*815वाँ* उर्स मुबारक हो जानशीन-ए- *ख़्वाजा गरीब नवाज* 🌹🌹 *हजरत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार* *काकी रहमतुल्ला* अलैहि *महरौली शरीफ* दिल्ली कुल शरीफ 28, अगस्त 2026 मुताबिक 14 रवि उल अव्वल 10:30 पर होगा *जिक्र-ए-मुबारक ख़्वाजा* *क़ुतुबुद्दीन बख़्तियार काकी* - हसरत अजमेरी नाम-ए-पाक आपका *बख़्तियार* और *लक़ब* *क़ुतुबुद्दीन काकी* था। आप काज़मी सादात से हैं।ब-तौर-ए-तबर्रुक आपकी करामतों का कुछ हाल क़लम-बंद किया जाता कि नाज़िरीन दाख़िल-ए-हसनात हों। नक़्ल है कि जब आप पैदा हुए ठीक आधी रात थी। उस वक़्त इस क़दर नूर आप से ज़ाहिर हुआ कि तमाम घर पुर-नूर हो गया। हत्ता की आपकी वालिदा साहिबा को तुलू’-ए-आफ़्ताब का गुमान हुआ। और देखा कि हज़रत क़ुतुबुद्दीन साहब सज्दे में अल्लाह अल्लाह कर रहे हैं। आपकी वालिदा माजिदा हैरान हुईं और डर गईं ।जब आपने सर-ए-मुबारक सज्दे से उठाया तो नूर आहिस्ता आहिस्ता कम हुआ।एक ग़ैबी आवाज़ आई कि ये नूर जो तूने देखा ख़ुदा-वंद-ए-करीम के भेदों में से एक भेद था कि तेरे फ़रज़ंद के दिल में हम ने रख दिया। मंक़ूल है कि चालीस रोज़ ’अलत्तवातुर हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सलल्ललाहु ’अलैहि वसल्लम के बारगाह-ए-’आली से हज़रत ख़्वाजा मु’ईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह ’अलैह के ख़्वाब में इशारा होता रहा कि ख़िर्क़ा-ए-ख़िलाफ़त क़ुतुबुद्दीन को दे। ख़्वजा बुज़ुर्ग ने हसब-अल-हुक्म ख़िर्क़ा-ए-अक़्दस हज़रत ख़्वाजा क़ुतुबुद्दीन को मरहमत किया और ख़ल्क़ की रहनुमाई के वास्ते हुक्म फ़रमाया। नक़्ल है कि आप का लक़ब काकी यूँ मशहूर हुआ कि जब आप देहली में रहने लगे तो किसी से कोई चीज़ नहीं लेते थे और याद-ए-इलाही में मुस्तग़रक़ रहते थे । उन दिनों आपके यहाँ कोई लौंडी ग़ुलाम न था। लेकिन एक मुसलमान शरफ़ुद्दीन नामी दुकानदार बक़्क़ाल आप का हम-साया था। उसकी ’औरत हरम-ए-हज़रत से मोहब्बत रखती थी। औऱ कभी कभी आपके मकान में भी आती। एक वक़्त हज़रत के मकान में कोई चीज़ मौजूद न थी और एक दो फ़ाक़ा हो चुका था। हज़रत की हरम ने शरफ़ुद्दीन की ज़ौजा से कुछ दिरम क़र्ज़ लिए। एक रोज़ बक़्क़ाल की बीबी हज़रत के हरम साहिबा में कहने लगी कि ऐ बीबी अगर हम कुछ क़र्ज़ तुम्हें न दें तो तुम भूके मर जाओ। ये बात हज़रत की बीबी को बुरी लगी और ’अहद किया कि हरग़िज़ कोई चीज़ अब उस से क़र्ज़ न लूँगी। एक रोज़ ये बात हुज़ूर से ’अर्ज़ की। आपने ये बात सुन कर तअम्मुल किया और इर्शाद किया कि शरफ़ुद्दीन की बीबी से कोई चीज़ क़र्ज़ लेना नहीं चाहिए। और ज़रूरत के वक़्त एक ताक़ की तरफ़ इशारा कर के फ़रमाया कि उस में से बिस्मिल्लाह कह के काक निकाल लिया करो और मुत’अल्लक़ीन और जिसको चाहो दिया करो। चुनाँचे वो ताक़ बहुत से काक निकाल लेतीं और तक़्सीम किया करती थीं। चुनाँचे अब तक हज़रत के मज़ार पर काक बिकते हैं और मुसाफ़िर को तक़्सीम किए जाते हैं। सियर-उल-मशाइख़ में लिखा है कि जब वफ़ात का वक़्त क़रीब पहुँचा तो हज़रत क़ुतुबुद्दीन साहब-ओ-क़ाज़ी हमीदुद्दीन नागौरी महफ़िल-ए-समाअ’ मे मौजूद थे और क़व्वाल ये बैत पढ़ रहे थे। बैत: कुश्तगान-ए-ख़ंजर-ए-तसलीम रा हर ज़माँ अज़ ग़ौब जान-ए-दीगर अस्त इसके सुनने से ख़्वजा को असर हुआ और मस्त हो गए। चाहा कि ना’रा लगाएं। हज़रत क़ाज़ी हमीदुद्दीन रहमतुल्लाहि ’अलैह ने आपके दहन-ए-मुबारक के आगे दस्त-ए-हक़ परस्त रख दिया और फ़रमाया कि क्या तुम सब जहान को जलाना चाहते हो। हज़रत ख़्वाजा ने दहन-ए-मुबारक बंद कर लिया। आपके जिस्म-ए-अतहर पर आबले पड़ गए और चौदहवीं माह-ए-रबी’-उल-अव्वल सन 635 हिज्री में वफ़ात पाई। मज़ार-ए-मुबारक हुज़ूर-ए-पुर नूर का पुरानी देलही अल-मा’रूफ़ ब-(क़स्बा मेहरौली) में फ़ैज़-बख़्श-ए-’अवाम है।
