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जिला कुल्लू के जिया में किस तरह से होली मनाया जाता है देखिए महिलाएं होली खेलते हुए नजर रा
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जिला कुल्लू के जिया में किस तरह से होली मनाया जाता है देखिए महिलाएं होली खेलते हुए नजर रा
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- रिपोर्ट -3 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक की सैंज शाखा द्वारा ग्राम पंचायत धाउंगी में एक दिवसीय वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। नाबार्ड (NABARD) द्वारा प्रायोजित इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को बैंक की आधुनिक सेवाओं और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया। बैंकिंग योजनाओं की मिली विस्तृत जानकारी शिविर के दौरान बैंक कर्मचारी रोशन नेगी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में बैंकिंग जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए विशेष ऋण सुविधाएं साइबर अपराध के प्रति किया सतर्क डिजिटल इंडिया के दौर में बढ़ती ऑनलाइन ठगी पर चिंता व्यक्त करते हुए बैंक प्रबंधन ने लोगों को जागरूक किया। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण साझा न करें। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और नाबार्ड के दिशा-निर्देशों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि सतर्कता ही वित्तीय सुरक्षा का एकमात्र उपाय है। युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग इस जागरूकता शिविर में धाउंगी गांव के महिला मंडलों, युवक मंडलों के सदस्यों सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने बैंक द्वारा दी गई इस जानकारी की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजन करने का आग्रह किया।1
- राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने किया राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में खूब चला पंजाबी गायक मनकीरत औलख का जादू हमीरपुर नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव सुजानपुर-2026 की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्हांेंने दीप प्रज्जवलित करके इस सांस्कृतिक संध्या का विधिवत शुभारंभ किया। वही दूसरी सांस्कृतिक संध्या मशहूर पंजाबी गायक मनकीरत औलख के नाम रही। इस सांस्कृतिक संध्या में औलख का खूब जादू चला। उन्होंने अपने पंजाबी गानों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। विशेषकर, युवाओं ने उनके गानों का खूब आनंद लिया। कई युवाओं ने मनकीरत औलख के गानों पर जमकर डांस भी किया। इससे पूर्व स्थानीय विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने होली उत्सव आयोजन समिति की ओर से नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री का स्वागत किया।3
- सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बेरी रेललाईन का कार्य जारी है। 2027 तक इस रेललाईन के कार्य को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य के तहत प्रशासन की ओर से भी संबधित कंपनियों को कार्य करने को लेकर निर्देश दिए गए हैं। वहीं, भानुपल्ली-बेरी रेललाईन कार्य के तहत सोमवार को इस रेललाईन के तहत निर्माणाधीन आपाताकालीन टनल का ईटी-7 व ईटी-8 एस्केप टनल ब्रेकथ्रू हो गई। करीब साढ़े किलोमीटर लंबी टनल का 750 मीटर हिस्सा एक छोर से दूसरे छोर पर मिल गया। भानुपल्ली-बेरी रेललाईन के निर्माण कार्य में इस बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार रेल विकास निगम लिमिटेड के पैकेज नंबर-3 में एस्केप टनल ईटी-7 को ईटी-8 से सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया। यह कार्य निर्माण कंपनी मैक्सा इंफ्रा इंडिया