भंडारे और भजन का रखा गया था प्रोग्राम बांदा पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं मिली अनुमति कबीर पंथी संतो को नहीं मिल पा रहा न्याय गद्दी की सारी सम्पत्ति धीरे धीरे गायब दिख रही हैं 500 बीघे जमीन अंग्रेजों के दारोगा ने जो शीतल दास साहेब को दिए थे गद्दी में लगी थी सब जमीन ब्राह्मण लोगों के राजनीति से बिक गई सिर्फ ब्राह्मण महंत होने और ब्राह्मणों का कब्जा होने से ८० बीघे के आस पास लगभग बची है उसमें भी पुलिस प्रशासन और जिलाधिकारी महोदय नहीं दे पा रहे न्याय कबीर साहेब ब्राह्मणों के हमेशा से ही विरोधी थे ब्राह्मणों को कबीर साहेब के विचारों और उनके पदचिन्हों पर चलने का एक भी ज्ञान नहीं है ये गद्दी श्री शीतल दास साहेब के नाम थी जो कोरी समाज से थे शीतल दास साहेब को भी बहुत सताया था इन लोगों ने मरी घोड़ी मरी गाय फेक आते थे उनके झोपडी में जो भी ये गद्दी के विरुद्ध गलत सोच रखा है उसका विनाश महाराजा बाबा खुद करेंगे विजय हमेशा सत्य की ही होती है कबीर साहेब राम कृष्ण गीता पुराण भागवत का हमेशा से ही विरोध किए थे और उनके गद्दी में राम कृष्ण भजन करते हैं लोग क्या यही परंपरा हैं कबीर पंथियों की ये सब प्रशासन की नाकामी है
भंडारे और भजन का रखा गया था प्रोग्राम बांदा पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं मिली अनुमति कबीर पंथी संतो को नहीं मिल पा रहा न्याय गद्दी की सारी सम्पत्ति धीरे धीरे गायब दिख रही हैं 500 बीघे जमीन अंग्रेजों के दारोगा ने जो शीतल दास साहेब को दिए थे गद्दी में लगी थी सब जमीन
ब्राह्मण लोगों के राजनीति से बिक गई सिर्फ ब्राह्मण महंत होने और ब्राह्मणों का कब्जा होने से ८० बीघे के आस पास लगभग बची है उसमें भी पुलिस प्रशासन और जिलाधिकारी महोदय नहीं दे पा रहे न्याय कबीर साहेब ब्राह्मणों के हमेशा से ही विरोधी थे ब्राह्मणों को कबीर साहेब के विचारों
और उनके पदचिन्हों पर चलने का एक भी ज्ञान नहीं है ये गद्दी श्री शीतल दास साहेब के नाम थी जो कोरी समाज से थे शीतल दास साहेब को भी बहुत सताया था इन लोगों ने मरी घोड़ी मरी गाय फेक आते थे उनके झोपडी में जो भी ये गद्दी के विरुद्ध गलत सोच
रखा है उसका विनाश महाराजा बाबा खुद करेंगे विजय हमेशा सत्य की ही होती है कबीर साहेब राम कृष्ण गीता पुराण भागवत का हमेशा से ही विरोध किए थे और उनके गद्दी में राम कृष्ण भजन करते हैं लोग क्या यही परंपरा हैं कबीर पंथियों की ये सब प्रशासन की नाकामी है
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- भंडारे और भजन का रखा गया था प्रोग्राम बांदा पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं मिली अनुमति कबीर पंथी संतो को नहीं मिल पा रहा न्याय गद्दी की सारी सम्पत्ति धीरे धीरे गायब दिख रही हैं 500 बीघे जमीन अंग्रेजों के दारोगा ने जो शीतल दास साहेब को दिए थे गद्दी में लगी थी सब जमीन ब्राह्मण लोगों के राजनीति से बिक गई सिर्फ ब्राह्मण महंत होने और ब्राह्मणों का कब्जा होने से ८० बीघे के आस पास लगभग बची है उसमें भी पुलिस प्रशासन और जिलाधिकारी महोदय नहीं दे पा रहे न्याय कबीर साहेब ब्राह्मणों के हमेशा से ही विरोधी थे ब्राह्मणों को कबीर साहेब के विचारों और उनके पदचिन्हों पर चलने का एक भी ज्ञान नहीं है ये गद्दी श्री शीतल दास साहेब के नाम थी जो कोरी समाज से थे शीतल दास साहेब को भी बहुत सताया था इन लोगों ने मरी घोड़ी मरी गाय फेक आते थे उनके झोपडी में जो भी ये गद्दी के विरुद्ध गलत सोच रखा है उसका विनाश महाराजा बाबा खुद करेंगे विजय हमेशा सत्य की ही होती है कबीर साहेब राम कृष्ण गीता पुराण भागवत का हमेशा से ही विरोध किए थे और उनके गद्दी में राम कृष्ण भजन करते हैं लोग क्या यही परंपरा हैं कबीर पंथियों की ये सब प्रशासन की नाकामी है4