*815वाँ* उर्स मुबारक हो जानशीन-ए- *ख़्वाजा गरीब नवाज* 🌹🌹 *हजरत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार* *काकी रहमतुल्ला* अलैहि *महरौली शरीफ* दिल्ली कुल शरीफ 28, अगस्त 2026 मुताबिक 14 रवि उल अव्वल 10:30 पर होगा *जिक्र-ए-मुबारक ख़्वाजा* *क़ुतुबुद्दीन बख़्तियार काकी* - हसरत अजमेरी नाम-ए-पाक आपका *बख़्तियार* और *लक़ब* *क़ुतुबुद्दीन काकी* था। आप काज़मी सादात से हैं।ब-तौर-ए-तबर्रुक आपकी करामतों का कुछ हाल क़लम-बंद किया जाता कि नाज़िरीन दाख़िल-ए-हसनात हों। नक़्ल है कि जब आप पैदा हुए ठीक आधी रात थी। उस वक़्त इस क़दर नूर आप से ज़ाहिर हुआ कि तमाम घर पुर-नूर हो गया। हत्ता की आपकी वालिदा साहिबा को तुलू’-ए-आफ़्ताब का गुमान हुआ। और देखा कि हज़रत क़ुतुबुद्दीन साहब सज्दे में अल्लाह अल्लाह कर रहे हैं। आपकी वालिदा माजिदा हैरान हुईं और डर गईं ।जब आपने सर-ए-मुबारक सज्दे से उठाया तो नूर आहिस्ता आहिस्ता कम हुआ।एक ग़ैबी आवाज़ आई कि ये नूर जो तूने देखा ख़ुदा-वंद-ए-करीम के भेदों में से एक भेद था कि तेरे फ़रज़ंद के दिल में हम ने रख दिया। मंक़ूल है कि चालीस रोज़ ’अलत्तवातुर हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सलल्ललाहु ’अलैहि वसल्लम के बारगाह-ए-’आली से हज़रत ख़्वाजा मु’ईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह ’अलैह के ख़्वाब में इशारा होता रहा कि ख़िर्क़ा-ए-ख़िलाफ़त क़ुतुबुद्दीन को दे। ख़्वजा बुज़ुर्ग ने हसब-अल-हुक्म ख़िर्क़ा-ए-अक़्दस हज़रत ख़्वाजा क़ुतुबुद्दीन को मरहमत किया और ख़ल्क़ की रहनुमाई के वास्ते हुक्म फ़रमाया। नक़्ल है कि आप का लक़ब काकी यूँ मशहूर हुआ कि जब आप देहली में रहने लगे तो किसी से कोई चीज़ नहीं लेते थे और याद-ए-इलाही में मुस्तग़रक़ रहते थे । उन दिनों आपके यहाँ कोई लौंडी ग़ुलाम न था। लेकिन एक मुसलमान शरफ़ुद्दीन नामी दुकानदार बक़्क़ाल आप का हम-साया था। उसकी ’औरत हरम-ए-हज़रत से मोहब्बत रखती थी। औऱ कभी कभी आपके मकान में भी आती। एक वक़्त हज़रत के मकान में कोई चीज़ मौजूद न थी और एक दो फ़ाक़ा हो चुका था। हज़रत की हरम ने शरफ़ुद्दीन की ज़ौजा से कुछ दिरम क़र्ज़ लिए। एक रोज़ बक़्क़ाल की बीबी हज़रत के हरम साहिबा में कहने लगी कि ऐ बीबी अगर हम कुछ क़र्ज़ तुम्हें न दें तो तुम भूके मर जाओ। ये बात हज़रत की बीबी को बुरी लगी और ’अहद किया कि हरग़िज़ कोई चीज़ अब उस से क़र्ज़ न लूँगी। एक रोज़ ये बात हुज़ूर से ’अर्ज़ की। आपने ये बात सुन कर तअम्मुल किया और इर्शाद किया कि शरफ़ुद्दीन की बीबी से कोई चीज़ क़र्ज़ लेना नहीं चाहिए। और ज़रूरत के वक़्त एक ताक़ की तरफ़ इशारा कर के फ़रमाया कि उस में से बिस्मिल्लाह कह के काक निकाल लिया करो और मुत’अल्लक़ीन और जिसको चाहो दिया करो। चुनाँचे वो ताक़ बहुत से काक निकाल लेतीं और तक़्सीम किया करती थीं। चुनाँचे अब तक हज़रत के मज़ार पर काक बिकते हैं और मुसाफ़िर को तक़्सीम किए जाते हैं। सियर-उल-मशाइख़ में लिखा है कि जब वफ़ात का वक़्त क़रीब पहुँचा तो हज़रत क़ुतुबुद्दीन साहब-ओ-क़ाज़ी हमीदुद्दीन नागौरी महफ़िल-ए-समाअ’ मे मौजूद थे और क़व्वाल ये बैत पढ़ रहे थे। बैत: कुश्तगान-ए-ख़ंजर-ए-तसलीम रा हर ज़माँ अज़ ग़ौब जान-ए-दीगर अस्त इसके सुनने से ख़्वजा को असर हुआ और मस्त हो गए। चाहा कि ना’रा लगाएं। हज़रत क़ाज़ी हमीदुद्दीन रहमतुल्लाहि ’अलैह ने आपके दहन-ए-मुबारक के आगे दस्त-ए-हक़ परस्त रख दिया और फ़रमाया कि क्या तुम सब जहान को जलाना चाहते हो। हज़रत ख़्वाजा ने दहन-ए-मुबारक बंद कर लिया। आपके जिस्म-ए-अतहर पर आबले पड़ गए और चौदहवीं माह-ए-रबी’-उल-अव्वल सन 635 हिज्री में वफ़ात पाई। मज़ार-ए-मुबारक हुज़ूर-ए-पुर नूर का पुरानी देलही अल-मा’रूफ़ ब-(क़स्बा मेहरौली) में फ़ैज़-बख़्श-ए-’अवाम है।
