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दमोह -वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती धूमधाम से मनाई गई दमोह दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी जी के द्वारा शानदार वक्तव्य दिए गए दमोह -वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती धूमधाम से मनाई गई दमोह दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी जी के द्वारा शानदार वक्तव्य दिए गए
Arun Lodhi
दमोह -वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती धूमधाम से मनाई गई दमोह दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी जी के द्वारा शानदार वक्तव्य दिए गए दमोह -वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती धूमधाम से मनाई गई दमोह दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी जी के द्वारा शानदार वक्तव्य दिए गए
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- रिपोर्ट— भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना, मध्यप्रदेश। हेडलाइन— खतरों से खाली नहीं पुरैना का रविवार बाजार, सड़क किनारे दुकानें और तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही; हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल। पुरैना का रविवार बाजार बना हादसों का खतरा, भारी वाहनों के बीच जान जोखिम में डालकर खरीदारी करने मजबूर लोग ? एंकर— पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पुरैना में हर रविवार लगने वाला साप्ताहिक सब्जी बाजार इन दिनों सुविधा से ज्यादा खतरे का कारण बनता नजर आ रहा है। बारिश के चलते बाजार की व्यवस्थाएं बिगड़ने के बाद दुकानदार सड़क किनारे दुकानें लगाने को मजबूर हैं। वहीं इसी मार्ग से ट्रक, ट्रॉले और सीमेंट टैंकर जैसे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में बाजार पहुंचने वाले ग्राहक और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर खरीदारी करने को मजबूर हैं। पुरैना में JK सीमेंट फैक्ट्री के कारण भारी वाहनों की आवाजाही पहले से ही लगातार बनी रहती है। रविवार को इसी सड़क किनारे सब्जी बाजार लगने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। बारिश के मौसम में बाजार परिसर की अव्यवस्था के चलते दुकानदारों ने सड़क के किनारे ही अपनी दुकानें सजा ली हैं। नतीजा यह है कि सड़क पर पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहनों और भारी वाहनों के लिए जगह बेहद सीमित हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा दुकानदारों से बैठकी के नाम पर शुल्क भी लिया जाता है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब बाजार से शुल्क लिया जा रहा है, तो दुकानदारों और ग्राहकों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित बाजार स्थल की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही? हादसे के बाद बढ़ी चिंता— रविवार को बाजार के दौरान सड़क पर एक व्यक्ति हादसे का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल आपातकालीन सेवा को सूचना देकर एंबुलेंस बुलवाई। लेकिन बाजार में मौजूद भीड़ और लगातार गुजर रहे भारी वाहनों के कारण एंबुलेंस को घटनास्थल तक पहुंचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया गया कि करीब 100 मीटर का रास्ता भी भीड़ और यातायात के कारण आसानी से पार नहीं हो सका। यह स्थिति केवल एक हादसे की कहानी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जिसमें बाजार के दिन सड़क पर लोगों की भीड़ और भारी वाहनों की आवाजाही एक साथ जारी रहती है। पुलिस चौकी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल— स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को देखते हुए JK सीमेंट के सामने चौकी बनाई गई है। इसके बावजूद बाजार के समय प्रभावी यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन नजर नहीं आता। लोगों का मानना है कि यदि बाजार के दौरान यातायात को व्यवस्थित किया जाए और भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए, तो दुर्घटनाओं के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। JK सीमेंट प्रबंधन की भूमिका पर भी उठे सवाल— स्थानीय लोगों का कहना है कि JK सीमेंट प्लांट क्षेत्र में सड़क सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण विषय है। कंपनी द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर विज्ञापनों, पोस्टरों, बैनरों, चौपालों, नाटकों और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि जब सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, तो फिर प्लांट के आसपास सड़क पर लगने वाले इस बाजार और उससे पैदा हो रही यातायात संबंधी समस्या के समाधान के लिए जमीनी स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं? लोगों की मांग— राहगीरों और बाजार में आने वाले ग्राहकों की मांग है कि रविवार के बाजार के लिए सड़क से अलग कोई सुरक्षित और निर्धारित स्थान चिन्हित किया जाए। साथ ही बाजार के समय यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जाए और आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता पूरी तरह सुगम रखा जाए। लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, क्योंकि सड़क किनारे लगने वाला बाजार किसी भी वक्त गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। पुरैना का रविवार बाजार फिलहाल सुविधा और सुरक्षा के बीच उलझा नजर आ रहा है। एक तरफ रोजी-रोटी के लिए दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारी हैं, तो दूसरी तरफ बाजार में खरीदारी करने वाले आम लोग और इसी सड़क से गुजरते भारी वाहन। ऐसे में जरूरत टकराव की नहीं, बल्कि बेहतर और सुरक्षित व्यवस्था की है। अब देखना होगा कि सामने आए हादसे और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि और संबंधित जिम्मेदार विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और किसी बड़े हादसे से पहले पुरैना के रविवार बाजार को सुरक्षित एवं व्यवस्थित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।1
- अवंती बाई की दहाड से शासन प्रशासन मनुवादी विधायक सांसद काँप उठा mp जिला अशोकनगर#चंदेरी विधानसभा के माहोली में 1857 की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अंग्रेजों को धूल चटाने वाली शहीद वीरांगना महारानी अबंती बाई लोधी जी की कई बर्षो से लगी मूर्ति हटवाने के बाद ओबीसी एससी एसटी संगठन की एकता विरोध करते हुए एक बड़े आंदोलन के चेतावनी को देखते हुए शासन प्रशासन विधायक सांसद में घुटने टेक कर मूर्ति को पुनः उसी जगह स्थापित करवाया मनुवादियों का दिमाग नहीं चल पाया जय जवान जय किसान जय संविधान जय अवंती बाई जय लोधेश्वर1
- दक्षिण पन्ना वनमण्डल का अनोखा प्रयोग, ‘सर्पलोक’ से बच्चों को दी सर्प संरक्षण की सीख नाग पंचमी पर बच्चों के हाथों में पहुँचा ‘सर्पलोक’, खेल-खेल में सीख रहे साँपों से बचाव और संरक्षण के वैज्ञानिक तरीके पन्ना। नाग पंचमी के अवसर पर दक्षिण पन्ना वनमण्डल ने सर्प संरक्षण और सर्पदंश से बचाव को लेकर अभिनव जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों में सैकड़ों विद्यार्थियों को विशेष रूप से तैयार किया गया 54 कार्डों वाला ‘सर्पलोक’ कार्ड गेम वितरित किया गया। ‘सर्पलोक’ के माध्यम से बच्चों को विषैले एवं विषहीन साँपों की पहचान, सर्पदंश से बचाव, सही प्राथमिक उपचार और साँपों से जुड़े अंधविश्वासों व मिथकों की वास्तविकता समझाई गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे और अपने आसपास साँपों से जुड़े अनुभव भी साझा किए। वन विभाग ने बच्चों को बताया कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अवैज्ञानिक