*के.वी. घुमारवीं के लिए 25 बीघा भूमि स्वीकृत, शीघ्र शुरू होगा निर्माण कार्य: राजेश धर्माणी* *घुमारवीं विस क्षेत्र में खेल एवं कौशल विकास के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर* *के.वी. घुमारवीं के लिए 25 बीघा भूमि स्वीकृत, शीघ्र शुरू होगा निर्माण कार्य: राजेश धर्माणी* *घुमारवीं विस क्षेत्र में खेल एवं कौशल विकास के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर* *केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि बोले तकनीकी शिक्षा मंत्री* *घुमारवीं (बिलासपुर), 30 जुलाई:* नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं के वार्षिक खेलकूद समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को वार्षिक खेलकूद समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल गतिविधियों से बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना तथा आत्मविश्वास का विकास होता है और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे उचित मंच और प्रोत्साहन मिलने पर नई दिशा मिलती है। उन्होंने विद्यालय के एनसीसी, एनएसएस तथा गाइड एवं स्काउट्स के विद्यार्थियों द्वारा प्राथमिक उपचार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इन मूल्यों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे परिवार और समाज से सबसे अधिक सीखते हैं। ऐसे में अभिभावकों एवं समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने आचरण से बच्चों के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें, ताकि भावी पीढ़ी अच्छे संस्कारों और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ सके। राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं के स्थायी भवन निर्माण के लिए 25 बीघा भूमि को स्वीकृत प्रदान कर दी है। शीघ्र ही लीज डीड की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय का अपना भवन बनने से विद्यार्थियों को आधुनिक एवं बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अस्थायी परिसर में संचालित होने के बावजूद केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। वर्ष 2008 में विधायक बनने के बाद उन्होंने जिला बिलासपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव सोनिया गांधी के समक्ष रखा था और वर्ष 2012 में जिले का पहला केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं में प्रारंभ हुआ। वर्तमान में विद्यालय राजकीय कन्या एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) घुमारवीं के परिसरों में संचालित हो रहा है। विद्यालय प्रबंधन की सुविधा को देखते हुए इसे एक ही परिसर में संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही आवश्यक कक्षों की उपलब्धता होने पर 11वीं एवं 12वीं कक्षाएं भी प्रारंभ करने के प्रयास किए जाएंगे। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय भवन के लिए आवंटित भूमि के साथ घुमारवीं में आधुनिक इंडोर स्टेडियम का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न खेल सुविधाओं के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्विमिंग पूल का भी निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आशीर्वाद से मोरसिंघी में 48 छात्राओं की क्षमता वाला हैंडबॉल हॉस्टल स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त घुमारवीं में बहुउद्देश्यीय खेल परिसर के साथ 100 छात्राओं की क्षमता वाला मल्टी स्पोर्ट्स हॉस्टल भी बनाया जाएगा, जिसके लिए सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से स्किल अकादमी स्थापित की जा रही है, जिसके भवन निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने पहली किस्त के रूप में 2 करोड़ रुपये जारी कर दिये हैं। इस अकादमी के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि करयालग में 5 करोड़ रुपये की लागत से कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र (सीबीटीसी) स्थापित किया जा रहा है, जहां एक समय में लगभग 500 अभ्यर्थी ऑनलाइन परीक्षाएं दे सकेंगे। इसके अतिरिक्त घुमारवीं में सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत विश्वस्तरीय मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टिट्यूट ऑफ इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (एमआईआईएसटीईआर) यूनिवर्सिटी की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है और भूमि उपलब्ध होते ही परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। राजेश धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से घुमारवीं, हटवाड़, भराड़ी तथा कपाहड़ा के चार विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। इन विद्यालयों में शीघ्र ही आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री अथवा डिप्लोमा प्राप्त करना नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान को व्यवहारिक जीवन में उतारना है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। इसी का परिणाम है कि गुणवत्ता आधारित शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, जो पहले देश में 21वें स्थान पर था, अब तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। इससे पहले उन्होंने स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली तथा वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारंभ की भी घोषणा की। स्कूल की प्रधानाचार्य रिंकू कुमारी ने मुख्यातिथि सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया तथा स्कूल की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल, उपनिदेशक उच्च शिक्षा स्कूल नरेश चंदेल, विद्यालय के अध्यापकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
