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अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पहुंची बाइक क्षतिग्रस्त और सवार सुरक्षित नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक क्षेत्र के नेबुआ - छितौनी मार्ग पर बुधवार को बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे लगे ट्रांसफार्मर से जा टकराईं। बाइक पर सवार दो युवक मामूली रूप से घायल हो गए। संयोग अच्छा रहा की ट्रांसफार्मर के उपर नहीं गिरे नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। बाइक सवार रामपुर खुर्द के थे
Sumant kushwah
अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पहुंची बाइक क्षतिग्रस्त और सवार सुरक्षित नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक क्षेत्र के नेबुआ - छितौनी मार्ग पर बुधवार को बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे लगे ट्रांसफार्मर से जा टकराईं। बाइक पर सवार दो युवक मामूली रूप से घायल हो गए। संयोग अच्छा रहा की ट्रांसफार्मर के उपर नहीं गिरे नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। बाइक सवार रामपुर खुर्द के थे
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- समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान श्री साईं सेवा संस्थान ट्रस्ट द्वारा आगामी 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर पिपरा बाजार में 251 जरूरत बच्चों में एजुकेशन किट का वितरण किया जाएगा। संस्थान के अध्यक्ष अभिनाश चौरसिया ने बताया कि इस अभियान के तहत 2500 बच्चों में एजुकेशन किट का वितरण होना है जिसकी शुरुआत आगामी 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर 251 बच्चों के साथ की जाएगी। अभिनाश चौरसिया ने बताया कि इसके साथ ही संस्थान द्वारा आगामी 9 एवं 10 अक्टूबर को वृहद नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया है जिसमें जांच में चिह्नित 51 मोतियाबिंद के मरीजों को निःशुल्क आपरेशन संस्थान द्वारा कराया जाएगा।1
- अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पहुंची बाइक क्षतिग्रस्त और सवार सुरक्षित नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक क्षेत्र के नेबुआ - छितौनी मार्ग पर बुधवार को बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे लगे ट्रांसफार्मर से जा टकराईं। बाइक पर सवार दो युवक मामूली रूप से घायल हो गए। संयोग अच्छा रहा की ट्रांसफार्मर के उपर नहीं गिरे नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। बाइक सवार रामपुर खुर्द के थे1
- नारायणी के पानी में डूबी हजारों एकड़ फसल,दर्जनों घर जलमग्न नारायणी नदी में बढ़े जलस्तर और लगातार बारिश से खड्डा तहसील क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। हजारों एकड़ गन्ना,धान समेत अन्य फसलें पानी में डूब गई हैं। कई प्रमुख रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है।वहीं,विद्युत पोल उखड़ने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कटाई भरपूरवा के धूस टोला में दर्जनों घरों और पशुबाड़ों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। बाढ़ पीड़ित परिवार पशुओं समेत केवी तटबंध पर दिन-रात गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। नारायणी नदी के किनारे स्थित धूस टोला में पिछले पांच दिनों से बाढ़ का संकट बना हुआ है। नदी का पानी बढ़ते-बढ़ते केवी तटबंध के आसपास पहुंच गया। इससे पतरू, पप्पू, बहादुर, सिकंदर, मुनेश्वर, बेचू, रमेश, शिवशरण, भगेलू, राजदेव, दिनकर, कमलेश, जगदीश, सुनील, अनिल, नगिना, पर्सन, मोहन, सरतेज, बुन्नी, रामऔतार और सुरेश समेत दर्जनों ग्रामीणों के घर व पशुबाड़े पानी में डूब गए हैं।बाढ़ से प्रभावित परिवार जरूरी सामान और पशुओं के साथ तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके पर पहुंचे थे तथा भोजन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक सरकारी स्तर से भोजन या अन्य राहत सामग्री नहीं पहुंची है। आसपास के गांवों के लोगों और रिश्तेदारों की मदद से किसी तरह भोजन की व्यवस्था की जा रही है।ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण घरों में रखा सामान भी प्रभावित हुआ है। पशुओं के चारे की समस्या भी बढ़ गई है। दूसरी ओर, खेतों में पानी भरने से किसानों को बड़े नुकसान की आशंका है। गन्ना, धान समेत हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, भोजन, पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित आवास की व्यवस्था कराने की मांग की है।1
- अस्सी का उम्र आजादी की बाते सुनकर सभी चौक जायेंगे वर्ष 2014 में बने देश के नेताओं ने अल्पकालिन माननीयों का खरी खोटी सुनाकर देश के युवाओं का माइंड वाश कर देश को कैसे दलदल में ढकेल रहा है l1
- गोपालगंज पकहाँ में गंडक नदी का बांध टूटा, इलाके में बढ़ा बाढ़ का खतरा गोपालगंज -* गोपालगंज जिले के पकहाँ में बुधवार सुबह गंडक नदी के तेज दबाव के कारण बांध टूटने की सूचना सामने आई है। बांध टूटने के बाद नदी का पानी तेजी से आसपास के इलाकों की ओर फैलने की आशंका है। स्थानीय स्तर पर लोगों में चिंता का माहौल है। गंडक नदी में इन दिनों जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है और गोपालगंज समेत कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।1