उपचार के बजाय पीड़ित को बिना देरी किए अस्पताल पहुँचाना सबसे जरूरी है। अभियान का संदेश रहा— “साँप नहीं, अज्ञानता सबसे बड़ी दुश्मन है।” रैपुरा रेंज के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रैपुरा, हाई स्कूल अधराड़, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बघवार कला और शासकीय स्कूल हरदुआ सरसबाहु में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा अधिकारी एवं प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी रैपुरा कृष्णा प्रसाद सहित वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को सर्प संरक्षण एवं सर्पदंश से सुरक्षा की जानकारी दी। इसी क्रम में मोहन्द्रा रेंज के शासकीय कन्या हाई स्कूल मोहन्द्रा में वनपाल जगदीश प्रसाद अहिरवार ने विद्यार्थियों को सर्पदंश से बचाव और आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया। वनमण्डल का कहना है कि साँपों के प्रति अनावश्यक भय के कारण उनकी हत्या की घटनाओं को रोकना और मनुष्य-साँप के बीच सुरक्षित सहअस्तित्व विकसित करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा इससे पहले वर्ष 2025 में ‘साँप-सीढ़ी’ खेल के माध्यम से भी सर्प जागरूकता का अभिनव प्रयास किया गया था। अब ‘सर्पलोक’ कार्ड गेम इस अभियान को एक नया और रोचक माध्यम दे रहा है। वन विभाग का प्रयास है कि गेम आधारित शिक्षा के जरिए बच्चों और ग्रामीण समुदायों तक सर्पदंश की रोकथाम, प्राथमिक उपचार तथा सर्प संरक्षण की वैज्ञानिक जानकारी सरल और यादगार तरीके से पहुँचाई जाए। इस पहल से बच्चों में साँपों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के साथ ही सर्पदंश की स्थिति में सही समय पर सही कदम उठाने की समझ विकसित होने की उम्मीद है।4
- *स्वतंत्रता दिवस पर उत्कृष्ट कार्यों के लिए दक्षिण पन्ना वनमंडल के 46 अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित* _रेंज ऑफिसर विवेक जैन, रेंज ऑफिसर जीतू सिंह बघेल एवं सहायक अधीक्षक श्री बाला प्रसाद परोहा सहित वन संरक्षण, वनाग्नि नियंत्रण, जैव विविधता, तेंदूपत्ता, शीतल मुक्तिधाम, जल संरक्षण एवं अन्य उल्लेखनीय कार्यों से जुड़े सदस्यों को मिला सम्मान_ पन्ना, 15 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दक्षिण पन्ना वनमंडल के अधिकारी-कर्मचारियों को विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। वृत्त स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक, छतरपुर वृत्त श्री नरेश सिंह यादव द्वारा दक्षिण पन्ना के 10 सदस्यों को सम्मानित किया गया। इनमें श्री विवेक कुमार जैन, वनक्षेत्रपाल; श्री बाला प्रसाद परोहा, सहायक अधीक्षक; श्री सौरभ दुबे, सहायक ग्रेड-3; श्री जगदीश प्रसाद अहिरवार, वनपाल; श्री ज्ञान प्रकाश आरख, वनपाल; श्रीमती रंजना नागर, कार्यवाहक वनपाल; श्री रजनीश चौरसिया, वनरक्षक; श्री उदय भान सिंह, वनरक्षक; श्री वीरेंद्र पटेल, वनरक्षक एवं श्री अरविंद कुमार गुप्ता, वनरक्षक शामिल रहे। इन्हें वनाग्नि नियंत्रण, तेंदुआ रेस्क्यू, वन सुरक्षा, शीतल मुक्तिधाम अभियान, जैव विविधता आधारित पौधारोपण तथा दक्षिण पन्ना के अनोखे वृक्ष संकलन जैसे कार्यों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में माननीय प्रभारी मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार, कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार एवं वनमंडलाधिकारी अनुपम शर्मा द्वारा दक्षिण पन्ना वनमंडल के 10 सदस्यों को सम्मानित किया गया। इनमें सुश्री जीतू सिंह बघेल, वनक्षेत्रपाल; श्री अशोक कुमार पाण्डेय, उप वनक्षेत्रपाल; श्री विक्रम सिंह बुंदेला, सहायक ग्रेड-3; श्री संदीप तिवारी, वनपाल; श्री मथुरा प्रसाद रैकवार, वनपाल; श्री पुष्पेंद्र सिंह, वनपाल; श्री अजय चौरसिया, ग्राम वन समिति अध्यक्ष; श्री