चित्तौड़गढ़ में पारसोली थाना पुलिस ने अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए 25 टन बजरी से लदी पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। इस दौरान पुलिस ने इन पांचों ट्रैक्टर के चालकों को भी गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशों, एएसपी भगवत सिंह हिंगड़ के निर्देशन और डीएसपी बेंगू अंजलीसिंह के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई शुक्रवार को पारसोली थाना क्षेत्र के सुखपुरा से देवलच्छ की ओर आने वाले रास्ते पर देवलच्छ गांव के पास की गई। पुलिस को जाँच के दौरान स्वराज 735 मॉडल के चार और पॉवर टेर्क मॉडल का एक, कुल पाँच बिना नंबर वाले ट्रैक्टर बजरी का अवैध परिवहन करते हुए मिले। इन ट्रैक्टरों के चालक प्रेमचन्द (पिता मांगीलाल ओड, 35 वर्ष, निवासी चांदगढ़, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा), महेन्द्र (पिता शयामलाल रेगर, 27 वर्ष, निवासी आकोला, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा), सावरमल (पिता शंकरलाल बैरवा, 26 वर्ष, निवासी चांदगढ़, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा), शम्भू (पिता रामकरण कालबेलिया, 25 वर्ष, निवासी बड़ी कुण्डीया, थाना रायला, जिला भीलवाड़ा) और दिनेश (पिता जगदीश जाट, निवासी चांदगढ़, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा) के कब्जे से खनिज बजरी चोरी की पाई गई, जिसके लिए उनके पास कोई अनुज्ञापत्र, रॉयल्टी रसीद या ई-रवाना नहीं था। पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए थाने पर प्रकरण दर्ज किया है, जिसमें अनुसंधान जारी है।
चित्तौड़गढ़ में पारसोली थाना पुलिस ने अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए 25 टन बजरी से लदी पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। इस दौरान पुलिस ने इन पांचों ट्रैक्टर के चालकों को भी गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशों, एएसपी भगवत सिंह हिंगड़ के निर्देशन और डीएसपी बेंगू अंजलीसिंह के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई शुक्रवार को पारसोली थाना क्षेत्र के सुखपुरा से देवलच्छ की ओर आने वाले रास्ते पर देवलच्छ गांव के पास की गई। पुलिस को जाँच के दौरान स्वराज 735 मॉडल के चार और पॉवर टेर्क मॉडल का एक, कुल पाँच बिना नंबर वाले ट्रैक्टर बजरी
का अवैध परिवहन करते हुए मिले। इन ट्रैक्टरों के चालक प्रेमचन्द (पिता मांगीलाल ओड, 35 वर्ष, निवासी चांदगढ़, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा), महेन्द्र (पिता शयामलाल रेगर, 27 वर्ष, निवासी आकोला, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा), सावरमल (पिता शंकरलाल बैरवा, 26 वर्ष, निवासी चांदगढ़, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा), शम्भू (पिता रामकरण कालबेलिया, 25 वर्ष, निवासी बड़ी कुण्डीया, थाना रायला, जिला भीलवाड़ा) और दिनेश (पिता जगदीश जाट, निवासी चांदगढ़, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा) के कब्जे से खनिज बजरी चोरी की पाई गई, जिसके लिए उनके पास कोई अनुज्ञापत्र, रॉयल्टी रसीद या ई-रवाना नहीं था। पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए थाने पर प्रकरण दर्ज किया है, जिसमें अनुसंधान जारी है।
- राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।4
- अलवर में रामगढ़ बस स्टैंड से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित रामगढ़ रेलवे फाटक पर स्थानीय लोगों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह फाटक अक्सर करीब आधा घंटे तक बंद रहता है, जिसके कारण आने-जाने वाले यात्री और मरीज घंटों तक वहीं खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं। इस लंबे इंतजार की वजह से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए अंडरपास बनाने के प्रस्ताव भी दिए गए हैं, लेकिन राजस्थान सरकार और प्रशासन अभी तक इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों में काफी रोष है।1
- अलवर की सड़कों पर हर दिन हादसों का खतरा बना रहता है, जिससे जनता में चिंता है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि यह स्थिति वास्तव में सड़क विकास है या केवल जनता की परेशानी बढ़ा रही है।1
- दौसा कोतवाली पुलिस ने कोतवाली थाने के सामने दोपहिया और चौपहिया वाहनों के खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों को लक्षित कर की गई थी जो यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। पुलिस द्वारा काटे गए चालानों में दोपहिया वाहनों पर तीन सवारियां होने या हेलमेट न पहनने जैसे उल्लंघन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, चौपहिया वाहनों के चालान सीट बेल्ट का उपयोग न करने के कारण किए गए।3
- दौसा के कुण्डल तहसील मुख्यालय पर कोलवा थाना पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। राजस्थान पुलिस के सड़क सुरक्षा अभियान के तहत चलाए गए इस विशेष जांच अभियान में कुल 20 वाहनों के चालान काटे गए। इस कार्रवाई की अगुवाई एएसआई समय सिंह और एएसआई समुंदर सिंह ने की, जो राजस्थान पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत की जा रही है। अभियान के दौरान वाहनों पर लगी काली फिल्म, अवैध मॉडिफिकेशन, गलत लिखावट और अन्य अनियमितताओं की गहनता से जांच की गई। नियमों के विपरीत पाए जाने पर 9 मोटरसाइकिलों, 4 ट्रैक्टरों, 2 बोलरों, 3 लोडिंग टेम्पो और 2 पिकअप वाहनों पर चालान किए गए। इस विशेष जांच अभियान में, उल्लंघन करने वाले चालकों को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। एएसआई समय सिंह और एएसआई समुंदर सिंह ने सभी चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने के लिए भी जानकारी दी तथा नियमों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया। कोलवा थाना पुलिस की इस कार्रवाई की ग्रामीणों ने भी खूब सराहना की है, इसे नियमों की पालना के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने वाली एक सराहनीय पहल बताया गया। कोलवा थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार होती रहेगी।2
- दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बापी में मंगलवार, 16 जून को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न विभागों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिविर में प्रभारी सचिव ने लाभार्थियों को स्वामित्व योजना के तहत भूमि के पट्टे और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की पॉलिसियां वितरित कीं। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी भी ली। इसी क्रम में, ग्राम बापी निवासी रिकी देवी बंजारा पत्नी कालूराम बंजारा को स्वामित्व योजना के अंतर्गत उनकी भूमि का पट्टा प्रदान किया गया। रिकी देवी ने बताया कि इस पट्टे से उनकी वर्षों पुरानी भूमि स्वामित्व से संबंधित समस्या का समाधान हो गया है, जिससे उन्हें अपनी भूमि का कानूनी अधिकार मिल गया है और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर ने उन्हें उनका अधिकार दिलाने का काम किया है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और उपखंड अधिकारी सैंथल अमृता खंडेलवाल भी उपस्थित थे। प्रभारी सचिव पीसी किशन ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण सेवा शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ उनके गाँव में ही पहुँचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ हल किया जाए। शिविर में विभिन्न विभागों ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लाभ उठाया।1
- विराटनगर के बागावास चौरासी स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा गणेश्वर महादेव मंदिर में इस वर्ष 18वां वार्षिक पाटोत्सव बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र और आसपास के गाँवों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। पाटोत्सव के विशेष मौके पर, मंदिर परिसर में सुबह से ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही। विद्वान पंडितों के सानिध्य में भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। विश्व कल्याण की कामना के साथ श्रद्धालुओं ने सामूहिक माला जप किया। इस पावन अवसर पर शिव जी का विशेष जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक भी किया गया, जिसके लिए पुरुषों, महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारें सुबह से ही लगी रहीं। भक्तों ने कतारबद्ध होकर महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा, और "हर-हर महादेव" व "बम-बम भोले" के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति के बाद, मंदिर समिति और ग्रामीणों के संयुक्त सहयोग से एक विशाल कन्या भोज का आयोजन किया गया। इसमें छोटी-छोटी कन्याओं को आदरपूर्वक भोजन कराकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसके उपरांत, उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। मंदिर कमेटी ने इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी ग्रामीणों और सेवादारों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।1
- दौसा में मंगलवार, 16 जून को जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा करना और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था, ताकि आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का अधिकतम लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। प्रभारी सचिव ने उपखंड अधिकारियों से पिछले तीन दिनों में आयोजित शिविरों का फीडबैक लिया और राजस्व संबंधी प्रकरणों में त्वरित राहत प्रदान करने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि शिविरों के आयोजन के साथ-साथ विभागों के नियमित कार्य भी प्रभावित न हों। विभागवार प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए, उन्होंने शिविरों के सफल संचालन के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने और उन्हें निर्धारित समय पर प्रारंभ कर तय समय तक नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान देखे गए शिविरों की प्रगति पर प्रभारी सचिव ने संतोष व्यक्त किया। प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि शिविरों से कम से कम 10 दिन पहले प्री-कैंप गतिविधियां आयोजित की जाएं, जिससे आमजन को योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तृत जानकारी देकर लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता पर विशेष बल दिया, साथ ही घुमंतू, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया। वन विभाग को शिविरों में आने वाले लोगों को पौधों का वितरण करने के लिए भी कहा गया। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि शिविरों के प्रभावी आयोजन हेतु प्री-कैंप गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। जिन स्थानों पर प्री-कैंप आयोजित नहीं हो पाए, वहां फॉलो-अप शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पंचायतवार ऑनलाइन प्राप्त लंबित आवेदनों को सूचीबद्ध कर उनके त्वरित निस्तारण के प्रयास जारी हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर दौसा अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर लालसोट मनमोहन मीणा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा, उपखंड अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।1