गंगापुर सिटी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही विद्युत छीजत और राजस्व घाटे की भरपाई के लिए विद्युत निगम (डिस्कॉम) ने सख्त कार्रवाई की है। निगम की विजिलेंस टीम ने शहर और ग्रामीण इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए बिजली चोरी के 26 बड़े मामले पकड़े और कुल ₹5,34,000 का जुर्माना लगाया, जिससे इलाके में बिजली चोरों के बीच हड़कंप मच गया। विद्युत निगम के अधिकारियों को लंबे समय से अवैध बिजली के इस्तेमाल की गुप्त शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष विजिलेंस टीम का गठन किया गया, जिसने पूरी गोपनीयता बरतते हुए तड़के सुबह और देर शाम उन इलाकों में दबिश दी जहां लाइन लॉस सबसे अधिक था। छापेमारी के दौरान कई लोग अपने अवैध कनेक्शन हटाते हुए नजर आए। जांच दल ने पाया कि अधिकांश उपभोक्ता एलटी लाइन पर सीधे कटिया डालकर बिजली चोरी कर रहे थे, जबकि कुछ घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मीटर को बाईपास करने और उसमें छेड़छाड़ करने के मामले भी सामने आए। विजिलेंस टीम ने मौके की वीडियोग्राफी करवाई और चोरी में प्रयुक्त केबल, तार व अन्य उपकरण जब्त कर सभी 26 स्थानों पर वीसीआर (Vigilance Checking Report) भरी। डिस्कॉम के अधिशासी अभियंता ने पुष्टि करते हुए बताया कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पकड़े गए सभी 26 आरोपियों को जुर्माना राशि का नोटिस थमा दिया गया है। उन्हें निर्धारित समय (7 से 15 दिन) के भीतर कुल ₹5.34 लाख की पेनाल्टी राशि निगम कार्यालय में जमा करानी होगी। यदि तय समय में राशि जमा नहीं होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ विद्युत थाना पुलिस में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के कारण ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड पड़ता है, जिसका खामियाजा ईमानदार उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। ओवरलोड की वजह से बार-बार ट्रिपिंग, फॉल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या पैदा होती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह चेकिंग अभियान आगे भी बदस्तूर जारी रहेगा।
गंगापुर सिटी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही विद्युत छीजत और राजस्व घाटे की भरपाई के लिए विद्युत निगम (डिस्कॉम) ने सख्त कार्रवाई की है। निगम की विजिलेंस टीम ने शहर और ग्रामीण इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए बिजली चोरी के 26 बड़े मामले पकड़े और कुल ₹5,34,000 का जुर्माना लगाया, जिससे इलाके में बिजली चोरों के बीच हड़कंप मच गया। विद्युत निगम के अधिकारियों को लंबे समय से अवैध बिजली के इस्तेमाल की गुप्त शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष विजिलेंस टीम का गठन किया गया, जिसने पूरी गोपनीयता बरतते हुए तड़के सुबह और देर शाम उन इलाकों में दबिश दी जहां लाइन लॉस सबसे अधिक था। छापेमारी के दौरान कई लोग अपने अवैध कनेक्शन हटाते हुए नजर आए। जांच दल ने पाया कि अधिकांश उपभोक्ता एलटी लाइन पर सीधे कटिया डालकर बिजली चोरी कर रहे थे, जबकि कुछ घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मीटर को बाईपास करने और उसमें छेड़छाड़ करने के मामले भी सामने आए। विजिलेंस टीम ने मौके की वीडियोग्राफी करवाई और चोरी में प्रयुक्त केबल, तार व अन्य उपकरण जब्त कर सभी 26 स्थानों पर वीसीआर (Vigilance Checking Report) भरी। डिस्कॉम के अधिशासी अभियंता ने पुष्टि करते हुए बताया कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पकड़े गए सभी 26 आरोपियों को जुर्माना राशि का नोटिस थमा दिया गया है। उन्हें निर्धारित समय (7 से 15 दिन) के भीतर कुल ₹5.34 लाख की पेनाल्टी राशि निगम कार्यालय में जमा करानी होगी। यदि तय समय में राशि जमा नहीं होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ विद्युत थाना पुलिस में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के कारण ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड पड़ता है, जिसका खामियाजा ईमानदार उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। ओवरलोड की वजह से बार-बार ट्रिपिंग, फॉल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या पैदा होती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह चेकिंग अभियान आगे भी बदस्तूर जारी रहेगा।
- हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं। सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।1
- माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने के आदेश की पालना करवाने और किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए ग्राम खण्डीप में चल रहा किसान महापंचायत का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। कमाण्ड क्षेत्र के किसान लगातार उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बांध से पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस प्रकरण में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इसी बीच, नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी एवं अन्य साधु-संतों ने किसान महापंचायत में पहुंचकर किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने नंगे बाबा से प्रार्थना की कि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचे, क्षेत्र को पानी मिले और किसानों के खेत हरियाली से सजे रहें। वहीं, विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन से अपील की है कि वे आंदोलन में पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से भाग लें। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए, ताकि आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान महासभा में माता-बहनों की संख्या प्रतिदिन हजारों में बढ़ रही है और उन्होंने राज्य सरकार से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाने तथा किसानों को उनका हक दिलवाने की मांग की। सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने गंगापुर के विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक में लड़ाई लड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तब तक पानी नहीं खोला गया, तो 28 जून को किसान भाई एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन किया जा रहा है, जिसकी गांववार जिम्मेदारियां पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर एवं कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने समस्त व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व निजी वाहनों से, डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष, युवा एवं सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। ग्राम खण्डीप में चल रहे इस आंदोलन में किसानों एवं सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी की मिसाल लगातार देखने को मिल रही है।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने की मांग को लेकर किसानों का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने के लिए यह किसान महापंचायत चल रही है, जिसे अब 'जल अधिकार आंदोलन' के रूप में नया बल मिला है। विभिन्न गांवों से किसान प्रतिदिन धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी और अन्य साधु-संतों ने आज महापंचायत में पहुंचकर कमांड क्षेत्र के किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने क्षेत्र को पानी मिलने और किसानों के खेतों में हरियाली छाने की कामना करते हुए 'नंगे बाबा' से प्रार्थना की। इस दौरान सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना और गंगापुर के विधायक रामकेश मीना भी उपस्थित रहे। मोतीलाल मीना ने विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है, जिसका परिणाम रहा कि न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया है। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने भी राज्य सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की, साथ ही आंदोलन में हजारों की संख्या में शामिल हो रही माता-बहनों का धन्यवाद किया। विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं आमजन से अपील की है कि वे पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लें, तथा किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए। पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो 28 जून को किसान एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनकी जिम्मेदारियां गांववार निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने सफलतापूर्वक व्यवस्थाएं संभालीं, और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों से एवं डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष और युवा सहित सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे, जो इस आंदोलन में किसानों और सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उदाहरण बन रहा है।1
- लालसोट पंचायत समिति में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का समापन 20 जून को हुआ। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के ऐतिहासिक कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास को प्रदर्शित करने के लिए लगाई गई थी। इस प्रदर्शनी का अवलोकन कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें जिला संयोजक श्रीमती पिंकी चतुर्वेदी, नगर मंडल अध्यक्ष अनिल बुर्जा, नगर महामंत्री भागचंद सैनी, नगर प्रवक्ता भानु प्रकाश चतुर्वेदी, युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपक शेड्डलाई, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सुषमा चौधरी, नगर उपाध्यक्ष विजय लक्ष्मी रावत, नगर अनु शर्मा, सैनी मोहन सैनी, अवतार सैनी, जीतू शर्मा, विष्णु राजू शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी अवसर पर लालसोट महिला मंडल द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत एक पौधा भी लगाया गया। इस प्रकार, '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक समापन हो गया।3
- आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के लिए पारंपरिक तरीकों का उपयोग किया जाता है। इसके तहत, बैलों और देशी हल की मदद से ज़मीन में बीज बोए जाते हैं।1
- सवाई माधोपुर के खंडार में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में गुर्जर आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बैसला ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शनिवार को उनके आगमन पर गुर्जर समाज सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया, जिसमें माल्यार्पण और साफा पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर खंडार विधानसभा क्षेत्र के उन होनहार छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने हाल ही में आयोजित परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर समाज और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। विजय बैसला ने इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि सरकारी नौकरी ही सफलता का एकमात्र मार्ग नहीं है, क्योंकि लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन करते हैं, लेकिन सीमित पदों के कारण सभी का चयन संभव नहीं हो पाता। ऐसे में उन्होंने युवाओं को अपने कौशल, प्रतिभा और नवाचार के माध्यम से नए अवसर तलाशने तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। बैसला के प्रेरणादायक विचारों ने उपस्थित छात्र-छात्राओं में नया उत्साह और आत्मविश्वास भर दिया, और उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने तथा कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रयासरत रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के उपरांत, विजय बैसला ने कुशालीपुरा तिराहे पर स्थापित गुर्जर समाज के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला एवं समाज के शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया, जहाँ समाजजनों और ग्रामीणों ने माला और साफा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। गुर्जर नेता विजय बैसला के इस दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क नजर आया, और वापसी के दौरान उन्होंने जिला कलेक्टर कानाराम एवं पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी से भी मुलाकात की। इस प्रतिभा सम्मान समारोह में गुर्जर आरक्षण समिति के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह धाबाई सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, युवा, विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- गंगापुर सिटी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही विद्युत छीजत और राजस्व घाटे की भरपाई के लिए विद्युत निगम (डिस्कॉम) ने सख्त कार्रवाई की है। निगम की विजिलेंस टीम ने शहर और ग्रामीण इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए बिजली चोरी के 26 बड़े मामले पकड़े और कुल ₹5,34,000 का जुर्माना लगाया, जिससे इलाके में बिजली चोरों के बीच हड़कंप मच गया। विद्युत निगम के अधिकारियों को लंबे समय से अवैध बिजली के इस्तेमाल की गुप्त शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष विजिलेंस टीम का गठन किया गया, जिसने पूरी गोपनीयता बरतते हुए तड़के सुबह और देर शाम उन इलाकों में दबिश दी जहां लाइन लॉस सबसे अधिक था। छापेमारी के दौरान कई लोग अपने अवैध कनेक्शन हटाते हुए नजर आए। जांच दल ने पाया कि अधिकांश उपभोक्ता एलटी लाइन पर सीधे कटिया डालकर बिजली चोरी कर रहे थे, जबकि कुछ घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मीटर को बाईपास करने और उसमें छेड़छाड़ करने के मामले भी सामने आए। विजिलेंस टीम ने मौके की वीडियोग्राफी करवाई और चोरी में प्रयुक्त केबल, तार व अन्य उपकरण जब्त कर सभी 26 स्थानों पर वीसीआर (Vigilance Checking Report) भरी। डिस्कॉम के अधिशासी अभियंता ने पुष्टि करते हुए बताया कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पकड़े गए सभी 26 आरोपियों को जुर्माना राशि का नोटिस थमा दिया गया है। उन्हें निर्धारित समय (7 से 15 दिन) के भीतर कुल ₹5.34 लाख की पेनाल्टी राशि निगम कार्यालय में जमा करानी होगी। यदि तय समय में राशि जमा नहीं होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ विद्युत थाना पुलिस में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के कारण ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड पड़ता है, जिसका खामियाजा ईमानदार उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। ओवरलोड की वजह से बार-बार ट्रिपिंग, फॉल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या पैदा होती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह चेकिंग अभियान आगे भी बदस्तूर जारी रहेगा।1
- दौसा जिले के लालसोट उपखंड के रामगढ़ पचवारा में एक जमीन विवाद के चलते दो युवक पानी की टंकी पर चढ़ गए हैं, जिससे इलाके में भारी हंगामा हो रहा है। सूचना मिलने पर रामगढ़ पचवारा पुलिस टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवकों को टंकी से नीचे उतारने की कोशिशें जारी हैं।1