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11000 वोल्टेज बत्ती लगने पर दो लोगों की मौत हो गई तुरंत मौका मौके पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा
Subhash kumar
11000 वोल्टेज बत्ती लगने पर दो लोगों की मौत हो गई तुरंत मौका मौके पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा
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- 2027 की जंग की तैयारी में जुटी सपा: पूर्व विधायक अरशद खां पहुंचे यूसुफ कादरी के कैंप कार्यालय, 127 शहर सीट पर बनी जीत की रणनीति पीलीभीत। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पूर्व विधायक अरशद खां ने समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता यूसुफ कादरी के कैंप कार्यालय पहुंचकर चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में विशेष रूप से 127 शहर विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति, संगठन को और अधिक मजबूत करने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने तथा जनसंपर्क अभियान को तेज करने पर विस्तार से मंथन किया गया। दोनों नेताओं ने आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत स्थिति में पहुंचाने के लिए साझा रणनीति पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि "समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर पूरी ताकत और समर्पण के साथ काम करना होगा। जनता के बीच लगातार पहुंचकर पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को बताएं तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें।" बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव में पूरी मेहनत से जुटने का संकल्प लिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 127 शहर विधानसभा सीट पर सपा ने अभी से चुनावी तैयारी शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।1
- अमित शाह सदन में आओ, छात्रों पर हुई कार्रवाई का जवाब दो' संसद परिसर में विपक्ष ने छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा संसद परिसर, दिल्ली में विपक्षी नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाब देने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि यह केवल विपक्ष की नहीं, बल्कि पूरे देश की मांग है। नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई कथित क्रूरता पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए और इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए।1
- जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने गौरीशंकर मंदिर में किया जलाभिषेक। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने गौरी शंकर मंदिर में किया जलाभिषेक श्रद्धालुओं की सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का शहर से लेकर पुलिस चैकी शाही तक लिया जायजा जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने धनाराघाट का किया स्थलीय निरीक्षण श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु घाट पर व्यवस्था का लिया जायजा पीलीभीत ।श्रावण मास के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता के दृष्टिगत जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सुर्कीति माधव ने गौरी शंकर मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विधिवत जलाभिषेक व पूजा-अर्चना की। उन्होंने जनपदवासियों की सुख, शान्ति एवं समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के उपरान्त जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों का पैदल भ्रमण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को जलाभिषेक व दर्शन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, पंक्तिबद्ध व्यवस्था बनाई रखी जाये। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर से लेकर शाही पुलिस चैकी तक भ्रमण कर रूट डायवर्जन, वैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था को जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों को सतर्क रहने, श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने और भीड़ नियंत्रण पर नजर रखने के निर्देश दिए। इसके उपरान्त जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने हेतु धनाराघाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाट परिसर, जलस्तर व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए घाट पर सीमांकन को देखा। घाट पर गोताखारों, नाव व्यवस्था को देखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलस्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही श्रद्धालुओं को निर्धारित एवं सुरक्षित स्थान पर ही जल भरने के लिए प्रेरित किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यात्रा शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट प्यारे लाल मौर्य, पुलिस क्षेत्राधिकारी नताशा गोयल, उप जिलाधिकारी पूरनपुर मयंक गोस्वामी सहित अन्य उपस्थित रहे।4
