टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का उग्र प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन पब्लिक की लहर शाहजहांपुर। वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा अनिवार्य किए जाने के विरोध में गुरुवार को जनपद मुख्यालय पर शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले विभिन्न मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों के आह्वान पर सैकड़ों शिक्षक दोपहर बाद खिरनीबाग रामलीला मैदान में एकत्रित हुए और सभा कर आदेश को उत्पीड़नात्मक बताया। सभा के उपरांत लगभग 4:30 बजे शिक्षक पैदल मार्च करते हुए नारेबाजी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। सभा को संबोधित करते हुए फेडरेशन की राष्ट्रीय सचिव अर्चना तिवारी ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक शासन द्वारा निर्धारित योग्यताओं को पूर्ण कर चयनित हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में टीईटी वर्ष 2011 से लागू हुआ, किंतु बाद में नियमावली में संशोधन कर सभी शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू कर दी गई, जिसके कारण न्यायालय का निर्णय आया। उन्होंने उक्त संशोधन को निरस्त करने की मांग की। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष दिनेश गंगवार ने कहा कि अधिकांश शिक्षक 50 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं और सेवानिवृत्ति के निकट हैं, ऐसे में परीक्षा की अनिवार्यता अन्यायपूर्ण है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि यह लड़ाई लंबी चलेगी और संगठन को मजबूत रखते हुए हर स्तर पर इस “काले कानून” का विरोध किया जाएगा। जिला मंत्री देवेश बाजपेई ने कहा कि नियुक्ति के समय लागू नियमावली ही प्रभावी होती है। वर्तमान नियमों के आधार पर पूर्व नियुक्त कर्मचारियों को परीक्षा के लिए बाध्य करना और असफल होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति जैसा दंड देना न्यायसंगत नहीं है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2009 में लागू एनसीटीई की अधिसूचना के बाद भी 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों का चयन तत्कालीन नियमावली के अनुरूप हुआ था। ऐसे शिक्षक लगभग 30 वर्ष की सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्ति के करीब हैं, इसलिए इस चरण पर टीईटी अनिवार्यता लागू करना न्याय सिद्धांतों के विपरीत है। फेडरेशन ने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न असंतोष को देखते हुए पूर्व नियुक्त शिक्षकों के मामले में विशेष विचार किया जाए, सेवा से पृथक करने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। धरना-प्रदर्शन में वरिष्ठ शिक्षक नेता सरताज अली, राजकुमार सिंह, विजय प्रताप सिंह, मंगरे लाल, विश्राम सिंह, नितिन मिश्रा, रविंद्र पाल प्रजापति, डॉ. विनय गुप्ता, अंकुर त्रिपाठी सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का उग्र प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन पब्लिक की लहर शाहजहांपुर। वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा अनिवार्य किए जाने के विरोध में गुरुवार को जनपद मुख्यालय पर शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले विभिन्न मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों के आह्वान पर सैकड़ों शिक्षक दोपहर बाद खिरनीबाग रामलीला मैदान में एकत्रित हुए और सभा कर आदेश को उत्पीड़नात्मक बताया। सभा के उपरांत लगभग 4:30 बजे शिक्षक पैदल मार्च करते हुए नारेबाजी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। सभा को संबोधित करते हुए फेडरेशन की राष्ट्रीय सचिव अर्चना तिवारी ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक शासन द्वारा निर्धारित योग्यताओं को पूर्ण कर चयनित हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में टीईटी वर्ष 2011 से लागू हुआ, किंतु बाद में नियमावली में संशोधन कर सभी शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू कर दी गई, जिसके कारण न्यायालय का निर्णय आया। उन्होंने उक्त संशोधन को निरस्त करने की मांग की। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष दिनेश गंगवार ने कहा कि अधिकांश शिक्षक 50 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं और सेवानिवृत्ति के निकट हैं, ऐसे में परीक्षा की अनिवार्यता अन्यायपूर्ण है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि यह लड़ाई लंबी चलेगी और संगठन को मजबूत रखते हुए हर स्तर पर इस “काले कानून” का विरोध किया जाएगा। जिला मंत्री देवेश बाजपेई ने कहा कि नियुक्ति के समय लागू नियमावली ही प्रभावी होती है। वर्तमान नियमों के आधार पर पूर्व नियुक्त कर्मचारियों को परीक्षा के लिए बाध्य करना और असफल होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति जैसा दंड देना न्यायसंगत नहीं है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2009 में लागू एनसीटीई की अधिसूचना के बाद भी 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों का चयन तत्कालीन नियमावली के अनुरूप हुआ था। ऐसे शिक्षक लगभग 30 वर्ष की सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्ति के करीब हैं, इसलिए इस चरण पर टीईटी अनिवार्यता लागू करना न्याय सिद्धांतों के विपरीत है। फेडरेशन ने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न असंतोष को देखते हुए पूर्व नियुक्त शिक्षकों के मामले में विशेष विचार किया जाए, सेवा से पृथक करने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। धरना-प्रदर्शन में वरिष्ठ शिक्षक नेता सरताज अली, राजकुमार सिंह, विजय प्रताप सिंह, मंगरे लाल, विश्राम सिंह, नितिन मिश्रा, रविंद्र पाल प्रजापति, डॉ. विनय गुप्ता, अंकुर त्रिपाठी सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