संदीप सिंह बघेल, वनरक्षक; श्री महेंद्र अमहारी, वनरक्षक एवं श्री धीरेंद्र प्रताप सिंह, वनरक्षक शामिल रहे। इनके कार्यों में अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई, वनाग्नि नियंत्रण, वन सुरक्षा, तेंदूपत्ता संग्रहण एवं पारिश्रमिक भुगतान, प्राकृतिक झिरियों का पुनर्जीवन, जैव विविधता आधारित पौधारोपण, शीतल मुक्तिधाम अभियान तथा दक्षिण पन्ना की तितलियों के दस्तावेजीकरण जैसे प्रयास शामिल हैं। इसी क्रम में वनमंडल स्तरीय कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी एवं उपवनमंडल अधिकारी द्वारा 26 सदस्यों को सम्मानित किया गया। इनमें श्री राम प्रसाद पटेल, श्री गणेश सोनी, श्री अनिल प्रताप सिंह, श्री जय प्रकाश नारायण दुबे, श्री प्रेम शंकर ठाकुर, श्री बैकुंठराम गर्ग, श्री मनीष कुमार वर्मा, श्री कृष्ण कुमार प्रजापति, श्रीमती इन्दु खरे, श्री मनोज चौरसिया, श्री उमाकांत द्विवेदी, श्री सुशील वर्मा, श्री गौरव दीक्षित, श्री प्रकाश प्रजापति, श्री अजय प्रताप सिंह, श्री सचेंद्र मोहन, श्री सतीश द्विवेदी, श्री महेंद्र पटेल, श्री राजू अहिरवार, सुश्री प्रीति दुबे, सुश्री रचना जादौन, श्री संतोष कुमार तिवारी, श्री रामखिलावन प्रजापति, श्री उदयशंकर श्रीवास्तव, श्री मनीष रैकवार तथा सर्प मित्र श्री धीरेंद्र सोनी शामिल रहे। इन्हें तेंदूपत्ता संग्रहण एवं भुगतान, वनाग्नि सुरक्षा, अतिक्रमण नियंत्रण, नियमित वन गश्त, जल गंगा संवर्धन, प्राकृतिक झिरियों के पुनर्जीवन, शीतल मुक्तिधाम, जैव विविधता पौधारोपण, गिद्ध संरक्षण, कार्यालयीन कार्यों के उत्कृष्ट संपादन एवं सर्प रेस्क्यू सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। दक्षिण पन्ना वन विभाग द्वारा बताया गया कि ऐसे सम्मानों का उद्देश्य बेहतर कार्य करने वाले मैदानी एवं कार्यालयीन अमले के साथ वन समितियों और स्थानीय सहयोगियों को प्रोत्साहित करना तथा उत्कृष्ट कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देना है।2
- शिवकाशी में धूमधाम से मनाया गया नागपंचमी पर्व, चौरसिया समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा1
- सियार के हमले से दो भैंसों की मौत पशुपालकों में दहशत।. अजयगढ़ क्षेत्र में सियार के हमले के बाद दो भैंसों की मौत का मामला सामने आया है। मोहाना गड़रियाखुड़ा निवासी राजू पाल और मोहाना जखौट निवासी प्रकाश यादव की भैंसों को जंगल में चरते समय सियार ने काट लिया था। दोनों पशुपालकों ने संबंधित चौकी में शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार राजू पाल की भैंस पर जंगल में दो सियारों ने हमला कर दिया था। सियार के काटने के बाद करीब पांच दिनों तक भैंस का उपचार कराया गया, लेकिन उपचार के बावजूद उसकी मौत हो गई। वहीं प्रकाश यादव की भैंस भी जंगल में चरते समय सियार के हमले का शिकार हुई। उपचार कराने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई। लगातार दो पशुओं की मौत से क्षेत्र के पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है। पशुपालकों ने वन विभाग से मामले की जांच कराने और क्षेत्र में सियारों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- हरदुआ खमरिया में देशभक्ति का सैलाब, वीरांगना अवन्ती बाई लोधी की जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा रिपोर्ट — भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना, मध्यप्रदेश हेडलाइन— बारिश की फुहारों के बीच उमड़ा देशभक्ति का जनसैलाब, वीरांगना अवन्ती बाई लोधी की जयंती पर हरदुआ खमरिया से निकली ऐतिहासिक शोभायात्रा। एंकर— पन्ना जिले के सिमरिया क्षेत्र के हरदुआ खमरिया में वीरांगना महारानी अवन्ती बाई लोधी की जयंती के अवसर पर देशभक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बारिश की फुहारों के बीच हजारों की संख्या में युवा, ग्रामीण, माताएं-बहनें