पानी में डूबी धान की फसल, मजदूरों के साथ कटाई में जुटे किसान हाटा। खेतों में खड़ी तैयार धान की फसल, चारों तरफ जमा बारिश का पानी और उसी पानी के बीच फसल बचाने की जद्दोजहद। मोतीचक विकासखंड क्षेत्र के अथरहा गांव में इन दिनों ऐसा ही दृश्य देखने को मिल रहा है। तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है। कई खेतों में पानी भर जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसल को खराब होने से बचाने के लिए किसान मजदूरों के साथ पानी से लबालब खेतों में उतरकर कटाई में जुट गए हैं। कहीं महिलाएं पानी के बीच झुककर धान की बालियां काटती नजर आ रही हैं तो कहीं पुरुष कटे हुए धान को समेटकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में लगे हैं। कीचड़ और पानी के बीच कटाई करना मुश्किल होने के बावजूद किसान फसल बचाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। किसानों के मुताबिक धान की फसल पककर लगभग तैयार हो चुकी थी। इसी बीच तेज हवा और लगातार बारिश ने स्थिति बदल दी। हवा के झोंकों से कई स्थानों पर फसल खेत में बिछ गई, जबकि बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया। जमीन पर गिरी फसल के लंबे समय तक पानी में पड़े रहने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से किसान पानी सूखने का इंतजार किए बिना कटाई शुरू कर रहे हैं। जलभराव के कारण मशीनों से कटाई करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में कई जगह मजदूरों से हाथ से कटाई कराई जा रही है। कटाई के बाद फसल को पानी और कीचड़ से निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भी अतिरिक्त समय और मेहनत लग रही है। अथरहा गांव के खेतों में पानी के बीच धान काटती महिलाओं और फसल को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाते पुरुष किसानों की मेहनत और मजबूरी दोनों को बयां कर रहे हैं। किसानों का प्रयास है कि बारिश से प्रभावित फसल का जितना हिस्सा बचाया जा सकता है, उसे समय रहते सुरक्षित कर लिया जाए।
पानी में डूबी धान की फसल, मजदूरों के साथ कटाई में जुटे किसान हाटा। खेतों में खड़ी तैयार धान की फसल, चारों तरफ जमा बारिश का पानी और उसी पानी के बीच फसल बचाने की जद्दोजहद। मोतीचक विकासखंड क्षेत्र के अथरहा गांव में इन दिनों ऐसा ही दृश्य देखने को मिल रहा है। तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है। कई खेतों में पानी भर जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसल को खराब होने से बचाने के लिए किसान मजदूरों के साथ पानी से लबालब खेतों में उतरकर कटाई में जुट गए हैं। कहीं महिलाएं पानी के बीच झुककर धान की बालियां काटती नजर आ रही हैं तो कहीं पुरुष कटे हुए धान को समेटकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में लगे हैं। कीचड़ और पानी के बीच कटाई करना मुश्किल होने के बावजूद किसान फसल बचाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। किसानों के मुताबिक धान की फसल पककर लगभग तैयार हो चुकी थी। इसी बीच तेज हवा और लगातार बारिश ने स्थिति बदल दी। हवा के झोंकों से कई स्थानों पर फसल खेत में बिछ गई, जबकि बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया। जमीन पर गिरी फसल के लंबे समय तक पानी में पड़े रहने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से किसान पानी सूखने का इंतजार किए बिना कटाई शुरू कर रहे हैं। जलभराव के कारण मशीनों से कटाई करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में कई जगह मजदूरों से हाथ से कटाई कराई जा रही है। कटाई के बाद फसल को पानी और कीचड़ से निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भी अतिरिक्त समय और मेहनत लग रही है। अथरहा गांव के खेतों में पानी के बीच धान काटती महिलाओं और फसल को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाते पुरुष किसानों की मेहनत और मजबूरी दोनों को बयां कर रहे हैं। किसानों का प्रयास है कि बारिश से प्रभावित फसल का जितना हिस्सा बचाया जा सकता है, उसे समय रहते सुरक्षित कर लिया जाए।
