लांजी के ग्राम कारंजा से परसोड़ी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग, जो बालासाहेब देवरस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सामने से होकर गुजरता है, इन दिनों बारिश के कारण बुरी तरह बदहाल हो चुका है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से स्कूली बच्चों, राहगीरों, किसानों और वार्डवासियों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में इसी बदहाल सड़क पर एक दुर्घटना भी हो चुकी है। यह मार्ग दो गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और यह दो ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आता है। वार्डवासियों का कहना है कि उन्होंने सड़क निर्माण की मांग कई बार ग्राम पंचायत, सीएम हेल्पलाइन और क्षेत्रीय विधायक से की है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वार्डवासी रूपेश सोनवाने ने अपनी बात रखते हुए बताया कि वे इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेताया कि बारिश के मौसम में सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है और रोजमर्रा की परेशानी झेलनी पड़ती है। सोनवाने ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं की गई, तो वार्डवासी सड़क के बीच धान की परा लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
लांजी के ग्राम कारंजा से परसोड़ी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग, जो बालासाहेब देवरस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सामने से होकर गुजरता है, इन दिनों बारिश के कारण बुरी तरह बदहाल हो चुका है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से स्कूली बच्चों, राहगीरों, किसानों और वार्डवासियों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में इसी बदहाल सड़क पर एक दुर्घटना भी हो चुकी है। यह मार्ग दो गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और यह दो ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आता है। वार्डवासियों का कहना है कि उन्होंने सड़क निर्माण की मांग कई बार ग्राम पंचायत, सीएम हेल्पलाइन और क्षेत्रीय विधायक से की है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वार्डवासी रूपेश सोनवाने ने अपनी बात रखते हुए बताया कि वे इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेताया कि बारिश के मौसम में सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है और रोजमर्रा की परेशानी झेलनी पड़ती है। सोनवाने ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं की गई, तो वार्डवासी सड़क के बीच धान की परा लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- लांजी के ग्राम कारंजा से परसोड़ी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग, जो बालासाहेब देवरस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सामने से होकर गुजरता है, इन दिनों बारिश के कारण बुरी तरह बदहाल हो चुका है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से स्कूली बच्चों, राहगीरों, किसानों और वार्डवासियों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में इसी बदहाल सड़क पर एक दुर्घटना भी हो चुकी है। यह मार्ग दो गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और यह दो ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आता है। वार्डवासियों का कहना है कि उन्होंने सड़क निर्माण की मांग कई बार ग्राम पंचायत, सीएम हेल्पलाइन और क्षेत्रीय विधायक से की है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वार्डवासी रूपेश सोनवाने ने अपनी बात रखते हुए बताया कि वे इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेताया कि बारिश के मौसम में सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है और रोजमर्रा की परेशानी झेलनी पड़ती है। सोनवाने ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं की गई, तो वार्डवासी सड़क के बीच धान की परा लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- बालाघाट जिले में 'डायरिया रोको अभियान' के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) जलजनित बीमारियों की रोकथाम और पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में 4 जुलाई 2026 को बालाघाट विकासखंड के ग्राम धनसुआ और ओदा में विभाग के कर्मचारियों द्वारा पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन किया गया। इस दौरान हैंडपंपों और अन्य पेयजल स्रोतों में निर्धारित मानकों के अनुसार क्लोरीन का उपयोग कर पानी को सुरक्षित बनाया गया, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके तथा डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव किया जा सके। विभागीय कर्मचारियों ने इस अवसर पर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग, पानी को साफ और ढंककर रखने, घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और डायरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी। साथ ही, लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने तथा दूषित पानी का सेवन न करने के प्रति जागरूक भी किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बताया कि 'डायरिया रोको अभियान' के अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी, क्लोरीनेशन और जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य निरंतर जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना और वर्षा ऋतु में जलजनित रोगों की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करना है।1
