टेनो जंगल में पीसीसी सड़क पर बवाल: करोड़ों की निकासी का आरोप, महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, काम ठप लातेहार। बारेसांड़ वन क्षेत्र के टेनो जंगल में पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कार्य बंद होने के बाद ग्रामीणों ने रेंजर तरुण कुमार सिंह पर करोड़ों रुपये की निकासी का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब इस राशि का पूरा हिसाब ग्राम सभा को दिया जाए, साथ ही उनसे रोजगार भी छीन लिया गया है। पिछले दिनों करीब 50 से अधिक महिलाओं ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की थी। महिलाओं का आरोप है कि स्थानीय मजदूरों को नजरअंदाज कर गुमला और लोहरदगा से बाहरी मजदूर बुलाकर काम कराया जा रहा था। इसके अलावा भारी मशीनों के इस्तेमाल से भी नाराजगी है, क्योंकि ग्रामीण चाहते हैं कि काम गांव के मजदूरों से ही कराया जाए। प्रदर्शन के दौरान वनरक्षी अरुण कुमार और प्रभारी वनपाल निर्भय कुमार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई थी। दोनों कर्मियों ने बताया कि वे केवल निगरानी कर रहे हैं और कार्य रेंजर के निर्देश पर हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के नाम पर जंगल क्षेत्र से अवैध बालू खनन किया गया है। उनका दावा है कि अब तक करीब 500 ट्रैक्टर बालू निकाला जा चुका है। महिलाओं का कहना है कि रेंजर के आने के बाद से कोर एरिया में इस तरह की गतिविधियां बढ़ी हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक स्थानीय लोगों को काम में प्राथमिकता नहीं दी जाती और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वन क्षेत्र में हो रही गतिविधियों की जांच कर जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
टेनो जंगल में पीसीसी सड़क पर बवाल: करोड़ों की निकासी का आरोप, महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, काम ठप लातेहार। बारेसांड़ वन क्षेत्र के टेनो जंगल में पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कार्य बंद होने के बाद ग्रामीणों ने रेंजर तरुण कुमार सिंह पर करोड़ों रुपये की निकासी का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब इस राशि का पूरा हिसाब ग्राम सभा को दिया
जाए, साथ ही उनसे रोजगार भी छीन लिया गया है। पिछले दिनों करीब 50 से अधिक महिलाओं ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की थी। महिलाओं का आरोप है कि स्थानीय मजदूरों को नजरअंदाज कर गुमला और लोहरदगा से बाहरी मजदूर बुलाकर काम कराया जा रहा था। इसके अलावा भारी मशीनों के इस्तेमाल से भी नाराजगी है, क्योंकि ग्रामीण चाहते हैं कि काम गांव के मजदूरों से ही कराया जाए। प्रदर्शन के
दौरान वनरक्षी अरुण कुमार और प्रभारी वनपाल निर्भय कुमार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई थी। दोनों कर्मियों ने बताया कि वे केवल निगरानी कर रहे हैं और कार्य रेंजर के निर्देश पर हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के नाम पर जंगल क्षेत्र से अवैध बालू खनन किया गया है। उनका दावा है कि अब तक करीब 500 ट्रैक्टर बालू निकाला जा चुका है। महिलाओं का कहना
है कि रेंजर के आने के बाद से कोर एरिया में इस तरह की गतिविधियां बढ़ी हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक स्थानीय लोगों को काम में प्राथमिकता नहीं दी जाती और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वन क्षेत्र में हो रही गतिविधियों की जांच कर जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
- Post by MUKESH NATH4
- Post by Ashish Kumar Baidya1
- बरवाडीह: कुछ ही वर्षों में उखड़ने लगी अंडरपास की आरसीसी सड़क, संवेदक पर उठे सवाल बरवाडीह। बरवाडीह रेल क्षेत्र के 17C अंडरपास के लिए बनाई गई आरसीसी सड़क की हालत चिंताजनक हो गई है। ताज़ा तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि सड़क के बीचों-बीच लंबी और गहरी दरार पड़ चुकी है, जो कई हिस्सों तक फैली हुई है। सड़क पर बिखरे गिट्टी-पत्थर और उखड़ी सतह निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सड़क ज्यादा पुरानी भी नहीं है, इसके बावजूद इस तरह की दरारें सामने आना सीधे तौर पर घटिया निर्माण और मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। तस्वीर में कुछ मजदूर दरार को सीमेंट से भरते नजर आ रहे हैं, जिससे साफ है कि विभाग द्वारा सिर्फ ऊपरी मरम्मत कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क अगर कुछ ही साल में टूटने लगे, तो यह संवेदक की लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का संकेत है। उनका आरोप है कि निर्माण के समय गुणवत्ता से समझौता किया गया, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी संवेदक पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क की सिर्फ मरम्मत नहीं, बल्कि गुणवत्ता के अनुसार पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो। अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह सड़क आने वाले दिनों में और अधिक क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाएगा।1
- भारत देश में युवा शक्ति को खोखली करती बाहर के देश से आये नशीले पद्वार्थ व अफिम की खेती तो अवैध घोषित किया गया है वहीं दुसरी तरफ इसकी खेती चोरी चुपकी हो रही है।3
- लातेहार:बालूमाथ प्रखंड में लगातार जाम की समस्या बनी रहती है। रविवार को बिना नंबर प्लेट के हाईवा वाहन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश। घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और प्रशासन की अनदेखी के कारण आए दिन जाम और हादसे हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने, भारी वाहनों पर नियंत्रण और स्थायी समाधान की मांग की है।1
- Post by AAM JANATA1
- बुढ़मू क्षेत्र के ठाकुर गांव बरौदी में शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई। जिसमें बरौदी निवासी विचार पाहन के 45 वर्षीय पुत्र रंजीत पाहन की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, रंजीत अपने परिजनों के साथ शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे, तभी एक मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार धक्का मार दिया। घायल रंजीत को परिजनों ने तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया। हादसे का कारण स्पष्ट होने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by Ashish Kumar Baidya1