- पानी में डूबी धान की फसल, मजदूरों के साथ कटाई में जुटे किसान हाटा। खेतों में खड़ी तैयार धान की फसल, चारों तरफ जमा बारिश का पानी और उसी पानी के बीच फसल बचाने की जद्दोजहद। मोतीचक विकासखंड क्षेत्र के अथरहा गांव में इन दिनों ऐसा ही दृश्य देखने को मिल रहा है। तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है। कई खेतों में पानी भर जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसल को खराब होने से बचाने के लिए किसान मजदूरों के साथ पानी से लबालब खेतों में उतरकर कटाई में जुट गए हैं। कहीं महिलाएं पानी के बीच झुककर धान की बालियां काटती नजर आ रही हैं तो कहीं पुरुष कटे हुए धान को समेटकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में लगे हैं। कीचड़ और पानी के बीच कटाई करना मुश्किल होने के बावजूद किसान फसल बचाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। किसानों के मुताबिक धान की फसल पककर लगभग तैयार हो चुकी थी। इसी बीच तेज हवा और लगातार बारिश ने स्थिति बदल दी। हवा के झोंकों से कई स्थानों पर फसल खेत में बिछ गई, जबकि बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया। जमीन पर गिरी फसल के लंबे समय तक पानी में पड़े रहने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से किसान पानी सूखने का इंतजार किए बिना कटाई शुरू कर रहे हैं। जलभराव के कारण मशीनों से कटाई करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में कई जगह मजदूरों से हाथ से कटाई कराई जा रही है। कटाई के बाद फसल को पानी और कीचड़ से निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भी अतिरिक्त समय और मेहनत लग रही है। अथरहा गांव के खेतों में पानी के बीच धान काटती महिलाओं और फसल को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाते पुरुष किसानों की मेहनत और मजबूरी दोनों को बयां कर रहे हैं। किसानों का प्रयास है कि बारिश से प्रभावित फसल का जितना हिस्सा बचाया जा सकता है, उसे समय रहते सुरक्षित कर लिया जाए।1
- जिलाधिकारी ने कोषागार के डबल लॉक कक्ष का किया वार्षिक निरीक्षण अभिलेखों एवं पंजिकाओं का किया मिलान, पेंशन प्रकरणों की भी ली जानकारी देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज प्रातः 9:45 बजे जिला कोषागार का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोषागार के डबल लॉक कक्ष में रखे अभिलेखों, पंजिकाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का निरीक्षण कर उनके रख-रखाव एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अभिलेखों एवं पंजिकाओं का मिलान एवं सत्यापन भी किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिंगल लॉक एवं डबल लॉक में रखी सामग्री, स्टांप, पर्चियों तथा ट्रेजरी में सुरक्षित रखे जाने वाले सीज्ड एवं सील्ड आइटम्स की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि सभी महत्वपूर्ण सामग्री एवं अभिलेख निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार व्यवस्थित एवं सुरक्षित ढंग से रखे गए हैं या नहीं। डबल लॉक कक्ष के अंतर्गत रखी सभी संबंधित पंजिकाओं एवं अभिलेखों का अवलोकन करते हुए उनके रख-रखाव एवं दर्ज विवरण का सत्यापन किया गया। जिलाधिकारी ने पेंशनर्स से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने पेंशन प्राप्त करने में आ रही समस्याओं, लाइफ सर्टिफिकेट के अपडेट तथा पेंशन से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी ली। इसके साथ ही 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनधारकों को देय अतिरिक्त पेंशन लाभ से संबंधित प्रकरणों का भी गहन परीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि पात्र पेंशनधारकों को नियमानुसार देय लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए तथा पेंशन से संबंधित प्रकरणों का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि कोषागार में रखे सभी अभिलेखों एवं पंजिकाओं का रख-रखाव व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से किया जाए। अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां समय से अद्यतन की जाएं तथा किसी भी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर उसका तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पेंशनधारकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कोषागार की पत्रावलियों एवं रजिस्टरों का भी अवलोकन किया। अधिकांश अभिलेख एवं रजिस्टर अद्यतन एवं व्यवस्थित पाए गए। हाल में दो-तीन दिनों में की गई कार्यवाहियों से संबंधित अभिलेखों के आवश्यक अपडेशन के लिए भी निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान ऐसी कोई गंभीर कमी नहीं पाई गई, जिस पर कार्रवाई की आवश्यकता हो। उपस्थिति में अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल कुमार पांडेय, नंदलाल चौरसिया, आर के पांडेय, दिनेश गुप्ता सहित अन्य कार्मिक गण आदि उपस्थित रहे3
- समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान श्री साईं सेवा संस्थान ट्रस्ट द्वारा आगामी 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर पिपरा बाजार में 251 जरूरत बच्चों में एजुकेशन किट का वितरण किया जाएगा। संस्थान के अध्यक्ष अभिनाश चौरसिया ने बताया कि इस अभियान के तहत 2500 बच्चों में एजुकेशन किट का वितरण होना है जिसकी शुरुआत आगामी 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर 251 बच्चों के साथ की जाएगी। अभिनाश चौरसिया ने बताया कि इसके साथ ही संस्थान द्वारा आगामी 9 एवं 10 अक्टूबर को वृहद नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया है जिसमें जांच में चिह्नित 51 मोतियाबिंद के मरीजों को निःशुल्क आपरेशन संस्थान द्वारा कराया जाएगा।1
- धर्मांतरण के खेल को पुलिस ने किया भंडा फोड़ तीन आरोपियों को पकड़ा देवरिया जिले के थाना श्रीरामपुर क्षेत्र में धर्मांतरण की शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी करते हुए तीन आरोपियों को पकड़कर आगे की कार्यवाही की।2
- अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पहुंची बाइक क्षतिग्रस्त और सवार सुरक्षित नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक क्षेत्र के नेबुआ - छितौनी मार्ग पर बुधवार को बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे लगे ट्रांसफार्मर से जा टकराईं। बाइक पर सवार दो युवक मामूली रूप से घायल हो गए। संयोग अच्छा रहा की ट्रांसफार्मर के उपर नहीं गिरे नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। बाइक सवार रामपुर खुर्द के थे1
- नारायणी के पानी में डूबी हजारों एकड़ फसल,दर्जनों घर जलमग्न नारायणी नदी में बढ़े जलस्तर और लगातार बारिश से खड्डा तहसील क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। हजारों एकड़ गन्ना,धान समेत अन्य फसलें पानी में डूब गई हैं। कई प्रमुख रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है।वहीं,विद्युत पोल उखड़ने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कटाई भरपूरवा के धूस टोला में दर्जनों घरों और पशुबाड़ों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। बाढ़ पीड़ित परिवार पशुओं समेत केवी तटबंध पर दिन-रात गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। नारायणी नदी के किनारे स्थित धूस टोला में पिछले पांच दिनों से बाढ़ का संकट बना हुआ है। नदी का पानी बढ़ते-बढ़ते केवी तटबंध के आसपास पहुंच गया। इससे पतरू, पप्पू, बहादुर, सिकंदर, मुनेश्वर, बेचू, रमेश, शिवशरण, भगेलू, राजदेव, दिनकर, कमलेश, जगदीश, सुनील, अनिल, नगिना, पर्सन, मोहन, सरतेज, बुन्नी, रामऔतार और सुरेश समेत दर्जनों ग्रामीणों के घर व पशुबाड़े पानी में डूब गए हैं।बाढ़ से प्रभावित परिवार जरूरी सामान और पशुओं के साथ तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके पर पहुंचे थे तथा भोजन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक सरकारी स्तर से भोजन या अन्य राहत सामग्री नहीं पहुंची है। आसपास के गांवों के लोगों और रिश्तेदारों की मदद से किसी तरह भोजन की व्यवस्था की जा रही है।ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण घरों में रखा सामान भी प्रभावित हुआ है। पशुओं के चारे की समस्या भी बढ़ गई है। दूसरी ओर, खेतों में पानी भरने से किसानों को बड़े नुकसान की आशंका है। गन्ना, धान समेत हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, भोजन, पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित आवास की व्यवस्था कराने की मांग की है।1
- जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जिला कोषागार का किया निरीक्षण जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज प्रातः 9:45 बजे जिला कोषागार का वार्षिक निरीक्षण1
- केशव मौर्य के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, अभिषेक दत्त ने भाजपा को घेरा किसान गोष्ठी में राम मंदिर, किसानों, चुनाव और केंद्रीय एजेंसियों को लेकर उठाए सवाल, 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी का किया दावा देवरिया। किसान गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी अभिषेक दत्ता ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। केशव प्रसाद मौर्य के सपा को ‘सांपनाथ’, बसपा को ‘नागनाथ’ और कांग्रेस को ‘कालिया नाग’ कहे जाने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दत्ता ने कहा कि किसी व्यक्ति का रंग काला, गोरा या सफेद होने से उसकी इंसानियत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। देवरिया में आयोजित किसान गोष्ठी के दौरान अभिषेक दत्ता ने राम मंदिर, किसानों की समस्याओं, केंद्रीय जांच एजेंसियों और चुनाव प्रक्रिया समेत कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने राम मंदिर के चंदे और लोगों की आस्था से जुड़े सवाल उठाते हुए कहा कि इन विषयों पर भाजपा को जवाब देना चाहिए। हालांकि, मंदिर के चंदे और आस्था को लेकर लगाए गए उनके आरोप राजनीतिक आरोप हैं।4