- 🚨 रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर गाजियाबाद में लगा 'महाजाम', थमी रफ्तार! 🚨 रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर गाजियाबाद में लगा 'महाजाम', थमी रफ्तार! रक्षाबंधन के मौके पर घरों को निकलने वाले लोगों की भारी भीड़ के चलते गाजियाबाद की सड़कों पर भयंकर जाम लग गया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) से लेकर शहर के मुख्य चौराहों तक गाड़ियाँ रेंगती नजर आईं। प्रमुख बिंदु: DME और NH-9 पर कतारें: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और NH-9 पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम दिखा। बॉटलनेक बनी वजह: DME एग्जिट पर 8 लेन का ट्रैफिक अचानक 2 लेन में सिमटने के कारण वाहनों का भारी दबाव बढ़ गया। शहर के कई इलाके प्रभावित: लालकुआं, GT रोड, अंबेडकर रोड और मेरठ तिराहे पर भी यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। प्रशासन अलर्ट: ट्रैफिक सामान्य करने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू किए गए। 📌 क्या आप भी आज किसी ऐसे जाम में फंसे? कमेंट में बताएं! #Ghaziabad #TrafficJam #DelhiMeerutExpressway #RakshaBandhan #TrafficAlert #UPNews #GhaziabadTraffic #BreakingNews1
- बड़ी खबर : बीसलपुर में कांवरियों के जाते पर डॉ.डीपी गंगवार ने बुलडोजर से की पुष्प वर्षा, देखिए ग्राउंड बीसलपुर के बाबा गुलेश्वर नाथ मंदिर में कावड़ यात्रा के लिए जा रहे कांवरियों पर भाजपा 130 विधानसभा से प्रबल दावेदार डॉक्टर डीपी गंगवार नेपुष्प बर्स1
- बीसलपुर में जुलूस-ए-मोहम्मदी, पुलिस बल रहा तैनात। बैंड-बाजों के साथ निकले जुलूस में धार्मिक नारों की गूंज रही। बीसलपुर क्षेत्र के ग्राम चुर्रासकतपुर मुस्लिम समुदाय ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्मोत्सव (यौमे पैदाइश) अकीदत के साथ मनाया। इस अवसर पर महादेवा, अभयपुर, चेना, नकटी, मीरपुर, बाहानपुर, रिछोला सबल, चुर्रासकतपुर, शायर, राजुपुर कुंडरी और मूसेली समेत दर्जनों गांवों से जुलूस निकाला गया। बैंड-बाजों के साथ निकले जुलूस में धार्मिक नारों की गूंज रही। उलेमाओं ने भाईचारा, गरीबों की मदद और नेकी के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत कर फल और मिठाइयां बांटीं गई। सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस बल तैनात रहा। चौकी प्रभारी अंकित यादव ने बताया कि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और पुलिस ने पहले ही मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की थी।1
- BJP भगवान राम की बात करती है…और चंदा भी चोरी करती है” ◆ बिहार के वायरल बॉय आदित्य ने कहा1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | शाहजहांपुर बंडा में लड़की से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, शोले फिल्म के वीरू की याद दिलाया नजारा!1
- कंपोजिट विद्यालय टाह पौटा पहुंचे डीएम ज्ञानेंद्र सिंह व विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, बच्चों संग किया भोजन पीलीभीत। कंपोजिट विद्यालय टाह पौटा में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह एवं बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने प्रतिभाग किया। इस दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय के बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना तथा शिक्षा एवं पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया। विद्यालय परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों के लिए यादगार बन गया, जहां जिलाधिकारी और विधायक ने बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताकर भोजन किया।1
