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शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया पीलीभीत जनपद की पूरनपुर तहसील के ट्रांस शारदा क्षेत्र में शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ग्राम हजारा में तेज भू-कटान से आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि गन्ने की लहलहाती फसल समेत नदी में समा गई है । लगातार बढ़ रहे भू कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं कराया गया तो हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर, भरजूनियां फार्म, और भरतपुर समेत कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। इतना ही नहीं, धनाराघाट पर शारदा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और शासन-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर तत्काल कटान रोकने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों ने योगी सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हर साल किसानों की उपजाऊ जमीन और गांव नदी की भेंट चढ़ते रहेंगे।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी शारदा नदी ने दर्जनों किसानों की कृषि भूमि और खड़ी फसल को अपनी आगोश में ले लिया था। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर स्थायी समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर नदी का कटान शुरू हो गया है और किसानों की चिंता बढ़ गई है।वहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर मुख्य रूप से राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पीड़ित किसान मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तटबंध निर्माण, कटानरोधी कार्य और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।

8 hrs ago
user_HARUN KHAN
HARUN KHAN
News Anchor Kalinagar, Pilibhit•
8 hrs ago

शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया पीलीभीत जनपद की पूरनपुर तहसील के ट्रांस शारदा क्षेत्र में शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ग्राम हजारा में तेज भू-कटान से आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि गन्ने की लहलहाती फसल समेत नदी में समा गई है । लगातार बढ़ रहे भू कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं कराया

गया तो हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर, भरजूनियां फार्म, और भरतपुर समेत कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। इतना ही नहीं, धनाराघाट पर शारदा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और शासन-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर तत्काल कटान रोकने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों ने योगी सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हर साल किसानों की उपजाऊ जमीन और गांव नदी की भेंट चढ़ते रहेंगे।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी शारदा नदी

ने दर्जनों किसानों की कृषि भूमि और खड़ी फसल को अपनी आगोश में ले लिया था। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर स्थायी समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर नदी का कटान शुरू हो गया है और किसानों की चिंता बढ़ गई है।वहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर मुख्य रूप से राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पीड़ित किसान मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तटबंध निर्माण, कटानरोधी कार्य और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।

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  • शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया पीलीभीत जनपद की पूरनपुर तहसील के ट्रांस शारदा क्षेत्र में शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ग्राम हजारा में तेज भू-कटान से आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि गन्ने की लहलहाती फसल समेत नदी में समा गई है । लगातार बढ़ रहे भू कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं कराया गया तो हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर, भरजूनियां फार्म, और भरतपुर समेत कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। इतना ही नहीं, धनाराघाट पर शारदा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और शासन-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर तत्काल कटान रोकने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों ने योगी सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हर साल किसानों की उपजाऊ जमीन और गांव नदी की भेंट चढ़ते रहेंगे।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी शारदा नदी ने दर्जनों किसानों की कृषि भूमि और खड़ी फसल को अपनी आगोश में ले लिया था। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर स्थायी समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर नदी का कटान शुरू हो गया है और किसानों की चिंता बढ़ गई है।वहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर मुख्य रूप से राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पीड़ित किसान मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तटबंध निर्माण, कटानरोधी कार्य और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
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    शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया

शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया
शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया
पीलीभीत जनपद की पूरनपुर तहसील के ट्रांस शारदा क्षेत्र में शारदा नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ग्राम हजारा में तेज भू-कटान से आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि गन्ने की लहलहाती फसल समेत नदी में समा गई है । लगातार बढ़ रहे भू कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं कराया गया तो हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर, भरजूनियां फार्म, और भरतपुर समेत कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। इतना ही नहीं, धनाराघाट पर शारदा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और शासन-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर तत्काल कटान रोकने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों ने योगी सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हर साल किसानों की उपजाऊ जमीन और गांव नदी की भेंट चढ़ते रहेंगे।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी शारदा नदी ने दर्जनों किसानों की कृषि भूमि और खड़ी फसल को अपनी आगोश में ले लिया था। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर स्थायी समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर नदी का कटान शुरू हो गया है और किसानों की चिंता बढ़ गई है।वहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर मुख्य रूप से राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पीड़ित किसान मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तटबंध निर्माण, कटानरोधी कार्य और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    News Anchor Kalinagar, Pilibhit•
    8 hrs ago
  • अमित शाह सदन में आओ, छात्रों पर हुई कार्रवाई का जवाब दो' संसद परिसर में विपक्ष ने छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा संसद परिसर, दिल्ली में विपक्षी नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाब देने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि यह केवल विपक्ष की नहीं, बल्कि पूरे देश की मांग है। नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई कथित क्रूरता पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए और इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए।
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    अमित शाह सदन में आओ, छात्रों पर हुई कार्रवाई का जवाब दो'
संसद परिसर में विपक्ष ने छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा
संसद परिसर, दिल्ली में विपक्षी नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाब देने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि यह केवल विपक्ष की नहीं, बल्कि पूरे देश की मांग है। नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई कथित क्रूरता पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए और इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए।
    user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    Media house Puranpur, Pilibhit•
    5 hrs ago
  • असली जेन ज़ी कौन है और क्या होगा अगर असली जेन ज़ी सड़कों पर आ गया!! असली जेन ज़ी कौन है और क्या होगा अगर असली जेन ज़ी सड़कों पर आ गया!! #JantarMantar #GenZ #thevoiceofnation
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    असली जेन ज़ी कौन है और क्या होगा अगर असली जेन ज़ी सड़कों पर आ गया!! 

असली जेन ज़ी कौन है और क्या होगा अगर असली जेन ज़ी सड़कों पर आ गया!! 
#JantarMantar #GenZ #thevoiceofnation
    user_Pilibhit Darpan/ND India News
    Pilibhit Darpan/ND India News
