राजनांदगांव के तेलीपारा आजाद चौक में आज सुबह लगभग 6 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक गौ माता खुले नाली में गिरकर फंस गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुँचे और तुरंत उसे बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। हालाँकि, नाली के गहरी और संकरी होने के कारण स्थानीय लोग अपने स्तर पर गौ माता को निकालने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद, गौ माता को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक मशीन मंगाई गई। मशीन की सहायता से नाली के एक हिस्से को तोड़ा गया, और काफी मशक्कत के बाद गौ माता को सफलतापूर्वक बाहर निकाला जा सका। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में नगर निगम की व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का आरोप है कि शहर में कई जगह नालियाँ खुली पड़ी हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम ने समय रहते नालियों की सुरक्षा, उन्हें ढकने और सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया होता, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी। लोगों ने नगर निगम से तत्काल मांग की है कि शहर के भीतर सभी खुली नालियों को जल्द से जल्द ढका जाए और ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए। यह मांग इसलिए की गई है ताकि भविष्य में किसी पशु या व्यक्ति के साथ इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना न घटे।
राजनांदगांव के तेलीपारा आजाद चौक में आज सुबह लगभग 6 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक गौ माता खुले नाली में गिरकर फंस गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुँचे और तुरंत उसे बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। हालाँकि, नाली के गहरी और संकरी होने के कारण स्थानीय लोग अपने स्तर पर गौ माता को निकालने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद, गौ माता को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक मशीन मंगाई गई। मशीन की सहायता से नाली के एक हिस्से को तोड़ा गया, और काफी मशक्कत के बाद गौ माता को सफलतापूर्वक बाहर निकाला जा सका। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में नगर निगम की व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का आरोप है कि शहर में कई जगह नालियाँ खुली पड़ी हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम ने समय रहते नालियों की सुरक्षा, उन्हें ढकने और सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया होता, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी। लोगों ने नगर निगम से तत्काल मांग की है कि शहर के भीतर सभी खुली नालियों को जल्द से जल्द ढका जाए और ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए। यह मांग इसलिए की गई है ताकि भविष्य में किसी पशु या व्यक्ति के साथ इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना न घटे।
- छत्तीसगढ़ में अब कक्षा 3 की हिंदी पाठ्यपुस्तक में गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे वीर साहिबजादों, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह, की शहादत की गौरवगाथा को शामिल किया गया है। यह फैसला राज्य के शिक्षा पाठ्यक्रम का हिस्सा बन गया है। इस महत्वपूर्ण कदम का छत्तीसगढ़ सिख समाज ने खुले दिल से स्वागत किया है और इसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की एक ऐतिहासिक पहल करार दिया है। सिख समाज का मानना है कि साहिबजादों की यह गाथा बच्चों में साहस, देशभक्ति, नैतिक मूल्यों और अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े होने की प्रेरणा जगाएगी।2
- केसीजी पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत 4 जुलाई शनिवार को दोपहर 12 बजे थाना गातापार के ग्राम टेमरी (नवागांव) में एक कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में कुल 8 टीमों ने भाग लिया, जिसमें खैरागढ़ की टीम विजेता बनी, वहीं गाड़ाघाट उपविजेता और लिमऊटोला की टीम तृतीय स्थान पर रही। पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित कर उनका सम्मान किया। इस दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों को छाते और बैग भी बांटे गए, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा सहयोग बढ़ाने का संदेश दिया गया।1
- लांजी के ग्राम कारंजा से परसोड़ी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग, जो बालासाहेब देवरस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सामने से होकर गुजरता है, इन दिनों बारिश के कारण बुरी तरह बदहाल हो चुका है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से स्कूली बच्चों, राहगीरों, किसानों और वार्डवासियों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में इसी बदहाल सड़क पर एक दुर्घटना भी हो चुकी है। यह मार्ग दो गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और यह दो ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आता है। वार्डवासियों का कहना है कि उन्होंने सड़क निर्माण की मांग कई बार ग्राम पंचायत, सीएम हेल्पलाइन और क्षेत्रीय विधायक से की है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वार्डवासी रूपेश सोनवाने ने अपनी बात रखते हुए बताया कि वे इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेताया कि बारिश के मौसम में सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है और रोजमर्रा की परेशानी झेलनी पड़ती है। सोनवाने ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं की गई, तो वार्डवासी सड़क के बीच धान की परा लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- राज टॉकीज, रायपुर ने अपने दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग और सीधे संचार की सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं। ग्राहक Book My Show के माध्यम से आसानी से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सिनेमा हॉल ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए सीधा लिंक प्रदान किया गया है; यह लिंक अन्य लोगों के साथ साझा करने का अनुरोध भी किया गया है। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए दर्शक 0771-2229223 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- राजनांदगांव के तेलीपारा आजाद चौक में आज सुबह लगभग 6 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक गौ माता खुले नाली में गिरकर फंस गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुँचे और तुरंत उसे बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। हालाँकि, नाली के गहरी और संकरी होने के कारण स्थानीय लोग अपने स्तर पर गौ माता को निकालने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद, गौ माता को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक मशीन मंगाई गई। मशीन की सहायता से नाली के एक हिस्से को तोड़ा गया, और काफी मशक्कत के बाद गौ माता को सफलतापूर्वक बाहर निकाला जा सका। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में नगर निगम की व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का आरोप है कि शहर में कई जगह नालियाँ खुली पड़ी हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम ने समय रहते नालियों की सुरक्षा, उन्हें ढकने और सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया होता, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी। लोगों ने नगर निगम से तत्काल मांग की है कि शहर के भीतर सभी खुली नालियों को जल्द से जल्द ढका जाए और ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए। यह मांग इसलिए की गई है ताकि भविष्य में किसी पशु या व्यक्ति के साथ इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना न घटे।1
- दिल्ली में एक शमशान घाट पर पार्थिव शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक बाढ़ का पानी शमशान घाट में घुस गया। इस अप्रत्याशित स्थिति के बावजूद, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया जारी रही और शव जलता रहा।1