- बीसलपुर में विश्व हिंदू परिषद का प्रदर्शन, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का पुतला फूंका1
- जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर बडे वाहनों का आवागमन बंद। इस बर्ष भी पहली बारिश में ही जंगल की नरई पुलिया के पास सडक कटी राहगीरों को परेशानी। बीसलपुर। पीलीभीत। दियोरिया कलां रेंज के जंगल की नरई पुलिया के पास बीते दिनों लगातार हुई बारिश के समय से कटी हुई सडक की अबतक मरम्मत नहीं हो सकी, जिससे आने जाने बाले चार पहिया वाहनों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सडक गतबर्ष भी बारिश से कट गई थी। पीलीभीत टाइगर रिज़र्व दियोरिया घुंघचिहाई मार्ग में जंगल के अन्दर नरई वाली पुलिया के पास सडक बारिश से कट गई है। पुलिया भी पूरी तरह से क्षतिगृस्त हो चुकी है तथा पुलिया के पास से सडक बीच में लगभग दस फीट तक पूरी तरह से कटी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले बर्ष भी साइड में मिट्टी डलवाकर रास्ते को शुरू कराया गया था। जिससे आने जाने वाले राहगीरों को साइड से होकर गुजरना पडता है। इसी बजह से चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। चार पहिया वाहन स्वामियों को पुरनपुर व घुंघचिहाई जाने के लिए मानपुर बिलसंडा बंडा होकर लगभग 40 किलोमीटर अधिक दूरी तय करके पूरनपुर जाने को मजबूर है। जबकि दियोरिया से पूरनपुर की जंगल के रास्ते होते हुए महज 33 किलोमीटर दूर ही रास्ता तय करने के पश्चात पहुंच जाते है। जिम्मेदार अधिकारियों को जंगल का रास्ता होने की बजह से इसको जल्द ही ठीक कराना चाहिए था। बाइक सबार लोगों को इस कटी सडक से जंगली जानबरों से अधिक खतरा बना हुआ है। जिससे बाइक सबार अपनी जान जोखिम में डालकर जंगल के इस क्षतिगृस्त पुलिया व कटी सडक से सफर करने को मझबूर है। पिछले बर्ष बारिश के मौसम में ही दियोरिया घुंघचिहाई मार्ग कट गया था। जिसको प्रशासन ने सिर्फ मिट्टी डालकर मरम्मत कराई थी लेकिन सडक निर्माण का कार्य नहीं कराया था। जिससे चार पहिया वाहनों और बाइक सबार राहगीरों का आवागमन शुचारु हो गया था। लेकिन इसबार फिर से बीते दिनों हुई लगातार बारिश में सडक कट गई है। जिससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। बडे वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद है। इस सम्बन्ध में एस डी एम बीसलपुर नागेंद्र पाण्डेय ने जानकारी करने पर बताया है कि वन बिभाग और बिभागीय अधिकरियों से सम्पर्क कर समस्या का समाधान जल्द ही कराया जायेगा।4
- 'सब पढ़ें, सब बढ़ें' या बच्चों से श्रम? बेहरी स्कूल का कथित वायरल वीडियो बना बड़ा सवाल बीसलपुर के मरौरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेहरी का वीडियो चर्चा में, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल बीसलपुर/पीलीभीत। बीसलपुर तहसील के मरौरी विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेहरी का एक कथित वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में किए जा रहे दावों ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है और स्थानीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि वीडियो में विद्यालय के बच्चों से श्रम कराए जाने का दावा किया जा रहा है। यदि जांच में यह दावा सही पाया जाता है तो यह बच्चों के अधिकारों और शिक्षा विभाग के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों को शिक्षा देने का केंद्र है, उनसे श्रम कराना नहीं। मामले को लेकर लोगों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब सबकी निगाहें शिक्षा विभाग पर हैं। विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है और जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे दावों के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।1