- केसीजी पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत 4 जुलाई शनिवार को दोपहर 12 बजे थाना गातापार के ग्राम टेमरी (नवागांव) में एक कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में कुल 8 टीमों ने भाग लिया, जिसमें खैरागढ़ की टीम विजेता बनी, वहीं गाड़ाघाट उपविजेता और लिमऊटोला की टीम तृतीय स्थान पर रही। पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित कर उनका सम्मान किया। इस दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों को छाते और बैग भी बांटे गए, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा सहयोग बढ़ाने का संदेश दिया गया।1
- केंद्र की मोदी सरकार ने बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र के ग्राम जानवा, जो 208 कोबरा बटालियन CRPF परिसर में स्थित है, में एक नया केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दे दी है। यह नया स्कूल आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कार्यशील होगा, जिसमें शुरुआती चरण में बालवाटिका-01 से 03 और कक्षा 01 से 5वीं तक की पढ़ाई कराई जाएगी। सांसद भारती पारधी के दो वर्ष के कार्यकाल में यह क्षेत्र का तीसरा केंद्रीय विद्यालय है, इससे पहले तिरोड़ी और बरघाट में भी विद्यालयों को स्वीकृति मिल चुकी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने आगामी 30 दिनों के भीतर प्रवेश और अन्य सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। किरनापुर के ग्राम जानवा में इस नए केंद्रीय विद्यालय के खुलने से किरनापुर, बैहर और लांजी सहित आसपास के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को अपने ही इलाके में उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल पाएगा।1
- छत्तीसगढ़ में अब कक्षा 3 की हिंदी पाठ्यपुस्तक में गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे वीर साहिबजादों, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह, की शहादत की गौरवगाथा को शामिल किया गया है। यह फैसला राज्य के शिक्षा पाठ्यक्रम का हिस्सा बन गया है। इस महत्वपूर्ण कदम का छत्तीसगढ़ सिख समाज ने खुले दिल से स्वागत किया है और इसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की एक ऐतिहासिक पहल करार दिया है। सिख समाज का मानना है कि साहिबजादों की यह गाथा बच्चों में साहस, देशभक्ति, नैतिक मूल्यों और अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े होने की प्रेरणा जगाएगी।2
- राजनांदगांव के तेलीपारा आजाद चौक में आज सुबह लगभग 6 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक गौ माता खुले नाली में गिरकर फंस गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुँचे और तुरंत उसे बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। हालाँकि, नाली के गहरी और संकरी होने के कारण स्थानीय लोग अपने स्तर पर गौ माता को निकालने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद, गौ माता को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक मशीन मंगाई गई। मशीन की सहायता से नाली के एक हिस्से को तोड़ा गया, और काफी मशक्कत के बाद गौ माता को सफलतापूर्वक बाहर निकाला जा सका। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में नगर निगम की व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का आरोप है कि शहर में कई जगह नालियाँ खुली पड़ी हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम ने समय रहते नालियों की सुरक्षा, उन्हें ढकने और सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया होता, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी। लोगों ने नगर निगम से तत्काल मांग की है कि शहर के भीतर सभी खुली नालियों को जल्द से जल्द ढका जाए और ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए। यह मांग इसलिए की गई है ताकि भविष्य में किसी पशु या व्यक्ति के साथ इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना न घटे।1
- रायपुर के नकटी गांव के प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंत्री ओपी चौधरी के निवास का घेराव किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि कलेक्टर स्तर पर उनकी समस्याओं और मांगों पर कोई संतोषजनक सुनवाई नहीं की गई है, जिसके विरोध में उन्होंने मंत्री निवास तक पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगें स्थायी आवास और उचित पुनर्वास से संबंधित हैं। प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए ग्रामीणों और पुलिस बल के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जिसके बाद एहतियात के तौर पर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी स्थायी आवास और उचित पुनर्वास की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, प्रशासन की ओर से स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लगातार प्रयास किए गए। इस पोस्ट में शामिल कुछ आरोप प्रदर्शनकारी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं, और प्रशासन तथा संबंधित पक्ष का विस्तृत बयान सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1