लिमिटेड द्वारा पूरा किया गया। इस एस्केप टनल का कार्य गत अगस्त 2025 में शुरू हुआ था। करीब आठ माह बाद यह कार्य पूरा किया गया है। हालांकि अभी तक साढ़े छह किलोमीटर लंबी टनल का महज साढ़े सात सौ मीटर हिस्सा ही आपस में जुड़ा है। मेन टनल ब्रेकथ्रू होने के लिए अभी समय लगेगा। बताया जा रहा है कि यह एस्केप टनल करीब छह माह पहले भी तैयार हो सकती थी, लेकिन टनल पर आबादी होने के चलते सुरक्षा की दृष्टि से कार्य किया गया। ब्लास्टिंग को लेकर भी प्रतिबंध रहा। अन्य कारण भी इसमें सामने आए। लेकिन फिर भी कंपनी की ओर से प्रयास किए गए कि जल्द ही इन कार्य को पूरा किया जाए। कंपनी अधिकारियों की मानें तो यह साढ़े छह किलोमीटर लंबी टनल आपात परिस्थितियों के लिए बनाई जा रही है। मेन टनल के कार्य को लेकर अभी लंबा समय लग सकता है। लेकिन प्रारंभिक चरण में एस्केप टनल को आपस में जोड़ा गया है। इस निर्माण कार्य के तहत आगामी दो माह में अन्य टनल भी ब्रेकथ्रू करने का लक्ष्य कंपनी की ओर से निर्धारित किया गया है। उधर, एस्केप टनल ब्रेकथ्रू के उपलक्ष्य में परियोजना स्थल पर विधिवत पूजा अर्चना की गई। जिसका नेतृत्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर हितेश जायसवाल ने किया। इस मौके पर कंपनी के सीईओ विक्रम सिंह चौहान, जनरल मैनेजर मुरलीधर राव, प्रोजेक्ट सेफ्टी मैनेजर आलोक रौशन सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कामगारों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल रहा। इस ब्रेकथ्रू से परियोजना के निर्माण कार्य में गति आने के साथ-साथ क्षेत्रीय रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है। बॉक्स: भानुपल्ली-बेरी रेललाईन कार्य के तहत सोमवार को निर्माणाधीन आपाताकालीन टनल का ईटी-7 व ईटी-8 एस्केप टनल ब्रेकथ्रू हो गई। करीब साढ़े किलोमीटर लंबी टनल का 750 मीटर हिस्सा एक छोर से दूसरे छोर पर मिल गया। जल्द ही इस टनल के कार्य को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस एस्केप टनल को ब्रेकथ्रू करने में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रयास सफल रहे हैं। हितेश जायसवाल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर बॉक्स: बता दें कि भानुपल्ली-बेरी निर्माणाधीन रेलवे परियोजना के तहत निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने को लेकर कार्य जारी है। सुरंग, पुल, ट्रैक और अन्य निर्माण कार्य जारी हैं। 2027 के अंत तक इस कार्य को पूरा करने लक्ष्य रखा गया है। नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के कोट तुन्नु से लेकर बिलासपुर सदर के भराड़ी तक रेलवे परियोजना निर्माणाधीन है।2
- Post by Dev Raj Thakur1
- हिमाचल की आवाज़ रामपुर बुशहर में नए विकास कार्यों पर उठे सवाल, केंद्र योजनाओं पर निर्भरता का आरोप — कौल सिंह नेगी1
- बंगाणा, उपमंडल बंगाणा के अंतर्गत वोट (अंदरौली) गांव में चल रही पावन कथा के तीसरे दिन का विषय “सिद्धि की प्राप्ति” रहा। कथा में बताया गया कि मनुष्य जन्म लेना ही स्वयं में एक महान सिद्धि है। यह जन्म हमें प्रभु कृपा से प्राप्त हुआ है, इसलिए इसे व्यर्थ न गंवाकर आत्मकल्याण में लगाना चाहिए। कथावाचक ने समझाया कि जैसे राजा दशरथ ने संयम और श्रद्धा के साथ गुरु की आज्ञा मानी, वैसे ही जीवन में गुरु वचन का पालन करने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “अब के जन्म सुधारो मेरे राम” – इस भाव के साथ यदि हम “सीता राम, सीता राम” का स्मरण करें, तो जीवन सफल हो सकता है। कथा स्थल पर राम-नाम के मधुर भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।कथा में यह भी संदेश दिया गया कि गुरु केवल शरीर नहीं, बल्कि ज्ञान का स्वरूप हैं। सच्चा गुरु हमारे भीतर सोई हुई चेतना को जगाने का कार्य करता है। “तेरे राम तुझमें ही हैं, जग सके तो जग” – इस वाक्य के माध्यम से आत्मजागरण का आह्वान किया गया।