- Post by Asha Rani1
- जनपद में होली को लेकर पुलिस की व्यापक पैदल गश्त, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी शाहजहाँपुर, 26 फरवरी 2026। आगामी होली पर्व एवं लाट साहब जुलूस के दृष्टिगत जनपद में शांति, सौहार्द एवं सुदृढ़ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक द्वारा नगर क्षेत्र में व्यापक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में निकाली गई इस गश्त में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी तिलहर, क्षेत्राधिकारी कार्यालय तथा क्षेत्राधिकारी जलालाबाद सहित संबंधित थाना प्रभारियों और पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी रही। पैदल गश्त के दौरान नगर के प्रमुख बाजारों, मिश्रित आबादी वाले इलाकों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील बिंदुओं का गहन निरीक्षण किया गया। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता और सक्रियता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। साथ ही, त्योहार के दौरान संभावित शरारती तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या आपत्तिजनक सूचनाओं पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए। गश्त के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय व्यापारियों, संभ्रांत नागरिकों एवं आमजन से संवाद स्थापित कर होली का त्योहार आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। नागरिकों से अनुरोध किया गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचना तत्काल नजदीकी थाने या डायल 112 पर दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जनपद पुलिस शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में होली पर्व संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।1
- शाहजहांपुर, 26 फरवरी। थाना मदनापुर क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बोलेरो बाइक व ऑटो को टक्कर मारने के बाद दुकान में घुस गई । हादसे में बाइक सवार युवक घायल हो गए और ऑटो तथा दुकानों का सामान भी नष्ट हो गया।बताया जा रहा है कि कार की रफतार काफी तेज थी जो की हूटर बजाते हुए आ रही थी। वही यह हादसा सीसीटीवी में कैद हो गया। मदनापुर निवासी पिंकी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके पिता श्रीपाल की परचून आदि की दुकान है तथा उनके भाई के नाम ऑटो है। गुरुवार को ऑटो घर के बाहर खड़ा था। इसी बीच जलालाबाद की तरफ से हूटर बजाते आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो कार ने पहले कांट की तरफ से रहे बाइक सवार युवकों को टक्कर मारी और फिर ऑटो में जोरदार टक्कर मरते हुए दुकानो में घुस गई। घटना में बाइक सवार युवक घायल हो गए एवं ऑटो तथा दुकान व दुकान के बाहर रखा सामना नष्ट हो गया। घटना के बाद चालक बोलेरो को भगा ले गया। ग्रामीण ने पीछा भी किया लेकिन बोलेरो पकड़ में नही आ सकी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।वहीं यह सीसीटीवी में कैद हो गई है।1
- *“थाना कोतवाली पुलिस टीम द्वारा 01 नफर वारण्टी अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार ।”* श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय शाहजहाँपुर निर्देशन में अपराध की रोकथाम व क्रियाशील एंव चिन्हित किये गये अपराधियों, वांछित एंव वारंटी अभियुक्तगण की गिरफ्तारी एंव अपराध की रोकथाम के परिपेक्ष्य मे प्रचलित अभियान के क्रम में श्रीमान पुलिस अधीक्षक नगर महोदय के निर्देशन व श्रीमान क्षेत्राधिकारी नगर महोदय के पर्यवेक्षण व प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली के नेतृत्व में थाना कोतवाली पुलिस की टीम द्वारा 01 नफर वारण्टी शिवम पुत्र रामचन्द्र नि0मो0 मानूजई थाना कोतवाली जनपद शाहजहाँपुर उम्र करीब 31 वर्ष सम्बन्धित एऩबीडब्लू CASE NO- 5905/22 धारा 307/420/467/471/323 IPC थाना कोतवाली शाहजहाँपुर को आज दिनांक 26.02.26 को समय 11.42 बजे वारन्टी के मसकन से गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है ।3
- अवैध तमंचे के साथ हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस की कार्रवाई2
- शाहजहांपुर के खुटार पुलिस ने 614 ग्राम अफीम के साथ दो अभियुक्तों को क्या गिरफ्तार भेजा जेल1
- Post by MAHARAJ SINGH1
- टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का उग्र प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन पब्लिक की लहर शाहजहांपुर। वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा अनिवार्य किए जाने के विरोध में गुरुवार को जनपद मुख्यालय पर शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले विभिन्न मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों के आह्वान पर सैकड़ों शिक्षक दोपहर बाद खिरनीबाग रामलीला मैदान में एकत्रित हुए और सभा कर आदेश को उत्पीड़नात्मक बताया। सभा के उपरांत लगभग 4:30 बजे शिक्षक पैदल मार्च करते हुए नारेबाजी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। सभा को संबोधित करते हुए फेडरेशन की राष्ट्रीय सचिव अर्चना तिवारी ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक शासन द्वारा निर्धारित योग्यताओं को पूर्ण कर चयनित हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में टीईटी वर्ष 2011 से लागू हुआ, किंतु बाद में नियमावली में संशोधन कर सभी शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू कर दी गई, जिसके कारण न्यायालय का निर्णय आया। उन्होंने उक्त संशोधन को निरस्त करने की मांग की। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष दिनेश गंगवार ने कहा कि अधिकांश शिक्षक 50 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं और सेवानिवृत्ति के निकट हैं, ऐसे में परीक्षा की अनिवार्यता अन्यायपूर्ण है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि यह लड़ाई लंबी चलेगी और संगठन को मजबूत रखते हुए हर स्तर पर इस “काले कानून” का विरोध किया जाएगा। जिला मंत्री देवेश बाजपेई ने कहा कि नियुक्ति के समय लागू नियमावली ही प्रभावी होती है। वर्तमान नियमों के आधार पर पूर्व नियुक्त कर्मचारियों को परीक्षा के लिए बाध्य करना और असफल होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति जैसा दंड देना न्यायसंगत नहीं है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2009 में लागू एनसीटीई की अधिसूचना के बाद भी 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों का चयन तत्कालीन नियमावली के अनुरूप हुआ था। ऐसे शिक्षक लगभग 30 वर्ष की सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्ति के करीब हैं, इसलिए इस चरण पर टीईटी अनिवार्यता लागू करना न्याय सिद्धांतों के विपरीत है। फेडरेशन ने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न असंतोष को देखते हुए पूर्व नियुक्त शिक्षकों के मामले में विशेष विचार किया जाए, सेवा से पृथक करने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। धरना-प्रदर्शन में वरिष्ठ शिक्षक नेता सरताज अली, राजकुमार सिंह, विजय प्रताप सिंह, मंगरे लाल, विश्राम सिंह, नितिन मिश्रा, रविंद्र पाल प्रजापति, डॉ. विनय गुप्ता, अंकुर त्रिपाठी सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।1
- प्रेस विज्ञप्ति *जिलाधिकारी ने नगर पंचायत कटरा का किया औचक निरीक्षण, अभिलेख व्यवस्था सुदृढ़ करने के दिए निर्देश* *निर्माणाधीन मीटिंग हॉल व ओवरहेड टैंक का निरीक्षण, अतिक्रमण मुक्त भूमि पर दुकानों व पार्क निर्माण के निर्देश* शाहजहाँपुर, दिनांक 26 फरवरी 2026।जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा आज नगर पंचायत कटरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम नगर पंचायत कार्यालय का निरीक्षण कर विभिन्न अभिलेखों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने जन्म एवं मृत्यु पटल के रजिस्टरों की जांच की तथा निर्देशित किया कि जन्म-मृत्यु से संबंधित प्रतिदिन प्राप्त होने वाले प्रार्थना-पत्रों के लिए पृथक दैनिक रजिस्टर तैयार किया जाए, जिससे अभिलेखों का सुव्यवस्थित रख रखाव सुनिश्चित किया जा सके। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत कार्यालय परिसर के सामने निर्माणाधीन मीटिंग हॉल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यकतानुसार मीटिंग हॉल के रीनोवेशन का कार्य भी कराए जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए, जिससे जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की बैठकों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही जिलाधिकारी ने जल निगम शाहजहाँपुर द्वारा पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक का निरीक्षण किया। इस दौरान जल निगम के अवर अभियन्ता द्वारा अवगत कराया गया कि निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक का कार्य जून 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने कार्य को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे क्षेत्रवासियों को शुद्ध पेयजल की समुचित सुविधा प्राप्त हो सके। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने नगर पंचायत कार्यालय परिसर के निकट स्थित कृषि रक्षा इकाई की जर्जर एवं अनुपयोगी पुरानी भवन को ध्वस्त कर वहां पार्क एवं अन्य जनोपयोगी सुविधाओं के विकास के निर्देश दिए। साथ ही नगर पंचायत कटरा द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि, गाटा संख्या 1406 एवं 1403 का निरीक्षण करते हुए अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि उक्त भूमि पर तत्काल प्रभाव से दुकानों का निर्माण कराया जाए, जिससे नगर पंचायत की आय में वृद्धि हो सके तथा स्थानीय नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निरीक्षण के दौरान प्रशासक/अध्यक्ष नगर पंचायत कटरा रजनीश मिश्रा, उप जिलाधिकारी तिलहर सदानंद सरोज, अधिशासी अधिकारी शिवलाल राम, अवर अभियन्ता पीयूष मिश्रा, लेखा लिपिक सुरेन्द्र कुमार गंगवार सहित नगर पंचायत के सभासदगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। _______4