और गणमान्य नागरिक शोभायात्रा में शामिल हुए। मुख्य अतिथि श्री रमेश पटेल, पूर्व अध्यक्ष भाजपा मंडल मोहन्द्रा, ने हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया। वीरांगना महारानी अवन्ती बाई लोधी की वीरता, शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए निकाली गई इस शोभायात्रा में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बारिश की फुहारें भी देशभक्ति के जुनून को कम नहीं कर सकीं। शोभायात्रा में महारानी अवन्ती बाई लोधी की आकर्षक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यात्रा में शामिल युवाओं ने पूरे मार्ग में राष्ट्रभक्ति के जयकारे लगाए और वीरांगना के साहस एवं बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया। जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत— शोभायात्रा के विभिन्न ग्रामों से गुजरने के दौरान ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ यात्रा का स्वागत किया। जगह-जगह चाय, नाश्ता, फल और पेयजल की व्यवस्था की गई। कई स्थानों पर महारानी अवन्ती बाई लोधी की झांकी की आरती उतारी गई और तिलक-वंदन एवं पूजा-अर्चना कर श्रद्धा व्यक्त की गई। ग्राम ऊंचा में दिखा खास उत्साह— शोभायात्रा के ग्राम ऊंचा पहुंचने पर ग्रामीणों ने अतिथियों और यात्रा में शामिल लोगों का आत्मीय स्वागत किया। यहां भोजन सहित अन्य व्यवस्थाएं की गईं। इसके साथ ही विशेष संगीतमय मंचीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल मिलाकर वीरांगना अवन्ती बाई लोधी की जयंती पर निकली यह शोभायात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उनके शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद करने तथा नई पीढ़ी तक उनके संघर्ष और प्रेरणा को पहुंचाने का संदेश देती नजर आई। बारिश के बीच उमड़ा जनसैलाब पूरे क्षेत्र में देशभक्ति और उत्साह की मिसाल बन गया।1
- अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई की जन्म जयंती 16 अगस्त 2026 को गुन्नौर पैलेस आशीर्वाद गार्डन में मनाई गई जिसमें ओबीसी एससी एसटी संगठन सामाजिक भाईचारा कार्यक्रम रखा गया है समस्त क्षेत्र वासियों जिले प्रदेश देश के कोने कोने से आये नागरिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सम्माननीय दामोदर सिंह यादव जी उपस्थित रहें जय जवान जय किसान जय संविधान जय अवंती बाई1
- श्री चित्रगुप्त जी मंदिर में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा फाउंडेशन द्वारा मनाया गया हरियाली तीज उत्सव पन्ना। सावन माह के पावन अवसर पर स्थानीय श्री चित्रगुप्त जी मंदिर में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा फाउंडेशन महिला संगठन, पन्ना के तत्वावधान में हरियाली तीज उत्सव हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में समाज की बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता कर तीज पर्व की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरती के साथ हुआ। इसके बाद महिलाओं ने पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य, खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर सावन के उल्लास और उत्साह से सराबोर रहा। आयोजकों ने बताया कि हरियाली तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं के बीच प्रेम, स्नेह और सामाजिक एकता का प्रतीक है। वर्तमान समय की व्यस्त दिनचर्या में महिलाओं को एक-दूसरे के साथ समय बिताने और खुशियां साझा करने का अवसर कम मिलता है। इसी उद्देश्य से इस आयोजन का आयोजन किया गया, जिससे समाज में आपसी भाईचारा और एकजुटता मजबूत हो सके। कार्यक्रम के समापन पर सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को हरियाली तीज की शुभकामनाएं दीं और समाज में प्रेम, सौहार्द एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।4