- कहानी: तीन मित्र और वह एक रात।अविश्वास और पराई बातों पर निर्भरता' राजा का लड़का, बनिए का लड़का और साहूकार का लड़का—तीनों घने जंगल और पगडंडियों को पार करते हुए राजा के ससुर के राज्य की सीमा पर पहुँचे। रास्ते में हंसी-मजाक हुआ, लेकिन जैसे-जैसे शाम ढलने लगी, वातावरण में एक अजीब सी खामोशी छा गई। जब वे उस नगर में पहुँचे, तो सूरज डूब चुका था। योजना के अनुसार, राजा का लड़का सीधे महल के मुख्य द्वार की ओर बढ़ा, जहाँ उसका भव्य स्वागत हुआ। वहीं, बनिए और साहूकार के लड़कों ने शहर के किनारे एक पुरानी, लेकिन सुरक्षित दिखने वाली सराय में डेरा डाला। सराय में रुकने के बाद, साहूकार के लड़के के मन में जिज्ञासा जागी। उसने कहा, "मित्र, राजा का लड़का तो महल के सुख में है, क्यों न हम नगर का भ्रमण करें और देखें कि यहाँ की शामें कैसी होती हैं?" घूमते-घूमते वे दोनों महल की बाहरी दीवार के पास पहुँचे। वहां उन्होंने देखा कि महल की एक ऊँची खिड़की पर एक सुंदर स्त्री खड़ी होकर बाहर की ओर देख रही है। वह राजा के लड़के की पत्नी नहीं थी, बल्कि कोई और थी। उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी थी। साहूकार के लड़के ने चुपके से उसे एक फूल फेंका। स्त्री ने खिड़की से नीचे झुककर देखा, मुस्कुराई, और अपनी उंगलियों से कुछ इशारा किया। अगले दिन सुबह, राजा का लड़का अपनी पत्नी को लेकर सराय पहुँचा। वह बहुत खुश था। लेकिन जैसे ही वे शहर से बाहर निकले, साहूकार का लड़का बीच-बीच में पीछे मुड़कर उसी खिड़की को देख रहा था। राजा का लड़का, जो अपने दोस्तों को बहुत मानता था, उसने पूछा, "क्या बात है मित्र, तुम इतने खामोश क्यों हो?" साहूकार के लड़के ने राजा के लड़के के कान में कहा, "मित्र, हमने कल रात सराय में जो देखा, उसे बताकर हम तुम्हारी खुशी कम नहीं करना चाहते।" राजा का लड़का गंभीर हो गया और उसने जिद्द की कि उसे सच जानना है। साहूकार का लड़का बोला, "हमने कल रात महल की खिड़की पर एक सुंदर स्त्री देखी, जो किसी के इंतज़ार में थी। हमें शक है कि तुम्हारे महल की सुरक्षा में कोई सेंध है।" राजा का लड़का क्रोधित हो गया। उसे लगा कि उसके ससुर के महल की मर्यादा को चुनौती दी गई है। उसने तुरंत अपने सैनिकों को आदेश दिया कि महल की हर उस जगह की तलाशी ली जाए जहाँ बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। जब तलाशी हुई, तो पता चला कि वह स्त्री वास्तव में महल के खजांची की बेटी थी, जो किसी बाहरी व्यक्ति को गुप्त संदेश भेज रही थी। राजा का लड़का गर्व से अपने मित्रों की ओर मुड़ा, "देखा? मेरी सतर्कता ने एक बड़ा अनर्थ होने से बचा लिया।" परंतु कहानी यहाँ खत्म नहीं हुई। जब वे अपने राज्य पहुँचे, तो बनिए का लड़का चुपके से राजा के लड़के की पत्नी के पास गया और फुसफुसाया, "तुम्हारे पति को लगता है कि वे बहुत बुद्धिमान हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि सराय की उस खिड़की पर मैंने जिसे देखा था, वह खजांची की बेटी नहीं, बल्कि तुम्हारी अपनी सखी थी, जो तुम्हारे पति के आने की खबर पाकर वहां से हटी थी।" अब मैना का तर्क: कहानी सुनाने के बाद तोता मैना की ओर देखता है। मैना शांत भाव से मुस्कुराती है और कहती है: "तोता जी, आपने कहानी तो बहुत चतुराई से सुनाई, लेकिन आप भूल गए कि गलती न लड़के की थी और न लड़की की। गलती थी 'अविश्वास और पराई बातों पर निर्भरता' की। राजा का लड़का अपनों पर शक कर बैठा, मित्रों ने सच को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया, और उस स्त्री ने अपनी मर्यादा को खतरे में डाला। स्वार्थ किसी लिंग (gender) का नहीं, बल्कि इंसान के चरित्र का होता है। जिस दिन इंसान दूसरों की बातों में आकर अपने विश्वास को खो देता है, उस दिन वह अपने आप ही स्वार्थी हो जाता है।" तोता कुछ देर चुप रहा, उसे समझ आ गया था कि मैना की दृष्टि उससे कहीं अधिक गहरी है।1
- संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी: विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष का विरोध, संसद परिसर में जताया आक्रोश संसद परिसर में सोमवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और सरकार से संसद में जवाब देने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर सरकार चर्चा से बच रही है, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया।1
- ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक बकरियों की मौत पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां रेलवे ट्रैक के पास एक बड़ा हादसा हो गया, जहां ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक बकरियों और बकरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस अचानक हुई दुर्घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।1