नचिकेता की अग्नि का उदाहरण देते हुए कहा गया कि जैसे दृढ़ संकल्प और जिज्ञासा से ज्ञान प्राप्त होता है, वैसे ही हमें अपने भीतर की जिज्ञासा और तप को संभालकर रखना चाहिए। दशरथ के तीन रानियों – कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा – का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जब शक्तियां एकजुट होती हैं, तब ही राम का प्राकट्य होता है। इसका तात्पर्य है कि जब हमारे भीतर की सद्गुण शक्तियां संगठित होती हैं, तब प्रभु का प्रकाश हमारे जीवन में प्रकट होता है।कथा के अंत में भक्तों ने राम-नाम संकीर्तन के साथ अपने जीवन को धर्म, संयम और भक्ति के मार्ग पर चलाने का संकल्प लिया।“सनातन परंपरा में वैदिक तिलक का विशेष महत्व है।1
- Post by Himachal Update 24 News2
- रिपोर्ट- 3,मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। घाटी के आराध्य पुंडीर ऋषि के मुख्य अंगरक्षक भैरव देवता के 'भंडारी' पद पर पूर्व फौजी एवं वरिष्ठ पत्रकार खेमचंद सोनी की विधिवत ताजपोशी कर दी गई है। इस घोषणा के साथ ही समूचे देव समाज और हारियानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। 16 वर्षों की सेवा का मिला फल: आपको बता दें कि पूर्व भंडारी उत्तम राम के देहांत के बाद, पिछले करीब 16 वर्षों से खेमचंद सोनी कार्यवाहक के रूप में इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे थे। उनकी निस्वार्थ सेवा, अटूट आस्था और फौजी अनुशासन को देखते हुए अब उन्हें आधिकारिक तौर पर यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। देव समाज ने किया स्वागत: कारदार मानदास, गूर किशोरी लाल और पुजारी जयराम सहित इलाके के गणमान्य लोगों ने इस निर्णय पर हर्ष जताया है। देव समाज का मानना है कि सोनी के अनुभव और कार्यकुशलता से हारियानों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और देव परंपराओं को और मजबूती मिलेगी। अनुशासन और सेवा का नया अध्याय: एक पूर्व सैनिक के रूप में देश सेवा करने के बाद, अब खेमचंद सोनी अपनी वही ऊर्जा और अनुशासन देव कार्यों में लगाएंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी निष्पक्षता और परंपराओं के प्रति समर्पण देव इतिहास में एक मिसाल पेश करेगा।1
- उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के गुग्गा जाहरवीर मंदिर नायली चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा चल रही कथा के दौरान वृंदावन जैसे माहौल में विधिवत भागवत आरती, हवन-पूजन, सुदामा चरित्र वर्णन, और भंडारे के साथ समापन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समापन के दौरान राधे-राधे के जयघोष और भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया, साथ ही भक्तों ने प्रेम और धर्म की रक्षा का संकल्प लिया। अंतिम दिवस के कार्यक्रम: समापन दिवस की शुरुआत विशेष हवन-यज्ञ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।सुदामा चरित्र का वर्णन: कथा व्यास प्रमोद पुंज द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक वर्णन किया गया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए।भावपूर्ण विदाई: कथा के अंतिम चरण में भव्य शोभायात्रा और फूलों की वर्षा के साथ श्रीमद् भागवत को विदाई दी इन आयोजनों में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया इस मौके पर मंदिर पुजारी राजेश शर्मा अमन शर्मा फतेहचंद बलराज शर्मा सतीश कुमार सुनील कुमार राजकुमार रामलोक जयकर्ण किशोरी लाल बाबूराम बलदेव राकेश शर्मा बीरबल जुगल किशोर बिल्लू विवेक महिलाओं में रानी शर्मा अभिलाषा कृष्णा मनु कुमारी पूजा ममता मंजू सुषमा सुदर्शन समेत अनेक लोग शामिल रहे।1