    Doctor पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कहानी: तीन मित्र और वह एक रात।अविश्वास और पराई बातों पर निर्भरता' राजा का लड़का, बनिए का लड़का और साहूकार का लड़का—तीनों घने जंगल और पगडंडियों को पार करते हुए राजा के ससुर के राज्य की सीमा पर पहुँचे। रास्ते में हंसी-मजाक हुआ, लेकिन जैसे-जैसे शाम ढलने लगी, वातावरण में एक अजीब सी खामोशी छा गई। ​जब वे उस नगर में पहुँचे, तो सूरज डूब चुका था। योजना के अनुसार, राजा का लड़का सीधे महल के मुख्य द्वार की ओर बढ़ा, जहाँ उसका भव्य स्वागत हुआ। वहीं, बनिए और साहूकार के लड़कों ने शहर के किनारे एक पुरानी, लेकिन सुरक्षित दिखने वाली सराय में डेरा डाला। ​सराय में रुकने के बाद, साहूकार के लड़के के मन में जिज्ञासा जागी। उसने कहा, "मित्र, राजा का लड़का तो महल के सुख में है, क्यों न हम नगर का भ्रमण करें और देखें कि यहाँ की शामें कैसी होती हैं?" ​घूमते-घूमते वे दोनों महल की बाहरी दीवार के पास पहुँचे। वहां उन्होंने देखा कि महल की एक ऊँची खिड़की पर एक सुंदर स्त्री खड़ी होकर बाहर की ओर देख रही है। वह राजा के लड़के की पत्नी नहीं थी, बल्कि कोई और थी। उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी थी। साहूकार के लड़के ने चुपके से उसे एक फूल फेंका। स्त्री ने खिड़की से नीचे झुककर देखा, मुस्कुराई, और अपनी उंगलियों से कुछ इशारा किया। ​अगले दिन सुबह, राजा का लड़का अपनी पत्नी को लेकर सराय पहुँचा। वह बहुत खुश था। लेकिन जैसे ही वे शहर से बाहर निकले, साहूकार का लड़का बीच-बीच में पीछे मुड़कर उसी खिड़की को देख रहा था। राजा का लड़का, जो अपने दोस्तों को बहुत मानता था, उसने पूछा, "क्या बात है मित्र, तुम इतने खामोश क्यों हो?" ​साहूकार के लड़के ने राजा के लड़के के कान में कहा, "मित्र, हमने कल रात सराय में जो देखा, उसे बताकर हम तुम्हारी खुशी कम नहीं करना चाहते।" ​राजा का लड़का गंभीर हो गया और उसने जिद्द की कि उसे सच जानना है। साहूकार का लड़का बोला, "हमने कल रात महल की खिड़की पर एक सुंदर स्त्री देखी, जो किसी के इंतज़ार में थी। हमें शक है कि तुम्हारे महल की सुरक्षा में कोई सेंध है।" ​राजा का लड़का क्रोधित हो गया। उसे लगा कि उसके ससुर के महल की मर्यादा को चुनौती दी गई है। उसने तुरंत अपने सैनिकों को आदेश दिया कि महल की हर उस जगह की तलाशी ली जाए जहाँ बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। जब तलाशी हुई, तो पता चला कि वह स्त्री वास्तव में महल के खजांची की बेटी थी, जो किसी बाहरी व्यक्ति को गुप्त संदेश भेज रही थी। ​राजा का लड़का गर्व से अपने मित्रों की ओर मुड़ा, "देखा? मेरी सतर्कता ने एक बड़ा अनर्थ होने से बचा लिया।" ​परंतु कहानी यहाँ खत्म नहीं हुई। जब वे अपने राज्य पहुँचे, तो बनिए का लड़का चुपके से राजा के लड़के की पत्नी के पास गया और फुसफुसाया, "तुम्हारे पति को लगता है कि वे बहुत बुद्धिमान हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि सराय की उस खिड़की पर मैंने जिसे देखा था, वह खजांची की बेटी नहीं, बल्कि तुम्हारी अपनी सखी थी, जो तुम्हारे पति के आने की खबर पाकर वहां से हटी थी।" ​अब मैना का तर्क: ​कहानी सुनाने के बाद तोता मैना की ओर देखता है। मैना शांत भाव से मुस्कुराती है और कहती है: ​"तोता जी, आपने कहानी तो बहुत चतुराई से सुनाई, लेकिन आप भूल गए कि गलती न लड़के की थी और न लड़की की। गलती थी 'अविश्वास और पराई बातों पर निर्भरता' की। राजा का लड़का अपनों पर शक कर बैठा, मित्रों ने सच को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया, और उस स्त्री ने अपनी मर्यादा को खतरे में डाला। स्वार्थ किसी लिंग (gender) का नहीं, बल्कि इंसान के चरित्र का होता है। जिस दिन इंसान दूसरों की बातों में आकर अपने विश्वास को खो देता है, उस दिन वह अपने आप ही स्वार्थी हो जाता है।" ​तोता कुछ देर चुप रहा, उसे समझ आ गया था कि मैना की दृष्टि उससे कहीं अधिक गहरी है।
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    कहानी: तीन मित्र और वह एक रात।अविश्वास और पराई बातों पर निर्भरता'




