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आटगाव येथे लाकडी घराला आग लागून घर भस्मसात ठाणे: शहापूर तालुक्यातील आटगाव येथील रेल्वे स्थानकालगत असलेल्या श्री.प्रदीप भानुषाली यांच्या घराला मोठ्या प्रमाणात आग लागण्याची घटना घडली असून स्थानिक टँकर तसेच शहापूर नगरपंचायत अग्निशामक दलाच्या गाडीमुळे आग आटोक्यात आलेली आहे. कुठल्याही प्रकारची जीवित हानी झाली नसली तरी मोठ्या प्रमाणात वित्तहानी झाली आहे. घटनास्थळी पोलीस यंत्रणासुद्धा हजर झालेली आहे.
लोक हिंद चॅनल
आटगाव येथे लाकडी घराला आग लागून घर भस्मसात ठाणे: शहापूर तालुक्यातील आटगाव येथील रेल्वे स्थानकालगत असलेल्या श्री.प्रदीप भानुषाली यांच्या घराला मोठ्या प्रमाणात आग लागण्याची घटना घडली असून स्थानिक टँकर तसेच शहापूर नगरपंचायत अग्निशामक दलाच्या गाडीमुळे आग आटोक्यात आलेली आहे. कुठल्याही प्रकारची जीवित हानी झाली नसली तरी मोठ्या प्रमाणात वित्तहानी झाली आहे. घटनास्थळी पोलीस यंत्रणासुद्धा हजर झालेली आहे.
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- ठाणे: शहापूर तालुक्यातील आटगाव येथील रेल्वे स्थानकालगत असलेल्या श्री.प्रदीप भानुषाली यांच्या घराला मोठ्या प्रमाणात आग लागण्याची घटना घडली असून स्थानिक टँकर तसेच शहापूर नगरपंचायत अग्निशामक दलाच्या गाडीमुळे आग आटोक्यात आलेली आहे. कुठल्याही प्रकारची जीवित हानी झाली नसली तरी मोठ्या प्रमाणात वित्तहानी झाली आहे. घटनास्थळी पोलीस यंत्रणासुद्धा हजर झालेली आहे.1
- Jeffrey Epstein एक अमेरिकी फाइनेंसर थे, जिनका नाम दुनिया के सबसे बड़े यौन तस्करी मामलों में दर्ज है। नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और तस्करी के गंभीर आरोपों ने उन्हें वैश्विक विवाद का केंद्र बना दिया। 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उनकी मौत हुई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया—लेकिन परिस्थितियों ने कई सवाल खड़े किए। पृष्ठभूमि और करियर एपस्टीन ने अपने करियर की शुरुआत Bear Stearns से की। बाद में उन्होंने निजी निवेश और फाइनेंशियल कंसल्टिंग के जरिए अपार संपत्ति और प्रभाव बनाया। कम समय में उनका रसूख राजनीति, बिज़नेस और हाई-सोसायटी तक फैल गया। यौन अपराध और कानूनी कार्रवाइयाँ 2008 में फ्लोरिडा में नाबालिग से वेश्यावृत्ति के मामले में दोष स्वीकार किया। सीमित सजा के तहत उन्होंने करीब 13 महीने बिताए—जिसे लेकर “विशेष रियायत” के आरोप लगे। 6 जुलाई 2019 को उन पर नाबालिगों की यौन तस्करी के नए संघीय आरोप लगे और न्यूयॉर्क में गिरफ्तारी हुई। जेल में मौत (2019) 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर में उनकी मौत हो गई। आधिकारिक बयान में इसे आत्महत्या बताया गया। मौत के बाद उनके खिलाफ सभी आपराधिक मुकदमे समाप्त हो गए, लेकिन सुरक्षा चूक, कैमरों और निगरानी को लेकर जांच ने संदेह को और गहरा किया। हाई-प्रोफाइल नेटवर्क एपस्टीन के संबंध कई प्रभावशाली हस्तियों से बताए गए। रिपोर्ट्स में Donald Trump, Bill Clinton president"], Prince Andrew, Bill Gates जैसे नाम सामने आए। अधिकांश ने किसी भी अवैध गतिविधि से इनकार किया है; कई मामलों में आरोप नहीं लगे, पर सवाल बने रहे। घिसलेन मैक्सवेल की भूमिका एपस्टीन की करीबी सहयोगी Ghislaine Maxwell को 2021 में लड़कियों की तस्करी में सहायता के आरोप में दोषी ठहराया गया। यह सजा इस नेटवर्क की हकीकत पर बड़ा कानूनी ठप्पा मानी गई। निष्कर्ष जेफरी एपस्टीन का मामला सिर्फ एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि सत्ता, पैसे और जवाबदेही के जटिल रिश्तों की कहानी है। उनकी मौत ने कई राज अपने साथ दफना दिए—और यही वजह है कि यह केस आज भी दुनिया भर में बहस और जांच का विषय बना हुआ है।1
- वादीये हसनैन शिया कब्रस्तान में मनाया गया जश्न1
- महापौर व उपमहापौर पद के लिए चयनित डिम्पल मेहता और धुरुकिशोर पाटिल को विधायक नरेन्द्र मेहता ने बधाई दी....1
- कई होटल दाल मखनी को ताजा बनाने के बजाय पहले से बड़ी मात्रा में बनाकर फ्रीजर में स्टोर कर लेते हैं। जरूरत पड़ने पर उसी दाल को दोबारा गर्म कर ग्राहकों को परोसा जाता है। खानपान विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह बार-बार गर्म की गई दाल से स्वाद तो बना रहता है, लेकिन पोषण तत्व कम हो जाते हैं और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। खासतौर पर गर्मियों में लंबे समय तक फ्रीज में रखी दाल बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ा देती है।1
- पनवेलची सत्ता कोणाच्या हाती प्रचाराच्या तोफा थंडावल्या1
- मुंबई: लिफ्ट में गैस से भरे गुब्बारों में ब्लास्ट, 2 लोग घायल; CCTV में कैद हुआ वीडियो। मुंबई में एक लिफ्ट के अंदर गैस से भरे गुब्बारों में अचानक विस्फोट हो गया, जिससे एक महिला और एक गुब्बारा विक्रेता गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना लिफ्ट के सीसीटीवी में कैद हो गई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विस्फोट के बाद आग की लपटें फैल गईं, जिससे दोनों लोग झुलस गए। गुब्बारा विक्रेता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि हीलियम के बजाय ज्वलनशील गैस का उपयोग किया गया था।1
- आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने मनरेगा का नाम बदलकर ‘VB-G RAM G’ किए जाने पर केंद्र सरकार और BJP पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को असली मुद्दों से भटकाने के लिए योजनाओं के नाम बदलने में लगी है। संजय सिंह ने कहा कि MGNREGA करोड़ों गरीबों के लिए रोज़गार की गारंटी है, लेकिन नाम बदलने से न तो मज़दूरी बढ़ेगी और न ही काम मिलेगा। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा— “हराम में भी…” —इशारों में सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए। AAP सांसद ने मांग की कि सरकार नाम बदलने की राजनीति छोड़कर मज़दूरी भुगतान, काम के दिनों और ग्रामीण रोज़गार पर ध्यान दे। विपक्ष का कहना है कि जनता को नाम नहीं, काम1