- बरेली जंक्शन पर केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद का हुआ भव्य स्वागत कार्यकर्ताओं में दिखा भारी उत्साह। *बरेली जंक्शन पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद का हुआ भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा भारी उत्साह* *बरेली/बहेड़ी, 27 अगस्त।* उत्तर प्रदेश सरकार में लोक निर्माण विभाग के साथ-साथ केंद्र में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत माननीय श्री जितिन प्रसाद आज अपने एक दिवसीय दौरे पर बहेड़ी विधानसभा पहुंचे। सुबह बरेली जंक्शन रेलवे स्टेशन पर उनके आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में सुबह से ही खासा उत्साह देखने को मिला। जैसे ही ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंची, पहले से मौजूद कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और भारत माता की जय, जितिन प्रसाद जिंदाबाद के गगनभेदी नारों से पूरा स्टेशन परिसर गूंज उठा। मंत्री जी ने भी हाथ जोड़कर सभी कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया और सभी से आत्मीयता के साथ भेंट की। *दिग्गज नेता रहे मौजूद* स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा के जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा कर रहे थे। उनके साथ पूर्व जिलाध्यक्ष पवन शर्मा, वरिष्ठ किसान नेता देव स्वरूप पटेल, सत्य प्रकाश गंगवार, जिला महामंत्री, जिला उपाध्यक्ष, मंडल अध्यक्षों सहित पार्टी के सैकड़ों वरिष्ठ पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा ने कहा कि माननीय मंत्री जी का बहेड़ी आगमन हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए गर्व की बात है। उनके नेतृत्व में पूरे बरेली मंडल में विकास कार्यों ने गति पकड़ी है। किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने कहा कि जितिन प्रसाद जी हमेशा किसानों और आम जनता की आवाज को मजबूती से उठाते रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर स्वागत समारोह के पश्चात केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग द्वारा अपने काफिले के साथ बहेड़ी के लिए रवाना हो गए। बहेड़ी में वह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के साथ-साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं और जन-सुनवाई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।4
- बंडा में रक्षाबंधन पर दिखा सामाजिक समरसता का रंग, एकल अभियान ने बांधा रक्षासूत्र जनपद शाहजहाँपुर के बंडा से इस वक्त की खास खबर है। यहां रक्षाबंधन का पर्व सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देता नजर आया। एकल अभियान से जुड़ी आचार्य बहनों और कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों एवं सुरक्षाबलों के जवानों को रक्षासूत्र बांधकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया रक्षाबंधन के मौके पर एकल अभियान के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर लोगों को आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया गया आचार्य बहनों ने ग्रामीणों और सुरक्षाबलों के जवानों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और समाज की एकता व अखंडता का संकल्प दिलाया। एकल विद्यालयों के जरिए बच्चों में संस्कार, नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहीं आचार्य बहनें महिलाओं के लिए शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं।1