- पानी में डूबी धान की फसल, मजदूरों के साथ कटाई में जुटे किसान हाटा। खेतों में खड़ी तैयार धान की फसल, चारों तरफ जमा बारिश का पानी और उसी पानी के बीच फसल बचाने की जद्दोजहद। मोतीचक विकासखंड क्षेत्र के अथरहा गांव में इन दिनों ऐसा ही दृश्य देखने को मिल रहा है। तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है। कई खेतों में पानी भर जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसल को खराब होने से बचाने के लिए किसान मजदूरों के साथ पानी से लबालब खेतों में उतरकर कटाई में जुट गए हैं। कहीं महिलाएं पानी के बीच झुककर धान की बालियां काटती नजर आ रही हैं तो कहीं पुरुष कटे हुए धान को समेटकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में लगे हैं। कीचड़ और पानी के बीच कटाई करना मुश्किल होने के बावजूद किसान फसल बचाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। किसानों के मुताबिक धान की फसल पककर लगभग तैयार हो चुकी थी। इसी बीच तेज हवा और लगातार बारिश ने स्थिति बदल दी। हवा के झोंकों से कई स्थानों पर फसल खेत में बिछ गई, जबकि बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया। जमीन पर गिरी फसल के लंबे समय तक पानी में पड़े रहने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से किसान पानी सूखने का इंतजार किए बिना कटाई शुरू कर रहे हैं। जलभराव के कारण मशीनों से कटाई करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में कई जगह मजदूरों से हाथ से कटाई कराई जा रही है। कटाई के बाद फसल को पानी और कीचड़ से निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भी अतिरिक्त समय और मेहनत लग रही है। अथरहा गांव के खेतों में पानी के बीच धान काटती महिलाओं और फसल को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाते पुरुष किसानों की मेहनत और मजबूरी दोनों को बयां कर रहे हैं। किसानों का प्रयास है कि बारिश से प्रभावित फसल का जितना हिस्सा बचाया जा सकता है, उसे समय रहते सुरक्षित कर लिया जाए।1
- *🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ - गोपालगंज पकहाँ में गंडक नदी का बांध टूटा, इलाके में बढ़ा बाढ़ का खतरा* *✍🏻गोपालगंज -* गोपालगंज जिले के पकहाँ में बुधवार सुबह गंडक नदी के तेज दबाव के कारण बांध टूटने की सूचना सामने आई है। बांध टूटने के बाद नदी का पानी तेजी से आसपास के इलाकों की ओर फैलने की आशंका है। स्थानीय स्तर पर लोगों में चिंता का माहौल है। गंडक नदी में इन दिनों जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है और गोपालगंज समेत कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।1
- नारायणी के कटान स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री, राहत-बचाव कार्यों का लिया जायजा बाढ़ पीड़ितों से संवाद कर हरसंभव सहायता का दिया भरोसा, फसल क्षति का 15 दिन में सर्वे कराने के निर्देश आई कैन न्यूज / कुशीनगर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर पहुंचकर नारायणी नदी के तटबंध कटान से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के बाद वह सड़क मार्ग से ग्राम जवही दयाल स्थित पंचायत भवन एवं राहत शिविर पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों का कुशलक्षेम पूछते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार दिनों में प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों और नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण नारायणी नदी का जलप्रवाह सामान्य 3 से 4 लाख क्यूसेक से बढ़कर करीब 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। अत्यधिक जलप्रवाह के दबाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें तैनात मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की दो, एसडीआरएफ की दो टीमें तथा पीएसी की फ्लड यूनिट तैनात की गई हैं। प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 सूखा राशन किट की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक किट करीब 50 किलोग्राम की है, जिसमें चावल, आटा, आलू, दाल, तेल, मसाले, नमक, लाई, चना, बाल्टी सहित आवश्यक दैनिक उपयोग की करीब 35 सामग्री शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलमग्न एवं बेघर लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में रखा जाए। शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, शुद्ध पेयजल और जनरेटर के माध्यम से 24 घंटे बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मृतकों के परिजनों को चार लाख की सहायता मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को तत्काल चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी नियमानुसार सहायता दी जाएगी। 15 दिन में फसल क्षति का सर्वे धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में 15 दिन के भीतर पारदर्शी सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी निर्देश बाढ़ का पानी घटने के बाद जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में अगले पांच से छह दिनों तक नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। सभी पीएचसी और सीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम तथा एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। नारायणी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की बनेगी योजना मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत के साथ उनके स्थायी सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। नारायणी नदी के दीर्घकालिक समाधान के लिए जल शक्ति मंत्री और प्रमुख सचिव सिंचाई को नदी की ड्रेजिंग एवं चैनलाइजेशन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। इसका उद्देश्य नदी की गहराई बढ़ाने, जलप्रवाह को सुचारु करने तथा सिल्ट के समुचित उपयोग की व्यवस्था करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम साफ होने के साथ स्थिति तेजी से सामान्य होगी। शासन और प्रशासन का पूरा तंत्र प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए धरातल पर सक्रिय है। बताया गया कि मुख्यमंत्री को सोमवार रात ही तटबंध कटान की जानकारी मिल गई थी। उन्होंने तत्काल मंडलायुक्त, एडीजी सहित अन्य अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इस दौरान सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, क्षेत्रीय सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक डॉ. असीम कुमार राय, विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक पी.एन. पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, राजेश्वर सिंह, प्रमुख सचिव सिंचाई, गोरखपुर मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, एडीजी रामकुमार, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सहित जनपद स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।1