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थाना कोतवाली नगर में लगभग ₹3,60,16,000/- के गबन के संबंध में एक अभियोग पंजीकृत किया गया है। इस मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी नगर आनंद कुमार राय ने जानकारी दी।
Brijesh Kumar Singh
थाना कोतवाली नगर में लगभग ₹3,60,16,000/- के गबन के संबंध में एक अभियोग पंजीकृत किया गया है। इस मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी नगर आनंद कुमार राय ने जानकारी दी।
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- गोंडा के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित इंडियन बैंक (पूर्व में इलाहाबाद बैंक) की मुख्य शाखा में लगभग पाँच करोड़ रुपये का एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। इस मामले में बैंक के 69 अधिकारियों, कर्मचारियों और कुछ ग्राहकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसके बाद बैंक हलकों में हड़कंप मच गया है। इंडियन बैंक के सचिव रविंद्र कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आरोपियों में बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक, कैशियर, अन्य अधिकारी, कर्मचारी और कुछ ग्राहक शामिल हैं। आरोप है कि वर्ष 1997 से 2020 के बीच बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये का गबन किया। विभागीय जांच के दौरान, आरोपियों ने यह राशि ब्याज सहित जमा करने का लिखित आश्वासन भी दिया था, लेकिन बाद में रकम जमा नहीं की गई। बैंक प्रशासन के अनुसार, ब्याज सहित यह राशि अब बढ़कर 4 करोड़ 90 लाख 8 हजार 373 रुपये हो गई है। मामले में न्यायालय के आदेश के अनुपालन में, नगर कोतवाली पुलिस ने 12 जून 2026 को विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी नगर, गोंडा, अंगद कुमार राय ने बताया कि वादी रविंद्र कुमार श्रीवास्तव, सचिव इंडियन बैंक, द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर, वर्ष 1997 से 2020 तक कार्यरत कुल 69 कर्मचारियों द्वारा लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये की धनराशि में हेराफेरी किए जाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की जांच की जा रही है।1
- Post by T-series_Gonda1
- थाना कोतवाली नगर में लगभग ₹3,60,16,000/- के गबन के संबंध में एक अभियोग पंजीकृत किया गया है। इस मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी नगर आनंद कुमार राय ने जानकारी दी।1
- गोण्डा जिले के करनैलगंज कस्बा बाजार में प्रशासन का बुलडोजर जमकर गरजा, जहाँ सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत दो दर्जन से अधिक अवैध कब्जों को हटाया गया, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। अतिक्रमण हटाने की इस कार्यवाही के दौरान कुछ दुकानदारों और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, हालांकि भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे अभियान को शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया। एसडीएम नेहा मिश्रा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सड़क पर्याप्त चौड़ी होने के बावजूद, कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों को आगे बढ़ाकर सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर रखा था। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए जा चुके थे, और प्रशासन आज इसी अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही कर रहा है।1
- अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की रकम में हेराफेरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। मंदिर का चढ़ावा गिनने वाले एक कर्मचारी के घर पर छापेमारी के दौरान ₹10 लाख की नकदी बरामद हुई, जिसे गोबर के ढेर और एक बक्से में छिपाकर रखा गया था। इस घटना के बाद, चढ़ावे में चोरी के आरोपों को लेकर मंदिर ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे मामले की विशेष जांच दल (SIT) द्वारा गहन जाँच कराने की मांग की है।1
- अयोध्या में एक जन चौपाल का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ पूर्व सांसद लल्लू सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर जनसुनवाई करेंगे। यह कार्यक्रम 13 जून, शनिवार को शाम 6:00 बजे वार्ड नम्बर 6, नासिरपुर मूसी में राकेश पांडेय 'राना' चेयरमैन के आवास पर आयोजित होगा। इस जन चौपाल में तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी बीकापुर, अयोध्या ने इस कार्यक्रम का निवेदन किया है।1
- धार्मिक नगरी अयोध्या और आस-पास के इलाकों में आज मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। दोपहर होते-होते आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस झमाझम बारिश ने जहाँ पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दी है, वहीं शहर के कई हिस्सों में व्यवस्थाओं की पोल खोलते हुए जलभराव से मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।1
- गोंडा के झंझरी ब्लॉक के बनवरिया गाँव के जोगीपुरवा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ प्रधान देवता प्रसाद को अपने ही अधिकारों की जानकारी नहीं है। दरअसल, प्रधान का परिवार अपने ही ज़मीन पर कब्ज़े और मारपीट की शिकायत लेकर जिलाधिकारी के दरबार पहुँचा है, जिसमें उनके अपने ही प्रतिनिधि राहुल सिंह सहित कुछ अन्य दबंगों पर आरोप लगाए गए हैं। मामला तब सामने आया जब चुनाव के कुछ समय बाद, प्रधान के प्रतिनिधि राहुल सिंह ने ही उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और उनकी पारिवारिक ज़मीन पर कब्ज़ा करने का प्रयास किया। यह ज़मीन न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद उस पर कब्ज़े की कोशिश की गई। प्रधान ने आरोप लगाया है कि चौधरी नबी के परिवार के साथ मारपीट की गई, और अमोल सिंह व गंगा सिंह भी उनकी विवादित ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं तथा विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लिया और लेखपाल को तलब कर पूछा कि आखिर बिना इजाज़त के न्यायालय में विचाराधीन मामले पर ज़मीन की पैमाइश कैसे की गई। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है और इस पूरे मामले की अब जाँच की जा रही है। यह घटना ज़िले में चल रहे ऐसे कई मामलों को उजागर करती है जहाँ प्रधानों को तो जीत दिला दी जाती है, लेकिन उनकी 'चाबी' किसी और के पास होती है। अपनी प्रधानी की शक्ति को तब याद करने का यह मामला जब अपनी 'डूबती रग पर हाथ पड़ा', पीड़ित परिवार मीडिया और तमाम अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगा रहा है और यह देखना होगा कि आरोपियों पर कब कार्रवाई होगी तथा पीड़ित परिवार को उसकी ज़मीन कब वापस मिलेगी।4