*के.वी. घुमारवीं के लिए 25 बीघा भूमि स्वीकृत, शीघ्र शुरू होगा निर्माण कार्य: राजेश धर्माणी* *घुमारवीं विस क्षेत्र में खेल एवं कौशल विकास के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर* *के.वी. घुमारवीं के लिए 25 बीघा भूमि स्वीकृत, शीघ्र शुरू होगा निर्माण कार्य: राजेश धर्माणी* *घुमारवीं विस क्षेत्र में खेल एवं कौशल विकास के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर* *केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि बोले तकनीकी शिक्षा मंत्री* *घुमारवीं (बिलासपुर), 30 जुलाई:* नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं के वार्षिक खेलकूद समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को वार्षिक खेलकूद समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल गतिविधियों से बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना तथा आत्मविश्वास का विकास होता है और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे उचित मंच और प्रोत्साहन मिलने पर नई दिशा मिलती है। उन्होंने विद्यालय के एनसीसी, एनएसएस तथा गाइड एवं स्काउट्स के विद्यार्थियों द्वारा प्राथमिक उपचार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इन मूल्यों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे परिवार और समाज से सबसे अधिक सीखते हैं। ऐसे में अभिभावकों एवं समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने आचरण से बच्चों के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें, ताकि भावी पीढ़ी अच्छे संस्कारों और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ सके। राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं के स्थायी भवन निर्माण के लिए 25 बीघा भूमि को स्वीकृत प्रदान कर दी है। शीघ्र ही लीज डीड की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय का अपना भवन बनने से विद्यार्थियों को आधुनिक एवं बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अस्थायी परिसर में संचालित होने के बावजूद केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। वर्ष 2008 में विधायक बनने के बाद उन्होंने जिला बिलासपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव सोनिया गांधी के समक्ष रखा था और वर्ष 2012 में जिले का पहला केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं में प्रारंभ हुआ। वर्तमान में विद्यालय राजकीय कन्या एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) घुमारवीं के परिसरों में संचालित हो रहा है। विद्यालय प्रबंधन की सुविधा को देखते हुए इसे एक ही परिसर में संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही आवश्यक कक्षों की उपलब्धता होने पर 11वीं एवं 12वीं कक्षाएं भी प्रारंभ करने के प्रयास किए जाएंगे। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय भवन के लिए आवंटित भूमि के साथ घुमारवीं में आधुनिक इंडोर स्टेडियम का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न खेल सुविधाओं के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्विमिंग पूल का भी निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आशीर्वाद से मोरसिंघी में 48 छात्राओं की क्षमता वाला हैंडबॉल हॉस्टल स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त घुमारवीं में बहुउद्देश्यीय खेल परिसर के साथ 100 छात्राओं की क्षमता वाला मल्टी स्पोर्ट्स हॉस्टल भी बनाया जाएगा, जिसके लिए सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से स्किल अकादमी स्थापित की जा रही है, जिसके भवन निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने पहली किस्त के रूप में 2 करोड़ रुपये जारी कर दिये हैं। इस अकादमी के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि करयालग में 5 करोड़ रुपये की लागत से कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र (सीबीटीसी) स्थापित किया जा रहा है, जहां एक समय में लगभग 500 अभ्यर्थी ऑनलाइन परीक्षाएं दे सकेंगे। इसके अतिरिक्त घुमारवीं में सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत विश्वस्तरीय मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टिट्यूट ऑफ इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (एमआईआईएसटीईआर) यूनिवर्सिटी की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है और भूमि उपलब्ध होते ही परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। राजेश धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से घुमारवीं, हटवाड़, भराड़ी तथा कपाहड़ा के चार विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। इन विद्यालयों में शीघ्र ही आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री अथवा डिप्लोमा प्राप्त करना नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान को व्यवहारिक जीवन में उतारना है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। इसी का परिणाम है कि गुणवत्ता आधारित शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, जो पहले देश में 21वें स्थान पर था, अब तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। इससे पहले उन्होंने स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली तथा वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारंभ की भी घोषणा की। स्कूल की प्रधानाचार्य रिंकू कुमारी ने मुख्यातिथि सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया तथा स्कूल की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल, उपनिदेशक उच्च शिक्षा स्कूल नरेश चंदेल, विद्यालय के अध्यापकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
- झंडूता जन सेवा वेलफेयर फाउंडेशन ने लगाया रक्तदान शिविर, 20 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान1
- श्रम मंत्रालय भारत सरकार के ई श्रम पोर्टल से जोड़ना अनिवार्य, श्रमिकों को मिलने वाले लाभ प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर जोड़ना होगा: चेयरमैन नरदेव सिंह कंवर, प्रदेश में चल रही 14 विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी कंवर हमीरपुर हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने प्रदेश के सभी पंजीकृत निर्माण कामगारों से शीघ्र अपनी e-KYC प्रक्रिया पूर्ण कराने और e-Shram पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र निर्माण कामगारों तक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के लिए e-KYC तथा e-Shram पोर्टल पर पंजीकरण बेहद आवश्यक है। यदि कोई लाभार्थी समय रहते इन दोनों प्रक्रियाओं को पूरा नहीं करता है, तो वह वर्तमान और भविष्य में सरकार तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित रह सकता है। इससे पूर्व कंवर ने प्रदेश कार्यालय के आंगन में शिवालय की विधिवत पूजा अर्चना कर शिवलिग की स्थापना की । पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि e-KYC और e-Shram पंजीकरण की यह प्रक्रिया प्रत्येक पंजीकृत लाभार्थी के हित में है और इससे उन्हें सरकार एवं बोर्ड द्वारा संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सकेगा। अध्यक्ष कंवर ने सभी श्रम कल्याण अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक पंजीकृत निर्माण कामगारों को जागरूक करें तथा e-KYC एवं e-Shram पंजीकरण अभियान को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करवाना सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। बाइट नरदेव सिंह कंवर अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 98हजार श्रमिको ने अपनी e-KYC करवा रखी है लेकिन विभाग के पास रजिस्टर्ड श्रमिको की संख्या बहुत अधिक है । बाइट नरदेव सिंह कंवर अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड गौरतलब है कि बोर्ड के सभी पंजीकृत लाभार्थियों की e-KYC संबंधित क्षेत्र के श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय में पूरी तरह निःशुल्क की जा रही है। वहीं e-Shram पोर्टल पर पंजीकरण लाभार्थी स्वयं या निकटतम लोक मित्र केंद्र के माध्यम से आसानी से करवा सकते हैं। उन्होंने सभी निर्माण कामगारों से अपील की कि वे आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ जल्द अपने संबंधित श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर e-KYC करवाएं तथा e-Shram पोर्टल पर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी भी योजना का लाभ लेने में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।2
