जानसठ सीएचसी पर नहीं लगा आंखों का कैंप, बैरंग लौटे दर्जनों बुजुर्ग मरीज । जानसठ । स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आंखों की जांच और उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचे दर्जनों बुजुर्गों को उस समय भारी मायूसी का सामना करना पड़ा, जब पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शिविर का आयोजन नहीं हो सका। विवेकानंद अस्पताल, देहरादून के चिकित्सकों के न पहुंचने के कारण मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को जानसठ सीएचसी पर आंखों के विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन होना तय था। इस शिविर में देहरादून के प्रसिद्ध विवेकानंद अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को पहुंचना था। कैंप की सूचना पाकर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लगभग दो दर्जन से अधिक बुजुर्ग महिला एवं पुरुष मरीज सुबह सवेरे ही अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए थे। धूप और उम्र के इस पड़ाव में कई किलोमीटर का सफर तय कर आए बुजुर्ग घंटों चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। दोपहर तक जब चिकित्सकों की टीम मौके पर नहीं पहुंची और कैंप आयोजित होने की कोई सुगबुगाहट नहीं दिखी, तो मरीजों का सब्र जवाब दे गया। अस्पताल प्रशासन से पूछताछ करने पर पता चला कि किन्हीं कारणों से टीम नहीं आ पा रही है। एक बुजुर्ग मरीज ने बताया कि --- "हम सुबह 8 बजे से ही यहां आकर बैठ गए थे। आंखों में धुंधलापन होने के कारण उम्मीद थी कि आज डॉक्टर साहब को दिखाकर दवा मिल जाएगी, लेकिन अब खाली हाथ वापस जाना पड़ रहा है।" ग्रामीणों का कहना है कि यदि कैंप रद्द करना था या चिकित्सकों के आने में कोई समस्या थी, तो इसकी सूचना पहले से दी जानी चाहिए थी। बुजुर्गों को इस तरह परेशान करना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। चिकित्सकों के न आने से अस्पताल परिसर में काफी देर तक अव्यवस्था और निराशा का माहौल बना रहा। फिलहाल, अगले कैंप के आयोजन के संबंध में अभी तक कोई स्पष्ट तिथि घोषित नहीं की गई है, जिससे मरीजों में अनिश्चितता बनी हुई है।
जानसठ सीएचसी पर नहीं लगा आंखों का कैंप, बैरंग लौटे दर्जनों बुजुर्ग मरीज । जानसठ । स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आंखों की जांच और उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचे दर्जनों बुजुर्गों को उस समय भारी मायूसी का सामना करना पड़ा, जब पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शिविर का आयोजन नहीं हो सका। विवेकानंद अस्पताल, देहरादून के चिकित्सकों के न पहुंचने के कारण मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को जानसठ सीएचसी पर आंखों के विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन होना तय था। इस शिविर में देहरादून के प्रसिद्ध विवेकानंद अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को पहुंचना था। कैंप
की सूचना पाकर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लगभग दो दर्जन से अधिक बुजुर्ग महिला एवं पुरुष मरीज सुबह सवेरे ही अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए थे। धूप और उम्र के इस पड़ाव में कई किलोमीटर का सफर तय कर आए बुजुर्ग घंटों चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। दोपहर तक जब चिकित्सकों की टीम मौके पर नहीं पहुंची और कैंप आयोजित होने की कोई सुगबुगाहट नहीं दिखी, तो मरीजों का सब्र जवाब दे गया। अस्पताल प्रशासन से पूछताछ करने पर पता चला कि किन्हीं कारणों से टीम नहीं आ पा रही है। एक बुजुर्ग मरीज ने बताया कि --- "हम सुबह 8 बजे से ही यहां आकर बैठ
गए थे। आंखों में धुंधलापन होने के कारण उम्मीद थी कि आज डॉक्टर साहब को दिखाकर दवा मिल जाएगी, लेकिन अब खाली हाथ वापस जाना पड़ रहा है।" ग्रामीणों का कहना है कि यदि कैंप रद्द करना था या चिकित्सकों के आने में कोई समस्या थी, तो इसकी सूचना पहले से दी जानी चाहिए थी। बुजुर्गों को इस तरह परेशान करना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। चिकित्सकों के न आने से अस्पताल परिसर में काफी देर तक अव्यवस्था और निराशा का माहौल बना रहा। फिलहाल, अगले कैंप के आयोजन के संबंध में अभी तक कोई स्पष्ट तिथि घोषित नहीं की गई है, जिससे मरीजों में अनिश्चितता बनी हुई है।
- तहसील जानसठ में विधिक साक्षरता शिविर संपन्न,, आगामी लोक अदालत व मेगा शिविर का लाभ उठाने का आह्वान । जानसठ । जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वीरेंद्र कुमार के कुशल निर्देशन में मंगलवार को तहसील जानसठ परिसर में एक भव्य विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के ग्रामीणों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन तथा विशिष्ट अतिथि रोबिन सिंह सिविल जज जूनियर डिवीजन, जानसठ के आगमन के साथ हुआ। उपजिलाधिकारी राजकुमार भारती ने अतिथियों को बुके भेंट कर उनका स्वागत व अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए दो महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी भी दी उन्होंने कहा कि आगामी 22 फरवरी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), सुजड़ू में एक विशाल मेगा शिविर आयोजित होगा। उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर सरकारी सेवाओं का लाभ लें। उसके बाद 14 मार्च 2026 को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। डॉ. चौधरी ने बताया कि बैंक विवाद, पारिवारिक मामले, जमीनी विवाद और छोटे जुर्माने वाले मामलों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से बेहद सरल और त्वरित तरीके से किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश रोबिन सिंह ने पारिवारिक विवादों पर चर्चा करते हुए कहा कि आपसी सुलह-समझौते से मामलों का हल निकालना सबसे उत्तम है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि धन की बर्बादी भी रुकती है। वहीं, एसडीएम राजकुमार भारती ने महिला अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि कानूनों का निर्माण सुरक्षा के लिए हुआ है, अतः इनका सदुपयोग करें और झूठे मामलों से अदालत पर अतिरिक्त भार न डालें। कार्यक्रम में शामिल हुए जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन' संस्था और ग्रामीण समाज विकास केंद्र से आए गजेंद्र सिंह ने सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए वृद्धा, विधवा एवं विकलांग पेंशन। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना व कन्या सुमंगला योजना। किसान सम्मान निधि एवं श्रमिक पंजीकरण आदि विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया कि वे पात्र होने पर इनका लाभ अवश्य उठाएं। तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम का धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्य रूप से कार्यक्रम का सफल संचालन पैरालीगल वालंटियर (PLV) गौरव मलिक द्वारा किया गया। इस अवसर पर पीएलवी धनीराम, बबीता, प्रवेश, अमित राणा सहित तहसील के समस्त कर्मचारी, भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।1
- मुजफ्फरनगर/पुरकाजी। राष्ट्रीय महिला एकता संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रिया किन्नर ने पुरकाजी क्षेत्र से जुड़े एक चर्चित विवाद में न्याय मिलने का दावा करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ “फर्जी तरीके से स्टे” कराया गया था, जिसे अब न्यायालय ने खारिज कर दिया है और उन्हें मुकदमे में जीत हासिल हुई है।1
- Post by Anuj Kumar patrakaar Patrakaar1
- मुजफ्फरनगर के कचहरी परिसर स्थित जिला पंचायत सभागार कक्ष में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर जिला प्रशासनिक अधिकारियों को सिंचाई, बिजली आपूर्ति, गन्ना भुगतान, सड़क मरम्मत और भूमि संबंधी मुद्दों से अवगत कराया। किसानों ने अधिकारियों से मांग की कि उनकी समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान किया जाए, ताकि उन्हें खेती-किसानी में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारियों ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि प्राप्त सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा और संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। किसान दिवस के आयोजन से किसानों को अपनी बात सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिला।1
- मुजफ्फरनगर – बघरा क्षेत्र के कक्षा 12 के छात्र अमरीश कश्यप की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में छात्र ने आरोप लगाया कि फीस जमा न करने के कारण स्कूल ने उसे एडमिट कार्ड नहीं दिया, जबकि उसकी आज परीक्षा भी है।1
- 🚔 मुजफ्फरनगर पुलिस को मिली 10 नई पीआरवी गाड़ियां जनपद में आपातकालीन सेवा और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस को 10 नई गाड़ियां मिली हैं। इनमें 09 स्कॉर्पियो पीआरवी (Police Response Vehicle) और 01 बोलेरो वाहन शामिल है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन परिसर में फीता काटकर एवं हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। एसएसपी ने बताया कि नई पीआरवी के शामिल होने से पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होगा और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। अत्याधुनिक संचार उपकरण, सायरन व फ्लैश लाइट से लैस ये वाहन आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।4
- बिजनौर: जनपद के बढ़ापुर में नगीना मार्ग पर मंगलवार की देर शाम सड़क हादसे में एक बाइक सवार दंपति की मौत हो गई। जबकि एक अन्य युवक भी इसमें गंभीर रूप से घायल हो गया जिसका उपचार जारी है। घटना के संदर्भ में आपको बता दे कि नगीना -बढ़ापुर मार्ग पर मंगलवार की देर शाम एक बस अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित होने का कारण बस में अचानक धुंआ उठा और उसका चालक स्टेयरिंग से कंट्रोल खो बैठा। इसी दौरान सामने से आ रही दो बाइक उसकी चपेट में आ गई। परिणामस्वरूप बढ़ापुर के मोहल्ला नोमी निवासी शमीम पुत्र अल्लाह दिया और उनकी पत्नी रशीदा बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। और इस हादसे में दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये जिला अस्पताल भेज दिया है। जबकि दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार घायल युवक को उपचार के लिये जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। समाचार भेजने तक पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।2
- भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित पिकअप ने बाइक को रौंदा, एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल जानसठ । क्षेत्र के नया गांव-सलारपुर मार्ग पर मंगलवार को एक तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक पर सवार महिला व मासूम बच्चे सहित एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, जनपद मेरठ के मवाना निवासी हाशिम पुत्र अनवर, अपनी रिश्तेदार शबनम पत्नी आरिफ और मासूम हमजा पुत्र आरिफ के साथ बाइक पर सवार होकर अपनी ससुराल ग्राम काटका जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक नया गांव के रास्ते सलारपुर के समीप पहुंची, तभी पीछे से आ रही एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार पिकअप ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों उछलकर सड़क पर जा गिरे और लहुलुहान हो गए। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए निजी वाहनों की मदद से तीनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। मिले सूत्रों व चश्मदीदों लोगों के अनुसार पिकअप चालक वाहन को तेज गति में चला रहा था और टक्कर मारने के बाद मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है।3