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हाईवा की चपेट में आने से एक युवक की मौत चालक फरार, ग्रामीणों में आक्रोश लातेहार:बालूमाथ प्रखंड में लगातार जाम की समस्या बनी रहती है। रविवार को बिना नंबर प्लेट के हाईवा वाहन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश। घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और प्रशासन की अनदेखी के कारण आए दिन जाम और हादसे हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने, भारी वाहनों पर नियंत्रण और स्थायी समाधान की मांग की है।
Ram Kumar
हाईवा की चपेट में आने से एक युवक की मौत चालक फरार, ग्रामीणों में आक्रोश लातेहार:बालूमाथ प्रखंड में लगातार जाम की समस्या बनी रहती है। रविवार को बिना नंबर प्लेट के हाईवा वाहन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश। घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और प्रशासन की अनदेखी के कारण आए दिन जाम और हादसे हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने, भारी वाहनों पर नियंत्रण और स्थायी समाधान की मांग की है।
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- बरवाडीह: कुछ ही वर्षों में उखड़ने लगी अंडरपास की आरसीसी सड़क, संवेदक पर उठे सवाल बरवाडीह। बरवाडीह रेल क्षेत्र के 17C अंडरपास के लिए बनाई गई आरसीसी सड़क की हालत चिंताजनक हो गई है। ताज़ा तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि सड़क के बीचों-बीच लंबी और गहरी दरार पड़ चुकी है, जो कई हिस्सों तक फैली हुई है। सड़क पर बिखरे गिट्टी-पत्थर और उखड़ी सतह निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सड़क ज्यादा पुरानी भी नहीं है, इसके बावजूद इस तरह की दरारें सामने आना सीधे तौर पर घटिया निर्माण और मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। तस्वीर में कुछ मजदूर दरार को सीमेंट से भरते नजर आ रहे हैं, जिससे साफ है कि विभाग द्वारा सिर्फ ऊपरी मरम्मत कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क अगर कुछ ही साल में टूटने लगे, तो यह संवेदक की लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का संकेत है। उनका आरोप है कि निर्माण के समय गुणवत्ता से समझौता किया गया, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी संवेदक पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क की सिर्फ मरम्मत नहीं, बल्कि गुणवत्ता के अनुसार पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो। अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह सड़क आने वाले दिनों में और अधिक क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाएगा।1
- लातेहार:बालूमाथ प्रखंड में लगातार जाम की समस्या बनी रहती है। रविवार को बिना नंबर प्लेट के हाईवा वाहन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश। घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और प्रशासन की अनदेखी के कारण आए दिन जाम और हादसे हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने, भारी वाहनों पर नियंत्रण और स्थायी समाधान की मांग की है।1
- Post by MUKESH NATH4
- Post by Ashish Kumar Baidya1
- Post by वीरेन्द्र यादव1
- मनिका, लातेहार:-मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत काम के अधिकार के लिए देशभक्ति लड़ाई का आगाज करते हुए लातेहार युवा कांग्रेस इकाई ने दिनांक 2 में को प्रखंड क्षेत्र के डोकी में एक हम बैठक आयोजित की इस बैठक का मूल्य उद्देश्य वी बी ग्राम जी जो नया कानून बनाया गया है उस मूल स्वरूप में मनरेगा वापस दिलाने के लिए संघर्ष करते हुए आगाज किया जिससे रोजगार का अधिकार छीना जा रहा है,पंचायत की ताकत काम हो रही है,गरीबों की आवाज दवाई जा रही है|मनरेगा एक योजना नहीं बल्कि संविधान बचाने के एक लड़ाई है जिसके तहत पूरी कांग्रेस पार्टी संकल्पित होकर मनरेगा की रक्षा करने के लिए, काम के अधिकार के लिए लड़ने, समय पर मजदूरी और सम्मान सुनिश्चित करने तथा गांधी के विचारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबंध है|मनरेगा के बारे में बताते हुए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी प्रणीत कौर ने कहा कि गांव में काम न होने पर 100 दिन का रोजगार की गारंटी देना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है जहां जरूरत पड़ने पर काम के दिन बढ़ने का भी प्रस्ताव है जबकि मनरेगा एक योजना नहीं बल्कि संविधान से निकली है कानूनी अधिकार है जिसे बदलने के लिए मोदी सरकार आतुर है तथा प्रयासरत है|जहां कांग्रेस पार्टी तब तक संघर्ष करेगी जब तक गरीबों का हक दोबारा मनरेगा के रूप में नहीं मिल जाता|जो नया कानून वी बी ग्राम जी बदला हुआ कानून से मनरेगा की आत्मा बदली जा रही है जिसके तहत रोजगार अधिकार नहीं बल्कि अनुमति बन जाएगा|मनरेगा में पहले 90% केंद्र तथा 10% राज्य सरकार की भागीदारी होती थी वहां अब 60% केंद्र की और 40% राज्य सरकार की भागीदारी होगी|तब राज्य सरकारों की बोझ बढ़ जाएगी जहां मनरेगा को बदलने के लिए केंद्र सरकार का लिया गया एक तरफा फैसला था जिसमें राज सरकार या पंचायत की सहमति नहीं दी गई जो अनुच्छेद 258 के भावना के खिलाफ बदल गया|इसका असर राज्य सरकारों पर पड़ेगा जहां काम कम होगा और भुगतान रुकेगी|वी बी ग्राम जी योजना का असर ग्रामीण मजदूर, महिलाएं, दलित आदिवासी और गरीब परिवारों पर पड़ेगा|जहां मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना कोई तकनीकी फैसला नहीं बल्कि यह एक वैचारिक संकेत है जो गांधी जी का नाम हटाकर ग्राम स्वराज की भावना को कमजोर किया जा रहा है|लेकिन सच्चाई साफ है,गांधी जी को न पहले मिटा पाए थे और ना कभी मिटा पाएंगे|मनरेगा बचाव संग्राम की इस बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी प्रणीत कौर प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव, युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष आफताब आलम, जिला अध्यक्ष अमित यादव, प्रखंड अध्यक्ष दरोगी यादव, युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश पासवान, विधानसभा उपाध्यक्ष ओम प्रकाश यादव, डोंकी पंचायत अध्यक्ष सुनील मिंज, प्रखंड उपाध्यक्ष रामनंदन उरांव, यूथ कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष कृष्णा उरांव, मनिका विधानसभा के प्रखंड उपाध्यक्ष विशाल पासवान सहित सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे|1
- भारत देश में युवा शक्ति को खोखली करती बाहर के देश से आये नशीले पद्वार्थ व अफिम की खेती तो अवैध घोषित किया गया है वहीं दुसरी तरफ इसकी खेती चोरी चुपकी हो रही है।3
- मनरेगा कानून बचाओ अभियान आज लातेहार के मनिका के डोंकी पंचायत में चलाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश प्रभारी नवनीत कौर जी शामिल हुए, जिला प्रभारी मुन्ना खान जी, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष आफताब आलम जी, विधायक प्रतिनिधि दरोगी यादव जी, सुनील प्रसाद जी,साजन जी, जिला अध्यक्ष अमित यादव, विधानसभा अध्यक्ष टिंकू बाबू, ओमप्रकाश यादव, इमरान अंसारी, मिथलेश पासवान, रौशन कुमार, प्रखंड अध्यक्ष सकलदीप उरांव, कृष्णा उरांव, बीरेंद्र यादव , सुरेंद्र उरांव, पंकज उरांव सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।1