- पंचायत प्रधानों से रूबरू हुए विधायक विवेक शर्मा, ऊना ब्लॉक में आती कुटलैहड़ की पंचायतों पर हुआ मंथन, विभिन्न विकास कार्यों को लेकर की गई चर्चा ऊना जिला मुख्यालय स्थित जिला विकास अभिकरण सभागार में वीरवार को विकास खंड ऊना के तहत आने वाली कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की 23 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और उपप्रधानों की स्थानीय विधायक विवेक शर्मा के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्रों की विकास संबंधी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी प्राप्त करना था। बैठक के दौरान विधायक निधि सहित विभिन्न सरकारी मदों से पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, नालियों, सामुदायिक भवनों, बिजली, सिंचाई तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं और विकास कार्यों की प्राथमिकताओं को विधायक के समक्ष रखा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि सभी पंचायत प्रतिनिधि हाल ही में जनता द्वारा निर्वाचित होकर आए हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी गांवों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों की प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण भी आवश्यक है, ताकि वे योजनाओं का अधिकतम लाभ अपने-अपने क्षेत्रों तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। जिन मुद्दों का समाधान जिला स्तर पर संभव है, उन्हें संबंधित विभागों के माध्यम से शीघ्र हल कराया जाएगा, जबकि राज्य सरकार के स्तर पर उठाए जाने वाले मामलों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। विधायक ने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और जनसहभागिता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना और गांवों का संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित करना है। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने भी विधायक के समक्ष विभिन्न सुझाव रखे और विकास कार्यों में सहयोग का भरोसा दिलाया।1
- मेरी संपत्ति पर भ्रम फैला रही बीजेपी, चंदा चोर व पेपर लीक वाले भाजपा नेताओं को कांग्रेस में नहीं जगह,CM सुक्खू ने विपक्ष पर किया तीखा प्रहार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के सबसे अमीर होने के सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और पर उठ रहे सवालों पर भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर उनकी छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ति का विवरण पिछले 20 वर्षों से पारदर्शी और यथावत बना हुआ है।जहां उन्होंने संपति को लेकर स्थिति स्पष्ट की वही विपक्ष के बयानों पर भी जमकर निशाना साधा विओ : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि लगभग 20 साल पहले उन्होंने शिमला में 12 लाख रुपये का एक प्लॉट खरीदा था, जिस पर बाद में मकान का निर्माण कराया गया। समय के साथ संपत्ति की बाजार मूल्य (वैल्यू एडिशन) में बढ़ोतरी स्वाभाविक है, लेकिन बीजेपी इसे गलत तरीके से पेश कर उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में दिखाने की राजनीतिक चाल चल रही है। मुख्यमंत्री ने चुनौती देते हुए कहा, यदि किसी को मेरी संपत्ति पर कोई संदेह है, तो ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) से जांच करा ले। मेरी संपत्ति की पहले भी जांच हो चुकी है। मुख्यमंत्री बनने के बाद मेरी किसी संपत्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, बल्कि इसमें कमी ही आई है, जो आगामी चुनावी हलफनामे में साफ दिख जाएगी। एक आम परिवार से आया व्यक्ति भी अपनी मेहनत और ईमानदारी से संपत्ति बना सकता है। विपक्ष द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त और दलबदल के बयानों पर मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि कांग्रेस अपनी विचारधारा से जुड़े निष्ठावान नेताओं के दम पर खड़ी है। यदि कोई राजनीतिक मंडी में बिकना चाहता है या पार्टी छोड़ना चाहता है, तो उसे रोका नहीं जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ भाजपा के नेता कांग्रेस में आना चाहते हैं लेकिन भी उन्होंने कहा, जो पार्टी 'चंदा चोरी' और 'पेपर लीक' जैसे घोटालों में संलिप्त रही है, ऐसे भ्रष्टाचारियों को कांग्रेस में जगह देने का सवाल ही नहीं उठता। वही उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी जी ने भी स्पष्ट कहा है कि शिक्षा मंत्री ऐसा होना चाहिए जो शिक्षाविद हो जो युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न करे और पेपर लीक न होने दे।" इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में जारी प्राकृतिक आपदा और मानसूनी नुकसान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से विस्तृत चर्चा की है। चंबा और राज्य के अन्य प्रभावित हिस्सों में हुए भारी नुकसान का संज्ञान लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही स्वयं चंबा का दौरा करेंगे और आपदा से हुए नुकसान का जमीनी जायजा लेकर राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा हड़ताल पर बैठे नीट अभ्यर्थियों को लेकर दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे युवाओं और छात्रों पर इस तरह के अनर्गल बयान देना पूरी तरह गलत है। विपक्षी नेताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जुड़े मुद्दों या छात्र हितों के विषय को राजनीतिक मोड़ देने के बजाय संवेदनशीलता से काम लेना चाहिए। बाइट : सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री1
- मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा हिमाचल को चिट्ठा मुक्त बनाने के लिए चलाए गए अभियान का कुटलैहड़ की सभी संस्थान बनें भागीदार, विवेक शर्मा बंगाणा, कुटलैहड़ के बसाल स्कूल से चिट्ठा नशे के खिलाफ जागरूकता रैली को विधायक विवेक शर्मा ने दिखाई हरी झंडी, बंगाणा,कुटलैहड़ क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा चलाए जा रहे हिमाचल 'चिट्ठा नशा मुक्त अभियान को जन-जन का अभियान बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य को लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाल में चिट्ठा नशे के खिलाफ आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने स्कूल के विद्यार्थियों एनसीसी की टुकड़ी द्वारा निकाली गई चिट्ठा विरोधी जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर विधायक विवेक शर्मा ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने परिवार, गांव और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहेगी तो प्रदेश का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल होगा। बही साथ कुटलैहड़ कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विवेक मिंका जिला पार्षद सुमित शर्मा एसएमसी प्रबंधन समिति स्कूल स्टाफ अभिभावक के साथ अन्य पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे। कुटलैहड़ का हर स्कूल,हर संस्था को बनना होगा चिट्ठे के खिलाफ अभियान का हिस्सा, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालय, सरकारी एवं निजी कर्मचारी, धार्मिक, सामाजिक तथा राजनीतिक संस्थाओं को इस अभियान से जुड़कर समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में कुटलैहड़ क्षेत्र के प्रत्येक विद्यालय में चिट्ठा मुक्त अभियान के तहत जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी,जिनमें स्कूल के विद्यार्थी,शिक्षक तथा अन्य कर्मचारी सक्रिय रूप से भाग लेंगे। उनका कहना कि युवाओं को नशे की ओर नहीं बल्कि शिक्षा, खेल कूद,संस्कृति और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विधायक ने स्कूल में किया पौधा रोपण,एनसीसी कक्ष का उद्घाटन दो लाख की घोषणा, कुटलैहड़ के वसाल स्कूल में चिट्ठा जैसे नशे के खिलाफ कार्यक्रम के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर स्वच्छ एवं हरित वातावरण का संदेश भी दिया।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण स्वस्थ समाज का गहरा संबंध है तथा युवाओं को प्रकृति के संरक्षण के लिए भी आगे आना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में नव-निर्मित एनसीसी कक्ष का उद्घाटन किया। साथ ही विद्यालय प्रबंधन द्वारा रखी गई शेड निर्माण की मांग को स्वीकार करते हुए दो लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके। कुटलैहड़ में जहां बिकता हो नशा, स्कूली छात्र मुझे दें सूचना, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में चिट्ठा या अन्य प्रकार का नशा बेचे जाने की जानकारी मिले तो लोग बिना किसी डर के सीधे उन्हें 98160-40054 पर सूचना दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा संबंधित मामले में प्रशासन और पुलिस के माध्यम से तुरंत उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई कर रही है और समाज के सहयोग से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। विधायक विवेक शर्मा ने सभी अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से अपील की कि वे मिलकर कुटलैहड़ को चिट्ठा एवं नशा मुक्त बनाने का संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ी सुरक्षित, स्वस्थ और शिक्षित समाज का निर्माण कर सके। उन्होंने कहा कि यदि समाज एकजुट होकर आगे आए तो वह दिन दूर नहीं जब कुटलैहड़ ही नहीं बल्कि पूरा हिमाचल प्रदेश चिट्ठा और अन्य नशों से पूरी तरह मुक्त होगा।1
- सड़कें बन्द गाड़ियों में सड़ रही सब्जी, किसानों ने नाले में फेंकी, सब्जी मंडी तक पहुंचना मुश्किल ललित ठाकुर। पधर उपमंडल पद्धर के थलटूखोड़-मढ़ मार्ग पर सोमवार से चल रहे भूस्खलन के कारण सड़क बंद हो गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तैयार सब्जियाँ और फसल मंडी तक पहुंचाना लगभग नामुमकिन हो गया है और किसान अपनी मेहनत, समय व आमदनी गंवाने के डर से परेशान हैं। सबसे दर्दनाक घटना झुकाण गांव से सामने आई, जहां जीप चालक सुनील कुमार को मजबूरन मूली से भरी जीप को नाले में फेंकना पड़ी क्योंकि सड़क मार्ग बंद होने के कारण आगे बढ़ना असम्भव था। ग्रामीणों का कहना है कि भूस्खलन स्थायी रूप से मिट्टी व रास्ता बहा देने की कगार पर है और इससे स्थानीय किसानों की तैयार फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग से तत्काल सड़क बहाली व सुरक्षा प्रबंध करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग जल्द नहीं खुलता तो ही सब्जियों के खराब होने से किसानों को और भारी आर्थिक नुकसान होगा। वहीं विभाग के लोक निर्माण विभाग के एक्सियन विनायक कश्यप ने कहा कि दो मशीन भेजी है , पहाड़ी से पत्थर आ रहे हैं दिक्कत हो रही है मार्ग बहाली को कार्यवाही शीघ्र आरंभ की कर दी गई