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ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक बकरियों की मौत पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां रेलवे ट्रैक के पास एक बड़ा हादसा हो गया, जहां ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक बकरियों और बकरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस अचानक हुई दुर्घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
SARFRAZ KHAN
ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक बकरियों की मौत पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां रेलवे ट्रैक के पास एक बड़ा हादसा हो गया, जहां ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक बकरियों और बकरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस अचानक हुई दुर्घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
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- बांकीपुर हार पर अखिलेश का बीजेपी पर तंज, बोले— 12 साल का मिला रिटर्न गिफ्ट बीजेपी के पास अब कुछ बाकी नहीं बचा: अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बांकीपुर में मिली हार को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि "बांकीपुर की हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के पास कुछ बाकी बचा नहीं है। 12 साल का ही रिटर्न गिफ्ट मिला है बीजेपी को।" अखिलेश यादव का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे बीजेपी पर सीधा हमला माना जा रहा है।1
- शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया पीलीभीत जनपद की पूरनपुर तहसील के ट्रांस शारदा क्षेत्र में शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ग्राम हजारा में तेज भू-कटान से आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि गन्ने की लहलहाती फसल समेत नदी में समा गई है । लगातार बढ़ रहे भू कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं कराया गया तो हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर, भरजूनियां फार्म, और भरतपुर समेत कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। इतना ही नहीं, धनाराघाट पर शारदा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और शासन-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर तत्काल कटान रोकने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों ने योगी सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हर साल किसानों की उपजाऊ जमीन और गांव नदी की भेंट चढ़ते रहेंगे।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी शारदा नदी ने दर्जनों किसानों की कृषि भूमि और खड़ी फसल को अपनी आगोश में ले लिया था। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर स्थायी समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर नदी का कटान शुरू हो गया है और किसानों की चिंता बढ़ गई है।वहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर मुख्य रूप से राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पीड़ित किसान मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तटबंध निर्माण, कटानरोधी कार्य और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।3
- असली जेन ज़ी कौन है और क्या होगा अगर असली जेन ज़ी सड़कों पर आ गया!! असली जेन ज़ी कौन है और क्या होगा अगर असली जेन ज़ी सड़कों पर आ गया!! #JantarMantar #GenZ #thevoiceofnation1
- पौटा कलां में चेहल्लम पर दिखी अकीदतमंदों की भीड़, मोहर्रम की झलक ने बांधा समा धार्मिक माहौल में अकीदतमंदों ने दी श्रद्धांजलि, क्षेत्र में अमन-चैन की रही मिसाल पीलीभीत जिले के पौटा कलां में चेहल्लम के मौके पर मोहर्रम की याद ताजा हो गई। इस दौरान अकीदतमंद बड़ी संख्या में शामिल हुए और धार्मिक श्रद्धा के साथ आयोजन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रस्में अदा की गईं तथा क्षेत्र में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने आयोजन को शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न कराया।1
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