षण है कि ‘द एलाइट कैसल’ को राजस्थान पर्यटन सम्मान 2026 में ‘बेस्ट मिड-स्केल प्रॉपर्टी’ के प्रतिष्ठित अवॉर्ड से नवाजा गया है। यह सम्मान पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।यह अवॉर्ड मरू श्री 2025 से सम्मानित धीरज पुरोहित (Mr. Desert) को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, उच्च स्तरीय सेवा गुणवत्ता और नवाचार के लिए दिया गया। उनके मार्गदर्शन में ‘द एलाइट कैसल’ ने पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का बेहतरीन समन्वय स्थापित किया है, जिससे यह होटल मिड-स्केल कैटेगरी में एक मजबूत पहचान बना चुका है।धीरज पुरोहित ने इस उपलब्धि को टीम की मेहनत का परिणाम बताते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व के साथ एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में वे सस्टेनेबल टूरिज्म, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति के संवर्धन पर विशेष ध्यान देंगे।उन्होंने यह भी बताया कि ‘द एलाइट कैसल’ अब डीएमसी (Destination Management Company) और टूर एंड ट्रैवल सेक्टर में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जिससे पर्यटकों को बेहतर और प्रामाणिक अनुभव मिल सके।यह सम्मान न केवल होटल बल्कि पूरे जैसलमेर के पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।1