है, लेकिन बचाव व मरम्मत के लिए आवश्यक संसाधन व मौसम की स्थिति पर भी निर्भरता बनी हुई है। ग्रामीणों ने अल्टरनेट मार्गों की अनुपलब्धता के कारण फसलों को दूर स्थित मंडियों तक पहुँचाने में दिक्कतें बताईं और सरकार से अस्थायी परिवहन व्यवस्था तथा मुआवजे की भी मांग उठाई है। स्थानीय सुनील कुमार ,रमेश कुमार, सूरज, प्रेम आदि किसानो का कहना है कि यदि समस्या का तात्कालिक समाधान नहीं हुआ तो वे और बड़े धरने-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे। सड़कें बन्द गाड़ियों में सड़ रही सब्जी, किसानों ने नाले में फेंकी, सब्जी मंडी तक पहुंचना मुश्किल ललित ठाकुर। पधर उपमंडल पद्धर के थलटूखोड़-मढ़ मार्ग पर सोमवार से चल रहे भूस्खलन के कारण सड़क बंद हो गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तैयार सब्जियाँ और फसल मंडी तक पहुंचाना लगभग नामुमकिन हो गया है और किसान अपनी मेहनत, समय व आमदनी गंवाने के डर से परेशान हैं। सबसे दर्दनाक घटना झुकाण गांव से सामने आई, जहां जीप चालक सुनील कुमार को मजबूरन मूली से भरी जीप को नाले में फेंकना पड़ी क्योंकि सड़क मार्ग बंद होने के कारण आगे बढ़ना असम्भव था। ग्रामीणों का कहना है कि भूस्खलन स्थायी रूप से मिट्टी व रास्ता बहा देने की कगार पर है और इससे स्थानीय किसानों की तैयार फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग से तत्काल सड़क बहाली व सुरक्षा प्रबंध करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग जल्द नहीं खुलता तो ही सब्जियों के खराब होने से किसानों को और भारी आर्थिक नुकसान होगा। वहीं विभाग के लोक निर्माण विभाग के एक्सियन विनायक कश्यप ने कहा कि दो मशीन भेजी है , पहाड़ी से पत्थर आ रहे हैं दिक्कत हो रही है मार्ग बहाली को कार्यवाही शीघ्र आरंभ की कर दी गई है, लेकिन बचाव व मरम्मत के लिए आवश्यक संसाधन व मौसम की स्थिति पर भी निर्भरता बनी हुई है। ग्रामीणों ने अल्टरनेट मार्गों की अनुपलब्धता के कारण फसलों को दूर स्थित मंडियों तक पहुँचाने में दिक्कतें बताईं और सरकार से अस्थायी परिवहन व्यवस्था तथा मुआवजे की भी मांग उठाई है। स्थानीय सुनील कुमार ,रमेश कुमार, सूरज, प्रेम आदि किसानो का कहना है कि यदि समस्या का तात्कालिक समाधान नहीं हुआ तो वे और बड़े धरने-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।1
- ADR रिपोर्ट पर CM सुक्खू का पलटवार, बोले- BJP मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रही कांग्रेस छोड़कर जाना है तो जाएं, बिकने वालों की जरूरत नहीं- CM सुक्खू शिमला: ADR रिपोर्ट को लेकर भारतीय जनता पार्टी के हमलों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ADR रिपोर्ट के बहाने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी है और अपनी सभी संपत्तियों का विवरण पहले ही चुनावी एफिडेविट में दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस जमीन का जिक्र किया जा रहा है, वह उन्होंने पहले ही खरीदी थी। समय के साथ उसकी कीमत 12 लाख रुपये से अधिक हो गई और उसी जमीन पर उन्होंने अपना मकान बनाया, जिसकी कीमत भी समय के साथ बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह पूरी जानकारी पहले से सार्वजनिक है। मुख्यमंत्री का कहना है कि ADR रिपोर्ट में उनकी शैक्षणिक योग्यता की जानकारी भी अधूरी है। रिपोर्ट में उनकी एमए और एलएलबी की डिग्रियों का उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस गलती को सुधारा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा के पास ED और CBI जैसी एजेंसियां हैं। पहले भी उनकी जांच हो चुकी है और यदि भाजपा चाहे तो अब भी जांच करा सकती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मेहनत और ईमानदारी से पैसा कमाया है और रिपोर्ट को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। एक अन्य सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कांग्रेस का कोई विधायक भाजपा में जाना चाहता है तो वह जा सकता है। कांग्रेस को विचारधारा से जुड़े लोगों की जरूरत है, बिकने वालों की नहीं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के विधायक भी टिकट के लिए लगातार संपर्क करते रहते हैं, लेकिन कांग्रेस “पेपर लीक और चंदा चोर” वाली भाजपा से किसी नेता को शामिल नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रियंका गांधी के शिक्षा मंत्री संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसकी अच्छी छवि हो, जो शिक्षाविद हो और जिसके कार्यकाल में पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों। बाइट— सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश1
- सावधान कैमरे की निगरानी में भी आपका घर सुरक्षित नहीं, चोरी की घटना का वीडीओ वायरल वायरल वीडियो उपमंडल बंगाणा के तहत गांव जडूर ग्राम पंचायत हटली का है जिसमें गांव का ही एक व्यक्ति चोरी करता हुआ वीडियो में देखा जा सकता है। मकान मालिक ने बताया कि उक्त बोरी में la लोहा था जिसे यह व्यक्ति चोरी कर के ले गया1