राजा का लड़का, बनिए का लड़का और साहूकार का लड़का—तीनों घने जंगल और पगडंडियों को पार करते हुए राजा के ससुर के राज्य की सीमा पर पहुँचे। रास्ते में हंसी-मजाक हुआ, लेकिन जैसे-जैसे शाम ढलने लगी, वातावरण में एक अजीब सी खामोशी छा गई।
​जब वे उस नगर में पहुँचे, तो सूरज डूब चुका था। योजना के अनुसार, राजा का लड़का सीधे महल के मुख्य द्वार की ओर बढ़ा, जहाँ उसका भव्य स्वागत हुआ। वहीं, बनिए और साहूकार के लड़कों ने शहर के किनारे एक पुरानी, लेकिन सुरक्षित दिखने वाली सराय में डेरा डाला।
​सराय में रुकने के बाद, साहूकार के लड़के के मन में जिज्ञासा जागी। उसने कहा, "मित्र, राजा का लड़का तो महल के सुख में है, क्यों न हम नगर का भ्रमण करें और देखें कि यहाँ की शामें कैसी होती हैं?"
​घूमते-घूमते वे दोनों महल की बाहरी दीवार के पास पहुँचे। वहां उन्होंने देखा कि महल की एक ऊँची खिड़की पर एक सुंदर स्त्री खड़ी होकर बाहर की ओर देख रही है। वह राजा के लड़के की पत्नी नहीं थी, बल्कि कोई और थी। उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी थी। साहूकार के लड़के ने चुपके से उसे एक फूल फेंका। स्त्री ने खिड़की से नीचे झुककर देखा, मुस्कुराई, और अपनी उंगलियों से कुछ इशारा किया।
​अगले दिन सुबह, राजा का लड़का अपनी पत्नी को लेकर सराय पहुँचा। वह बहुत खुश था। लेकिन जैसे ही वे शहर से बाहर निकले, साहूकार का लड़का बीच-बीच में पीछे मुड़कर उसी खिड़की को देख रहा था। राजा का लड़का, जो अपने दोस्तों को बहुत मानता था, उसने पूछा, "क्या बात है मित्र, तुम इतने खामोश क्यों हो?"
​साहूकार के लड़के ने राजा के लड़के के कान में कहा, "मित्र, हमने कल रात सराय में जो देखा, उसे बताकर हम तुम्हारी खुशी कम नहीं करना चाहते।"
​राजा का लड़का गंभीर हो गया और उसने जिद्द की कि उसे सच जानना है। साहूकार का लड़का बोला, "हमने कल रात महल की खिड़की पर एक सुंदर स्त्री देखी, जो किसी के इंतज़ार में थी। हमें शक है कि तुम्हारे महल की सुरक्षा में कोई सेंध है।"
​राजा का लड़का क्रोधित हो गया। उसे लगा कि उसके ससुर के महल की मर्यादा को चुनौती दी गई है। उसने तुरंत अपने सैनिकों को आदेश दिया कि महल की हर उस जगह की तलाशी ली जाए जहाँ बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। जब तलाशी हुई, तो पता चला कि वह स्त्री वास्तव में महल के खजांची की बेटी थी, जो किसी बाहरी व्यक्ति को गुप्त संदेश भेज रही थी।
​राजा का लड़का गर्व से अपने मित्रों की ओर मुड़ा, "देखा? मेरी सतर्कता ने एक बड़ा अनर्थ होने से बचा लिया।"
​परंतु कहानी यहाँ खत्म नहीं हुई। जब वे अपने राज्य पहुँचे, तो बनिए का लड़का चुपके से राजा के लड़के की पत्नी के पास गया और फुसफुसाया, "तुम्हारे पति को लगता है कि वे बहुत बुद्धिमान हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि सराय की उस खिड़की पर मैंने जिसे देखा था, वह खजांची की बेटी नहीं, बल्कि तुम्हारी अपनी सखी थी, जो तुम्हारे पति के आने की खबर पाकर वहां से हटी थी।"
​अब मैना का तर्क:
​कहानी सुनाने के बाद तोता मैना की ओर देखता है। मैना शांत भाव से मुस्कुराती है और कहती है:
​"तोता जी, आपने कहानी तो बहुत चतुराई से सुनाई, लेकिन आप भूल गए कि गलती न लड़के की थी और न लड़की की। गलती थी 'अविश्वास और पराई बातों पर निर्भरता' की। राजा का लड़का अपनों पर शक कर बैठा, मित्रों ने सच को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया, और उस स्त्री ने अपनी मर्यादा को खतरे में डाला। स्वार्थ किसी लिंग (gender) का नहीं, बल्कि इंसान के चरित्र का होता है। जिस दिन इंसान दूसरों की बातों में आकर अपने विश्वास को खो देता है, उस दिन वह अपने आप ही स्वार्थी हो जाता है।"
​तोता कुछ देर चुप रहा, उसे समझ आ गया था कि मैना की दृष्टि उससे कहीं अधिक गहरी है।
    user_SARFRAZ KHAN
    SARFRAZ KHAN
    रिपोटिंग upnewstv24 पूरनपुर पीलीभीत उप पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक बकरियों की मौत पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां रेलवे ट्रैक के पास एक बड़ा हादसा हो गया, जहां ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक बकरियों और बकरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस अचानक हुई दुर्घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
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    ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक बकरियों की मौत


पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां रेलवे ट्रैक के पास एक बड़ा हादसा हो गया, जहां ट्रेन की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक बकरियों और बकरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस अचानक हुई दुर्घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
    user_SARFRAZ KHAN
    SARFRAZ KHAN
    रिपोटिंग upnewstv24 पूरनपुर पीलीभीत उप पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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