- रोडवेज के डग्गा मारी के चलते प्राइवेट बस संचालक पहुंचे हड़ताल पर। चार दिनों से लगातार बाबूलाल चौराहे के प्राइवेट बस स्टैण्ड में संचालक कर रहे हैं हड़ताल। *Info -* उत्तर प्रदेश के बांदा में रोडवेज बसो के डग्गा मारी के चलते प्राइवेट बस संचालक और चालक-परिचालक, चार दिन से हड़ताल पर बैठ गए हैं। इतना ही नहीं हड़ताल कर रहे प्राइवेट बस के कंडक्टर और चालकों तथा मालिकों ने यह आरोप लगाया की रोडवेज बसों के चालक परिचालक जबरदस्ती प्राइवेट स्टैंड पर सवारियां भरकर निकल जाते हैं। इतना ही नहीं रोडवेज रोलिंग के आधार पर जो भी अनुबंध या रोडवेज बसों का संचालन उसके गंतव्य तक जाने के लिए किया जाता है। लेकिन चालक और परिचालक मनमर्जी करते हुए गंतव्य तक न जाकर बीच से ही समय गुजर कर प्राइवेट बस स्टैंड से सवारियां लेकर चले जाते हैं जिस वजह से प्राइवेट बसों के चालक परिचालक और मालिक भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। *Details -* बांदा में प्राइवेट बस के संचालक रोडवेज के कर्मचारियों की डग्गामारी से परेशान होकर हड़ताल करने के लिए बाबूलाल चौराहा प्राइवेट बस स्टैंड पर बैठ गए हैं। हड़ताल चार दिनो से लगातार जारी है। जहां इस समय सौ प्राइवेट बसों को हड़ताल की वजह से चालक और परिचालकों ने रोक दिया। इस हड़ताल की वजह से आने-जाने वाले क्षेत्रीय खासकर बांदा से बबेरू और बांदा से बिसंडा-सिंहपुर तथा, बांदा से अतर्रा के मध्य जाने वाले लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्राइवेट बस के कर्मचारी प्रीतम प्रसाद तिवारी ने बताया की रोडवेज के कर्मचारी जिनमें खासकर परिचालकों में लेडीजों की भर्ती की गई है और वह लेडीज जबरदस्ती करके प्राइवेट स्टैंड से सवारियां भरती हैं। लोग डर की वजह से कुछ भी नहीं बोलते। भुखमरी की कगार में पहुंचने के कारण हम लोगों ने सोचा की सभी बसों को खड़ा कर दिया जाए। बाबूलाल चौराहे में आज प्राइवेट बस के कर्मचारी और चालकों ने मांग की है कि अगर जल्द से जल्द समस्या के समाधान नहीं होता है तो विकराल विरोध प्रदर्शन करेंगे।4
- बांदा सावन के पहले सोमवार पर वामदेव पर्वत में उमड़ा आस्था का सैलाब हर हर महादेव के जय घोष से गूंजा मंदिर परिसर बांदा। श्रावण मास के पहले सोमवार पर शहर स्थित प्राचीन बामदेव पर्वत मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर और पर्वत मार्ग पर लग गईं। भक्तों ने 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर सुख-समृद्धि तथा परिवार की मंगलकामना की। मंदिर परिसर पूरे दिन शिवभक्ति के रंग में रंगा रहा। श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प, फल और प्रसाद अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते रहे। शिव भजनों और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे दर्शन के लिए पहुंचे।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं, जिससे दर्शन-पूजन की प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रही।श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सच्ची श्रद्धा और विश्वास से की गई पूजा-अर्चना से भगवान भोलेनाथ भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। देर शाम तक मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक का सिलसिला लगातार जारी रहा।1
- *अवैध तमंचे कारतूस संग युवक गिरफ्तार* बांदा। जनपद में अपराध एवं अवैध शस्त्रों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में थाना कालिंजर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने भ्रमण करते एक युवक को अवैध तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। देर शाम थाना कालिंजर पुलिस गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान ग्राम वैधनपुरवा के पास एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। पुलिस को देखकर उसके हाव-भाव बदल गए।संदेह के आधार पर रोककर तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 01 अवैध तमंचा 315 बोर और 01 जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी रामसुफल उर्फ रज्जू पुत्र रामसिया निवासी गुढ़ाकला थाना कालिंजर को मौके से हिरासत में ले लिया।बरामद अवैध शस्त्र को कब्जे में लेकर थाना कालिंजर में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। कार्रवाई के बाद अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।इस कार्रवाई को थानाध्यक्ष कालिंजर दारा सिंह के नेतृत्व में चौकी प्रभारी गुढ़ाकला प्रवेश कुमार, हे0कां0 दिनेश कुमार यादव, कां0 आशीष कुमार, कां0 अजय पाल और कां0 राहुल कुमार यादव की टीम ने अंजाम दिया। एसपी पलाश बंसल ने कहा कि जिले में अवैध शस्त्र रखने और अपराध करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।1